18/02/26

गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध - गोपालन मंत्री,राजस्थान

एन.एस.बाछल, 18 फरवरी, जयपुर।

गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश में गाय को राज्य माता का दर्जा देने के संबंध में महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से रिकॉर्ड मंगवाकर परीक्षण कराया जाएगा एवं इन राज्यों में यह दर्जा जिन आधारों पर प्रदान किया गया है, उनका अध्ययन करने के बाद प्रदेश में भी नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इस दिशा में प्रदेश में पहले से ही गौवध कानून प्रभावी है, जिसके तहत गौवंश के प्रति किसी भी प्रकार के अत्याचार एवं अन्याय होने पर राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाती है। 

जोराराम कुमावत ने बताया कि वैदिक काल से ही गाय को गौ-माता कहा जाता रहा है एवं वैदिक वांग्मय में ''गावो विश्वस्य मातर:''(गाय विश्व की माता है) कहकर संबोधित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा भी गाय को माता स्वरुप मानते हुए उनकी सेवा एवं संरक्षण किया जाता है।

 गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में गौ संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए प्रदेश में 785 नयी गौशालाएं खोली गईं। वर्तमान में प्रदेश में 4421 गौशालाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व 3636 गौशालाएं संचालित थीं एवं गौवंश की संख्या 12 लाख 29 हजार 102 थी।

इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में गोपालन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में गौ संवर्धन एवं संरक्षण के लिए वर्तमान में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें राजस्थान गौ-संरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम 2016 संशोधित नियम 2021 में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश को भरण-पोषण हेतु सहायता राशि, पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला योजना जनसहभागिता योजना, ग्राम पंचायत गौशाला/पशु आश्रय स्थल जनसहभागिता योजना, गौशाला विकास जनसहभागिता योजना, वध से बचाये गौवंश सहायतार्थ योजना प्रमुख हैं। 

उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम, 2016 संशोधित 2021 अंतर्गत पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश को चारा-पानी एवं पशु आहार हेतु सहायता राशि तथा आधारभूत परिसम्‍पतियों के निर्माण हेतु अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। 

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