आयुष मंत्री परमार ने, मध्यप्रदेश राज्य औषधीय पादप बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर "गोल्ड एक्सीलेंस अवॉर्ड" मिलने पर दी बधाई
एन.एस.बाछल, 12 फरवरी, भोपाल।
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, मध्यप्रदेश राज्य औषधीय पादप बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर "गोल्ड एक्सीलेंस अवॉर्ड" सम्मान प्राप्त करने पर आयुष विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य औषधीय पादप बोर्ड को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
आयुष मंत्री परमार ने कहा कि यह गोल्ड एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके अंतर्गत पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैल्यू-चेन मॉडल से जोड़ते हुए, प्रदेश को देश के अग्रणी औषधीय पादप केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश राज्य औषधीय पादप बोर्ड (SMPB-MP) को राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड द्वारा आयोजित चिंतन शिविर औषधीय पौधे के अवसर पर "एक्सीलेंस अवॉर्ड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (गोल्ड श्रेणी)" से सम्मानित किया गया। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम, आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ। यह प्रतिष्ठित सम्मान, मध्यप्रदेश राज्य औषधीय पादप बोर्ड को प्रदेश द्वारा औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन, वैज्ञानिक खेती, सतत उपयोग, किसान-जनजातीय सहभागिता तथा मार्केट लिंकेज के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।
प्रदेश की ओर से अपर सचिव आयुष एवं सीईओ राज्य औषधीय पादप बोर्ड डॉ. संजय मिश्रा ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया। डॉ मिश्रा ने बताया कि यह उपलब्धि किसानों, जनजातीय समुदायों, फील्ड स्टाफ तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि हाल के वर्षों में राज्य औषधीय पादप बोर्ड (SMPB-MP) द्वारा कई प्रभावी पहलें की गई हैं, इनमें क्षेत्रवार प्राथमिक औषधीय प्रजातियों की पहचान, क्लस्टर आधारित खेती का प्रोत्साहन, किसानों एवं वनवासी समुदायों का क्षमता निर्माण, मध्य हर्बल दर्पण के माध्यम से जनजागरूकता, किसान सहायता हेतु औषधीय पौध हेल्पलाइन 155258, नर्सरी नेटवर्क सुदृढ़ीकरण एवं खरीदारों से सीधा जुड़ाव, गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी एवं सतत संग्रहण पर विशेष बल आदि प्रमुख प्रभावी पहल हैं। डॉ मिश्रा ने बताया कि इन प्रयासों से न केवल आयुष उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में अतिरिक्त आजीविका के अवसर भी सृजित हुए हैं, साथ ही जैव विविधता संरक्षण को भी मजबूती मिली है।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh