रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो के लिए 4,666 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए

आरएस अनेजा, 31 दिसम्बर नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने क्लोज क्वार्टर बैटल (सीक्यूबी) कार्बाइन और हैवी वेट टॉरपीडो की खरीद के लिए कुल 4,666 करोड़ रुपये की लागत के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। ये अनुबंध रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में संपन्न हुए।

क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन

भारतीय सेना और नौसेना के लिए 2,770 करोड़ रुपये के 4.25 लाख से अधिक क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन और सहायक उपकरणों के अनुबंध पर भारत फोर्ज लिमिटेड और पीएलआर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हस्ताक्षर किए गए। यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' की विजन के अंतर्गत भारतीय सैनिकों को विश्व-स्तरीय मारक क्षमता से लैस करने और पुरानी प्रणालियों को अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से बदलने के असाधारण और निरंतर प्रयासों की परिणति है।

आधुनिक पैदल सेना के शस्त्रागार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के नाते, क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन अपने कॉम्पैक्ट डिज़ाइन और उच्च मारक क्षमता के कारण निकटवर्ती युद्ध में निर्णायक बढ़त प्रदान करती है, जिससे सीमित स्थानों में भी त्वरित और निर्णायक मारक क्षमता सुनिश्चित होती है। यह अनुबंध सरकार और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल को दर्शाता है, जिससे मेक-इन-इंडिया पहल को और गति मिलेगी। यह परियोजना समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और कंपोनेंट के निर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करके स्वदेशी रक्षा उद्योगों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारी वजन वाले टॉरपीडो

भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों (पी-75) के लिए 48 भारी वजन वाले टॉरपीडो और संबंधित उपकरणों की खरीद और एकीकरण के लिए लगभग 1,896 करोड़ रुपये की लागत से इटली की डब्ल्यूएएसएस सबमरीन सिस्टम्स एस.आर.एल. के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अधिग्रहण से छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों की युद्ध क्षमता में वृद्धि होगी। टॉरपीडो की डिलीवरी अप्रैल, 2028 से शुरू होगी और 2030 की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी।

#MinistryOfDefence #ContractsSigned #CloseQuarterBattle #BattleCarbines #HeavyWeightTorpedoes #IndianDefence #NationalSecurity #DefenceAcquisitions #DefenceProcurement #IndiaMilitary #DefenseTechnology #WeaponSystems #DefenceBudget #MilitaryInvestments #TechnologyInDefense #Weaponry #SecurityForces #StrategicAcquisition #SelfRelianceInDefense

Previous

स्विटजरलैंड में नए साल का जश्न मातम में तब्दील, लग्जरी बार में धमाके से 40 की मौत 100 से ज्यादा घायल

Next

आईएनएसवी कौंडिन्य अपनी पहली यात्रा पर रवाना