नई दिल्ली-अंबाला रेल लाइन: ₹5,983 करोड़ की लागत से बिछेंगे 194 किमी लंबे दो नए ट्रैक, सेना और यात्रियों को बड़ी राहत

नई दिल्ली/अंबाला, 14 फरवरी (अभी) : केंद्र सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली से अंबाला के बीच नई रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इस 194 किलोमीटर लंबी परियोजना पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल आम यात्रियों के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों के लिहाज से भी एक गेम-चेंजर साबित होगा।

रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय लाभ: 5,983 करोड़ रुपये की लागत वाली यह नई रेल लाइन दिल्ली से जम्मू तक एक रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी। हरियाणा में यह लाइन सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों से होकर गुजरेगी। इस रूट पर पड़ने वाले 32 रेलवे स्टेशनों की क्षमताओं और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सैन्य दृष्टिकोण से यह लाइन बेहद खास है, क्योंकि यह दिल्ली से जम्मू और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेना की टुकड़ियों और भारी साजो-सामान की आवाजाही को अधिक तेज और सुगम बनाएगी। इसके अतिरिक्त, इस कॉरिडोर से हर साल लगभग 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्वरित क्रियान्वयन है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस कार्य को अगले 4 वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। खास बात यह है कि इस नई लाइन के लिए सरकार को बड़े पैमाने पर निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश निर्माण कार्य रेलवे की अपनी मौजूदा खाली जमीन पर ही किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत मार्ग में एक मुख्य बड़ा पुल और 28 अन्य महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि पुराने पुलों का नवीनीकरण होगा। यह मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करेगा और भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता में भारी सुधार लाएगा।

#DelhiAmbalaRailProject #AshwiniVaishnaw #IndianRailways #StrategicConnectivity #ModiCabinet #HaryanaInfrastructure #AmbalaNews #ViksitBharat #RailwayModernization #TroopMovement #NewIndia #GreenRailways #DelhiToAmbala #EconomicGrowth

Previous

रेवाड़ी की चहक यादव ने प्रतिभा और मेहनत के बल पर जीता रजत पदक

Next

भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक धमक: अब 56 देशों में मिलेगी 'वीजा फ्री' एंट्री