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    नवनियुक्त कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और लगन से काम करना चाहिए: जल संसाधन मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 06 अगस्त, भोपाल।

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावत ने जल संसाधन विभाग के बोधि परियोजना कार्यालय में नव नियुक्त 81 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य अभियंता विनोद देवरा, बोधि परियोजना के मुख्य अभियंता आर.आर. मीना और अधीक्षण अभियंता आशीष महाजन उपस्थित थे।

    मंत्री तुलसीराम सिलावत ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंत्री तुलसीराम सिलावत ने कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मचारी पूरी निष्ठा, समर्पण और निष्ठा के साथ जल संसाधन विभाग को सफलता के शिखर तक ले जाने के लिए काम करें।

    यह उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बड़े पैमाने पर भर्तियां हुई हैं। वर्ष 2020 से अब तक कुल 1305 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 952 कर्मचारियों को नई नियुक्तियां दी गई हैं और 353 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्तियां दी गई हैं।

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    ममता, समर्पण और संकल्प की मिसाल बनीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शर्मिला ठाकुर : मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 06 अगस्त, भोपाल।

    समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि उन लोगों के समर्पण से होता है जो अपने दायित्व को सेवा और साधना का साधन बनाते हैं। मध्य प्रदेश के देवास जिले के सदाशिव नगर (सिविल लाइंस) में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता शर्मिला ठाकुर एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने न केवल अपने संवेदनशील प्रयासों से एक विशेष आवश्यकता से ग्रसित बच्चे के जीवन में नई आशा जगाई, बल्कि कई महिलाओं और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का एक नया उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

    शर्मिला ठाकुर ने अपने क्षेत्र में एक मानसिक रूप से अक्षम बच्चे की जिम्मेदारी ली। उन्होंने सरकारी कर्तव्यों के निर्वाह तक ही सीमित न रहकर, बच्चे के स्वास्थ्य, उपचार, दिनचर्या और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया और परिवार के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा। उनके धैर्य, स्नेह और निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप बच्चे के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। आज वह अपने कई दैनिक कार्य स्वयं करने लगा है, जो उसके परिवार के लिए किसी नई शुरुआत से कम नहीं है। शर्मिला ठाकुर की संवेदनशीलता केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने अपने क्षेत्र की महिलाओं और किशोरियों की आर्थिक चुनौतियों को समझा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी और ब्यूटी पार्लर जैसे कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे कई महिलाएं और लड़कियां स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम हुईं। आज कई महिलाएं अपने कौशल से आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शर्मिला ठाकुर का मानना ​​है कि यदि प्रत्येक महिला को उसकी क्षमताओं के अनुरूप अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वह न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यही सोच उनके हर प्रयास की प्रेरणा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में उनका कार्य यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रभाव तभी होता है जब उन्हें संवेदनशीलता, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण के साथ जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। विशेष बच्चों के पुनर्वास से लेकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तक, शर्मिला ठाकुर ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि एक समर्पित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में एक प्रभावशाली भूमिका निभा सकती है।

    शर्मिला ठाकुर की प्रेरणादायक यात्रा केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उस विश्वास का एक शक्तिशाली उदाहरण है जो समाज में सबसे कठिन दिखने वाले बदलावों को भी संभव बना सकता है।

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    श्रद्धालुओं की सुविधाओं में कोई कमी न हो, सभी व्यवस्थाएं समय पर की जाएं, यह सुनिश्चित करें: सहकारिता मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 05 अगस्त, भोपाल।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और नरेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक परम पूज्य संत पंडित विश्वास कैलाश सारंग ने तरुण चौबे जी महाराज की उपस्थिति में आयोजित कलश यात्रा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण महोत्सव, महारुद्राभिषेक और जल भंडारे के आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

    मंत्री कैलाश सारंग ने कहा कि यह धार्मिक आयोजन आस्था का एक महान उत्सव है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसलिए, सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पुलिस प्रशासन को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, महिला पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। नगर निगम को आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन सफाई, नियमित कचरा निपटान, मोबाइल शौचालय, पर्याप्त पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

    मंत्री कैलाश सारंग ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सा दल, एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, अग्निशमन विभाग को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर तैनात रहने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना चाहिए ताकि यह आयोजन गरिमापूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

    छह दिवसीय धार्मिक आयोजन 6 अगस्त से शुरू होगा।

    धार्मिक आयोजन का शुभारंभ 6 अगस्त 2026 (गुरुवार) को सुबह 9 बजे सुभाष कॉलोनी शिव मंदिर से भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इसके बाद, 6 अगस्त से 11 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक पार्थिव शिवलिंग, महारुद्राभिषेक और महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना में भाग लेंगे।

    यह आयोजन 11 अगस्त (मंगलवार) को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कन्या भोज और विशाल भंडारे के साथ समाप्त होगा। यह आयोजन अशोक गार्डन दशहरा मैदान में होगा, जहां हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की उम्मीद है।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि "प्रसवपरस्तों की सुरक्षा, सुविधा और दर्शन की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, साथ ही उनकी आस्था का सम्मान करना भी आवश्यक है। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए और संगठन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।"

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    किशोर कुमार महज एक गायक नहीं थे, बल्कि कला के संपूर्ण संस्थान थे - मध्यप्रदेश राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी

    एन.एस.बाछल, 05 अगस्त, भोपाल।

    संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक धरोहरों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि किसी भी समाज की सांस्कृतिक चेतना तभी जीवित रहती है जब वह नई पीढ़ी को अपने महान पुरुषों और कलाकारों के अमूल्य योगदान से अवगत कराती रहती है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए संस्कृति विभाग भारतीय सिनेमा के शिखर माने जाने वाले दिवंगत किशोर कुमार की स्मृति में लगातार दस वर्षों से संगीत संध्या का आयोजन कर रहा है। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी रवींद्र भवन में आयोजित संगीत संध्या 'ये शाम मस्तानी' को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह आयोजन मात्र एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की अमूल्य विरासत को श्रद्धांजलि है, जिसने दशकों से लाखों श्रोताओं को अपने सुरों और भावों से मंत्रमुग्ध किया है।

    राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश की यह पवित्र भूमि कई महान विभूतियों की जन्मभूमि और कार्यस्थल रही है। हमें गर्व है कि इस धरती ने भारतीय सिनेमा को ऐसा अद्वितीय कलाकार दिया है, जिसकी प्रतिभा का वर्णन किसी एक परिचय से नहीं किया जा सकता। किशोर कुमार मात्र एक पार्श्व गायक नहीं थे, बल्कि वे स्वयं में एक संपूर्ण कला संस्थान थे। उनकी आवाज में भावों की ऐसी अद्भुत विविधता थी, जो सहजता से प्रेम, क्रोध, हंसी, करुणा, उत्साह और जीवन दर्शन को व्यक्त करती थी। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने संस्कृति निदेशक एन.पी. नामदेव और उप निदेशक डॉ. पूजा शुक्ला के साथ दीप प्रज्वलित करके संगीतमय संध्या का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने एलएनसीटी समूह के 'आगाज़ बैंड' और सेज विश्वविद्यालय के बैंड के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान करके अंतर-महाविद्यालय संगीत प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया।

    जाने-माने संगीत निर्देशक और गायक अनु मलिक और 'के फॉर किशोर' पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध गायक अनिल श्रीवास्तव का दर्शकों ने हार्दिक स्वागत किया। 'इस सुरमई शाम' का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार अनु मलिक ने तैयार किया है। भोपाल को तहज़ीब का शहर बताते हुए उन्होंने संस्कृति विभाग को धन्यवाद दिया और किशोर दा को याद करते हुए अपने लोकप्रिय गीत "ये काली-काली आएं..." से गायन की शुरुआत की। उन्होंने "एक गरम चाय की प्याली हो", "जवानी फिर ना आए" और "ऊंची है बिल्डिंग" जैसे जोशीले गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद गायक अनिल श्रीवास्तव ने मंच संभाला और "ये शाम मस्तानी..." शीर्षक गीत से कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने "रिमज़िम गिरे सावन", "एक अजनबी हसीना से", "मेरे सामान वाली खाखी में", "ये जो मोहब्बत है" और "सलाम-ए-इश्क" जैसे सदाबहार गीतों से भोपाल के संगीत प्रेमियों को मोहित कर दिया।

    इस संगीतमय संध्या की विशेष उपलब्धि युवा प्रतिभाओं की ऊर्जावान भागीदारी थी। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित अंतर-महाविद्यालय संगीत प्रतियोगिता के माध्यम से भोपाल की युवा प्रतिभाओं को यह प्रतिष्ठित मंच प्रदान किया गया। सेज यूनिवर्सिटी बैंड ने "हाल क्या है दिलों का", "हम तुमसे प्यार कितना", "ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे" और "ओम शांति ओम" को नए अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं, एलएनसीटी के 'आगाज़ बैंड' ने "बचना ऐ हसीनों", "नीले-नीले अंबर पर", "मेरे सपनों की रानी" और "ओ मेरे दिल के चैन" जैसे क्लासिक गीतों की धमाकेदार प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। किशोर दा के गीतों का आनंद इस सांस्कृतिक उत्सव में उपस्थित संगीत प्रेमियों ने उठाया, जो देर रात तक चला।

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