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    एलपीजी उपभोक्ता परेशान नहीं हो, इस हेतु लगातार प्रयास जारी- खाद्य मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 12 मार्च, भोपाल।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो, इस हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति निर्मित नहीं हो। गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति बनी हुई है।

    उल्लेखनीय है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के कारण आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्पनियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि एलपीजी की आपूर्ति एवं विपणन केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किया जाये। ऑयल कम्पनियों द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिये वितरण प्रणाली में कुछ उपाय शुरू किये गये हैं। अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग स्वीकार की जा रही है। इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अफरा-तफरी को रोकना तथा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से समान वितरण सुनिश्चित करना है। इन परिस्थितियों में ऑयल कम्पनियों द्वारा तय किया गया है कि वर्तमान में चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा किसी और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (होटल, मॉल, वल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, फैक्ट्री आदि) को कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जायेगी।

    जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तर पर खाद्य विभाग तथा ऑयल कम्पनी के अधिकारी और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित रूप से बैठक कर वाणिज्यिक और घरेलू सिलेण्डर की उपलब्धता की समीक्षा करें। साथ ही जिले के बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की भी बैठक कर उनके पास उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं उनकी ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति/स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी जाये।

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    हमारे मध्यप्रदेश में जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं बेटियां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एन.एस.बाछल, 12 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है। नारी सदैव पूजनीय हैं। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन सह शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है। साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें लगभग 232 करोड़ रूपए की लागत से हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग (एसएच-55) के 73 किमी मार्ग के टू-लेन रोड के रूप में उन्नयन एवं चौड़ीकरण, 74 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से मडियादो से बर्धा किशनगढ़ सड़क निर्माण और 48 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल में ही सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ है। उन्होंने सभी माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी 14 वर्ष से अधिक उम्र कीबेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे हमारी बेटियों का भविष्य आजीवन सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

    हटा अ‍ब बनेगा शिवकाशी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हटा श्री श्री 1008 देवश्री गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा। हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा। हटा के शासकीय पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा। इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा। गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड के हर खेत को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। खेतों में फसलें लहलहाएंगी, अब हटा से कोई रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसमें 10 लाख हैक्टेयर रकबा तो पिछले 2 साल में ही बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। महिलाओं की खुशहाली में ही प्रदेश की खुशहाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 2 दिन पहले महिला दिवस मनाया है। अब आगे नवरात्रि आ रही है। राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए समर्पित है। प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह सम्मानपूर्वक 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य में नगरीय निकायों में यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटा विधायिका श्रीमती उमादेवी खटीक को जन्मदिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हटावासियों की दीर्घकाल तक सेवा करती रहें।

    हटा विधायिका खटीक ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहली बार हटा विधानसभा क्षेत्र आए हैं। साथ में 405 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगातें भी लाये हैं। उन्होंने कहा कि नारी पूरे समाज के विकास की प्रमुख आधारशिला होती है। आज हमारी महिलाएं शिक्षा, सेना और हर क्षेत्र में देश को गौरव दिला रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मजबूती से काम हो रहा है। प्रदेश में हर बेटी का सम्मान और हर महिला को रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आज दमोह जिले के लिए अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन पूरा हुआ है। इससे इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे।

    कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, हटा विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे, पूर्व विधायक सोना अहिरवार, पूर्व विधायक हटा पीएल तंतुवाय, हटा जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम पटेल, लालचंद खटीक, श्याम शिवहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें और गणमान्य नागरिक, लोग मौजूद रहे।

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    बिजली कार्मिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा का अनोखा कवच-ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 11 मार्च, भोपाल।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश एवं मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए कैशलेस बीमा योजना लागू की गई है। कम प्रिमियम पर अधिक चिकित्सकीय व्यय लाभ दिलाने वाली यह य़ोजना बिजली कार्मिकों के लिए अनोखे कवच के रूप में काम आएगी। इस योजना के बिजली कंपनी एवं मेडसेव हेल्थ इंश्योरेंस के बीच दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया मंगलवार को प्रबंध निदेशक कार्यालय में की गई।

    इस अवसर पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, संयुक्त सचिव श्री संजय मालवीय, इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक विनय रिछारिया आदि मौजूद थे। इस कैशलेस हेल्थ बीमा योजना से कार्मिकों के परिवार का पांच सौ रूपए प्रतिमाह की प्रिमियम पर 5 लाख का, एक हजार मासिक प्रिमियम पर दस लाख का, दो हजार मासिक प्रिमियम पर 25 लाख का कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस कवर रहेगा। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर भी सपरिवार इस योजना का चुनिंदा शर्तों के अधीन लाभ ले सकेंगे।

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    समाधान योजना में 22 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ - ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 11 मार्च, भोपाल।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में अब तक 22 लाख 14 हजार बिजली उपभोक्ताओं में सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय व अंतिम चरण को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। पूर्व में यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। समाधान योजना में तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ताओं को एकमुश्त राशि जमा करने पर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मंत्री श्री तोमर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि वे तीन माह से अधिक के बकाएदार हैं और योजना में अभी तक शामिल नहीं हो पाए वे अब 31 मार्च तक योजना में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा करके 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं।

    392 करोड़ 28 लाख का सरचार्ज हुआ माफ

    मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में अभी तक 22 लाख 14 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1062 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 392 करोड़ 28 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 6 लाख 48 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 624 करोड़ 89 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 286 करोड़ 78 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 22 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 229 करोड़ रूपये जमा हुए हैं, जबकि 74 करोड़ 57 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 208 करोड़ 56 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 30 करोड़ 93 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।

    समाधान योजना 2025-26 एक नजर में

    समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। योजना में एक मुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 फीसदी तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। योजना की विस्तृत जानकारी तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखी जा सकती है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

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    मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025: पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्ययोजना

    एन.एस.बाछल, 11 मार्च, भोपाल।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन तंत्र को सुदृढ़ करने और कार्बन उत्सर्जन के न्यूनीकरण के उद्देश्य से "मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025" का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। यह दूरदर्शी नीति 27 मार्च 2025 से संपूर्ण प्रदेश में प्रभावशील हो चुकी है, जिसमें पर्यावरण संवर्धन के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के क्रय एवं उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए नागरिकों को व्यापक स्तर पर विभिन्न वित्तीय रियायतें एवं विशिष्ट प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। शासन की इस पहल का मुख्य ध्येय पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के स्थान पर आधुनिक एवं प्रदूषण मुक्त आवागमन के साधनों को जन-सामान्य के लिए सुलभ बनाना है।

    राज्य शासन की इस अभिनव नीति में नवीन इलेक्ट्रिक वाहनों के क्रय पर उपभोक्ताओं को पंजीयन शुल्क (Registration Fee) एवं मोटरयान कर (Road Tax) में विशेष छूट प्रदान की जा रही है। यह निर्णय न केवल नागरिकों को आर्थिक संबल प्रदान कर रहा है, अपितु उन्हें भविष्योन्मुखी परिवहन व्यवस्था से जुड़ने के लिये प्रेरित भी कर रहा है। इसके अतिरिक्त, धारणीय विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी संचालित पारंपरिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित (रेट्रोफिट) करने की तकनीक को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए नियमानुसार समुचित वित्तीय सहायता सुलभ कराई जा रही है।

    चार्जिंग अधोसंरचना विकास के लिये 30 प्रतिशत तक का अनुदान

    अधोसंरचना विकास की दिशा में प्रदेश को 'इलेक्ट्रिक व्हीकल हब' के रूप में स्थापित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन अथवा चार्जरों की स्थापना पर लगभग 30 प्रतिशत तक के अनुदान (सब्सिडी) का प्रावधान किया गया है। इस दूरगामी कदम से प्रदेश भर में चार्जिंग स्टेशनों के व्यापक तंत्र का विस्तार होगा, जिससे नागरिकों को वाहन को सुगम एवं निर्बाध यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।

    "ईव्ही तरंग पोर्टल" के माध्यम से योजनाओं का सुगम लाभ

    EV वाहनों पर प्रोत्साहनों के लाभ वितरण की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी एवं तकनीक-आधारित बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा "ईव्ही तरंग पोर्टल" का संचालन किया जा रहा है। इस डिजिटल अधिष्ठान के माध्यम से पात्र हितग्राही विभिन्न सब्सिडी एवं अन्य लाभों के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। राज्य शासन ने समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देकर 'स्वच्छ एवं हरित मध्यप्रदेश' के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करे

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    प्रदेश में उपलब्ध हैं आपूर्ति के सभी संसाधन - मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 11 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था में कहीं किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति संसाधन उपलब्ध हैं। किसी को भी खाद्य पदार्थ, गैस या तेल आपूर्ति के लिए परेशान या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रदेश में बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिस्थितियों पर गहनता से नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में देश के साथ मध्यप्रदेश में भी कहीं कोई आपूर्ति संबंधित दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में खाड़ी देशों में उपजी विषम परिस्थितियों के मद्देनजर मध्यप्रदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व और देश के समक्ष उपजी परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय मंत्री और अधिकारियों की समिति प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करेगी और आपूर्ति बहाल रखने के लिए सभी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे या वर्क वीजा पर गए या पर्यटन के लिए गए भारतीय नागरिकों, विशेषकर मध्यप्रदेश के निवासियों की स्वदेश वापसी के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के सम्पर्क में है। राज्य सरकार से हेल्पलाइन के जरिए अब तक 255 लोगों ने संपर्क किया है, जिनकी सकुशल स्वदेश वापसी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सभी मंत्रीगण सहित प्रभारी मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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    प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना अंतर्गत पंजीयन में मध्यप्रदेश, देश में चौथे स्थान पर

    एन.एस.बाछल, 10 मार्च, भोपाल।

    प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना में 15 जनवरी से 8 मार्च 2026 तक आयोजित विशेष पंजीयन अभियान में श्रमिकों के पंजीयन में मध्यप्रदेश ने देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। मध्यप्रदेश के बैतूल में सर्वाधिक 1771 पंजीयन हुए है। बैतूल जिला देश के जिलों में दूसरे स्थान पर तथा नर्मदापुरम जिला 1501 पंजीयन के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।

    असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार आदि जिनकी आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच है तथा मासिक आमदनी 15 हजार रूपये से कम है, उनके लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना प्रारम्भ की गई है। योजना में पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु के बाद प्रतिमाह 3 हजार रुपये निश्चित मासिक पेंशन दिये जाने का प्रावधान है। इस योजना में श्रमिक और सरकार ‌द्वारा अंशदान दिया जाता है। अंशदान की राशि श्रमिक की आयु अनुसार 55 रूपये से 200 रुपये तक निर्धारित है। यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो पति/पत्नी को पेंशन का 50 प्रतिशत (1500 रूपये) दिये जाने के प्रावधान है। इस योजना में पंजीयन कॉमन सर्विस सेंटर अथवा maandhan.in Portal पर आधार कार्ड और बैंक खाते के साथ किया जा सकता है।

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    श्रम विभाग की पहल पर भोपाल में घर-घर तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल

    एन.एस.बाछल, 10 मार्च, भोपाल।

    श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के निर्देश पर "श्री" अवधारणा के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार एवं संपूर्ण विकास हेतु विभिन्न गतिविधियों श्रम विभाग द्वारा संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में श्रम विभाग की पहल पर गठित प्रथम श्रमणा सहकारी समिति, भोपाल द्वारा शहर के नागरिकों को आईटीआई प्रशिक्षित, तकनीशियनों के माध्यम से घर-घर में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं पेशेवर घरेलू तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराना तथा प्रशिक्षित श्रमिकों को सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा स्वयं का रोजगार प्रारम्भ करने को बढावा देना है।

    प्रथम श्रमणा श्रमिक सहकारी समिति के माध्यम से वर्तमान में भोपाल में प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई (कारपेंटर) तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग तकनीशियन की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवाओं के लिए न्यूनतम सेवा शुल्क ₹200 निर्धारित किया गया है, जिससे नागरिकों को पारदर्शी एवं निर्धारित शुल्क पर सेवाएं प्राप्त हो सकें। समिति द्वारा सेवाओं को अधिकतम दक्षता एवं लागत प्रभावशीलता के साथ संचालित करने तथा बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित एवं अनुभवी संस्थाओं से इन क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने हेतु राजस्व साझेदारी मॉडल (Revenue Sharing Model) के आधार पर प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। लेखा सेवाएं (Accounting Services), विज्ञापन एवं जनसंपर्क सेवाएँ (Advertisement & Public Relations / Outreach), प्रबंधन एवं संचालन सेवाएँ (Management and Operational Support) तथा तकनीकी सेवाएँ (IT & Technical Services), अकाउंटेंट/लेखा फर्म, विज्ञापन एवं ब्रांडिंग एजेंसियां तथा प्रोफेशनल मैनेजमेंट/कंसल्टिंग फर्म प्रस्ताव भेजने हेतु पात्र किया गया है।

    इच्छुक संस्था का प्रस्ताव सीलबंद लिफाफे में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक द्वारा सामात के पजाकृत कायर्यालय-प्रथम श्रमणा सहकारी समिति, शासकीय आई.टी.आई. परिसर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, गोविंदपुरा, भोपाल (म.प्र.) -462023 पर दिनांक 30 मार्च 2026 (सोमवार) शाम 05:00 बजे तक जमा करने का बताया गया हैं। अधिक जानकारी के लिये समिति के अधिकृत मोबाइल नम्बर 7805027023, 7470888745, ईमेल: prathamshramana@gmail.com पर भी संपर्क किया जा सकता है। 

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    पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने से वंचित योग्य व्यक्तियों को अब मिलेंगे अवसर- पंचायती राज मंत्री राजस्थान

    एन.एस.बाछल, 10 मार्च, जयपुर।

    दो से अधिक संतान के माता—पिता भी अब राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ सकेंगे। इस बाबत लाए गए राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को राजस्थान विधानसभा  ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

    विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रदेश में तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार राजस्थान पंचायती राज अधिनियम— 1994 की धारा 19 के तहत किसी व्यक्ति के दो से अधिक बच्चे होने पर उसकी पंचायती राज संस्थाओं का सदस्य बनने की पात्रता समाप्त करने का फैसला लिया गया था। उस समय तेज जनसंख्या वृद्धि दर को नियंत्रित करना मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि महिलाओं में शिक्षा के प्रसार एवं समाज में आई जागरूकता के कारण आज जनसंख्या वृद्धि दर में उल्लेखनीय कमी आई है जिससे वर्तमान परिपेक्ष्य में उक्त नियम अप्रासंगिक हो गया है।

    मदन दिलावर राजस्थान विधानसभा में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दो से अधिक बच्चे होने पर चुनाव लड़ने की पात्रता समाप्त होने के प्रावधान में संशोधन से जो योग्य व्यक्ति दो से अधिक बच्चे होने के कारण पंचायती राज संस्था का सदस्य नहीं बन सकते थे, उन्हें अब चुनावों में भाग लेने का अवसर मिल सकेगा। मदन दिलावर ने कहा कि राजकीय कर्मचारियों हेतु दो से अधिक बच्चे होने पर पदोन्नति नहीं मिलने का प्रावधान भी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा समाप्त कर दिया गया था। यह इस प्रकार के नियमों की वर्तमान में अप्रासंगिकता को रेखांकित करता है।    

    पंचायती राज मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा आदि प्रदेशों में पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव लड़ने हेतु इस प्रकार के प्रावधान को पहले ही समाप्त किया जा चुका है।

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    एचपीवी वैक्सीन का एक टीका बेटियों को बचाएगा सर्वाइकल कैंसर से-: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 10 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर बेटियों की जिंदगी में सबसे कठिन समय होता है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर एचवीपी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों को 4 हजार रुपए मूल्य का यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। वैक्सीन का एक टीका गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के प्रति भविष्य में बेटियों को जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी देगा और उन्हें गंभीर रोग से बचाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर में महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि बहनें और बेटियां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का लाभ लेकर टीका अवश्य लगवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीका लगवा चुकी बेटियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही जबलपुर में 37 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों से लेकर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों तक निरंतर जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार योजना की राशि को निरंतर बढ़ा रही है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को अब 1500 रुपए की राशि हर माह उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य सरकार ने बहनों को रोजगारपरक उद्योगों में काम करने पर 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में लैंगिग असमानता को खत्म करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। बेटियां सेना से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अशोकनगर जिले में करीला धाम पहुंचकर माता जानकी और उनके पुत्र लव-कुश का आशीर्वाद प्राप्त किया और सभी प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने जबलपुर को दी 37 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में 10.51 करोड़ लागत से आधुनिक जनपद भवन का भूमि-पूजन और 27.16 करोड़ लागत से नवनिर्मित गीता भवन सहित 3 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केंद्र और सोलर ट्रैफिक सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कार धानी जबलपुर की छटा देश में सबसे अलग है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं।

    नेत्र दिव्‍यांग बालिकाओं का किया सम्‍मान

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं जिया सेन और अंशी विश्वकर्मा को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने नेत्रहीन कन्या विद्यालय जबलपुर की बालिकाओं से भेंट कर उनका सम्‍मान भी किया। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लखपति दीदी आरती चौधरी और सीता गोंड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

    पूर्व मंत्री अजय बिश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश का नेतृत्व करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू कर रहे हैं। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई टीकाकरण की यह योजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में माताओं-बहनों का पूर्ण सहयोग सरकार को मिल रहा है। प्रदेश की आंगनवाड़ी एवं हेल्थ वर्कर्स की सहायता से विभिन्न प्रकार के कैंसर की पहचान करने के लिए आमजन को जागरुक किया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक संतोष बरकड़े सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, लाड़ली बहनें एवं बड़ी संख्या में बेटियां उपस्थित थीं।

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    अवैध अफीम की खेती पर मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा प्रहार

    एन.एस.बाछल, 10 मार्च, भोपाल।

    प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन एवं तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह के दौरान छतरपुर, टीकमगढ़ एवं दमोह जिलों में पुलिस द्वारा अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लगभग 7890 किलोग्राम से अधिक अफीम की फसल जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। संबंधित प्रकरणों में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

    छतरपुर

    छतरपुर जिले के थाना गढ़ीमलहरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उर्दमऊ में पुलिस को खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया गया, जहां लगभग आधा एकड़ क्षेत्रफल में डोडा युक्त अफीम के पौधे लगे पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए खेत में लगे अफीम के पौधों को जड़ सहित उखाड़कर जब्त किया गया है। जब्त की गई फसल का कुल वजन लगभग 1140 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है।

    टीकमगढ़

    टीकमगढ़ जिले के थाना दिगोड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम प्रतापपुरा में पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कृषि भूमि में अन्य फसलों के बीच अवैध रूप से अफीम के पौधे लगाए गए हैं। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश दी गई तथा खेत का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान गेहूं की फसल के बीच अवैध रूप से उगाए गए अफीम के पौधे पाए गए। पुलिस द्वारा मौके पर अफीम के पौधों को जड़, तना एवं पत्तियों सहित उखाड़कर जब्त किया गया और उनकी विधिवत तौल कराई गई। कार्रवाई के दौरान कुल लगभग 419.1 किलोग्राम अवैध अफीम की फसल बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

    दमोह

    दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया चौकी के ग्राम सुहेला में पुलिस को अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया गया, जहां लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की फसल पायी गई। उक्त फसल को अन्य कृषि फसलों के बीच छिपाकर लगाया गया था। पुलिस द्वारा मौके पर पर्याप्त पुलिस बल एवं श्रमिकों की सहायता से पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया है। जब्त की गई फसल का कुल वजन लगभग 6331.5 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

    मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, संग्रहण, परिवहन एवं तस्करी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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    मध्यप्रदेश में उड़द की खेती को किया जा रहा है प्रोत्साहित - कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना

    एन.एस.बाछल, 09 मार्च, भोपाल।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में उड़द की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है। किसानों से अपील है कि वे अधिक से अधिक उड़द की खेती करें, ताकि उन्हें इस बोनस का लाभ मिले और अगली फसल की तैयारी भी समय पर हो सके।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस वर्ष गेहूं खरीदी पर किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि गेहूं खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि पहले 7 मार्च निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपना पंजीयन कराकर शासन की योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों और जोखिमों से राहत मिलेगी।

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    सम्राट विक्रमादित्य के काल में अवंतिका नगरी में विजयी ध्वज निकाल कर मनाया जाता था उत्सव - मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 09 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन अवंतिका नगरी में सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल के दौरान परंपरागत रूप से सैनिक छावनियों से सैनिक विजयी पताका और चिन्ह लेकर चल समारोह के रूप में नगर में उत्सव मनाते थे। बाद में इस उत्सव को गेर नाम दे दिया। यह प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। यह परंपरा हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकाल का पूजन अभिषेक करने के बाद मंदिर के सभा मंडप में रंगपंचमी के अवसर पर ध्वज चल समारोह में भगवान वीरभद्र जी के ध्वज और महाकाल ध्वज के साथ ही शस्त्रों का विधि विधान पूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ध्वज हाथ में लेकर मंदिर के कुंड परिसर तक गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को निर्देश दिए कि उज्जैन में परंपरागत रूप से निकलने वाले चल समारोह (गेर) की परंपरा को आगे भी कायम रखने के लिए सवा-सवा लाख रुपए की राशि दी जाए।

    रंगपंचमी के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर से परंपरागत रूप से निकलने वाले श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह ( वीरभद्र ध्वज चल समारोह) के पहले सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर गर्भगृह में भगवान महाकाल का पूजन कर देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद नंदी हाल में मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महाकाल का ध्यान लगाया। इस अवसर पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान महाकाल का अंगवस्त्र, भगवान महाकाल का प्रसाद व स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंग पंचमी पर उज्जैन में खेली फूलों की होली
    ये देश है वीर जवानों का" गाना गाया, सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं
    उज्जैनवासियों ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंगपंचमी के पावन अवसर पर टॉवर चौक उज्जैन में आमजन के साथ फूलों की होली खेली। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी कॉलोनी से निकाली गई गेर (चल समारोह) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर नागरिकों ने हर्षोल्लास से रंगपंचमी मनाई और मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। टॉवर चौक पर बनाये गये मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पर गुलाब के फूल बरसाकर होली खेली।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये फूल हमें याद दिलाते हैं कि जीवन में रंग भले कितने भी हों, असली रंग तो दिल के रंग होते हैं, जो एक-दूसरे के लिए सम्मान, भाईचारा और देशभक्ति से भरे हों।  रंगपंचमी पर हमारे जीवन में आत्मीयता बढ़े, प्रेम और स्नेह बढ़े यही ईश्वर से प्रार्थना है।

    इसके बाद मुख्यमंत्री और आम जनता ने मिलकर 'ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का' गाना गाया तो लगा जैसे पूरा उज्जैन, एक सुर में गूंज रहा है। ये गाना उन वीर जवानों के लिए समर्पित था, जो सीमा पर खड़े होकर हमें ये रंग खेलने की आजादी देते हैं। आज टॉवर चौक पर रंगपंचमी पर हजारों लोगों का एक साथ नाचते और गाने में मालवी परंपरा की सोंधी खुशबू भी थी।

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    हमें स्वस्थ्य रहने के लिए आयुर्वेद और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा - उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 09 मार्च, भोपाल।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संभागीय आयुष चिकित्सा कार्याशाला और वैज्ञानिक संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्वस्थ्य रहने के लिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। हमारी वर्तमान समय की तेज और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण शरीर कई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जुझ रहा है। एलोपैथी चिकित्सा से हमें तत्काल राहत मिलती है लेकिन रोगों का स्थाई उपचार आयुर्वेद पद्धति से होता है। हमने यदि आयुर्वेद के सिद्धांतों और योग्य को अपना लिया तो शरीर पर रोगों का प्रकोप भी नहीं होगा। इसी तरह पर्यावरण की सुरक्षा और माटी का स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आवश्यक है। प्राकृतिक खेती से ही मिट्टी और मानव दोनों स्वास्थ्य सुधरेगा। अच्छी और स्वस्थ्य मिट्टी में बिना रासयन के ली गयी फसल ही हमें सच्चे पोषक तत्व देगी। बसामन मामा गौअभयारण्य में प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित किया गया है। यहां आयुर्वेद विभाग को औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की खेती के लिए 2 एकड़ जमीन दी जा रही है। इसमें विन्ध्य की जड़ी-बूटियों की खेती करें। समारोह का आयोजन ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय सभागार में किया गया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्राचीन भारतीय परंपरा में आयुर्वेद का प्रमुख स्थान है। कुछ वर्ष पहले तक गांव के बड़े बूढ़े तथा गांव के वैद्य स्थानीय स्तर पर पायी जाने वाली जड़ी बूटियों से बड़े रोगों का इलाज कर लेते थे। आयुष चिकित्सक जड़ी बूटियों का ज्ञान आमजनता तक पहुंचायें। भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित प्राकृतिक खेती और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। प्राकृतिक खेती के लिए हमें गायों का संरक्षण और गोपालन को बढ़ावा देना होगा। गाय अगर दूध नहीं दे रही है तो उसका गोबर और गोमूत्र माटी के लिए टानिक है।

    समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने विन्ध्य क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा वन औषधियों के भण्डार और जैव विविधिता की जानकारी दी। समारोह में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी दिलीप कुमार ने विन्ध्य क्षेत्र में पायी जाने वाली जड़ी बूटियों तथा उनके उपयोग की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को विन्ध्य क्षेत्र की औषधियों पर लिखी पुस्तक भेंट की। समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए राजपत्रित आयुष चिकित्सक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शशांक झा ने कहा कि संघ द्वारा सभी संभागों में वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने संघ की विभिन्न मांगों का ज्ञापन उप मुख्यमंत्री को भेंट किया। उप मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल में आयुष विभाग द्वारा लगायी गयी औषधीय पौधों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ, संभागीय आयुष अधिकारी डॉ. शिवराम साकेत, जिला आयुष अधिकारी डॉ. शारदा मिश्रा, संभाग के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, आयुष चिकित्सा संघ के पदाधिकारी तथा आयुर्वेद कालेज के विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह का आयोजन आयुष विभाग तथा राज्य औषधि पादक बोर्ड द्वारा किया गया।

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    इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड परियोजना किसानों और सरकार के बीच भरोसे का एक उदाहरण बनेगी

    एन.एस.बाछल, 08 मार्च, भोपाल।

    इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासी मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे और इंदौर-उज्जैन के हरितभूमि किसानों के हित में जमीनी स्तर की सड़क निर्माण को मंजूरी देने और उचित मुआवजे की व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री का पगड़ी और माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव को होली और रंगपचमी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावत भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन के बीच 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सड़क से इंदौर और उज्जैन के बीच की यात्रा का समय घटकर आधा घंटा रह जाएगा। दोनों शहरों के बीच बेहतर संपर्क से क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी। स्थानीय स्तर के उद्योगों, लॉजिस्टिक्स पार्कों, किसानों और व्यापारियों के लिए बाजारों तक पहुंच और अन्य उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग देश के व्यापार और कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से देश के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों के बीच यात्रा आसान और कम समय में हो सकेगी। परिणामस्वरूप यातायात बढ़ेगा और इंदौर-उज्जैन क्षेत्र का देश में महत्व बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परंपरागत और ऐतिहासिक रूप से इंदौर और उज्जैन के बीच इस मार्ग का यही उचित उपयोग रहा है। इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांवों को इस मार्ग से लाभ होगा। यह मार्ग सिंहस्थ क्षेत्र के लिए भी सुविधाजनक और उपयोगी होगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र विकास के मामले में एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। किसानों का हित राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों के अनुसार इस सड़क का निर्माण और इसके लिए उचित मुआवजा देना इस बात का संकेत है कि सरकार अपने वादों पर खरी उतर रही है। यह परियोजना किसानों और सरकार के बीच विश्वास का एक उदाहरण बनेगी।

    जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अनाज उत्पादक किसानों के दर्द और कठिनाई को समझते हैं। इंदौर-उज्जैन हरित मार्ग की मंजूरी उनकी संवेदनशीलता का ही परिणाम है। इस परियोजना के तहत किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया जाएगा। मंत्री सिलावत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

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    मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के प्रयासों के बदौलत जैन परिवार घर लौट आया।

    एन.एस.बाछल, 08 मार्च, भोपाल।

    ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान, उज्जैन से शारजाह गए जैन परिवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संपर्क करने के बाद, उनके विशेष प्रयासों से परिवार सुरक्षित उज्जैन लौट सका। शनिवार को, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उज्जैन पहुंचने पर, जैन परिवार के सदस्यों ने डॉ. वी.वी. आईपी गेस्ट हाउस में जाकर उन्हें बधाई दी और धन्यवाद किया।

    कुछ दिन पहले उज्जैन निवासी श्री अशोक तलेरा (जैन) 23 फरवरी को अपनी पत्नी संगीता तलेरा, पुत्र श्रेयंस, बहू अंजली और 2 वर्षीय बेटी के साथ इंदौर से शारजाह गए थे। परिवार की वापसी 1 मार्च को होनी थी, लेकिन युद्ध शुरू होने के कारण उड़ानें रोक दी गईं। परिवार ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया और वापस लौटने का प्रयास किया। प्रतीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन परिवार को भारत भेजने के लिए तत्काल विशेष प्रयास किए। श्री तलेरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण विदेश जाने वाले भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए त्वरित प्रयास किए। मध्य प्रदेश सरकार ने भी युद्ध के कारण विदेश में फंसे मध्य प्रदेश के निवासियों की वापसी के लिए प्रयास किए, जिसके कारण ये लोग सुरक्षित घर पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी और उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। इस दौरान नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव भी उपस्थित थीं।

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    मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजगता को 'क्वींस ऑन व्हील्स' की बहनों से प्रोत्साहन मिलेगा

    एन.एस.बाछल, 08 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 'क्वींस ऑन द व्हील्स' 3.0 महिला बाइकिंग टूर सिर्फ एक बाइक रैली नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोमांच और पर्यटन के माध्यम से मध्य प्रदेश की पहचान को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक अनूठा अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आई माताओं और बहनों का देश के हृदय, मध्य प्रदेश में स्वागत किया और कहा कि हमारा क्षेत्र अद्भुत है और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक है। बहनों की यह यात्रा क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा का एक उदाहरण है, जो एक बदलते समाज की तस्वीर पेश करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। देश भी सुरक्षित है और मध्य प्रदेश भी। महिला दिवस और रंग पंचमी से पहले शुरू हुए 'क्वींस ऑन द व्हील्स' कार्यक्रम के तहत देश भर से महिला बाइक सवारों ने मध्य प्रदेश में पर्यटन के रंग बिखेरे। इस यात्रा का आयोजन क्षेत्र के समृद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को देश और विश्व के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया गया है। यह यात्रा मध्य प्रदेश की बेटियों के लिए अनूठी, रोमांचक और फलदायी साबित होगी। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री आवास से 'क्वींस ऑन द व्हील्स' की 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उन्हें इस यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाइकर्स और पर्यटन सहयोगियों के साथ एक समूह तस्वीर भी खिंचवाई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह यात्रा शुरू की जा रही है। इसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों की 25 साहसी महिला बाइक सवार शामिल हैं। यह यात्रा 7 से 13 मार्च तक चलेगी, जिसमें हमारी बहनें 1400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। बाइक यात्रा के दौरान, बहनें क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों - सांची, उदयगिरि, चंदेरी, खजुराहो, कुनो राष्ट्रीय उद्यान, ग्वालियर, मितावली, ओरछा और खजुराहो से होकर गुजरेंगी। यात्रा 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी।

    निमार की सादगी, मालवा की जीवंतता, बुंदेलखंड की वीरगाथाएँ, बघेलखंड की लोक कलाएँ, चंबल का गौरवशाली इतिहास और महाकौशल की सुंदरता हमारे क्षेत्र की विशेषताएँ हैं। राज्य सरकार इस क्षेत्र में स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण, सुरक्षित और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस यात्रा में भाग लेने वाली महिला राइडर्स को राइड के दौरान सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला राइडर्स के दल के गठन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का समन्वय जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन द्वारा किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशभर की माताओं और महिला साइकिल चालकों से बातचीत की। मुंबई की 62 वर्षीय नीता खांडेकर ने बताया कि "सात साल पहले मुझे साइकिल चलाने का हौसला मिला और फिर मैंने 75 दिनों में 21,000 किलोमीटर की यादगार यात्रा पूरी की।" पश्चिम बंगाल की त्रिना ने मध्य प्रदेश से ओडिशा, झारखंड और बिहार होते हुए 4 दिनों में साइकिल चलाई। उन्होंने कहा, "मुझे मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस हुआ। वहां की सड़कों और प्रकृति का मुझे बहुत आनंद आया।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विशेषज्ञों से भी मुलाकात की।

    महिला बाइकिंग टूर का नेतृत्व 62 वर्षीय डॉ. नीता कर रही हैं। इस ग्रुप में भोपाल से सारा खान, राजनंदिनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दिशा राकेशिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाह, महक बाथम, ग्वालियर से शबनम बानो शामिल हैं। उनके साथ मुंबई से हेतल उपाध्याय, माधुरी नायक, मधु हेलचल, तनु प्रिया, रिद्धि, बेंगलुरु से सोना प्रियदर्शिनी, कोलकाता से सायंती घोष, पुणे से कल्याणी पोटेकर, नागपुर से डॉ. भी हैं। इनमें प्रियंका रुक्मणि, रुचिका मेघे, एकता खेते, मैथिली सिंह, पल्लवी देशमुख, नोएडा के डॉ. सुमित और संभाजी नगर (महाराष्ट्र) की कविता जाधव शामिल हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सचिव पर्यटन विभाग एवं परियोजना निदेशक म.प्र. पर्यटन मंडल श्री इलैया राजा टी, अतिरिक्त संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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    पीड़ित मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है- उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 07 मार्च, भोपाल।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। पुर्वा ग्राम के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थ चिकित्सक व स्टॉफ पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीजों का इलाज करेंगे। इस केन्द्र में विभिन्न बीमारी की जांच नि:शुल्क होंगी और यह आरोग्य मंदिर इस क्षेत्र के ग्रामीणजनों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण करने के बाद भवन का निरीक्षण किया।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के सभी कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। रिक्त पदों की पूर्ति के लिये अभियान चलाया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार और शिशु एवं मातृ मृत्युदर में कमी आये। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का स्थान भगवान के बराबर है, चिकित्सक भी मरीज को भगवान मानकर उसका इलाज सेवाभाव से अच्छे व्यवहार के साथ करें। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से अपेक्षा की कि वह ग्रामीण क्षेत्रों का लगातार भ्रमण करें इसके सकारात्मक परिणाम आते हैं। राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प अनुसार नि:शुल्क जांच व आयुष्मान कार्ड से नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है जो मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने सभी से अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपेक्षा की क्योंकि समय पर जांच कराकर यदि बीमारी हो तो इलाज हो जाने से उसे गंभीर रोग से बचाया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने आरोग्य केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

    सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक चुनौतियाँ हैं। उप मुख्यमंत्री का प्रयास है कि इन चुनौतियों को दूर कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आदर्श प्रदेश बनायें। उन्होंने ग्रामीण जनों से अपेक्षा की कि संसाधन की उपलब्धता के अनुसार सहयोग करते हुए इलाज व जांच करायें। जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल ने स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रीय विकास के लिये उप मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने कहा कि पुर्वा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिये यह आरोग्य केन्द्र सौगात है। गौमाता के आशिर्वाद से सेमरिया सहित पुर्वा व आसपास का क्षेत्र विकसित हो रहा है। उप मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य की सुविधाएँ मिल रही हैं।

    पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि पुर्वा आरोग्य केन्द्र में टीकाकरण, जांच, सामान्य प्रसव के साथ अन्य इलाज की भी सुविधा रहेगी। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर एम.एस. खरे ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. सत्यभामा अवधिया ने किया। इस दौरान सरपंच सियादुलारी विश्वकर्मा, सुंदरलाल शर्मा, राजेश यादव, डॉ. आरबी चौधरी सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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    किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार - मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 07 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों की फसलों का उचित दाम मिले, इसके लिए उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गई है। प्रदेश के किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का भरपूर लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी हो जाए। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी गत वर्षों के तरह बोनस की सौगात दी है। इस वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है। आगामी वर्षों में हम इस लक्ष्य को पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में व्यक्त किए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। हमारे राज्य के किसान आगे बढ़ें और समृद्ध हों, इसके लिए सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई सामने आई है। इसे ध्यान में रखकर गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, इससे रात के समय बिजली से सिंचाई के कारण होने वाले संकटों से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में प्राप्त सुझावों पर भी राज्य सरकार विचार करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, विद्युत प्रदाय और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

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    मध्यप्रदेश में बन रहा है इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सशक्त ईको सिस्टम

    एन.एस.बाछल, 07 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत औद्योगिक आधार, उन्नत परीक्षण अधोसंरचना, ऊर्जा उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सशक्त ईको सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के माध्यम से ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को व्यापक प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

    वैश्विक बदलाव के साथ बढ़ती ईवी की संभावनाएं

    वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में बढ़ रहा है और भारत भी इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यह क्षेत्र राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देता है। इलेक्ट्रिक वाहन आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, सॉफ्टवेयर, मेंटेनेंस और संबंधित सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

    मजबूत ऑटोमोबाइल क्लस्टर और परीक्षण अधोसंरचना

    मध्यप्रदेश इस परिवर्तन को अवसर के रूप में लेते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वयं को एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। राज्य में पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में से एक है, जहां 200 से अधिक ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट निर्माता संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही एशिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव परीक्षण ट्रैक नैट्रैक्स उद्योगों को अत्याधुनिक परीक्षण और अनुसंधान की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग के लिए मजबूत तकनीकी आधार उपलब्ध हुआ है।

    इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी से मैन्यूफेक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

    राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट के लिए संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करने पर केंद्रित है। इस नीति के माध्यम से बैटरी निर्माण, वाहन असेंबली से लेकर रीसाइक्लिंग तक के क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे उभरते सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

    औद्योगिक प्रोत्साहन और निवेश में बढ़ेंगे अवसर

    इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी अनुदान, भूमि रियायत, निर्यात परिवहन सहायता तथा हरित और अनुसंधान निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल और उससे जुड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में अधिशेष राज्य है और यहां बिजली दरें देश में अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे ईवी विनिर्माण इकाइयों और चार्जिंग अधोसंरचना के संचालन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक परिस्थितियां उपलब्ध होती हैं।

    भारत में ईवी की बढ़ती मांग

    भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो पहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत, तीन पहिया में 23.4 प्रतिशत, यात्री कारों में 2 प्रतिशत और बसों में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस प्रकार कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। औद्योगिक अधोसंरचना, आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निवेश अनुकूल नीतियां और ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारकों के कारण मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश से खिलाड़ी बिया की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास किए।

    एन.एस.बाछल, 05 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी बेटी प्रियांशी प्रजापत को मध्य प्रदेश से अल्बानिया के तिराना में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज में भाग लेने के लिए सुरक्षित वापस लाने के लिए उच्च स्तरीय प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी बेटी भारत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रियांशी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और रजत पदक जीतने पर बधाई भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज वीडियो कॉल के माध्यम से प्रियांशी के उज्जैन स्थित परिवार से भी बात की। प्रियांशी के पिता श्री प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। प्रियांशी ने 24 से 28 फरवरी तक अल्बानिया में आयोजित विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में 26 फरवरी को यह मैच जीता। प्रियांशी ने कजाकिस्तान, अमेरिका और अल्बानिया की पहलवानों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पिछले साल एशियाई सीरीज में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया था।

    गौरतलब है कि हाल ही में मध्य पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और उनके साथ गए सभी खिलाड़ी वहां फंस गए थे। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित वापसी के लिए निरंतर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा उन्हें अपनी बेटी की तरह प्यार और समर्थन दिया है। मध्य प्रदेश कुश्ती जोन के अध्यक्ष रहते हुए भी उन्होंने 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

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    मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश ने विश्व वन्यजीव दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    एन.एस.बाछल, 03 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व वन्यजीव दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में वन्यजीवों का संरक्षण और संवर्धन निरंतर जारी है ताकि संतुलित और सतत जैव विविधता मॉडल को मजबूत किया जा सके और हमारी भूमि को वन्यजीवों के लिए आदर्श बनाया जा सके।

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    ग्रामीण प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी- मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 03 मार्च, भोपाल।

    नागलवाड़ी में आयोजित प्रथम कृषि कैबिनेट की बैठक के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। उन्होंने एनआरएलएम की लखपति दीदी, बड़वानी जिले के राष्ट्रीय खिलाड़ी और उन्नत किसानों के अनुभव सुने और उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन बुद्धिजीवियों से मुलाकात कर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों और खिलाड़ियों सहित समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह में शामिल होकर जैविक खेती और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया है। अब वे अन्य महिलाओं को जैविक खेती सिखा रही हैं। ड्रोन दीदी सीमा ने कहा कि स्वयं सहायता समूह में शामिल होने से उनकी आय में वृद्धि हुई है और उन्हें एक नई पहचान भी मिली है। सीमा ने बताया कि वे गांव में खेतों में ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव करती हैं, जिससे घंटों का काम अब मिनटों में हो जाता है और उन्हें नियमित आय भी मिल रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी स्नेहा मोहनिया ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें 2 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक जीतने का मौका नहीं मिला। स्नेहा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बरवानी में एस्ट्रो-टर्फ की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और इस सुविधा को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलवानिया निवासी सुश्री वैष्णवी माहुले से एयर राइफल शूटिंग पर भी चर्चा की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को सुश्री वैष्णवी को राज्य स्तरीय शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलवानिया में शूटिंग क्लब प्रशिक्षण केंद्र चला रहे प्रशिक्षक श्री नीरज को लड़कियों के प्रशिक्षण में उनके सराहनीय कार्य के लिए 5 लाख रुपये के प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री डॉ. महेश पाटीदार ने बड़वानी जिले के घाटवा गांव के निवासी एक उन्नत किसान यादव को अपने उत्पाद "गुड़ की चाय" के बारे में बताया। श्री पाटीदार ने बताया कि उनके पास पीएमएफएमई योजना है, जिसके तहत उन्होंने 28 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसमें उन्हें 10 लाख रुपये का अनुदान भी मिला था। वर्तमान में श्री पाटीदार प्रति वर्ष 500 क्विंटल "गुड़ की चाय" के पैकेट बेच रहे हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में प्रति वर्ष 1000 क्विंटल "गुड़ की चाय" के पैकेट बेचने का है। श्री पाटीदार ने बताया कि उनकी गुड़ की चाय के पैकेट अमेज़न और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

    बड़वानी जिले के अमोल महाजन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात की। अपने केले उत्पादन व्यवसाय के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले वे अमेरिका में काम करते थे, बाद में नौकरी छोड़कर अपने देश में केले का उत्पादन शुरू किया। आज उनके केले दुबई, ईरान और इराक समेत दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाजन की इस उपलब्धि की सराहना की।

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    बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी बनने से कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी-मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 03 मार्च, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया महज एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद का उत्सव है। इस उत्सव में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और लोक संस्कृति के अद्भुत रंगों को दर्शाते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय भी इस उत्सव का हिस्सा हैं। आदिवासी संस्कृति की अपनी अनूठी पहचान और महत्व है। इस परंपरा को संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने इस त्योहार को राजनीतिक त्योहार का दर्जा दिया है और इसकी गरिमा को और बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में यह बात कही।

    बड़वानी के जुलवानिया स्थित भगोरिया हाट में उस समय खुशी और उत्साह का अनूठा नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव आदिवासी भाइयों के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट क्षेत्र उत्साह, रंगों और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। आदिवासी संस्कृति के जीवंत रंगों से सजे इस पारंपरिक उत्सव में मंडलों की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सजे नर्तकों की मनमोहक प्रस्तुतियां और गुलाल से रंगा वातावरण भगोरिया को और भी आकर्षक बना रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवासी कलाकारों के साथ मंडल की थाप पर नृत्य किया और उनकी कला और परंपराओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमार क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उत्सवों और जीवन के प्रति आनंदमय दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक ऋतु के अनुरूप त्योहार मनाने की परंपरा है, जिससे जीवन में उल्लास और एकता बनी रहती है। हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमय परंपरा आज भी जीवित है। सदियों से, भगोरिया त्योहार इस क्षेत्र के लोगों के जीवन में आनंद, उमंग और ऊर्जा का प्रतीक रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमार क्षेत्र को माता नर्मदा की कृपा प्राप्त है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंच गया है और फसलें फल-फूल रही हैं। यहां विभिन्न प्रकार की फसलें, फल और सब्जियां पैदा हो रही हैं। किसान भी उत्साहपूर्वक प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फलों और सब्जियों की देश-विदेश में मांग बढ़ गई है। अब लक्ष्य फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाना और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बरवानी की उन्नत कृषि को सम्मानित करने के उद्देश्य से कृषि मंत्रिमंडल का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष के पहले मंत्रिमंडल में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर पेटीएम योजना के तहत सोयाबीन के लिए 1,500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। प्रिय बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करके समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भीलत देव को पहली बार मंत्रिमंडल के साथ देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। निमार महान संतों जैसे सिंगाजी, दादा धुनीवाले की पवित्र भूमि है, जिन्होंने सद्भाव और मेलजोल का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेदों को भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में बागवानी फसलों का क्षेत्रफल अधिक है। इसके विस्तार के लिए कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से लैस एक आधुनिक सब्जी मंडी स्थापित की जाएगी। आदिवासी क्षेत्रों के लिए पांसेमल और वर्ला सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और आदिवासी किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिए 25 किसानों को अन्य राज्यों में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में एक आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करने वाली विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पालसुद बाईपास और ओझर बाईपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय यातायात को नई सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खज्या नायक स्मारक तक एक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर संचार सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, दीवानी से जोगवारा तक 5 किलोमीटर लंबा एक पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र का विकास, व्यावसायिक गतिविधियां और जनता की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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    ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश ने बरवानी जिले के राजपुर में तीन ग्रिडों का निरीक्षण किया।

    एन.एस.बाछल, 03 मार्च, भोपाल।

    विद्युत मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तीन स्थानों पर 33/11 केवी ग्रिड का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रिड के अनुपालन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में कैबिनेट बैठक के बाद, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बड़वानी जिले के राजपुर में 33/11 केवी विद्युत ग्रिड का निरीक्षण किया और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।

    मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि देश की सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस उपकेंद्र को मजबूत करने से न केवल राजपुर नगर परिषद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान भी मिलेगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। विद्युत मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सिवाई में आरडीएसएस के अंतर्गत स्थापित नए ग्रिड और तलवारा देब के निकट सुराना स्थित ग्रिड का भी निरीक्षण किया। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुणवत्ता निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मध्य प्रदेश पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर क्षेत्र के मुख्य अभियंता आर.सी. जैन, अधीक्षण अभियंता श्री अरविंद सिंह और एस.आर. खराटे विशेष रूप से उपस्थित थे।

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    बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे या पोल के पास होली न जलाएं - ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 02 मार्च, भोपाल।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रदेशवासियों को होली पर्व की शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे होलिका दहन के पर्व पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियाँ रखकर सुरक्षित होली मनाएं। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या पोल के आसपास होली न जलाएं, क्योंकि इससे तार अथवा विद्युत उपकरण पिघल सकते हैं और दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। देखते ही देखते छोटी-सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि होलिका दहन का कार्यक्रम बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें।

    मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मिठाई, रंग-गुलाल, पूजन सामग्री आदि की दुकानें एवं होली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिये लगाई जाने वाली अस्थाई दुकानों की प्रकाश व्यवस्था के लिये व्यापारी बँधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली ट्रांसफार्मरों एवं बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाकर ही स्थापित करें, जिससे विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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    मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    एन.एस.बाछल, 28 फरवरी, भोपाल।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही के दिन, वर्ष 1928 में महान वैज्ञानिक डॉ . सी.वी. रमन ने ' रमन प्रभाव ' की खोज की थी, जिससे विश्व को इस खोज की जानकारी मिली। इस खोज ने विज्ञान जगत को एक नई दिशा दी, इसी की याद में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता पैदा करना और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। यह अवसर विज्ञान के क्षेत्र में समर्पित प्रतिभाओं को विश्व के विकास के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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    राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहा है- ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश

    एन.एस.बाछल, 28 फरवरी, भोपाल।

    जलवायु संसद (नेटवर्क मध्य प्रदेश) की गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु संसद द्वारा प्रत्येक विधानसभा स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदम निस्संदेह सकारात्मक परिणाम देंगे।

    मध्य प्रदेश जलवायु संसद के विधायक और संयोजक (नेटवर्क मध्य प्रदेश) ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामुदायिक हरित ऊर्जा क्षेत्र की अवधारणा राज्य और देश के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक आधारित, विकेंद्रीकृत और टिकाऊ ऊर्जा समाधान लागू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, रोजगार सृजित होगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हरित, आत्मनिर्भर और जलवायु के प्रति जिम्मेदार क्षेत्रों का विकास होगा।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रगति करते हुए उल्लेखनीय कार्य कर रही है और देश में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमनवीर सिंह बैंस ने क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसानों और आम उपभोक्ताओं के उपयोग हेतु चलाई जा रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रीवा, मोरेना, नीमच और ओंकारेश्वर जैसे स्थानों पर विश्व स्तरीय परियोजनाएं स्थापित की गई हैं।

    जलवायु संसद में विधायक गौरव सिंह पारधी, योगेश पंडाग्रे, नीरज ठाकुर, श्री चन्द्रशेखर देशमुख, दिनेश जैन बोस, डॉ. हीरालाल के अलावा, कामाख्या प्रताप सिंह और गंगा सज्जन सिंह उइके ने भाग लिया। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किये.

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