बिक्रम मजीठिया से इतनी घबराई क्यों है आम आदमी पार्टी की सरकार
अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया जिनको माझे का जरनैल भी कहा जाता है जो इस समय पटियाला जिले की की न्यू नाभा जेल में आय से अधिक सम्पत्ति केस में बंद है पंजाब सरकार इतना घबराई क्यों है इसी पर हम मंथन कर रहे है। सूत्रों के अनुसार बिक्रम मजीठिया को लेकर दिल्ली से चंडीगढ़ लगातार ही पल पल की जानकारी नाभा जेल से सरकार को भेजी जा रही है जेल के अंदर ओर बाहर हरेक की निगाह बिक्रम मजीठिया पर लगी हुई है लेकिन जेल में उनके नजदीकियों को मुलाकात का समय तक नहीं नहीं दिया जा रहा जिसको लेकर सारे पंजाब में चर्चा छिड़ी हुई है आखिर जेल ऑथोरिटी ऐसे कैसे कर सकती है जिसका जेल मैनुअल में मुलाकात के बारे में साफ लिखा हुआ है इसका खुलासा आज नाभा न्यू जेल के बाहर शिरोमणी अकाली दल के चीफ स्पोक्समैन अर्शदीप कलेर ने उनसे मुलाकात करके किया उन्होंने कहा कि उनके पारिवारिक सदस्यों जिनमें सुखबीर बादल ओर संसद हरसिमरत कौर बादल को मुलाकात से मना कर दिया गया है ओर आज पार्टी के पांच सीनियर नेताओं ने उनको मिलने का निवेदन जेल ऑथोरिटी को किया गया था जो रिजेक्ट कर दिया गया जिसको लेकर सरकार की घबराहट साफ झलक रही है।
इससे पहले जब जब बिक्रम मजीठिया को उनके केस में पेश किया जाता था तो उनको पेश करने के लिए पुलिस की भारी तादाद में गाड़िया ही गाड़िया दिखाई देती है और जिस गाड़ी में मजीठिया को बिठाया जाता उसके अंदर तक पर्दे लगा दिए जाते है और कोर्ट के बाहर कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए जाते है मीडिया को तो उनके पास तो क्या गाड़ी तक नहीं फटकने दिया जाता लेकिन जिस दिन उनको नाभा जेल से लेकर आया गया तो रास्ते में जगह जगह अकाली दल के वर्करों ने सड़को पर उतर कर उनके हक में नारेबाजी की उससे जाहिर है कि घबराहट तो आएगी ही । मजीठिया के बकील दमनवीर सोबती कहते है कि मजीठिया को जेल के अंदर दो ऐसे कैदियों के साथ रखा गया है जिन पर बच्चों के कत्ल के दोष है। वही पर उनकी पत्नी गणीव कौर मजीठिया कहती है कि जो आरोप सरकार ने ढोल पीट पीट कर लगाए थे अब वह अदालत में गिरने लगे है जिस तरह शिमला के मशोबरा में एक हजार एकड़ जमीन का सरकारी तंत्र ने शोर मचाया था अब वो भी अदालत में गिर गया है अब धीरे धीरे सारे आरोप सरकार के इसी तरह गिरते चले जाएंगे क्योंकि पंजाब विजिलेंस को कुछ मिला ही नहीं है। बेशक सरकारी वकील अहम सबूत होने की बात कर रहे है लेकिन आने वाले समय में पता लगेगा कि विजिलेंस अपनी चार्जशीट में क्या पेश करती है जबकि मजीठिया के खिलाफ एन डी पी एस का जो मामला मोहाली में दर्ज किया गया था उसमें तो अभी तक सिट चार्जशीट ही नहीं पेश कर सकी जिसको लेकर मजीठिया के वकील सरकार को चैलेंज करते हुए कहते है कि यदि हिम्मत है तो कोई भी एन डी पी एस की धारा आय से अधिक संपति वाले मामले में लगाकर दिखाओ और मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो बिक्रम मजीठिया का नशे के मामले में सीधा नाम लेकर दिखाए बिना नाम लिए जो मर्जी कहते रहे।
फिलहाल पंजाब ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले पंजाबियों की नजरे इस केस पर लगी हुई कि किस तरह कोर्ट का रुख रहने वाला है और बिक्रम मजीठिया को कब तक राहत मिलेगी जा नहीं यह सरकार के लिए भी अग्नि परीक्षा से कम होने वाला नहीं ।
वही पर बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मामले में सबसे दिलचस्प बात रही जो बिक्रम मजीठिया के खिलाफ थे और एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी करते थे अब मजीठिया के खिलाफ मामले में उनके हक में आते दिखाई दिए जिनमें खासतौर पर सुखपाल खैरा ओर कुंवर विजय प्रताप वही कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने उनकी पत्नी गणीव कौर के घर पर विजिलेंस की करवाई की निंदा करके सरकार को कही न कही बैकफुट पर ले आई जिसके लिए सरकार ने कभी सोचा भी नहीं था कि ऑपोजिशन मजीठिया के पक्ष में इतने जोरदार ढंग के साथ मजीठिया के साथ खड़ जाएगी । वही पर बाजवा की जब वीडियो सोशल मीडिया पर डाली गई तो प्रताप बाजवा ने शिकायत कर पंजाब के दो मंत्रियों हरपाल चीमा ओर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष ओर मंत्री अमन अरोड़ा के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवा दिया जिसकी जांच चल रही है।