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    मुख्यमंत्री ने जयपुर शहर में बारिश से उत्पन्न स्थिति का लिया जायजा

    एन.एस.बाछल, 31 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार शाम को जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों का लगभग ढाई घण्टे सघन निरीक्षण कर बारिश से उत्पन्न स्थितियों का जायजा लिया। उन्होंने बी-टू बाईपास रोड़, सांगानेर, सुमेर नगर, सूरजमल सर्किल, मुहाना मंडी, चौरडिया पेट्रोल पंप पर रुककर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों, गड्ढ़ों एवं ड्रेनेज सिस्टम से संबंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

                  भजनलाल शर्मा ने बी-टू बाईपास रोड़ के पास द्रव्यवती नदी का अवलोकन किया और घने वृक्षों की छंटाई तथा नालों के फेरो कवर की मरम्मत करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कच्ची बस्ती के लोगों एवं बच्चों से बातचीत की और अधिकारियों को निचले क्षेत्रों में जल निकासी तथा आपात स्थिति में वहां के निवासियों के लिए भोजन व पेयजल की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया।

                  मुख्यमंत्री ने सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में लोगों से मुलाकात की और शहर के जलभराव वाले स्थानों के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुहाना मंडी चौराहे पर पहुंचकर जायजा लिया और अधिकारियों को चौराहे पर सर्कल निर्माण के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने महाराजा सूरजमल सर्किल व केसर नगर चौराहे पर क्षतिग्रस्त सड़कों के शीघ्र मरम्मत कार्यों के निर्देश दिए।

    जनता को ना हो परेशानी, प्रशासन हर समय रहे अलर्ट- मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बारिश से उत्पन्न स्थिति में जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इसके लिए अधिकारियों को अलर्ट मोड़ पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन, पेयजल एवं रहने की व्यवस्थाओं के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

    भजनलाल शर्मा ने निरीक्षण के दौरान सांगानेर क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चौरडिया पेट्रोल पंप तिराहे पर रूककर सांगानेर थाने से चौरडिया पेट्रोल पंप और मालपुरा गेट तक बनने वाली एलिवेटेड रोड़ की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आमजन से भी फीडबैक लिया।

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    राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह–2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा

    एन.एस.बाछल, 31 जुलाई, जयपुर।

    राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह–2025 को गरिमामय एवं सुसंगठित रूप से आयोजित करने के लिए बुधवार को जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह, जिला कलक्टर श्री गौरव अग्रवाल एवं पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। 

    इस अवसर पर अधिकारियों ने बरकतुल्ला खां स्टेडियम स्थित मुख्य समारोह स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

    संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में सभी विभागीय प्रभारी सौंपे गए दायित्वों को समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूरा करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यवस्था, चाहे वह सुरक्षा हो अथवा आमजन की सुविधा, में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों के बीच सतत् समन्वय सुनिश्चित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए।

    निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने सुरक्षा संबंधी बिंदुओं, पार्किंग व्यवस्था, अतिथियों के आगमन एवं निकास मार्ग, बेरिकेडिंग तथा यातायात प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने सभी विभागीय प्रभारियों को कार्यक्रम से संबंधित दायित्वों तथा कार्ययोजना के अनुसार कार्य को नियत समयावधि में करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिथियों के स्वागत-सत्कार, बैठक व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पेयजल एवं स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं सहित सभी आवश्यक तैयारियों का विस्तृत आकलन किया।

    मुख्य समारोह स्थल के निरीक्षण के पश्चात जिला कलक्टर ने स्टेडियम के सभाकक्ष में तैयारियों की बैठक लेकर प्रत्येक विभाग को पूर्व में सौंपे गए दायित्वों की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में 14 अगस्त को प्रस्तावित ‘एट होम’ कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा 15 अगस्त को शहीद स्मारक एवं बरकतुल्ला खां स्टेडियम में होने वाले आयोजनों की व्यवस्थाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

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    ऑपरेशन सिन्दूर देश की बहनों के रक्षा सूत्र की ताकत का परिचय

    एन.एस.बाछल, 31 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार को अजमेर जिले में सावन मास में मातृशक्ति द्वारा आयोजित सतरंगी लहरिया महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने मातृशक्ति का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा उनके द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। सतरंगी लहरिया महोत्सव ने परम्परागत पहनावे के साथ उत्सव मनाने का एक अवसर प्रदान किया। वासुदेव देवनानी ने कहा कि देश की महिलाएं आज पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रही है। केन्द्र और राज्य सरकार हर कदम पर मातृशक्ति के साथ है।

    इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय नारी संयम, शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक है। ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता देश की बहनों की ओर से अपने जांबाज सैनिकों की कलाई पर बांधे गए रक्षा सूत्र की परिणीति है। भारतीय संस्कृति में सावन को त्यौहारों का मास कहा जाता है। इसमें सतरंगी लहरिया महोत्सव का आयोजन त्यौहरों की खुशी को और बढ़ाएगा। सावन मास में राखी भी आती है। रक्षा बन्धन बहनों का ही त्यौहार है। आगामी रक्षा बन्धन में भी बहनें अपने भाईयों के हाथों में रक्षा सूत्र बांधेगी। महोत्सव में केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के स्वावलंम्बन और स्वाभिमान से जुड़ी प्रदर्शनी भी आयोजित  की गई।

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा बन्धन के पवित्र त्यौहार को अपनत्व से जोड़ने के लिए स्वयं के हाथ से बनी रखी बांधने का आह्वान किया है। इससे रक्षा सूत्र के साथ अपनी भावनाएं भी जुड़ जाती है। इससे भाईयों को कार्य करने की शक्ति मिली है। इस प्रकार भाई और बहन साथ मिलकर भारत को गौरवान्वित करने की दिशा में कार्य करेंगे। साथ ही इस अभियान में अजमेर भी पीछे नहीं है। सैनिकों के साहस को सलाम करते हुए यहां की बहने भी निरंतर सैनिक भाईयों की कलाई पर सलामती की प्रार्थना और शौर्य की प्रेरणा के रूप में रक्षा सूत्र बांधती आई है और बाधंती रहेगी।

    उन्होंने कहा कि देश मौजूदा वक्त में आत्मनिर्भर बनने के साथ ही आत्मरक्षक भी बन रहा है। इसमें सबसे महती भूमिका हमारी बहनें निभा रही है। उन्होंने कहा कि संसार नारी शक्ति के बिना शून्य है। इसमें बहनों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान किया। सतरंगी लहरिया महोत्सव में सावन बाजार का भी आयोजन किया गया।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि सतरंगी महोत्सव के माध्यम से नारी शक्ति को नई ऊर्जा मिल रही है। इससे महिलाएं परिवार को सकरात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण करेगी। इनके जीवन में नवीन उत्साह का संचार होगा। महिला शक्ति सम्पूर्ण समाज को आगे ले जाने वाली शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति को सम्मान देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई है।

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    राजीविका द्वारा "सीआरपी प्लस" नीति को दी गई आधिकारिक स्वीकृति

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् ( राजीविका) द्वारा "CRP Plus नीति" को आधिकारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह नई नीति राजस्थान के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) एवं समुदाय आधारित संगठनों (CBOs) के सशक्तिकरण तथा विस्तार के कार्य में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    राज्य मिशन निदेशक नेहा गिरी ने बताया कि "सीआरपी प्लस नीति" का उद्देश्य  ग्रामीण इलाकों में सबल और प्रभावी सामाजिक पुनर्निर्माण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना है। सीआरपी प्लस नीति के तहत ‘विलेज सपोर्ट टीम’ को प्रतिस्थापित कर सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRP Plus) की नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे स्वयं सहायता समूह, ग्राम संघटन एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) आदि सामुदायिक संगठनों का सशक्तिकरण सुचारू रूप से किया जा सकेगा।

    राज्य मिशन निदेशक के निर्देशानुसार इस नीति के अन्तर्गत चयनित सामुदायिक संसाधन दल (CRPs) को बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे स्थानीय स्तर पर सामाजिक विकास की गतिविधियों का समुचित नेतृत्व कर सकें । इसके परिणामस्वरूप स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन जैसे समुदाय आधारित संगठनों की सशक्तीकरण की गुणवत्ता तथा पहुँच में उल्लेखनीय सुधार होगा।

     "CRP Plus नीति" से ग्रामीण व्यापक स्तर पर आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा समुदाय आधारित विकास कार्यक्रमों की सफलता में नयी ऊँचाइयाँ प्राप्त होंगी।

    इस महत्वपूर्ण सफलता पर राज्य सरकार एवं राजीविका अपनी प्रतिबद्धता पुनः मजबूत करते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। राजीविका का यह नवाचारी प्रयास राज्य सरकार के “सशक्त महिला – समृद्ध राजस्थान” के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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    ‘हरयाळो राजस्थान’ —प्रदेशभर में 6 करोड़ 81 लाख से अधिक का पौधारोपण

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में एक नई हरित क्रांति का सूत्रपात हुआ है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान हरयाळो राजस्थान (एक पेड़ मां के नाम) पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है जिसमें आमजन सहित राजकीय, गैर-राजकीय संस्थान प्रदेश के सभी अंचलों में वृक्षारोपण कर रहे हैं। केवल चार महीनों के समय में ही 6 करोड़ 81 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं जोकि प्रदेश का ग्रीन कवर बढ़ाने में दूरगामी कदम है। 

    पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन भारतीय संस्कृति में अभिन्न अंग है। आमजन वृक्षों के संरक्षण को प्रकृति के प्रति अपना प्रमुख नैतिक कर्तव्य मानते हैं और इसकी निष्ठा से पालना भी करते हैं। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन्हीं मूल्यों को प्रोत्साहित करने के लिए हरयाळो राजस्थान महाभियान का नवाचार किया है। इस महाभियान का लक्ष्य न केवल पौधे लगाना है बल्कि उसका वृक्ष के रूप में आकार लेने तक संरक्षण करना भी है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ की भावना को इसमें प्रमुखता से समाहित किया गया है ताकि प्रदेशवासी जब मां के नाम पौधा लगाएं तो उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल भी करें।

    मुख्यमंत्री कर रहे नियमित मॉनिटरिंग-

    मुख्यमंत्री शर्मा इस अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं जिसके फलस्वरूप यह अभियान सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाएं और उसकी समुचित देखभाल भी करें। हर पौधे का संरक्षण और संवर्धन करना हमारा प्रमुख ध्येय होना चाहिए। गौरतलब है कि अभियान के अंतर्गत लगाए जा रहे पौधों की सतत मॉनिटरिंग करने के क्रम में हरयाळो राजस्थान ऐप की भी लॉन्चिंग की गई है, जिसके माध्यम से अब तक लाखों वृक्ष प्रेमियों को डिजिटल प्रमाणपत्र भी दिए जा चुके हैं।

    1 लाख 80 हजार से अधिक स्थानों पर हुआ वृक्षारोपण—

    इस अभियान के परिणामस्वरूप राजस्थान के कोने-कोने में वृक्षारोपण की भावना का तेजी से प्रसार हुआ है और ऐतिहासिक जनभागीदारी भी सुनिश्चित हुई है। प्रदेश की 8 करोड़ जनता ने अपनी सहभागिता से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सम्पूर्ण प्रदेश में 1 अप्रैल 2025 से 29 जुलाई 2025 (लगभग 4 माह) के दौरान 6 करोड़ 81 लाख 60 हजार 999 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यह वृक्षारोपण 1 लाख 80 हजार 456 स्थानों पर किया गया, जिसमें 53 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाये गए।

    गांव-ढाणी तक हुआ सघन पौधारोपण—

    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने पौधारोपण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए 2 करोड़ 33 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया। यह मुहिम गांव-ढाणी तक पहुंची और आमजन ने पूरी सक्रियता से पौधारोपण किया। वहीं, वन विभाग ने 1 करोड़ 76 लाख से अधिक पौधे लगाकर जैव विविधता को सहेजने में उल्लेखनीय कार्य किया। शिक्षा विभाग ने भी इस अभियान को शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचाते हुए 1 करोड़ 14 लाख से अधिक पौधारोपण कर बच्चों में प्रकृति प्रेम और संरक्षण की भावना को जागृत किया।

    जयपुर में लगे 66 लाख से अधिक पौधे—

    जिलेवार पौधारोपण में जयपुर जिले ने 66 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उदयपुर जिले ने 33 लाख, जबकि जैसलमेर ने 32 लाख से अधिक पौधे लगाकर अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। आमजन, स्वयंसेवी संगठन और प्रदेश सरकार ने मिलकर पर्यावरणीय चेतना को जनक्रांति में बदला है।

    एक दिन में 2 करोड़ 54 लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड

    मुख्यमंत्री शर्मा ने हरियाली तीज के पावन पर्व पर जयपुर के मदाऊ में 27 जुलाई को राज्य स्तरीय वन महोत्सव में शिरकत की और आमजन से सघन वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। इसके फलस्वरूप प्रदेशभर में एक दिन में 2 करोड़ 54 लाख पौधे लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया। हरयाळो मिशन के तहत 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है जिसमें से इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने पिछले साल हरियाली तीज के पर्व पर मिशन हरयाळो राजस्थान का शुभारंभ किया था। गत वर्ष 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए थे। 

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    डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी का औचक निरीक्षण किया

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार प्रातः  चित्तोडगढ़ में गंगरार स्थित मेवाड यूनिवर्सिटी का औचक निरीक्षण कर विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं विद्यार्थी कल्याण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली।

    डॉ. मीणा ने  विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों की कक्षाओं का निरीक्षण  कर विद्यार्थियों से शिक्षण व्यवस्था, उपस्थिति, संसाधनों व शिक्षण गुणवत्ता के सम्बंध में संवाद किया।

    शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान—

    निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने  कक्षाओं में जाकर पढ़ाए जा रहे विषय, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की संलग्नता आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

    प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अवलोकन—

    डॉ. मीणा ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर, स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर, अनुशासन व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने परिसर में स्वच्छता, लाइब्रेरी, इंटरनेट सुविधाओं सहित विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर हुए प्रबंधन को सुधार हेतु आवश्यक निर्देश भी दिए।

    निरीक्षण के बाद  कृषि मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि  राज्य सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर है और युवाओं को तकनीकी, नवाचार आधारित व रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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    नाकारा एवं सूखे बोरवेल का रिचार्ज शाफ्ट से जल पुनर्भरण

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    इस बार मानसून राज्य पर कृपा और समृद्धि बरसा रहा है लेकिन अच्छा समय खुशियां मनाने के साथ ही भविष्य के लिए अधिक चौकस और तैयार रहने की भी सीख देता है ताकि कभी मानसून हमारी जीवटता की परीक्षा ले तो हम सफलता प्राप्त करें। इसी भावना से दौसा जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार जिले में भू—जल पुनर्भरण के लिए लगातार प्रयासरत हैं क्योंकि बीसलपुर का पानी आने के बावजूद जिले में सिंचाई का प्राथमिक साधन भूजल ही है। कलेक्टर  की पहल पर पंचायती राज विभाग 11 नाकारा एवं सूख चुके बोरवेल का रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से जल पुनर्भरण कार्य करवा रहा है। जिला कलक्टर ने मंगलवार को सिकंदरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गंडरावा में चल रहे इस कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्य के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

    जिला कलक्टर  ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘वन्दे गंगा-जल संरक्षण, जन अभियान’ के माध्यम से पानी के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने क्षेत्र को जल आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया है। उसी क्रम में पंचायती राज विभाग के माध्यम से जिले में पानी की समस्या को देखते हुए एक नई पहल की है। इसके तहत पीएचईडी के 11 नाकारा बोरवेल का चिह्नीकरण कर रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से पुनर्भरण कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिकंदरा ब्लॉक में 4, बसवा में 3, बांदीकुई में 2 तथा दौसा एवं महवा में एक-एक नाकारा और सूखे बोरवेल को चिह्नित कर पुनर्भरण कार्य करवाया जा रहा है।

    पर्याप्त जलग्रहण क्षेत्र में बनाए जाते हैं पुनर्भरण गड्डे—

    पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता श्री सीताराम मीना ने जल पुनर्भरण की इस तकनीक की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले पुनर्भरण गड्डे बनाए जाते हैं, जो ऐसी कृत्रिम संरचना होती है जिससे पानी का जमीनी स्तर ऊंचा किया जा सकता है। पुनर्भरण गड्डों में संरचना पूर्ण होने के बाद कुओं की तरह खुली जगह नहीं होती है जिससे दुर्घटना होने का खतरा नहीं रहता है। यह गड्डे ऐसे स्थानों पर बनाये जाते हैं जहां पर्याप्त जलग्रहण क्षेत्र उपलब्ध हो, जमीन में पानी का रिसाव तेजी से हो, ट्यूबवैल, कुएं अथवा जमीन के नीचे बने स्टोरेज टैंक के पास हो तथा घाटीनुमा स्थान हो। पुनर्भरण के लिए जमीन के अन्दर पानी का तल, जमीन की सतह व इसके नीचे मिट्टी का प्रकार अति महत्वपूर्ण है। यदि सतही मिट्टी काली हो व इसके नीचे बालू मिट्टी हो तो यह पुनर्भरण के लिए उपयुक्त होती है।

    आधे से तीन मीटर व्यास के होते हैं गड्डे—

    अधिशाषी अभियंता श्री सीताराम मीना के मुताबिक पुनर्भरण गड्डे आधे से तीन मीटर व्यास के हो सकते हैं। यदि जलग्रहण क्षेत्र पर्याप्त है व जल रिसाव की दर अधिक हो तो गड्डे बड़े आकार के बनाए जाते हैं। इन गड्डों की गहराई 2 से 3 मीटर रखी जाती है। जहां तक संभव हो, गड्डों की गहराई बिखरी हुई चट्टानों तक या पोरस मिट्टी तक होनी चाहिए। गड्डों के अन्दर उल्टी फिल्टर सामग्री की तीन परत बिछायी जाती है। सबसे नीचे मोटी गिट्टी अथवा बोल्डर को एक तिहाई हिस्से में भरा जाता है, उसके बाद बारीक गिट्टी इसके दूसरे एक तिहाई हिस्से में भरी जाती है तथा इसके ऊपर तारों की बारीक जाली लगाकर शेष एक तिहाई हिस्से में मोटी रेत भर दी जाती है। गड्डों को बरसात का अत्यधिक जल आने वाले निचले स्थानों पर बनाया जाता है।

    भू जल ऊंचा करने की काफी सस्ती संरचना—

     पुनर्भरण गड्डे जमीनी जल ऊंचा करने की काफी सस्ती संरचना है। गांव या शहर के हैंडपम्प व नलकूपों का जल जहां सड़क से बहता हुआ बेकार चला जाता है वहां भी छोटे आकार के गड्डे निर्मित कर जल को बचाया जा सकता है व हैंडपम्प एवं नलकूपों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। पुनर्भरण गड्डों के जलग्रहण क्षेत्र में जीवाणु अथवा रासायनिक पदार्थ नहीं होने चाहिए तथा पुनर्भरण जल प्रदूषण मुक्त होना चाहिए।

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    राजस्थान पर्यटन के ताज में एक के बाद एक उपलब्धियों के रत्न बढ़ा रहें हैं शोभा

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की ओर से राजस्थान पर्यटन को देश दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए किये जा रहे प्रयास रंग ला रहें हैं। इसी का सुपरिणाम है कि राजस्थान पर्यटन के ताज में एक के बाद एक उपलब्धियों के रत्न जड़ित होकर शोभा बढ़ा रहें हैं।  

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति राजेश यादव ने बताया कि राजस्थान के सांस्कृतिक, ग्रामीण, वन्य, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए किए जा रहें बेहतरीन कार्यों, बजट के द्वारा आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास सहित जयपुर में आईफा का शानदार आयोजन, भव्य तीज महोत्सव के आयोजनों से राजस्थान पर्यटन को शिखर की ओर अग्रसर करने के प्रयास निरंतर किये जा रहें हैं। पावणों की आवभगत और अपनी शाही पहचान के लिए विख्यात जयपुर को प्रतिष्ठित ट्रेवल एंड लेजर पत्रिका के रीडर्स सर्वे और वोटिंग में दुनिया के घूमने-देखने लायक टॉप-5 शहरों में शामिल कर, पांचवां स्थान मिलने के बाद अब राजस्थान पर्यटन को "सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक गंतव्य" का पुरस्कार मिला है। 

    उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आई क्रिएटिव माइंड्स की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने पर राजस्थान पर्यटन विभाग को बधाई दी है।

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति राजेश यादव ने बताया कि सोशल मीडिया प्रचार प्रसार, पर्यटकों तथा पर्यटन विशेषज्ञों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर राजस्थान पर्यटन को "सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक गंतव्य" का पुरस्कार 26 जुलाई (शनिवार) को नई दिल्ली में आई क्रिएटिव माइंड्स द्वारा आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन एवं ट्रैवल पुरस्कार समारोह के दौरान दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक पर्यटन, अजय कुमार शर्मा द्वारा यह पुरस्कार ग्रहण किया गया। 

    उल्लेखनीय है कि आई क्रिएटिव माइंड्स समूह पर्यटन उद्योग के क्षेत्र में गत 25 वर्षों से कार्य कर रहा है। समूह द्वारा पर्यटन सम्मेलनों, उद्योग बैठकों, प्रदर्शनियों, देश के राज्यों, एयरलाइनों, पर्यटन विशेषज्ञों के मध्य समन्वय एवं पर्यटन पत्रिका ट्रैवल मेल के माध्यम से पर्यटन का प्रचार प्रसार किया जाता है।

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    काम के प्रति उदासीन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करे

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य डॉ समित शर्मा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट घोषणा की क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय होकर काम करना होगा। डॉ शर्मा ने मंगलवार को पशुधन भवन के सभागार में आयोजित एक बैठक में काम के प्रति उदासीन अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के निदेशक डॉ आनंद सेजरा, अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेश मीना, डॉ प्रवीण सेन, डॉ विकास शर्मा, डॉ ओमप्रकाश बुनकर, वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य तथा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिलों के लिए मनोनीत नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।

    बैठक में डॉ शर्मा ने कहा कि काम में आने वाली समस्याओं को दूर करते हुए ही काम में तेजी लानी होगी और इसके लिए शासन के स्तर पर पूरा सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लक्ष्य को अगस्त तक पूरा कर एक सितंबर से वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुरूप नवीन पंजीकरण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों के प्रभारियों कोे इस दिशा में अधिक प्रयास करते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए।

    बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, सेक्स सॉर्टेड सीमन, एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट, उष्ट्र संरक्षण योजना, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, निःशुल्क आरोग्य योजना, नवीन पशु चिकित्सा केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता, केपीआई आधारित प्रगति आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट पर चर्चा करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एमवीयू की सेवाएं गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रत्येक एमवीयू की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेवा प्रदाता फर्म के एमओयू की शर्तो का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना प्रभारी और जिला प्रभारी को काम के प्रति गंभीर होना पड़ेगा। अगर कहने से सुधार नहीं हो रहा है तो कार्यवाही करें। डॉ शर्मा ने चैटबॉट के सार्थक और प्रभावी संदेश बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से इसके प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।

    फील्ड में दवाइयों की आपूर्ति के संबंध में अधिकारियों को निर्देश देते हुए शासन सचिव ने कहा कि जिन दवाइयों की जरूरत फील्ड में है उन्हीं दवाइयों की खरीद होनी चाहिए। किसी कंपनी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए दवाइयों की खरीद नहीं होनी चाहिए। दवाइयों से लाभ पशुओं को मिलना चाहिए दवा कंपनी को नहीं। डॉ शर्मा ने कहा कि कई जिलों में उपकरणों का उचित रखरखाव और उपयोग तथा दवाइयों के संधारण की व्यवस्था सही नहीं है, इसके लिए निदेशालय स्तर से निगरानी और प्रबोधन बहुत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रभारियों को महीने में एक बार अपने जिले में दौरा कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

    उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि फील्ड में कार्मिकों की उपस्थिति के लिए संबंधित अतिरिक्त निदेशक क्षेत्र जिला स्तरीय अधिकारी सहित जिले के नोडल अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने विभागीय संस्थाओं में कार्मिकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम करने की इच्छा शक्ति में कमी नहीं आनी चाहिए। विभाग की अच्छी और सकारात्मक छवि बनाने के लिए समन्वित और ईमानदार प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने के लिए सभी अपना अपना योगदान दें।  

    शासन सचिव ने अधिकारियों से अनुशासन एवं समयबद्धता की पालना करते हुए निष्ठापूर्वक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहते हुए कार्य करने को कहा जिससे विभाग एक नई ऊंचाई प्राप्त कर सके।     

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    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की मुलाकात

    एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भजनलाल शर्मा ने राज्य के समग्र विकास तथा विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं के बारे में सार्थक चर्चा की।  उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति के बारे में अवगत कराया। वहीं, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राजस्थान के विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा निरंतर सहयोग के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रभु श्री राम की प्रतिमा भी भेंट की। ये उनकी प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट थी।

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    राजस्थान आवासन मंडल की 251वीं बोर्ड बैठक आयोजित

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं मंडल अध्यक्ष देबाशीष पृष्टी की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्थान आवासन मंडल की 251वीं बोर्ड बैठक मंडल मुख्यालय में आयोजित हुई।

    बैठक में मंडल अध्यक्ष द्वारा बुधवार नीलामी व प्रीमियम संपत्तियों की नीलामी को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को आमजन का भरोसा बताया गया। अध्यक्ष ने मिशन मोड में भूमि चिन्हांकन कर नई आवासीय योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए।

    बैठक में नवीन मॉडल भवन विनियम-2025 को मंजूरी दी गई तथा सिटी पार्क जयपुर के विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

    आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने निर्णयों की त्वरित क्रियान्विति व लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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    क्षेत्रीय विषमता दूर करने के लिए प्रधानमंत्री ने पिछड़े जिलों को जोड़ा विकास की मुख्यधारा से

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अंत्योदय के विचारों को समाहित करते हुए आशान्वित जिला और आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम की शुरूआत की। इससे अंतिम पायदान के व्यक्ति को राहत प्रदान की जा रही है और विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समावेशन को संस्थागत रूप देने और सुशासन को कार्यसंस्कृति का सबसे प्रमुख हिस्सा बनाने पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

    भजनलाल शर्मा सोमवार को एचसीएम रीपा में राज्य स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में क्षेत्रीय विषमताएं दूर कर पिछड़े जिलों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए जनवरी 2018 में आशान्वित जिला कार्यक्रम प्रारंभ किया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन व कौशल विकास तथा बुनियादी ढांचे जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बारां, जैसलमेर, धौलपुर, करौली और सिरोही जिलों को इसमें सम्मिलित किया गया। वहीं वर्ष 2023 में प्रारम्भ हुए आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम में राजस्थान के 27 ब्लॉकों को भी शामिल किया गया।

    नागरिकों का सामाजिक समावेशन हो रहा सुनिश्चित-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों और ब्लॉक्स ने नीति आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों पर अच्छी प्रगति की है। ये कार्यक्रम जिला और ब्लॉक्स को समग्र विकास की प्रक्रिया में ला रहे हैं। इससे नागरिकों की आर्थिक समृद्धि और उनका सामाजिक समावेशन सुनिश्चित हो रहा है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन कार्यक्रमों के तहत देशभर में सुशासन, समावेशी विकास और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जुलाई से सितंबर 2024 तक संपूर्णता अभियान चलाया गया, जिसे अभूतपूर्व सफलता मिली है। 

    गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना से विकास को मिल रही गति-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछड़े जिलों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक का चयन किया गया है। प्रदेशभर में कुल 41 आकांक्षी ब्लॉकों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना, कौशल विकास एवं सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देकर उन्हें विकसित ब्लॉकों की श्रेणी में लाने का संकल्प लिया गया है।

    राज्य सरकार की योजनाओं के केन्द्र में अंत्योदय-

    मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना, बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना, गोविंद गुरु जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं और कार्यक्रम समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनका सामाजिक और आर्थिक उत्थान करते हुए अंत्योदय के संकल्प को साकार कर रहे हैं। 

    विकास का प्रमुख आधार बनेगा विजन डॉक्यूमेंट- 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास तथा समावेशी प्रगति को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान/2047’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस डॉक्यूमेंट में भविष्य की जनसंख्या के अनुरूप दीर्घकालीन योजनाओं को समाहित किया जा रहा है। यह विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को सिद्धि तक लेकर जाएगा।

    ‘हरियालो राजस्थान’ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने हरियालो राजस्थान महाअभियान की पहल की है। यह पहल जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज के पावन पर्व पर प्रदेशभर में ढ़ाई करोड़ पौधारोपण कर रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सम्पूर्णता अभियान के अन्तर्गत नीति आयोग द्वारा स्थापित 6 प्रमुख संकेतकों की संतृप्ति में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 5 जिलों एवं 23 ब्लॉकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया। उन्होंने 6 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले जिले करौली को स्वर्ण पदक तथा 4 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले 4 जिलों बारां, धौलपुर, जैसलमेर एवं सिरोही को कांस्य पदक से सम्मानित किया। साथ ही आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम के अन्तर्गत 6 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले 3 ब्लॉकों जायल (नागौर), रानी (पाली) और खैरवाड़ा (उदयपुर) को स्वर्ण पदक के साथ ही शेष ब्लॉकों को रजत, कांस्य एवं ताम्रपत्र श्रेणी में पुरस्कार वितरित किए गए। इस दौरान सात तत्कालीन जिला कलेक्टर्स को भी सम्मानित किया। 

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    वन राज्यमंत्री ने महादेव मंदिर में प्रदेश की सुख-समृद्धि की कि कामना

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने श्रावण मास के पवित्र सोमवार के अवसर पर देव स्थान विभाग की ओर से प्रदेश भर में आयोजित रूद्धाभिषेक कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को अलवर शहर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर में रूद्राभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं अच्छी वर्षा की कामना की। 

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पवित्र श्रावण मास का विशेष स्थान है। इस माह में भक्ति और बारिश का सुन्दर संयोग रहता है। भक्ति से आध्यात्मिक व बारिश से भौतिक खुशहाली आती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश का न केवल चहुंमुखी विकास हो रहा है, बल्कि हर वर्ग का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की परम्परा के तहत देव स्थान विभाग द्वारा प्रदेश भर में प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं अच्छी वर्षा के लिए रूद्धाभिषेक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज व रेलगाडी के माध्यम से देश-विदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा कराई जा रही है। साथ ही मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारियों की भोग व सेवा राशि में वृद्धि की है। 

    श्रृद्धालुओं के साथ लाइन में लगकर किए दर्शन-

    मंत्री संजय शर्मा ने सादगी का परिचय देते हुए मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना के लिए आए हुए श्रृद्धालुओं के साथ लाइन में लगकर मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना व दर्शन किए। मंत्री के सादगी भरे व्यवहार से वहां मौजूद श्रृद्धालुओं ने कहा कि मंत्री संजय शर्मा का व्यवहार वीआईपी कल्चर से दूर सादगी भरा है और यह राजनीति में सुचिता का संदेश देता है। महंत पं. जितेंद्र खेड़ापति ने विधि विधान से मंत्री शर्मा को पूजा-अर्चना कराई। 

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    गोसेवा एम्बुलेंस का विधि विधान से पूजन कर किया शुभारम्भ

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से प्रेरित हरियालो राजस्थान अभियान के तहत मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत सोमवार को अलवर में सनातन गोसेवा धाम एवं कृषि उपज मंडी परिसर में सामाजिक संगठन व व्यापारिक संगठन एवं आम नागरिकों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया। 

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड मां के नाम अभियान’ अब जन-जन का आन्दोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले वन विभाग पेड़ लगाने के लिए आमजन को पौधे वितरित करता था, किन्तु प्रधानमंत्री जी के इस अभियान से आमजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आई है और अब आमजन खुद पेड़ खरीदकर अपने पूवर्जों के नाम से न केवल पेड़ लगा रहे हैं, बल्कि इसको भारत सरकार के माई भारत पोर्टल पर अपलोड भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष राजस्थान से 6 करोड़ आम लोगों ने इस पोर्टल पर अपने फोटो अपलोड किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के अभियान से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विगत वर्ष मिले सवा तीन करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य से आगे बढ़कर प्रदेश में 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाए गए। इस वर्ष हरियाली तीज से शुरू किए गए अभियान में प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और हरियाली तीज के अवसर पर एक ही दिन में ढाई करोड से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे आमजन के सहयोग से लगाए जाएंगे। 

    उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासी एक पेड़ अपनी मां के नाम के साथ-साथ अपने पूवर्जों के नाम भी लगाए तथा अपने जन्मदिन पर एक पेड़ लगाकर आने वाली पीढ़ियों व प्रकृति को पर्यावरण संरक्षण का उपहार देवे। उन्होंने कहा कि आज जो पौधे लगाए जा रहे हैं सही एक वर्ष उपरान्त इनका जन्मदिन भी मनाए ताकि इनका संरक्षण हो सके। 

    गोसेवा एम्बुलेंस का विधि विधान से पूजन कर सेवा के लिए किया रवाना-

    मंत्री संजय शर्मा ने भवानी तोप स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में सनातन गोसेवा धाम गोशाला में गोसेवकों की स्मृति में भामाशाह रामचंद्र नितिन अग्रवाल द्वारा प्रदान की गई गोसेवा एम्बुलेंस का विधि विधान से पूजन कर उसे खुद चलाकर गोसेवा के लिए समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने एम्बुलेंस के साथ सगुन के तौर पर बछड़े का भी पूजन किया। उन्होंने गोसेवा धाम में गोमाता को गुड़ खिलाया। उन्होंने इस दौरान गोशाला परिसर में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत लगाए जा रहे पौधारोपण अभियान का शुभारम्भ किया।

    कृषि उपज मंडी परिसर में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत लगाए 251 पौधे- 

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में अलवर कृषि उपज मंडी परिसर में ‘एक पेड मां के नाम अभियान’ के तहत व्यापारी व पल्लेदारों के साथ 251 पौधे लगाए गए। कृषि उपजन मंडी समिति के पदाधिकारियों ने मंत्री श्री शर्मा का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भेंट कराकर कृषक कल्याण फीस को कम कराने में सहयोग करने पर आभार जताया।

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    तीजोत्सव में राजस्थानी व्यंजन, हस्तशिल्प वस्तुएं और परिधान बने आकर्षण का केन्द्र

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान के प्रसिद्ध हरियाली तीज त्यौहार के अवसर पर नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रहे साप्ताहिक तीजोत्सव में राजस्थानी व्यंजनों, हस्तशिल्प वस्तुओं और परिधानों के स्टाॅल्स ने सभी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया।

    तीजोत्सव में रूडा के ओमप्रकाश ने बताया कि रूडा और राजीविका के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न अचंलों से आए हस्तकलाकारों ने अपनी हस्तकला से निर्मित उत्पादों यथा हेडब्लाॅक बेडशीट, सूट, साड़ियों, कंगन और ज्वैलरी, मोजड़ियां, इत्यादि उत्पादों का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त फूड स्टाॅल्स पर भी दर्षकों ने राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा, मूंग की दाल, प्याज और दाल की कचैड़ी, घेवर, कैर-सांगरी की सब्जी आदि व्यंजनों का स्वाद लिया।

    पांरपरिक खेल प्रतियोगिताएं—

    दर्शकों के मनोरंजन के लिए 30 जुलाई तक चलने वाले इस तीजोत्सव में सोमवार को पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आगंतुकों ने भी हिस्सा लिया। रस्साकशी प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्ग की दो टीमें तैयार की गई जिसमें दोनों ओर से प्रत्येक वर्ग के 14 प्रतिभागियों ने भाग लिया।  

    महिला वर्ग की टीमों का प्रतिनिधित्व सुश्री मेघा और डाॅं. मंजीत कौर ने किया। इसी प्रकार पुरुष वर्ग की टीमों का प्रतिनिधित्व गगनदीप सिंह और आशीष शर्मा ने किया। इसी प्रकार एक अन्य खेल आयोजन लेमन-स्पून प्रतिस्पर्धा में विजेताओं दीपा, अग्रिमा ओर सिद्धी को पुरस्कृत किया गया।

    दोनों खेल प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को अतिरिक्त आवासीय आयुक्त अंजू ओम प्रकाश, संयुक्त आवासीय आयुक्त रिंकू मीना और अतिरिक्त निदेशक शर्मिला गुप्ता ने पुरस्कृत किया। उत्सव को और अधिक आकर्षक एवं मनोरंजक बनाने के लिए राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के विभिन्न लोक कलाकारों द्वारा राज्य के प्रसिद्ध नृत्य और गायन प्रस्तुतियों प्रस्तुत कर उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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    जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की जांच करेगी एसीबी

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    जिला स्तरीय एवं गोपालन विभाग की जांच में अपात्र पाई गई जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा जांच की जाएगी। गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रथम चरण में 12 गौशालाओं में अनियमितता की जांच जिला स्तरीय कमेटी व गोपालन विभाग की टीम द्वारा की गई। दो अलग-अलग जांचों में इन 12 गौशालाओं में अनियमितता की पुष्टि के बाद मामला एसीबी को सौंपा गया। एसीबी की जांच में उक्त गौशालाओं में गलत तरीके से अनुदान प्राप्त करने की पुष्टि होने के बाद उनकी अनुदान राशि पर रोक लगा दी गई। 

    इसके बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की विभागीय स्तर पर जांच के बाद गड़बड़ी सामने आने पर उनकी जांच भी अब एसीबी से करवाने का गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने निर्देश दिया है। गोपालन मंत्री कुमावत ने बताया कि गौवंश की संख्या गलत दर्शाकर भुगतान उठाने के मामले सामने आने के बाद कुल 27 गौशालाओं को अनुदान के लिए अपात्र घोषित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी अन्य गौशाला में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। जैसलमेर जिले की 27 गौशालाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद गोपालन विभाग ने करीब 12 करोड़ रुपए की बचत की है।

    पशुपालन विभाग की ली समीक्षा बैठक-

     गोपालन विभाग के बाद पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक ली।  इस दौरान उन्होंने पशु परिचर भर्ती जल्दी करवाने, वर्ष 2025-26 के लिए मंगला पशुधन बीमा योजना के तहत नए पंजीकरण कराने, मोबाइल वेटनरी यूनिट के बेहतर संचालन, नए वेटेनरी कॉलेज खोलने, पशुधन निरीक्षक के डिप्लोमा कॉलेज खोलने के लिए केबिनेट सब कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों के शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

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    मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल एवं सी.आर. पाटिल से की मुलाकात

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्रियों से भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल से मुलाकात के दौरान राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

    भजनलाल शर्मा ने कृषि भवन में शिवराज चौहान के साथ बैठक के दौरान प्रदेश में ग्रामीण विकास, कृषि क्षेत्र, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सहित विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। इस दौरान भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से राजस्थान को इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा योजना के तहत 4384 करोड़ रुपये जारी करने पर केन्द्रीय मंत्री का आभार जताया। 

    कृषि भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान से राजस्थान में केन्द्रीय सहयोग से ग्राम पंचायत स्तर पर ‘कृषि पर्यवेक्षकों’ की व्यवस्था करने, राज्य की बेहतर मूंगफली किस्मों के प्रोत्साहन हेतु अधिसूचित करने एवं राज्य में उत्पादित होने वाले अरंडी के तेल के संवर्धन के लिए आग्रह किया। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’, डिग्गी निर्माण और खेतों में तारबंदी से संबंधित योजनाओं के साथ ही जयपुर के बस्सी में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी।  

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण योजना के तहत राजस्थान में बहुत शानदार कार्य हुआ है। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि प्रस्तावित आवासों के सर्वे के सत्यापन का कार्य पूरा होते ही अतिरिक्त मकानों के निर्माण की स्वीकृति दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के साथ ही राजस्थान में पीएम-जनमन योजना के तहत भी आवासों का निर्माण करवाया जाएगा और कुल 7.46 लाख मकान बनाए जाएंगे।

    केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात

    इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संसद भवन में केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र में नवीन संभावनाओं, आवासीय परियोजनाओं एवं शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से अंतरराज्यीय प्रसारण तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा की अतिरिक्त प्रसारण क्षमता के उपयोग हेतु आवश्यक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए केन्द्रीय सहयोग का आग्रह किया। भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री से जयपुर के मेट्रो फेज-2 एवं ई-बस सेवा के त्वरित क्रियान्वयन के लिए भी केन्द्रीय सहायता के लिए अनुरोध किया।

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से भेंट

    मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से उनके राजकीय आवास पर भेंट की। भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री को राजस्थान में जल जीवन मिशन तथा राम जल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि इनसे राज्य में सिंचाई और पीने के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने श्री पाटिल को बताया कि इस मानसून में राजस्थान में अच्छी बारिश होने से प्रदेश के जलाशय समय पूर्व भर चुके हैं तथा कर्मभूमि से मातृभूमि एवं वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से राज्य के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। 

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    कर्मभूमि से मातृभूमि और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के नजर आने लगे सार्थक परिणाम

    एन.एस.बाछल, 29 जुलाई, जयपुर।

    इस मानसून में प्रदेशभर में हो रही अच्छी वर्षा से बांध और जलाशय लबालब होकर छलकने लगे हैं। अब तक राज्य के कुल 226 बांध पूरी तरह भर गए हैं या ओवरफ्लो हो गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अच्छी बारिश पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदेश की समृद्धि एवं खुशहाली का शुभ संकेत है। इस बारिश से प्रदेश में चारों तरफ हरियाली छा गई है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। जल स्त्रोतों की भराव स्थिति से किसानों सहित सभी वर्गों में उत्साह है। 

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान तथा वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के सार्थक परिणाम अब नजर आने लगे हैं। बारिश का अतिरिक्त पानी कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के अंतर्गत बने रिचार्ज शाफ्ट और जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से जमीन में जा रहा है और भूजल का पुनर्भरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से अगले चार वर्षों में 45 हजार जल संरचनाएं बनाई जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार प्रदेशभर में चलाए गए वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और संचयन के कार्यों से भी वर्षा जल संग्रहण में मदद मिल रही है। इसके तहत जलाशयों की मरम्मत, सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, अतिक्रमण हटाना, बांध क्षेत्रों में श्रमदान, पौधारोपण, जल संग्रहण और जल संरक्षण संरचनाओं सम्बंधित कार्य किए गए। इन प्रयासों से वर्षा जल सीधे जलाशयों में पहुंच रहा है।

    भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वर्षाकाल में विशेष सावधानी बरतें। भारी बारिश, आकाशीय बिजली एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए पूरी तरह सतर्क रहें। साथ ही, नदी-नालों के बहाव क्षेत्रों एवं जर्जर भवनों से दूर रहें तथा जल भराव वाले मार्गों व पुलों को पार करने से बचें।

    मानसून के अभी 2 माह शेष, अब तक 87.07 प्रतिशत वर्षा दर्ज —

    उल्लेखनीय है कि राज्य में 1 जून से 28 जुलाई, 2025 तक 369.79 एमएम वर्षा दर्ज हुई है। यह इस समय अवधि में होने वाली सामान्य वर्षा 196.79 एमएम से 87.91 प्रतिशत अधिक है। राज्य में मानसून काल में सामान्य वर्षा औसतन 424.71 एमएम मानी जाती है। इस प्रकार, अब तक 87.07 प्रतिशत वर्षा दर्ज हो चुकी है जबकि मानसून काल 30 सितम्बर तक माना जाता है। यह इस वर्ष बेहतर जल संग्रहण की स्थिति को भी दर्शाता है। प्रदेश में इस मानसून में सबसे अधिक वर्षा 1261 मिमी कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में दर्ज हुई। 

    बांधों में 75.33 प्रतिशत जल संग्रहित —

    राज्य के जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कुल 693 बांधों की पूर्ण भराव क्षमता 13026.511 एमक्यूएम है। इसमें से वर्तमान में 9813.162 एमक्यूएम जल संग्रहित है। यह कुल पूर्ण भराव क्षमता का 75.33 प्रतिशत है। बांधों में 15 जून से 28 जुलाई, 2025 तक 4167.89 एमक्यूएम (32 प्रतिशत) जल की आवक हुई है। राज्य के 23 वृहद बांधों में कुल पूर्ण भराव क्षमता 8196.754 एमक्यूएम है, जिनमें अभी 6896.52 एमक्यूएम (84.14 प्रतिशत) जल संग्रहित है। वहीं 670 मध्यम व लघु बांधों में 4829.756 एमक्यूएम पूर्ण भराव क्षमता के मुकाबले 2916.64 एमक्यूएम (60.39 प्रतिशत) जल भरा हुआ है। 

    टोंक स्थित बीसलपुर बांध के सोमवार को 6 गेट खोले गए।  पहली बार यह  बांध जुलाई माह में ही ओवरफ्लो हुआ है। वहीं, कोटा स्थित नवनेरा बांध के 13 गेट खोले गए हैं। ईसरदा बांध के कैचमेंट एरिया में अच्छी वर्षा होने से जल प्रवाह शुरू हो गया है। आगामी समय में बीसलपुर से ईसरदा में जल संग्रहित किया जाएगा। साथ ही, कई बांध भी पूर्ण भराव क्षमता पर आ गए हैं।

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    'खेलो इण्डिया- बढ़ाओ इण्डिया' की दिशा में अभिनव कदम

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि शारीरिक और मानसिक विकास के लिए युवाओं का खेलों से जुड़ना जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि खेलों से समाज में सामाजिक समरसता और राष्‍ट्रीय एकता का विकास होता है। खेलों से जुड़ने पर युवा के सपनों को नई उड़ान मिलती है और युवाओं में हार - जीत के साथ उनके हौसलों को नया सम्‍बल मिलता है।

    विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को रेनवाल मांझी रोड पर नवनिर्मित राजस्‍थान यूनाईटेड फुटबॉल क्‍लब में आवासीय फुटबॉल अकादमी का फीता काटकर उद्घाटन किया। वासुदेव देवनानी ने अकादमी भवन का अवलोकन किया। दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर समारोह का शुभारम्‍भ किया और फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान में फुटबॉल खेल के क्षेत्र में यह अकादमी मील का पत्‍थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए दिए नारे 'खेलो इंडिया - बढाओ इंडिया' को साकार करने के लिए अकादमी का निर्माण सराहनीय कदम है। देवनानी ने खेलों के विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्‍होंने कहा कि खेल के मैदान में युवा नहीं बल्कि नये भारत का सुनहरा भविष्‍य दौडता है।

    वासुदेव देवनानी ने कहा कि फुटबॉल पुराना खेल है। प्रदेश के खिलाडी ऊर्जावान है। वासुदेव देवनानी ने  खिलाडियों का आव्‍हान किया कि वे भारत और राजस्‍थान को खेल के क्षेत्र में अग्रहणी बनाये। श्री देवनानी ने कहा कि खेलों को बढावा देने के लिए राजस्‍थान सरकार हर स्‍तर पर सहयोग के लिए तैयार है। उन्‍होंने कहा कि फुटबॉल में भी भारत ख्‍याति प्राप्‍त कर सकता है। इसके लिए हमे प्रतिभाओं को तलाशना और तरासना होगा। इस क्षेत्र में नये खिलाडी तैयार करने में अकादमी का महत्‍वपूर्ण योगदान हो सकेगा।

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    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब, महिला, युवा और किसान का हो रहा कल्याण

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब, महिला, युवा एवं किसान सहित सभी वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जनसुनवाई के माध्यम से भी इन वर्गों की प्रत्येक समस्या का समाधान किया जा रहा है। जनसुनवाई सरकार की जवाबदेही का आधार बन रही है एवं आमजन अपनी परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण से बेहद संतुष्ट हैं। 


    भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना तथा अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी अपनी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से बड़ी उम्मीद रखते हैं। ऐसे में अधिकारी उनकी समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध निस्तारण करें।  

    लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर होगी सख्त कार्यवाही

    भजनलाल शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगो की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए परिवादियों को इसके बारे में सूचित भी किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। 

    समस्याओं का अंतिम समाधान जनसुनवाई

    जनसुनवाई में बड़ी संख्या में परिवादी अपनी अनेक समस्याओं के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए। कोई परिवादी मुख्यमंत्री से इलाज हेतु सहायता मांगने आया, तो कोई परिवादी अपनी पेंशन से जुड़ा मामला लेकर उपस्थित हुआ। किसी फरियादी ने जमीन से संबंधित मामले को लेकर सहायता मांगी तो किसी ने नियमों में राहत के लिए प्रार्थना-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को व्यक्तिशः सुनकर कुछ मामलों में मुख्यमंत्री सहायता कोष से फरियादी को राहत दी तो कुछ में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पीड़ित का निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए। कुछ मामलों का निस्तारण जिला प्रशासन स्तर पर कराने के निर्देश दिए तो कुछ में अधिकारियों को मुख्यालय स्तर पर कार्यवाही के निर्देश दिए।

    मनीष का होगा कैंसर का निःशुल्क इलाज

    जनसुनवाई में आए सोहन लाल ने बताया कि कैंसर की बीमारी से पीड़ित उनके पुत्र मनीष का पिछले कई महीनों से इलाज चल रहा है। दिहाड़ी मजदूरी से जीविका का निर्वहन कर रहे सोहन लाल आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में अपने बेटे के इलाज में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनसुनवाई में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर की। इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनीष का तुरंत निःशुल्क इलाज कराने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से अब मनीष का कैंसर का निःशुल्क इलाज हो सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, कृषि, गृह, राजस्व, सिंचाई, परिवहन, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, मनरेगा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया।

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    व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारंभ

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को अधिक मजबूत एवं यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार सभी संभव प्रयास कर रही है । नवाचारों एवं तकनीक के प्रयोग से यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी दिशा में सोमवार को परिवहन भवन में प्रेमचंद बैरवा ने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश में संचालित सार्वजनिक सेवा के वाहनों की रीयल टाइम निगरानी एवं यात्री सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह परियोजना प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन यानों जैसे यात्री बस, टैक्सी कैब, मैक्सी कैब वाहन एवं केंद्र या राज्य सरकार द्वारा आदेशित वाहन श्रेणी वाहनों के अवैध सञ्चालन, ओवरलोडिंग एवं अनधिकृत रुट सञ्चालन के नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    लाइव लोकेशन ट्रैकिंग एवं पैनिक बटन से बढ़ेगी यात्री सुरक्षा 

    इस सिस्टम के तहत प्रत्येक सार्वजनिक सेवा वाहन में जीपीएस आधारित डिवाइस लगाकर कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर द्वारा वाहन की लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। प्रशासनिक निगरानी के लिए इसमें उपलब्ध डैशबोर्ड के माध्यम से वाहन की गति, रुट, स्टॉपेज एवं डिवाइस की कार्यशीलता जैसी जानकारियाँ रियल टाइम में प्राप्त होती है। इसके इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम के तहत संचालित पैनिक बटन से यात्रियों को आपात स्थिति में स्टेट ईआरएसएस (112) द्वारा त्वरित सहायता प्रदान की जा सकेगी। 

    उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा यह पहल विशेष रूप से महिलाओं एवं अन्य संवेदनशील यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। प्रदेश में लगभग 2.5 लाख सार्वजनिक सेवा वाहनों पर यह डिवाइस एवं पैनिक बटन लगाए जाएंगे। वर्तमान में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की 892 बसों में AIS -140 मानक की VLT  डिवाइस एवं पैनिक बटन लगाकर VLTS सिस्टम को एक्टिवेट किया जा चुका है। 

    तकनीक की मदद से होगा यातायात नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन 

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विभाग की ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन एवं हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल का भी उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में E-Detection System को लागू किया जा रहा है।

    ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन के माध्यम से राज्य के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की स्वचालित निगरानी की जाएगी। प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की सूचना टोल प्लाज़ा द्वारा ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन पर नियमित रूप से अपलोड की जाएगी। इसके लिए NHAI के 145 और MoRTH के 13 टोल प्लाजा को ऑनबोर्ड किया गया है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले जिन वाहनों के दस्तावेज वैध नही पाए जाएंगे, उनके विरूद्ध स्वतः चालान जारी कर दिया जाएगा। प्रथम चरण में ट्रांसपोर्ट श्रेणी के चालान जारी किये जायेंगे, जिसके बाद नॉन-ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहनों को भी इसमें शामिल किया जायेगा। शत प्रतिशत डिजिटल प्रणाली होने से यातायात नियमों में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। 

    उन्होंने कहा कि हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल के द्वारा वाहनों के फर्जी हाइपोथेकेशन रिमूवल पर रोक लगेगी एवं वाहन स्वामी को घर बैठे हाइपोथेकेशन रिमूवल की सुविधा मिल जाएगी। वाहन स्वामी द्वारा अपने वाहन का ऋण चुकाने पर बैंक से प्राप्त होने वाली एनओसी एवं हाइपोथेकेशन की प्रकिया को आसान किया जा सकेगा। 

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    राज्यपाल ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने झुंझुनूं में रविवार को बृज स्मृति प्रन्यास द्वारा आयोजित ‘माधव सेवा सम्मान-2025’ में आपातकाल के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया।

    उन्होंने इस दौरान कहा कि झुंझुनूं जिले की धरती वीरों और शहीदों की धरती है। यहां हर गांव में वीर और शहीद मिलेंगे, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में संकोच नहीं किया। उन्होंने आपातकाल में किए गए अत्याचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए जिले के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आपातकाल जैसी स्थिति आगे नहीं आए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जीवित रखने में लोकतंत्र सेनानियों का अहम योगदान रहा है। उन्होंने देश की सेनाओं में झुंझुनूं जिले के युवाओं के योगदान की भी सराहना की। 

    इससे पहले जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की मशाल जलाए रखी। कार्यक्रम को आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक एवं एकात्म मानव प्रतिष्ठान के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ महेश शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बृज स्मृति प्रन्यास की विद्या अग्रवाल भी मंच पर रहीं।  राज्यपाल बागडे ने कार्यक्रम के बाद पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार मोरवाल व आत्माराम जांगिड़ ने किया।

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    जनहित की, गरीबों की और सार्वजनिक हित की योजनाओं में विलंब नहीं हो

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नव चयनित प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशीलता रखते हुए ईमानदारी रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के अधिकारी वर्गीज कुरियन की चर्चा करते हुए कहा कि देश में  "श्वेत क्रांति के जनक" के रूप में उन्होंने भारत के डेयरी उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने उन्हीं की तरह नव चयनित अधिकारियों को अपना, राष्ट्र और समाज का नाम रौशन करने पर जोर दिया।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि जनहित की, गरीबों की और सार्वजनिक हित की योजनाओं में कभी विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र में विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसमें सबने मिलकर प्रयास किया, उसी से यह मुकाम हमें मिला है।

    हरिभाऊ बागडे रविवार को 'संकल्प' जन कल्याण शिक्षा ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2025 के नव चयनित प्रशासनिक अधिकारियों के अभिनंदन समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक में चयनित अधिकारियों पर राष्ट्र विकास की महती जिम्मेदारी होती है। वे जहां भी काम करें, अपनी संवेदनशीलता, ईमानदारी और कार्यकुशलता की वहां छाप छोड़ें।

    राज्यपाल ने लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा प्रशासनिक सेवा में आने वाले देश के अधिकारियों को सरकारी मशीनरी का 'स्टील फ्रेम आफ इण्डिया' कहने की चर्चा करते हुए कहा कि यह उपमा उन्होंने इसलिए दी थी कि वे फौलादी ईरादा रखकर जन सेवा के लिए कार्य करेंगे तभी देश उत्तरोतर विकास की ओर आगे बढ़ सकेगा।

    राज्यपाल ने कहा कि देश में 2014 में जहां बिजली का उत्पादन 2.6 गिगावाट होता था, वह बढ़कर अब 110 गिगावाट हो गया है। गरीबी रेखा से 25 करोड़ लोग ऊपर उठे हैं। राष्ट्रीय महामामार्ग में भी एक हजार किलोमीटर से अधिक बढत हुई है। उन्होंने अधिकारियों से बगैर शर्त सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से निष्ठा और नैतिकता को कर्तव्य मानने हुए और इसमें किन्तु परन्तु नहीं रखे जाने पर जोर दिया। 

    उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों का विश्वास जीतने और उसे बनाये रखते हुए मेहनत, नवाचार और समर्पण से प्रशासनिक मशीनरी को नई गति और दिशा देने पर जोर दिया। 

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    42 लाख 2 हजार 139 पौधारोपण कर हरित जयपुर की ओर बढ़ाया मजबूत कदम

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से हरियाली तीज के अवसर पर जयपुर जिला प्रशासन ने एक ही दिन में पौधारोपण का रिकॉर्ड कायम किया है। जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पौधारोपण किया।

    वहीं, जयपुर जिला प्रशासन द्वारा मिशन हरियालो राजस्थान के तहत संपूर्ण जयपुर जिले में एक ही दिन में आवंटित लक्ष्य (21 लाख पौधारोपण) के दोगुना से भी अधिक 42 लाख 2 हजार 139 पौधारोपण कर प्रदेश के 41 जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने पिछले साल हरियाली तीज के पर्व पर मिशन हरियालो राजस्थान का शुभारंभ किया था।

    उप वन संरक्षक श्री वी. केतन कुमार ने बताया कि हरियाली तीज के अवसर पर कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन एवं नेतृत्व में जिला प्रशासन ने मिशन हरियालो राजस्थान के तहत पूरे जिले में कुल 42 लाख 2 हजार 139 पौधारोपण किये गए। प्रभावी कार्ययोजना एवं नियमित मॉनिटरिंग के चलते टीम जिला प्रशासन के प्रयास रंग लाए एवं राजकीय विभागों, निकायों, निगमों ने सहयोग, समन्वय एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की पेश मिसाल करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। जयपुर में हरियाली तीज के अवसर पर पौधारोपण को लेकर आमजन में भी खासा उत्साह देखने को मिला, जन भागीदारी से वन महोत्सव जन महोत्सव में तब्दील हो गया, माधोराजपुरा सहित अन्य उपखण्डों में ग्रामीण लोक गीतों पर थिरकते हुए वन महोत्सव कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

    उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सर्वाधिक 14 लाख 58 हजार 454 पौधारोपण किये गए, वहीं, वन विभाग द्वारा जयपुर में 2 लाख 55 हजार 218, प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा 5 लाख 2 हजार 229, श्रम विभाग द्वारा 84 हजार 250, रक्षा विभाग द्वारा 2 हजार 80, मनरेगा के तहत 6 लाख 38 हजार 973, उद्यानिकी विभाग द्वारा 17 हजार 609, पशुपालन विभाग द्वारा 3 हजार 403, खनिज विभाग द्वारा 11 हजार से अधिक पौधारोपण किये गए।

    वी. केतन कुमार ने बताया कि मिशन हरियालो राजस्थान के तहत जयपुर जिले में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम द्वारा 3 हजार 200, आईसीडीएस द्वारा 3 हजार 583, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 16 हजार 160, कृषि विभाग द्वारा 44 हजार 417, स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा 2 लाख 90 हजार 928, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 हजार 595, आयुर्वेद विभाग द्वारा 401, वाटरशेड विभाग द्वारा 5 हजार से अधिक, राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम द्वारा 2 हजार 164 पौधारोपण किये गए।

    उन्होंने बताया कि जयपुर जिले में परिवहन विभाग द्वारा 5 हजार, राजस्व विभाग द्वारा 51 हजार 419, पुलिस विभाग द्वारा 1 हजार 270, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 1 लाख 12 हजार 456, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 हजार 541, सार्वजनिक निमार्ण विभाग द्वारा 1 लाख 39 हजार 476, सिंचाई विभाग द्वारा 2 हजार 120, जल संसाधन विभाग द्वारा 9 हजार 805, उद्योग विभाग द्वारा 19 हजार 548, शहरी विकास विभाग द्वारा 61 हजार 708, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा 100, शहरी विकास एवं आवासन विभाग द्वारा 59 हजार 549, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 1 हजार 901, नगर निगम जयपुर हैरिटेज द्वारा 2 लाख 7 हजार 217, नगर निगम जयपुर ग्रेटर द्वारा 1 लाख 5 हजार 635 सहित अन्य विभागों के द्वारा 18 हजार से अधिक पौधारोपण किये गए। 

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    हरियाली तीज के अवसर पर जयपुर को मिली खनिज उद्यान की सौगात

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    हरियाली तीज के अवसर पर वन महोत्सव के तहत हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत जिला परिषद जयपुर,पंचायत समिति जोबनेर,ग्राम पंचायत बस्सी झांझड़ा तथा खान एवं भू विज्ञान विभाग जयपुर के तत्वाधान में राजस्थान स्मॉल माइंस सजा पत्थर रिलीज होल्डर एसोसिएशन एवं राजस्थान स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के द्वारा ग्राम बामनियावास पंचायत बस्सी जाजड़ा तहसील जोबनेर में 11 हेक्टेयर चारागाह भूमि पर पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इस भूमि जयपुर खनिज उद्यान के रूप में वृक्षारोपण द्वारा विकसित करने हेतु खान विभाग जयपुर, जिला परिषद जयपुर, पंचायत बस्सी झाझड़ा, राजस्थान स्मॉल माइंस चेजा पत्थर लीज होल्डर एसोसिएशन एवं  राजस्थान स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए आपस में साझा किया गया। इस भूमि को राजस्थान स्मॉल माइंस चेजा पत्थर लीज होल्डर एसोसिएशन एवं राजस्थान स्टोन क्रेशर संगठन के द्वारा विकसित किया जाएगा एवं 7 वर्ष तक उसकी साज संभाल की जाएगी। उसके पश्चात पंचायत को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

    इस तरह का किसी संगठन द्वारा दीक्षित किया जाने वाला राज्य में पहला खनिज उद्यान होगा। इसको विकसित करने की जिम्मेदारी जिला परिषद के सहयोग से समस्त सदस्यों की होगी।इस कार्यक्रम जिला परिषद के प्रतिनिधि श्री फिरोज खान विकास अधिकारी, तारा चंद विकास अधिकारी जोबनेर, सरपंच ग्राम पंचायत बस्सी झांझड़ा, खनिज विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों तथा आमजन ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।

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    आने वाली पीढ़ी के लिए हमें प्रकृति को हमें सहेजना है

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    ''एक पेड़ मां के नाम'' राष्ट्रव्यापी अभियान में सशक्त भागीदारी निभाते हुए प्रदेश स्तरीय हरियालो राजस्थान मिशन में रविवार को हरियाली तीज के अवसर पर कोटा में जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। सहकारिता राज्य मंत्री मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिला प्रभारी मंत्री गौतम दक ने आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण को सहजने और अधिकाधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान में भागीदारी निभाते हुए परिसर में पौधारोपण किया। झालावाड़ के मनोहरथाना में विद्यालय की छत ढहने की घटना में मृतक बच्चों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने हेतु कार्यक्रम में 2 मिनट का मौन धारण किया गया।

     कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं प्रभारी सचिव मंजू राजपाल, जिला कलेक्टर   पीयूष समारिया, राकेश जैन, कोटा सरस डेयरी चेयरमैन चैन सिंह राठौड़ एवं अन्य   अधिकारियों एवं आमजन ने भी पौधारोपण किया। 

    गौतम कुमार  दक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान आज देश की हरित चेतना का प्रतीक बन गया है। इसी प्रेरणा से प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 'हरियालो राजस्थान' की शुरुआत कर हर व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास किया है। पिछले वर्ष इस मिशन में निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधे लगाना प्रदेशवासियों की जागरूकता का प्रमाण है। इस वर्ष 10 करोड़ पौधों के लक्ष्य है, इसको प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक पौधों की देखरेख और संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी माने। 

    कोटा दक्षिण विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान केवल नारा नहीं बल्कि संवेदनशील समाज निर्माण का संदेश है। यह अभियान लोगों को प्रकृति और मातृभाव दोनों से जोड़ता है, जिससे हर वर्ग में पौधारोपण के प्रति आत्मीयता बढ़ी है। 

    डिजिटल तकनीक से 'हरियालो राजस्थान' अभियान को  ट्रैक करने के लिए ''हरियालो राजस्थान'' मोबाइल एप विकसित किया गया है। इस एप के माध्यम से विभागीय प्रगति, स्थानवार पौधारोपण, और सहभागी संस्थाओं की गतिविधियों को अपलोड कर पारदर्शिता, निगरानी और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा रही है।

    वन मित्रों को उपकरण किट, ड्रोन से बीजारोपण—

    कार्यक्रम के दौरान वन मित्रों को उपकरण किट प्रदान की गई ताकि वे अपने कार्य को अधिक दक्षता से कर सकें। साथ ही कोटा में ‘पंच गौरव’  के तहत चिन्हित  खैर के बीजों का बीजारोपण ड्रोन द्वारा कर पारंपरिक वन संपदा के संरक्षण और कृषि नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया।

    डीएफओ अनुराग भटनागर ने जानकारी दी कि राज्य स्तरीय वन महोत्सव में कनवास स्थित गोपाल पक्षी विहार वेटलैंड का प्रतिनिधित्व डीएफओ अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव द्वारा किया गया है, जो कोटा के लिए गर्व की बात है।

     समारोह में डीएफओ मुकुन्दरा, एस. मुथु, एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला, जिला परिषद सीईओ राजपाल सिंह, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना, सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। एसीएफ अनिरुद्ध सुखवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। 

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    विधानसभा अध्यक्ष ने की निवास पर जनसुनवाई

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार एवं रविवार को अपने निवास पर जनसुनवाई की। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में शहरवासी उमड़े। वासुदेव देवनानी ने सभी समस्याएं सुनकर हाथों-हाथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ सहित विभिन्न संगठनों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

         विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव वासुदेव देवनानी ने अपने निवास पर जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में पानी, बिजली, सड़क, एडीए, पुलिस और नगर निगम से संबंधित परिवेदनाएं प्राप्त हुई। आमजन ने बिजली जाने, अघोषित कटौती और मेंटिनेंस नहीं होने जैसी समस्याएं रखीं। श्री देवनानी ने अजमेर विद्युत वितरण निगम और टाटा पावर को निर्देश दिए कि इन परिवेदनाओं की सुनवाई कर आमजन को राहत दी जाए। इसी तरह बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने संबंधी शिकायतों पर अजमेर नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया।

         वासुदेव देवनानी ने उन्हें निर्देश दिए कि जहां ज्यादा समस्या है, वहां तुरंत पेचवर्क किया जाए। शेष सड़कों पर बारिश रूकते ही पेचवर्क, मरम्मत एवं नवीनीकरण का कार्य किया जाए। इसी तरह पेयजल से संबंधित शिकायतों पर जलदाय विभाग को निर्देशित किया गया। आमजन ने पुलिस, नगर निगम एवं एडीए से संंबंधित शिकायतें भी दी। विभागों को निर्देश दिए गए कि इन समस्याओं को समयबद्ध निराकरण हो।

         राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने महामंत्री करण यादव के नेतृत्व में वासुदेव देवनानी का अभिनंदन किया। इसी तरह एआरजी सिटी के निवासियों ने ट्रांसफार्मर लगवाने पर वासुदेव देवनानी का आभार जताया।

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    केबिनेट मंत्री ने रानीवाला विद्यालय में निर्मित हॉल का किया लोकार्पण

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार, युवा मामले और खेल, कौशल, नियोजन एवं उद्दमिता तथा सैनिक कल्याण विभाग मंत्री राजस्थान सरकार कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने रविवार को कोटपुतली के ग्राम सरुण्ड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रानीवाला में अपने पूर्व संसदीय कार्यकाल में सांसद क्षेत्रीय विकास निधि से स्वीकृत 6 लाख की राशि से बने सभागार (हॉल) का फीता काट कर लोकार्पण किया.

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राठौड़ ने कोटपूतली क्षेत्र के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हुए यहां विकास कार्य के लिए सदैव तत्पर रहने को कहा.

    राठौड़ ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास सदैव बेहतर शिक्षा और विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य हेतु अवसर प्रदान करना है. विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक ज्ञान अर्जन करते हुए अपनी बौद्धिक क्षमता का विकास कर देश सेवा में सहभागी बनना चाहिए.

    विशिष्ट अतिथि जयपुर ग्रामीण के सांसद राव राजेंद्र सिंह ने विद्यालय में विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर बल दिया और उज्जवल भविष्य की कामना की.

    विद्यालयों में भामाशाह के रूप में दिए गए योगदान के लिए महेंद्र कुमार मीणा एवं अध्यापक रणवीर सिंह को सम्मानित किया गया तथा स्कूल में समर्पण के लिए पंचायत सहायक रविंद्र कुमार को सम्मानित किया।

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    जोधपुर की आत्मा में रचा-बसा है ‘सर साठे रूंख रहे तो भी सस्तो जान’ का भाव

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    हरियाली तीज के शुभ अवसर पर रविवार को ‘हरियालो राजस्थान’ मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान अंतर्गत जोधपुर जिले में 76वां जिला स्तरीय वन महोत्सव–2025 मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक अतुल भंसाली , राजस्व व उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव व जिला प्रभारी सचिव दिनेश कुमार भी उपस्थित रहे। 

    शपथ ग्रहण एवं प्रेरणास्पद संदेश

    जिला प्रभारी सचिव श्री दिनेश कुमार ने सभी उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन की सामूहिक शपथ दिलाई। 

    विधायक अतुल भंसाली ने जोधपुर के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिवेश में पर्यावरण चेतना की परंपरा ‘सर साठे रूंख रहे तो भी सस्तो जान’ को रेखांकित करते हुए अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के 'हरियालो राजस्थान' को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने ‘अमृता देवी मार्ग’ को स्मारक के रूप में विकसित करने की सहमति दी है तथा शीघ्र ही वहां अमृता देवी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

    उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का सम्मान—

     पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिये ग्राम पंचायत सोईन्तरा (शेरगढ़) के सरपंच गोविंद सिंह (एक दिन में 7003 पौधारोपण), ग्राम पंचायत सालावास (लूणी) के सरपंच ओमाराम पटेल (गडाईनाडी में वृक्ष कुंज निर्माण), ग्राम पंचायत बनाड़ (मंडोर) की सरपंच सुआदेवी (अमृत सरोवर के पास बागवानी गार्डन निर्माण) , समाजसेवी राधेश्याम रंगा (अपनी 40 बीघा भूमि पर 33,000 पौधे लगाने) एवं नर्सरी लॉक्सवेल (मंडोर) के तकनीशियन श्यामलाल का दो वर्षों में 1.50 लाख पौधों के विकास- वितरण हेतु सम्मानित किया गया।

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    उप मुख्यमंत्री ने छोटी चौपड़ पर तीज माता की सवारी की पहली बार महाआरती की

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    महिलाओं के रंग बिरंगे तीज त्यौहार के अवसर पर  पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर में 27 एवं 28 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव-2025 के अवसर पर पहले दिन रविवार को पारम्परिक तीज माता की सवारी निकाली गई। इस पारम्परिक तीज महोत्सव में तीज माता की भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, आम नागरिक, देशी-विदेशी पर्यटक शामिल हुए।

    छोटी चौपड़ पर बड़े मंच पर तीज माता की सवारी की पहली बार भव्य महाआरती की गई। दिया कुमारी ने यहां महाआरती की। 

    तीज माता की भव्य शोभायात्रा ने सभी को किया आकर्षित—

    तीज माता की भव्य और शाही शोभायात्रा जनानी ड्यौड़ी, सिटी पैलेस, त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर छोटी चौपड़, चौगान स्टेडियम होते हुए तालटोरा  पौंड्रिक पार्क तक पहुंची।

    छोटी चौपड़ पर तीज माता की शानदार शोभायात्रा में राजस्थानी झांकियाँ, घोड़े-बग्घियाँ, सजे धजे हाथी, ऊंट, बैल, बैण्ड, शहनाई-नगाड़े से सुसज्जित शाही लवाजमा के साथ नारी शक्ति और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। 

    लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को किया साकार—

    तीज माता की शोभायात्रा की शुरुआत में श्री बनवारीलाल जाट की कच्छी घोड़ी की झांकी दिखाई दी। इसके पश्चात शेखावाटी क्षेत्र के गैर नृत्य की झांकी ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। बहुरुपिया कलाकार ने श्री नारद, श्री कृष्ण, श्री शंकर भोले जैसे अपने बहुरूपों से मोहित किया। अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध श्री पूरणनाथ सपेरा ने अपनी मधुर स्वर लहरी से एवं कालबेलिया नृयंगानाओं ने अपनी मोहक नृत्य कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चरी नृत्य, हेला ख्याल की शानदार प्रस्तुतियों की झाकियों के बाद जयपुर के अंतराष्ट्रीय कठपुतली कलाकार राजू भाट ने अपनी अंगुलियों की धुन पर कठपुतलियों का नर्तन करवाया। 

     नागौर जिले के तेजपाल नागौरी के दल ने कच्छी घोड़ी और बांक्या वादन से समा बांध दिया। ध्वज वाहकों की हाथियों की शाही सवारी, ताल से ताल मिला गीत को बैंड वादकों को दल ने मधुर स्वरलहरियों से सभी मन्त्रमुग्ध कर दिया। लाल कपड़े से सजे हुए बैल, बैल गाड़ी चालक भी लाल कपड़ों में उसके पीछे ऊंटों की कतार, जिन पर पारम्परिक राजस्थानी वेशभूषा पहने हुए और तलवार के साथ मूछों को भी तान कर चल रहे थे, जो राजस्थान की रणबांकुरी  संस्कृति को शान से पेश करती है। मोर डांस और बड़ा नंगारा नाद करता सुनाई दिया। शाही घोड़ों की सवारी और फिर शाही बग्गियां और इसके बाद  सजे धजे हाथियों की लंबी कतार दिखाई दी और फिर वो क्षण आया, जब तीज माता की भव्य सवारी त्रिपोलिया गेट से अवतरित होती दिखाई। सबसे पहले लाल बग्घी, बैंड टोली और तीज माता की सवारी आई। त्रिपोलिया के दोनों ओर खचखच दर्शकों ने तीज माता के जयकारे लगाये। 

    भव्य रूप से आयोजित तीज उत्सव और तीज माता की अद्भुत शोभायात्रा में राजस्थान की लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को साकार साकार कर दिया। लोक-कलाकार ने अपनी कलाओं के प्रदर्शन से जयपुर वासियों सहित यहां आने वाले देशी विदेशी पर्यटकोंं को राजस्थान की शानदार कला संस्कृति से परिचित करवाया। 

    महिलाओं की झाँकी— 

    तीज माता की सवारी के दौरान महिलाओं की झाँखी सभी के लिए प्रमुख आकर्षित करने वाली रही। रंग बिरंगी लहरिया साडिया पहनकर माथे पर कलश रखकर नाचती गाती महिलाओं की झांकी ने राजस्थान की अद्भुत संस्कृति को साकार कर दिया।

     महिला पुरोहितों ने किया पूजन—

    तीज माता की सवारी के दौरान तीज माता का पूजन महिला पुरोहितों  के द्वारा किया गया। लोक उमंगो से ओतप्रोत इस अनोखे रंगीले तीज उत्सव का विभिन्न मीडिया चैनलों से सजीव प्रसारण करने साथ ही  राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से डीओआईटी की मदद पूरे राज्य में लगभग 200 स्क्रीन पर दिखाया गया।

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    घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध भंडारण एवं अवैध रीफिलिंग का किया पर्दाफाश

    एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।

    जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशों की अनुपालना में कार्यालय, जिला रसद अधिकारी के प्रवर्तन जांच दल ने जयपुर के शक्ति नगर, गजसिंहपुरा इलाके में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रसोई गैस सिलेंडर के अवैध भंडारण एवं अवैध रीफिलिंग का पर्दाफाश किया। जिला रसद अधिकारी त्रिलोक चंद मीणा ने बताया कि प्रवर्तन दल ने मौके से 80 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किये, साथ ही रिफिलिंग मोटर एवं इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद किया है। 

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    देश को स्वतंत्र कराने में घुमंतु जातियों का महत्वपूर्ण योगदान

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    पंचायती राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि देश को स्वतंत्र कराने में घुमंतु जातियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय हमारा लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सरकार ऐसे सभी वर्गों के विकास एवं मुख्य धारा में लाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

    पंचायती राज मंत्री शनिवार को भरतपुर जिला स्थित बीडीए ऑडिटोरियम में आयोजित घुमंतू जातियों के परिवारों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गाड़िया लौहार का संकल्प देश कैसे भूल सकता है। इनका योगदान देश की स्वतंत्रता, अखंडता बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में घुमंतू जातियों के योद्धाओं को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया, लेकिन सरकार अब इनके उत्थान एवं विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 प्रकार की घुमंतू जातियों को चिन्हित कर घुमंतू प्रमाण पत्र बनाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक घुमंतु परिवार को आवासीय पट्टा ग्रामीण क्षेत्रों में दिए जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अभियान चलाया गया है। इससे प्रत्येक घुमंतु परिवार को आवासीय पट्टा एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि घुमंतु परिवारों की पीढियां बदल गई हैं, पूर्वजों ने जो त्याग बलिदान किया अब हमारा कर्तव्य कि उनके युवाओं को शिक्षा प्रदान कर मुख्य धारा में लाएं और आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर अच्छे नागरिक बनाएं। उन्होंने घुमंतु परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को पट्टे देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुर्नवास किये बिना घुमंतु परिवारों को हटाया नहीं जा सकता इसके लिए माननीय न्यायालय द्वारा निर्देश दिए हुए हैं। नगरीय क्षेत्रों में निवासरत परिवारों की समस्या निराकरण के लिए वे नगरीय विकास मंत्री से वार्ता कर उनकी बात पहुंचाएंगे।

    उन्होंने सभी घुमंतु परिवारों को घुमंतू प्रमाण-पत्र प्राप्त करने, मतदाता सूची में नाम लिखवाने तथा सभी बच्चों को विद्यालय भेजने का आव्हान किया। इस अवसर पर विभिन्न जन प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा भरतपुर एवं डीग जिले के घुमंतु परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।

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    पीपलोदी हादसे की नहीं हो पुनरावृति, यह सुनिश्चित करेगी सरकार

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    उप मुख्यमंत्री एवं राजसमंद जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा है कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम में स्थित एक सरकारी विद्यालय की छत गिरने की हृदय विदारक घटना ने पूरे प्रदेश को विचलित कर दिया है। इस दुखद हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह उनके साथ पूरी तरह खड़ी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिए हैं। घायल बच्चों के इलाज के लिए डॉक्टर्स की विशेष टीम को निर्देशित किया गया है ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    सरकार ने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्यभर में सरकारी भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए व्यापक कार्ययोजना बनाई है। सभी जिलों में स्कूलों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर पांच दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। हाल ही में जिन भवनों की मरम्मत कराई गई है, उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को तुरंत खाली करवाकर सुरक्षित वैकल्पिक स्थानों पर पुनर्वास और शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में भवनविहीन और जर्जर विद्यालयों के लिए 250 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 के बजट में नवीन भवन निर्माण एवं मरम्मत के लिए 375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को मरम्मत कार्यों हेतु 3-3 करोड़ रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत के लिए डांग, मगरा एवं मेवात क्षेत्रीय विकास योजना के तहत राशि सीमा को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, अब विधायकगण अपने एमएलए-लैड फंड का 20 प्रतिशत तक भाग किसी भी योजना के तहत निर्मित स्कूलों, आंगनबाड़ियों और अन्य राजकीय भवनों की मरम्मत में उपयोग कर सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल एमएलए-लैड से निर्मित भवनों तक ही सीमित थी।

    इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025-26 के बजट में 5000 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी आंगनबाड़ी भवनों के अनिवार्य निरीक्षण की व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकार द्वारा सभी सरकारी भवनों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य करते हुए इसके लिए एक स्थायी तंत्र एवं विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन समितियों एवं पंचायतों को प्रशिक्षण देकर भवनों की देखरेख में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।

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    फ्लेगशिप योजनाओं को समय पर क्रियान्वित कर पात्र लोगों को लाभ पहुंचाएं

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री तथा बाड़मेर जिला प्रभारी मंत्री जोराराम कुमात ने अधिकारियों को राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप फ्लेगशिप योजनाओं की प्राथमिकता से प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शनिवार को यहां जिला कलक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में विधायक आदूराम मेघवाल और रविन्द्र भाटी सहित जिला कलक्टर टीना डाबी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

    प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित की अधिक महत्व वाली योजनाओं को फ्लेगशिप के रूप में चिह्नित कर प्राथमिकता पर रखा है, ताकि उनकी समय पर क्रियान्विति हो और आमजन को योजनाओं का त्वरित लाभ मिले। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी इनकी निरन्तर प्रभावी मॉनिटरिंग करें, समय पर भुगतान प्रक्रिया पूर्ण कराएं और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाएं।

    प्रभारी मंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों की ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायत एवं ब्लॉकवार गहन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के अभाव में योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गिवअप अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोधपुर वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक को लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 100 प्रतिशत कवरेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के गांव-गांव जाकर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुसुम योजनाओं के विभिन्न कंपोनेंट की प्रगति पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

    प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वामित्व योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, लाडो योजना, स्कूटी वितरण सहित विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि क्रियान्वयन में कहीं कोई समस्या आती हो तो उसे तुरंत उच्च स्तर पर अवगत कराएं।

    असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर सुरक्षा दृष्टिकोण से उचित कदम उठाएं—

    जिला प्रभारी मंत्री ने बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, अस्पतालों एवं अन्य राजकीय भवनों की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि असुरक्षित भवनों का निरीक्षण कराकर चिह्नित कराएं और सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में बच्चों को नहीं बिठाएं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांधों का रिसाव आदि की स्थिति का निरीक्षण कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

    पौधारोपण अभियान एवं वन महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा—

    प्रभारी मंत्री ने ‘हरियालो राजस्थान’ महा अभियान के अन्तर्गत हरियाली तीज के अवसर पर रविवार को जिले में आयोजित होने वाले विशेष पौधारोपण अभियान एवं जिला स्तरीय वन महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की और लक्ष्यों के अनुरूप पौधारोपण करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के दौरान लगाए जाने वाले पौधों की देखभाल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पेड़ बन सके। उन्होंने पौधारोपण का ‘हरियालो राजस्थान’ मोबाइल ऐप पर जियो टेग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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    'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे बड़ा आधार 'वोकल फॉर लोकल'

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम की 124वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। 

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत में आज विज्ञान एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा देश इससे गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि हमारा 'इन्स्पायर-मानक' अभियान बच्चों के इनोवेशन को बढ़ावा देने का अभियान है। इसमें हर स्कूल से पांच बच्चों का चयन किया जाता है। हर बच्चा एक नया आइडिया लेकर आता है। अब तक इससे लाखों बच्चे जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में स्पेस स्टार्ट-अप्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्थान 'विकास भी-विरासत भी' के पथ पर तेजी से अग्रसर—

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' एवं 'विकास भी-विरासत भी' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को लोकल से लेकर ग्लोबल तक नई पहचान दिलाने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की पहल की है, जिसके माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्ध-सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात कार्यक्रम में राजस्थान के ऐतिहासिक किलों का उल्लेख करना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।  

     श्री मोदी ने कहा कि यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को वर्ल्ड हैरिटेज साईट्स के रूप में मान्यता दी है। इनमें से ग्यारह किले महाराष्ट्र में और एक किला तमिलनाडु में है। हर किले से इतिहास का एक-एक पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर, एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। सल्हेर का किला वो है, जहां मुगलों की हार हुई। शिवनेरी, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ, ऐसा किला है जिसे दुश्मन भेद नहीं सके। उन्होंने कहा कि देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले लेकिन आत्मसम्मान को कभी झुकने नहीं दिया। राजस्थान में चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर और जैसलमेर के किले विश्व प्रसिद्ध हैं। 

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 के विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है और 'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे बड़ा आधार है, 'वोकल फॉर लोकल'। यह हमारा संकल्प होना चाहिए कि जो चीजें भारत में बनी हों, जिसे बनाने में किसी भारतीय का पसीना बहा हो, वही खरीदें और वही बेचें । उन्होंने कहा कि 7 अगस्त, 1905 को एक और क्रांति की शुरुआत हुई थी। स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों और खासकर हैण्डलूम को एक नई ऊर्जा दी थी। इसकी स्मृति में देश हर साल 7 अगस्त को 'नेशनल हैण्डलूम डे' मनाता है। इस साल 7 अगस्त को 'नेशनल हैण्डलूम डे' के 10 साल पूरे हो रहे हैं। आजादी की लड़ाई के समय जैसे  खादी ने आजादी के आंदोलन को नई ताकत दी थी, वैसे ही आज जब देश, विकसित भारत बनने के लिए कदम बढ़ा रहा है तो टैक्सटाइल सेक्टर, देश की ताकत बन रहा है। आज भारत में 3000 से ज्यादा टैक्सटाइल स्टार्ट-अप्स सक्रिय हैं।

    श्री मोदी ने कहा कि हमारे त्योहार और परम्पराएं हमारी संस्कृति का बहुत बड़ा आधार है और अपने वर्तमान और इतिहास को डॉक्यूमेंट करते रहना हमारी संस्कृति की जीवंतता का एक महत्वपूर्ण पक्ष है। भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट में 'ज्ञान भारतम् मिशन' की ऐतिहासिक पहल की है। इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटलाइज किया जाएगा। उन्होंने 'खेलो भारत नीति— 2025' की सराहना की। साथ ही उन्होंने 'स्वच्छ भारत मिशन' का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक जन-आंदोलन बन चुका है। हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण ने इस भावना को और बढ़ाया है। इस साल देश के 4500 से ज्यादा शहर और कस्बे इससे जुड़े और 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।

    प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों और संस्थाओं की अभूतपूर्व उपलब्धियों का जिक्र करते हुए आमजन से आह्वान किया कि वे इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें।

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    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आमजन तक पहुंचा विकास कार्यों का लाभ

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    अलवर जिला प्रभारी मंत्री तथा कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने आज कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकार वार्ता कर जिले में राज्य सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, हरियालो राजस्थान अभियान, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा में अर्जित प्रगति की विस्तार से चर्चा की।

    राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियां— 

    उन्होंने बताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना) हेतु जनवरी 2024 में एमओयू एवं दिसम्बर 2024 में एमओए हस्ताक्षरित किए गए, 12 हजार करोड रूपये के कार्यादेश जारी किए गए, ताजेवाला हैड, हरियाणा से आवंटित यमुना जल के उपयोग हेतु एमओयू, डीपीआर बनाने का कार्य प्रगतिरत है, राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में 35 लाख करोड रूपये के एमओयू किए, 4 लाख करोड रूपये से अधिक के निवेश पर कार्य प्रारंभ किए गए, विद्युत उत्पादन क्षमता में 4270 मेगावाट की वृद्धि की गई, 400 केवी के 2220 केवी के 2 एवं 132 केवी के 26 जीएसएस स्थापित किए गए, 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जानी प्रारम्भ किया गया, पीएम कुसुम के तहत 1500 मेगावाट के संयंत्र कार्यशील, 1.50 लाख कृषि कनेक्शन जारी किए गए, सडकों हेतु 21650 करोड रूपये व्यय कर 30381 किमी सडकों का विकास किया गया, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत गत वर्षाकाल में 7.22 करोड पौधे रोपित किए गए, खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत 22 लाख अपात्र लोगों के नाम हटाए गए, 50.46 लाख पात्र लोगों के नाम जोडे गए, किसान सम्मान निधि के तहत 76 लाख किसानों को 6845 करोड रूपये की राशि हस्तांतरित की गई, 34575 करोड रूपये के अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित किए गए, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना तथा मा वाउचर योजना का क्रियान्वयन किया गया, लाडो प्रोत्साहन योजना प्रारम्भ, 12 मार्च 2025 से देय 1 लाख रूपये की राशि बढाकर 1.50 लाख रूपये किए गए, श्री अन्नपूर्णा रसोईयों में मोटा अनाज शामिल, राजकीय अनुदान राशि 17 रूपये से बढाकर 22 रूपये प्रति भोजन थाली की गई, आरटीई के तहत 2 लाख से अधिक नव प्रवेशित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया तथा निजी विद्यालयों को 907 करोड रूपये फीस का पुनर्भरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 8.72 लाख महिलाएं लाभांवित तथा देय राशि 5 हजार रूपये से बढाकर 6500 रूपये, 10.51 लाख साइकिलों का स्कूली छात्राओं को वितरण, 17 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा 9.24 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनाई गई।

    इसी प्रकार 76 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई, विभिन्न संवर्गों के 1.88 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है, 3 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, 37 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना, कालीबाई भील मेधावी छात्रा एवं देवनारायण स्कूटी योजना के अंतर्गत 32 हजार 907 स्कूटियों का वितरण किया गया, वर्ष 2024-25 में 125 रूपये बोनस तथा वर्ष 2025-26 में 150 रूपये बोनस पर गेहूं खरीद की गई, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत 3764 करोड रूपये के बीमा क्लेम वितरित किए गए, एक लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण के लिए राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना प्रारम्भ की गई, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 8.95 लाख पशुपालकों के 20.30 लाख पशुओं का पंजीकरण कर 6.67 लाख पॉलिसी जारी की गई, जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत 12.69 लाख परिवारों को नल से जल आपूर्ति कराई गई, 3 हजार नए नलकूप तथा 4819 नये हैण्डपम्प स्थापित किए गए तथा 3.67 लाख खराब पाए गए हैण्डपम्प पुनः चालू किए गए, राजस्व न्यायालयों द्वारा 2.88 लाख परिवादों का निस्तारण किया गया, 8562 चिकित्सा संस्थानों का आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में परिवर्तन किया गया, 536 मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से 48 लाख पशुओं का उपचार कर 11.50 लाख पशुपालकों को लाभांवित कराया गया तथा 16 नवीन नीतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन किया गया। 

    राज्य सरकार का डेढ साल का कार्यकाल रहा बेमिसाल—  

    उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा अपने डेढ वर्ष के कार्यालय में द्वारा जिले में सडकों के निर्माण पर 219 करोड रूपये व्यय किए गए, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 389.99 करोड रूपये व्यय किए गए। वर्तमान सरकार द्वारा राजीविका के स्वयं सहायता समूहों को बैंक के माध्यम से 3972.10 लाख रूपये का ऋण वितरण किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 2533.52 लाख रूपये का ऋण वितरित किया गया। वर्तमान सरकार द्वारा केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 930.94 करोड रूपये का अल्पकालीन ऋण दिया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 1787.34 करोड रूपये का ऋण दिया। वर्तमान सरकार द्वारा स्वास्थ्य बीमा योजना में 98274 लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभांवित करवाया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 209344 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। वर्तमान सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना अंतर्गत जिले के 1449 लोगों को तीर्थ यात्रा करवाई गई, विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 2928 लोगों को तीर्थ यात्रा करवाई गई। वर्तमान सरकार द्वारा जिले में फार्म पौण्ड (खेत तलाई) योजना में 182 फार्म पौण्ड की स्वीकृति दी गई है, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 247 फार्म पौण्ड की स्वीकृति दी गई। वर्तमान सरकार द्वारा खेतों पर तारबंदी योजना के अंतर्गत 3.97 लाख मीटर तार बंदी कार्य किया गया है, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 1.13 लाख मीटर तारबंदी कार्य किया गया। वर्तमान सरकार द्वारा कृषकों को पाइपलाइन के अंतर्गत 164 कार्य किए गए है, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 743 कार्य किए गए। वर्तमान सरकार द्वारा महिला कृषकों को निःशुल्क बीज प्रदान करने के लिए 1.29 लाख मिनीकिट का वितरण किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 1.52 लाख मिनीकिट का वितरण किया। वर्तमान सरकार द्वारा कुसुम योजना ए के तहत 3 एलओए किए गए तथा कुसुम योजना सी के तहत 10 एलओए किए गए, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में कुसुम योजना ए व सी के तहत शून्य एलओए किए गए। वर्तमान सरकार द्वारा कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत 918 स्कूटियों का वितरण किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 907 स्कूटी वितरित की गई। वर्तमान सरकार द्वारा देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना के तहत 183 बालिकाओं को स्कूटी वितरित की गई, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 399 स्कूटी वितरित की गई। वर्तमान सरकार द्वारा स्कूली विद्यार्थियों को 10240 साइकिल का वितरण किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 75510 साइकिल वितरित की गई। वर्तमान सरकार द्वारा स्कूली विद्यार्थियों को 815 टेबलेट व लैपटॉप का वितरण किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 3330 टेबलेट व लैपटॉप का वितरण किया। वर्तमान सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमिता विकसित करने के लिए 16513 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 9944 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया। वर्तमान सरकार द्वारा स्वामित्व कार्ड वितरण योजना के तहत 3903 स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए, वहीं  विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में शून्य कार्ड वितरित किए। वर्तमान सरकार द्वारा 262 सौर पम्प सेट की स्थापना की गई, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 334 सौर पम्प सेट लगाए। वर्तमान सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर 116 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 377 कैमरे लगाए। वर्तमान सरकार द्वारा 9 गांवों को सडकों से जोडा गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 6 गांवों को सडकों से जोडा। वर्तमान सरकार द्वारा मिसिंग लिंक सडकों के 47.68 किमी निर्माण कार्य किये गए, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 238.82 किमी के कार्य किए गए। वर्तमान सरकार द्वारा नवीन राजस्व ग्रामों के सृजन के तहत 1 राजस्व ग्राम का सृजन किया गया, वहीं विगत सरकार द्वारा 5 वर्ष में 22 राजस्व ग्रामों का सृजन किया गया।

     

    हरियालो राजस्थान अभियान बना जनआंदोलन, जिले में 30 लाख पौधारोपण का लक्ष्य—

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने ‘हरियालो राजस्थान’ महाअभियान शुरू किया है। पिछले मानसून में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए ‘हरियालो राजस्थान’ मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है। जिला स्तर पर विभागीय अधिकारी हरियाली तीज पर लगाए जाने वाले 10 लाख पौधे व अभियान के तहत लगाए जाने वाले शेष पौधारोपण कराने के साथ-साथ खुदवाए गए गड्ढे व लगाए गए पौधे की जियो टैगिंग कराकर हरियालो राजस्थान के एप पर फोटो अपलोड करेंगे। इसी कड़ी में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जिलेभर में 30 लाख पौधें लगाए जाने का लक्ष्य हैं तथा  जिले में हरियाली तीज के सुअवसर पर 27 जुलाई को एक दिन में वृहद स्तर पर 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे।

    वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान— 

    उन्होंने बताया कि 5 जून से 20 जून तक चलाया गया ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान‘ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जन-संवेदनशील पहल का जीवंत उदाहरण है। अभियान के दौरान राज्यभर में जल स्रोतों की साफ-सफाई, पूजन, जलाभिषेक और श्रमदान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मुख्यमंत्री स्वयं भी भागीदार बने। अभियान में जल को लेकर जन चेतना को एक सामाजिक आंदोलन का रूप मिला। जिले में आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की सहभागिता से जल संरक्षण एवं पौधारोपण की 6869 गतिविधियां आयोजित कराई गई।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा बना आमजन के संभल का आधार—

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देशन में सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिले में 24 जून से 9 जुलाई तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े के तहत में 291 शिविरों का आयोजन किया गया। अन्त्योदय पखवाडे के तहत आयोजित शिविरों में 18 विभागों के 75 व्यक्तिगत लाभ और सार्वजनिक विकास की योजनाओं और सेवाओं का पात्र लोगों को मौके पर ही लाभ दिया गया।

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    शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने उर्वरक फैक्ट्री का किया निरीक्षण

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने शनिवार को भीलवाड़ा जिले का दौरा कर प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, हमीरगढ़ स्थित ओसवाल फासकेम इंडिया लिमिटेड (सिंगल सुपर फॉस्फेट) फैक्ट्री एवं पालड़ी स्थित प्रस्तावित कृषि उपज मंडी स्थल का निरीक्षण किया।

    श्री विशाल ने समृद्धि केंद्र पर यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक आदानों की उपलब्धता, स्टॉक एवं वितरण की जानकारी ली। उन्होंने पॉस मशीन से स्टॉक का मिलान कर त्वरित सत्यापन किया। इसके साथ ही उन्होंने उर्वरकों के साथ की जा रही टैगिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने पालड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित कृषि उपज मंडी स्थल का दौरा किया और वहां हो रही अवैध माइनिंग पर संज्ञान लेते हुए मंडी कर्मचारियों से चर्चा कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    श्री राजन विशाल ने हमीरगढ़ स्थित ओसवाल फासकेम इंडिया लिमिटेड कंपनी का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने फैक्ट्री में निर्मित उर्वरकों की उत्पादन प्रक्रिया, प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता परीक्षण की जानकारी ली। उन्होंने फैक्ट्री में उपलब्ध स्टॉक का भी अवलोकन किया।

    शासन सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उर्वरक विनिर्माताओं एवं विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का समय-समय पर निरीक्षण करें और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करें। साथ ही टैगिंग करने वाले एवं निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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    संवेदना के साथ सेवा कर रही भजनलाल सरकार

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री तथा चूरू जिला प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने शनिवार को जिला परिषद सभागार में प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा 1.5 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों, जनहितैषी कार्यों, नीतियों, उपलब्धियों तथा  बजट घोषणाओं व फ्लैगशिप योजनाओं की क्रियान्विति को लेकर चर्चा की।

    प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि प्रदेश की भजनलाल सरकार संवेदना के साथ  सेवा कर रही है। हमारी सरकार ने अपने 1.5 वर्ष के कार्यकाल में अपने जन हितैषी निर्णयों से अभूतपूर्व कार्य किए हैं। हमारी सरकार योजनाओं के क्रियान्विति व अपने नीति—निर्णयों से जनकल्याणकारी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जन सेवा की भावना से काम कर रही है। महिलाओं, किसानों, युवाओं व गरीबों का कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जनता के अधिकारों के संरक्षण के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। हमारी सरकार जनकल्याण को ही शासन का मूल मानकर अपनी नीतियों, निर्णय से प्रदेश की जनता की सेवा कर रही है।

    मिशन हरियालो राजस्थान को लेकर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अभियान के माध्यम से एक पर्यावरणीय चेतना व जन आंदोलन का काम किया है। हरियाली, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास हमारी सरकार की प्रार्थनाओं में शीर्ष पर है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 'वंदे गंगा — जल संरक्षण जन अभियान' के माध्यम से जल स्रोतों व जल संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन के साथ-साथ जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने का काम किया है। इसी के साथ हमारी सरकार कर्म भूमि से मातृभूमि अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों से पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

    उन्होंने झालावाड़ में हुई दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इसी के साथ उन्होंने बताया कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने  झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हुई हृदय विदारक घटना को संज्ञान में लेते हुए जीर्ण-क्षीर्ण, मरम्मत योग्य राजकीय संस्थानों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी भवनों के मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने डांग, मगरा, मेवात क्षेत्रीय विकास योजना के तहत इन संस्थानों और भवनों की मरम्मत हेतु अनुमत राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। इसी प्रकार अब विधायक भी स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत किसी भी योजना से निर्मित राजकीय संस्थानों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी भवनों के मरम्मत संबंधी कार्यों के लिए अपने वार्षिक आवंटन की 20 प्रतिशत राशि की अनुशंसा कर सकेंगे। पहले एमएलए-लेड में निर्मित भवनों की मरम्मत का कार्य ही इस कोष से करवाया जा सकता था।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में संपूर्ण प्रदेश में लगाए गए पंडित दीनदयाल  उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा शिविरों में आमजन के वर्षों से अटके काम मौके पर ही हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में राजस्व विभाग में 56948 सीमाज्ञान, 130872 नामांतरण, 26670 सहमति विभाजन, 7743 पत्थरगढ़ी, 7710 कुर्रेजात रिपोर्ट और 28392 रास्तों से संबंधित परिवादों का समाधान हुआ है। इसी के साथ अन्य विभागों से जुड़े हुई विभिन्न कार्यक्रमों, गतिविधियों की जानकारी भी दी गई और समस्याओं का भी मौके पर ही निस्तारण किया गया। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर सुशासन की मिसाल कायम की है। हमारे सरकार रोजगार क्षेत्र में नियमित काम कर रही है।

    उन्होंने बताया कि हमारी सरकार फॉर्म पौंड, खेतों पर तारबंदी, प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन, बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन, सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी, बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि, नवीनीकरणीय उर्जा परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन, कुसुम योजना अंतर्गत एलओए, कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण, राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण, सड़कों से जोड़े गए गांव, मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण, नवीन राजस्व ग्रामों का सृजन, विद्यार्थियों को टैबलेट/ लैपटॉप वितरण, स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल वितरण, कौशल प्रशिक्षण, स्वामित्व कार्ड वितरण, सोलर पंप सेटों की स्थापना, महिला कृषकों को  नि: शुल्क बीज मिनिकिट वितरण, डिग्गी निर्माण, केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा अल्पकालीन ऋण, वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा, देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत मकान स्वीकृत, स्वास्थ्य बीमा योजना में लाभ, घरेलू पाइपलाइन कुकिंग कनेक्शन, सड़कों के निर्माण पर व्यय और राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण दिलवाने में हमारी सरकार जनकल्याणकारी साबित हुई है।

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    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सतत प्रयासों से राजस्थान देश में अग्रणी प्रदेश

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री व चूरू जिला प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सतत प्रयासों से राजस्थान देश में अग्रणी प्रदेश है। शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हो रहा हरियालो राजस्थान अभियान राजस्थान में हरित समृद्धि को साकार कर रहा है।

     प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत शनिवार को जिला मुख्यालय के नजदीक ग्रीन लंग्स, रतननगर में मिशन हरियालो राजस्थान अंतर्गत वन महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाली पर्यावरण की सबसे बड़ी देन है और इसका संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। यह केवल वृक्षारोपण या जल संरक्षण की पहल नहीं है, बल्कि यह समग्र दृष्टिकोण है जो पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों को जोड़ता है। हम सभी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाएं व उनके संरक्षण का संकल्प लें।

    उन्होंने कहा कि जिलेभर में अभियान अंतर्गत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है। हम सभी इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएं तथा राजस्थान को हरा—भरा प्रदेश बनाएं।

    विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि हमारी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतरीन कदम उठाएं हैं। हरियालो राजस्थान अभियान भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करेगा।

    पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्म्भूषण देवेन्द्र झाझड़िया ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे एक पेड़ मां के नाम अभियान को सराहा जा रहा है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान को हरा—भरा और खुशहाल प्रदेश बनाने की दिशा में आयोजित हो रहा हरियालो राजस्थान अभियान प्रदेश में हरित क्रांति की मिसाल बन रहा है।

    प्रभारी सचिव व पर्यटन आयुक्त   रूक्मणि रियार  ने हरियालो राजस्थान अभियान अंतर्गत आयोजित हो रही गतिविधियों से अवगत करवाया।

    जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में हरियालो राजस्थान अभियान अंतर्गत पौधरोपण व प्रगति से अवगत करवाया।

    डीसीएफ वीरेन्द्र कृष्णिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी।  

    इस अवसर पर बसंत शर्मा व निकिता गुर्जर ने भी विचार व्यक्त किए।

    कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत, विधायक हरलाल सहारण, पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेन्द्र झाझड़िया, प्रभारी सचिव रूक्मणि रियार, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा सहित अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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    विधानसभा अध्यक्ष ने लगाई निगम के अफसरों की क्लास, बोले अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    एन.एस.बाछल, 27 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि अजमेर शहर को इन्दौर की तर्ज पर साफ व सुन्दर बनाने की कार्ययोजना पर काम करें। शहर में बंद पड़े नालों को खोलने का काम तुरंत शुरू किया जाए। सड़कों और सीवरेज का काम भी साथ चलता रहा। होटलों के सर्वे और स्टे हटने के बावजूद कार्यवाही नहीं करने वाले अफसरों की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सर्किट हाउस में नगर निगम के अधिकारियों की बड़ी बैठक ली। उन्होंने कामकाज में लापरवाही और देरी से आने पर अफसरों की क्लास ली। उन्होंने कहा कि अफसर निष्ठापूर्वक काम करें, शहर का हित सर्वोपरि है, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर को इन्दौर की तर्ज पर साफ व सुन्दर बनाने की योजना तैयार कर काम करें। कचरा निस्तारण के लिए स्थायी योजना बनाई जाए।

    उन्होंने शहर के विभिन्न नालों को खोलने, आनासागर से निकासी के वैकल्पिक मार्ग तैयार करने एवं सड़कों व सीवरेज सुधार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मित्तल अस्पताल व रीजनल कॉलेज के पास सिनेवल्र्ड से केसर स्वीट्स एवं पंचोली चौराह क्षेत्र में पानी निकासी के लिए नाला व नाली खोलें एवं नए निर्माण के प्रस्ताव पर काम करें। इसी तरह आनासागर पुरानी चौपाटी के पास से मास्टर अकादमी होते हुए नाला खोलने पर त्वरित गति से काम किया जाए।

    इसी तरह बजरंगगढ़ केसर बाग चौकी, मेडिकल कॉलेज के बाहर, टीबी अस्पताल के सामने गुड्डन का ढाबा की ओर, इंडिया मोटर सर्किल, मार्टिण्डल ब्रिज, मोती विहार, राधा विहार, गणपति नगर, सागर विहार, वन विहार, गुलमोहर कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी, पुलिस लाइन आदि क्षेत्रों में नाला व नालियों को खोला जाए। नए प्रस्ताव तैयार हों। इसी तरह आनासागर का पानी चौरसियावास, माकड़वाली व कायड़ की ओर डाइवर्ट करने की योजना पर भी काम हो।

    उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम ने होटलों का सर्वे अधूरा क्यों छोड़ा, स्टे हटने के बावजूद कार्यवाही क्यों नहीं की। इस पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्यवाही की जाए। सर्वे जल्द पूरा हो। होटलों को तीन श्रेणियों में बांटा जाए। इसके तहत पूर्णतः अवैध, रिहायशी नक्शे में व्यावसायिक गतिविधि एवं दो मंजिला अनुमति पर ज्यादा मंजिलों के निर्माण की श्रेणी हो। उसी अनुसार कार्यवाही की जाए। नगर निगम क्षेत्र में जीर्ण-शीर्ण भवनों पर तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार कार्यवाही हो। वरूण सागर का कैचमेंट क्षेत्र बढाया जाए। चौरसियावास तालाब का अतिरिक्त पानी माकड़वाली तालाब की ओर डाइवर्ट किया जाए। पुलिस लाइन क्षेत्र में घोड़ों की रपट नाला खोला जाए।

    उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में अवैध रूप से बनी मीट की दुकानें बंद की जाएं। वेडिंग और नॉन वेडिंग जोन की कड़ाई से पालना हो। नगर निगम क्षेत्र के उद्यानों की सारसंभाल की जाए। अधिकारियों को शहर की सड़कों, होटल व उद्यानों की पूर्ण जानकारी का रिकॉर्ड रखने के लिए निर्देशित किया गया।

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    "राजस्थान में स्कूल भवन गिरने की घटना पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा नोटिस जारी"

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रेस तथा इलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रकाशित समाचार, जिसमें राजस्थान राज्य के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल के भवन का एक हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मृत्यु होने, 9 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने तथा कई बच्चों के मलबे में दबकर घायल होने से संबन्धित समाचार का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें से कई बच्चे कथित रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हैं।

    आयोग ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस संबंध में आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर, झालावाड़ एवं पुलिस अधीक्षक, झालावाड़ को आज दिनांक 26.07.2025 को नोटिस जारी कर 03 दिनों में पूरे मामले की जांच एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
     

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    गुरू ही जीवन का मार्ग प्रशस्त कर हमारा उत्थान करता है – राज्यवर्धन राठौड़

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए गुरु की तलाश होती है, गुरू ही जीवन का मार्ग प्रशस्त कर हमारा उत्थान करता है। भारत को मजबूत करने के लिए अनुशासन, आत्म बल और ज्ञान की जरूरत है जो कि गुरु शिष्य परंपरा से आएगा।

    कर्नल राठौड़ भारतीय शिक्षण मंडल जयपुर-प्रांत द्वारा कोटपूतली जिले में आयोजित ‘व्यास पूजा उत्सव-2025’ कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। आयोजन में गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय शिक्षा पद्धति की गरिमा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कर्नल राठौड़ ने कहा कि गुरु और शिष्य के बीच की आत्मिक कड़ी ही हमारी शिक्षा व्यवस्था की असली नींव है। उन्होंने पारंपरिक भारतीय शिक्षा मूल्यों की ओर लौटने पर बल दिया।

    कर्नल राठौड़ ने कहा कि देश में खुशहाली लाने के लिए सरकार के टूरिज्म, हेल्थ, एजुकेशन, लॉजिस्टिक, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी के तहत योजनाएं बना रही है ताकि प्रदेश के व्यापारियों को आगे बढ़ने का मंच मिले। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले प्रदेश के लोगों के लिए राज्य में आर्थिक माहौल को मजबूत करने के लिए कई नीतियां बनाई है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने व्यवसाय करना आसान व सस्ता किया है। साथ ही, राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए और अभी तक लगभग 3 से 3.50 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर एक आईटी ढांचा तैयार कर रहा है ताकि सिंगल विंडो क्लीयरेंस को कारगर बना सके।

    कर्नल राठौड़ ने बताया कि विभाग द्वारा एक मोबाइल एप भी बनाया गया है जहां निवेशक अपने निवेश को ट्रैक कर सकते हैं और पहली बार पॉलिसी के तहत डायरेक्ट लैंड एलॉटमेंट किया गया है जहां निवेशकों को नीलामी में नहीं जाना पड़ा। उन्होंने रिप्स-2024 के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत तकरीबन 1 हजार करोड़ सब्सिडी में दिए हैं इससे रोजगार भी उत्पन्न होगा और सुविधाओं में विस्तार भी मिलेगा। 

    उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि ओडीओपी के तहत क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं जिससे की बुनियादी सुविधाएं मिलें। स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाना ही राज्य सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कारगिल युद्ध के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान के अनेक शहीदों ने देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है, हम सभी यदि हमारी सोच को मजबूत करें और देश के लिए योगदान दें तो हम भी देश की रक्षा में हिस्सेदारी निभा सकते हैं।

    मुख्य वक्ता बी.आर. शंकरानंद, अखिल भारतीय संगठन मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल ने कहा कि गुरु-शिष्य संबंध भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि सत्य के प्रति निष्ठा मजबूत करने के लिए अपने जीवन को उत्थान की और ले जाना चाहिए, जिसमें गुरु की आवश्कता अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान पर जोर देते हुए गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।

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    बांग्लादेश उच्चायोग की वरिष्ठ अधिकारी ने किया तीज मेले का अवलोकन

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में 30 जुलाई तक चलने वाले साप्ताहिक तीजोत्सव— 2025 में राजीविका और रूडा संस्थाओं के माध्यम से आए हस्त कलाकारो द्वारा निर्मित हस्त उत्पादों ने धूम मचाई हुई है। इन उत्पादों को खरीदने के लिए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आगंतुक विशेषकर महिलाएं आकर इन स्टॅाल्स पर अपनी पंसदीदा खरीदारी कर रही हैं।

    शुक्रवार को बांग्लादेश उच्चायोग वरिष्ठ अधिकारी सुश्री सामिया इसरत रोनी ने शिल्प मेले और खाद्य उत्सव का दौरा किया। नई दिल्ली में राजस्थान की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजू ओमप्रकाश ने सुश्री रोनी का अभिनंदन करते हुए उन्हें राजस्थान के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प को दर्शाती एक स्मारिका प्रेषित की।

    उन्होंने सुश्री इसरत रोनी को मेले के सभी स्टॅाल्स का अवलोकन करवाते हुए तीजोत्सव की थीम और तीज की परंपरा के साथ ही राजस्थानी संस्कृति में इसके महत्व से परिचित कराया।

    तीजोत्सव मेले के अवलोकन के उपरांत सुश्री रोनी ने मेले में राजस्थानी हस्तशिल्प कलाकारों और कारीगरों से उत्पादों की बनाने की विधि और उसके उपयोग की पूर्ण जानकारी ली। उन्होंने सभी हस्तकलाकारों से उनकी कला की प्रषंसा कर उन्हें अपनी ओर से शुभकामनाएं देकर उनका मनोबल बढ़ाया।

    सप्ताहांत पर होगें विशेष कार्यक्रम—

    तीजोत्सव में सप्ताह के अंअन्तिम दिनों में दर्शकों और आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान पर्यटन द्वारा राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। लगभग 2 घंटे चलने वाली इस सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से लोक कलाकार अपनी संगीतमय प्रस्तुति प्रस्तुत करेगे। इसके अतिरिक्त तीज त्योहार की सबसे विशेष तीज सवारी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सैकड़ों महिलाएं विभिन्न रंगीन परिधानों में तीज सवारी के रूप में तीज माता की आराधना करेंगी।

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    गांधी वाटिका में क्यू आर कोड लिंक के माध्यम से शार्ट वर्चुअल टूर बनवाने के निर्देश

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति राजेश यादव ने जयपुर के सेन्ट्रल पार्क स्थित गाँधी वाटिका का शुक्रवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पर्यटन आयुक्त रूकमणि रियाड़ पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशक श्री पंकज धरेन्द्र तथा गांधी वाटिका के अधीक्षक श्री नीरज त्रिपाठी उपस्थित रहें।

    प्रमुख शासन सचिव, पर्यटन राजेश यादव ने कई स्थानों पर संग्रहालय में राइटअप स्टैंडी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्यू आर कोड लिंक के माध्यम से शार्ट वर्चुअल टूर बनवाये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल / कॉलेज शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से सम्पर्क पर कर छात्र-छात्राओं को गांधी वाटिका में भ्रमण करवाये जाने के लिए प्रेरित कराने हेतु भी निर्देश दिए। 

    राजेश यादव ने म्यूजियम में हिन्दी ऑडियों को अंग्रेजी भाषा में अनुवाद करवाकर पर्यटकों की डिमाण्ड अनुसार दिखाया जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यहाँ प्रदर्शित गाँधी जी से जुड़ी सामग्री की बुकलेट छपवाने और इस संग्राहालय के सम्बन्ध में डिजिटल जानकारी अन्य पर्यटक स्थलों पर प्रदर्शित किये जाने के निर्देश दिए।

    प्रमुख शासन सचिव ने गांधी वाटिका में लाईब्रेरी में पुस्तकों की संख्या को बढ़ाने और रेफरेन्स लाइब्रेरी के रूप में तैयार किया जाने निर्देश दिए। 

    प्रमुख शासन सचिव ने गांधी वाटिका में जवाहर कला केन्द्र की तर्ज पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को चालू किया जाने एवं उपलब्ध जगहों को यथोचित किराये के साथ संस्थानों को उपलब्ध करवाये जाने के निर्देश दिए।

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    जर्जर सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण कर त्वरित रूप से शुरू किए जाएं मरम्मत कार्य

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के सरकारी स्कूल में हुए दुखद हादसे के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने समस्त जिलों के जिला प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कार्यकारी एजेंसी, समसा एवं आरएसआरडीसी सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी भवनों, विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों सहित अन्य सार्वजनिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य करवाए जाएं। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए, जो 5 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीपलोदी हादसे से हम सब दुखी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए भवनों के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। हाल ही में जिन भवनों की मरम्मत का काम किया गया है, उनकी भी जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा कमी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

    जर्जर भवनों को खाली कराकर किया जाए पुनर्वास-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित पाए जाने पर भवनों को तुरंत खाली करवाया जाए और प्रभावितों का अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित कर उनके लिए अस्थायी कक्षाओं का संचालन सामुदायिक भवनों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर किया जाए। उन्होंने इसके लिए शिक्षा विभाग को तुरंत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 

    जर्जर तथा नवीन भवनों के लिए किया बजटीय प्रावधान-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2024-25 में प्रदेश की राजकीय शिक्षण संस्थाओं और 750 विद्यालयों के भवनों की मरम्मत हेतु 250 करोड़ रूपये की बजट घोषणाएं की थी। साथ ही, बजट 2025-26 में भी भवनविहीन व जर्जर विद्यालयों के नवीन भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए 375 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए 28 करोड़ रूपये दे रहे हैं। साथ ही डांग, मगरा, मेवात क्षेत्र विकास योजना, एमएलए लेड, एमपी लेड और जनजाति क्षेत्र विकास योजनाओं की राशि से भी ये कार्य करवाए जा सकते हैं।

     भवनों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट के लिए स्थायी तंत्र हो विकसित-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सरकारी भवन की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य की जाए। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर स्थायी तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों और स्थानीय पंचायतों को भवन सुरक्षा एवं रखरखाव के लिए प्रशिक्षित किया जाए।

    आंगनबाड़ी केन्द्रों के रखरखाव पर दिया जाए विशेष ध्यान-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का अनिवार्य निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में 5 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवनों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

    पीपलोदी हादसे से मन व्यथित-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ के पीपलोदी में सरकारी विद्यालय की छत गिरने से हुआ हादसा दुखद एवं हृदय विदारक है। इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों की मृत्यु से मन व्यथित है। राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी अधिकारियों और डॉक्टर्स के संपर्क में हैं तथा प्रशासन को हादसे में घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को हालात का जायजा लेने के लिए भेजा गया है।बैठक के दौरान पीपलोदी हादसे पर दो मिनट का मौन रखकर मृतक बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। 

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    भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से राजस्थान के रत्न एवं आभूषण निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने के बाद राजस्थान के रत्न एवं आभूषण उद्योग को निर्यात के क्षेत्र में बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है। इस समझौते के तहत कीमती और सस्ते आभूषणों पर लगने वाले सभी टैरिफ समाप्त कर दिए गए हैं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीर स्टार्मर द्वारा लंदन में गुरुवार को हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत भारत के 99 फीसदी निर्यातों को यूके में शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नया बल मिलेगा। राजस्थान के लिए यह विशेष रूप से लाभदायक होगा क्योंकि यहां के रत्न एवं आभूषण उत्पादकों को अब यूके में शून्य टैरिफ दर पर निर्यात करने की सुविधा मिलेगी।

    वर्तमान में भारत से कीमती धातुओं के आभूषणों के निर्यात पर 2 से 4 प्रतिशत तक का सीमा शुल्क लगता है, जबकि सस्ती धातुओं के आभूषणों पर यह शुल्क 4 प्रतिशत है। एफटीए के प्रभावी होते ही ये सभी शुल्क शून्य हो जाएंगे।

    इस समझौते से मोती, प्रीशियस एण्ड सेमी प्रीशियस स्टोन, कीमती धातु एवं कृत्रिम आभूषण आदि जिन वस्तुओं पर शुल्क समाप्त किया गया है, उनमें मोती, कीमती/अर्द्ध-कीमती पत्थर, कीमती धातुएं, कृत्रिम आभूषण आदि पर मौजूदा टैरिफ समाप्त किए गए हैं।

    टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में लाभ

    यूके के बाजार में जीरो ड्यूटी पहुंच से राजस्थान का वस्त्र उद्योग भी लाभान्वित होगा, क्योंकि पहले यहां पर 12 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता था। इस बदलाव से 4500-7000 करोड़ रुपये के निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेष रूप से परिधान और होम टेक्सटाइल्स क्षेत्र में भारत के पड़ोसी देशों से राजस्थान बेहतर ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।

     मकराना और किशनगढ़ के विश्व प्रसिद्ध स्टोन एवं मार्बल उद्योग, राज्य की सीमेंट निर्माण इकाइयों एवं राजस्थानी पारंपरिक फर्नीचर और बेडिंग निर्माण इकाइयों को भी इस एफटीए से लाभ मिलेगा। 

    हस्तशिल्प के लिए बढ़ेंगी संभावनाएं

    राजस्थान की पारंपरिक पेंटिंग्स, पॉटरी और धातु शिल्प सहित हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए भी बड़ी संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। यूके के लक्जरी मार्केट और दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय की ओर से बढ़ती मांग इसमें सहायक होगी।

    इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल पार्ट्स 

    राजस्थान की इंजीनियरिंग गुड्स को भी कम टैरिफ का लाभ मिलेगा और यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। एफटीए से स्थानीय वैल्यू एडिशन नियमों के साथ ऑटो पार्ट्स के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। होंडा का टपूकड़ा संयंत्र इस क्षेत्र में राज्य की निर्माण क्षमता को दर्शाता है, जहां से इंजन पार्ट्स और क्रैंकशाफ्ट जैसे उत्पादों का निर्यात यूके और अन्य देशों में किया जाता है।

    ‘राइजिंग राजस्थान’ पार्टनरशिप कॉन्क्लेव-2025

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के अनुसरण में ‘राइजिंग राजस्थान’ पार्टनरशिप कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन करने जा रही है। आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव भारत और यूके सहित अन्य देशों के बीच व्यापारिक साझेदारियों को मजबूती प्रदान करेगा और यह भी प्रदर्शित करेगा कि किस प्रकार सरकार उद्योगों, बहुपक्षीय संगठनों और स्टार्टअप्स के साथ सहयोग को बढ़ावा दे रही है। यह सम्मेलन पहले किए गए एमओयू की प्रगति के साथ-साथ राजस्थान में उद्योगों के कारण आ रहे सामाजिक-आर्थिक बदलाव को भी रेखांकित करेगा। 

    भजनलाल शर्मा ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के व्यापारिक समझौतों में राष्ट्रहित सदैव सर्वोपरि रहता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश की वैश्विक आर्थिक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों को बढ़ावा देगा।  

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    गैर मान्यता प्राप्त नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में शुक्रवार को जयपुर कलेक्ट्रेट  में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को गैर मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने औरप्रभावी कार्रवाई करने  के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में युवाओं को नशे की लत से दूर करने और दूर रखने के लिए कार्ययोजना का  क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

    जिला कलक्टर ने अधिकारियों को मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ शिक्षण संस्थाओं के पास स्थित दुकानों पर तम्बाकू उत्पाद बेचने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दवा दुकानों की जांच करने एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री, तय सीमा से अधिक दवा बिक्री, बिना लाइसेंस के दवा बिक्री सहित समस्त प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ भी  प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

     जिला कलक्टर ने औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को  जिले की शत प्रतिशत दवा दुकानों  पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए दुकानदारों को प्रेरित करने के निर्देश दिये। औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निलंबन एवं निरस्त करने की कार्रवाई की  जा रही है। कलेक्टर ने युवाओं को नशे की जद में आने से बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

    उन्होंने नशा मुक्त जयपुर अभियान को जन-जन का अभियान बनाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार— प्रसार सुनिश्चित कर अधिक से अधिक युवाओं को अभियान के तहत ई-शपथ लेने के लिए प्रेरित करने भी निर्देश दिये।

    जिला पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राशि डोगरा डूडी ने बताया कि कोटपा अधिनियम, 2003 सिगरेट और तंबाकू से जुड़े उत्पादों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करना, तंबाकू बेचना और तंबाकू से जुड़े विज्ञापन करना मना है। कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल हो सकती है।  18 साल से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू एवं इससे बने नशीले पदार्थ बेचना निषेध है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान ऑपरेशन नॉक आउट चलाया जा रहा है।

    बैठक में जानकारी दी गई कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (एफ) के तहत नारकोटिक्स के मुकदमे के अपराधियों के विरुद्ध वित्तीय जांच करने का प्रावधान है। एक्ट के प्रावधानों के तहत इस मुकदमे के 6 साल पूर्व तक की अवधि में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों, चाहे वह परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर हो अथवा बेनामी हो, को सीज अथवा फ्रीज किया जा सकता है। एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा में बरामद मादक पदार्थों के तस्करों एवं ऐसी प्रवृत्तियों में अभ्यस्त तस्करों को एक साल तक जेल में निरुद्ध करने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आमजन मानस पोर्टल अथवा हेल्पलाइन नंबर 1933 पर ऐसे अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को जिले में बिना लाइसेंस के संचालित अवैध नशामुक्ति केन्द्रों पर प्रभावी कार्रवाई के एवं नवजीवन योजना के चिन्हित व्यक्तियों परिवारों को योजना के लाभांवित करने के लिए निर्देशित दिये।

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    पशु चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने आगामी अगस्त माह में आयोजित होने वाली राजस्थान प्री वेटरिनरी टेस्ट का आयोजन पूर्ण पारदर्शी तरीके से करवाने के निर्देश दिए हैं।

    डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में इस परीक्षा के आयोजन की तैयारियां सुनिश्चित करने के लिए बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय, (राजुवास) बीकानेर/ जोबनेर, जयपुर के संघटक पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालयों एवं संबद्ध वेटरिनरी कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था, स्टाफ, आवश्यक सुविधाओं आदि की भी समीक्षा की गई। 

     डॉ. समित शर्मा ने  कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी,  दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया केंद्रीकृत होगी। राज्य सरकार परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया की शुचिता के बारे में बहुत गंभीर है, अगर कोई भी अप्रिय मामला कहीं भी सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    उल्लेखनीय है कि राजस्थान प्री वेटरिनरी टेस्ट की परीक्षा 3 अगस्त को प्रदेश के चार शहरों उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जयपुर के 33 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। शासन सचिव ने निर्देश दिए कि इन केंद्रों पर शुचितापूर्ण परीक्षा की  सारी माकूल व्यवस्थाएं आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने राजुवास प्रभारी को निर्देश दिए कि परीक्षा से पहले मानक संचालन प्रक्रिया जारी हो जानी चाहिए। डॉ शर्मा ने सीटों की हेराफेरी की किसी भी सम्भावित घटना को रोकने के लिए एक सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा डिप्लोमा कार्यक्रम के संचालनकर्ता कॉलेजों की संबद्धता तभी करें जब वे राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के सभी मानकों को पूरा करते हों।

     डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी पशु चिकित्सा संस्थानों को राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के मानदंडों पर काम करना होगा, इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं हो। 

    उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 जुलाई तक सभी कॉलेजों को वेबसाइट पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस  प्रदर्शित करनी होगी, अध्यापकों की पारदर्शी सूची प्रदर्शित करने आदि नियमों का पालन करना होगा अन्यथा कॉलेजों की असंबद्धता के लिए राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद को अनुशंसा भेज दी जाएगी। उन्होंने सभी कॉलेजों को सभी प्रकार के उपकरण और औजार की उपलब्धता और उनका उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि कॉलेज के संचालन में भी पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए कि पूरे सत्र का कैलेंडर पूर्व में ही तैयार करें और उसकी अनुपालना भी सुनिश्चित करें।  सत्र समय पर प्रारंभ हों और समय पर समाप्त होना भी सुनिश्चित हो।

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    राज्य में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने की बनेगी कार्ययोजना

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    राज्य में क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक गैस के प्रदेश में ही औद्योगिक उपयोग की कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने शुक्रवार को सचिवालय में पेट्रोलियम विभाग, ऑयल इण्डिया, ओएनजीसी और कैयर्न वेदान्ता के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में तेल और गैस के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नवीनतम तकनीक को अपनाने और एक्सप्लोरेशन कार्य को गति देने के निर्देश दिए । उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में 60 से 61 हजार बैरल क्रूड ऑयल और लगभग 3.2 मिलियन घन मीटर प्राकृतिक गैस का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है।

    रविकान्त ने कहा कि तेल उत्पादक कंपनियां प्रदेश के सीमेंट प्लांटों विशेषकर जैसलमेर में स्थित प्लांट्स में ग्रीन उर्जा के रुप में गैस की उपलब्धता और उपयोग की संभावनाओं को तलाशे। इससे प्रदेश में उत्पादित प्राकृतिक गैस का प्रदेश में ही औद्योगिक उपयोग हो सकेगा और इससे उत्पादक कंपनियों को यहीं पर बाजार और सीमेंट कंपनियों को सस्ती व हरित उर्जा प्राप्त हो सकेगीं। इसके लिए निदेशक पेट्रोलियम को भी समन्वय व सहयोग के निर्देश दिए।

    प्रमुख सचिव रविकान्त ने बताया कि राज्य के बाड़मेर-सांचोर बेसिन में केयर्न वेदान्ता, जैसलमेर बेसिन और बीकानेर-नागौर बेसिन में ऑयल इण्डिया और ओएनजीसी कच्चे तेल और गैस का उत्पादन कर रही है। उन्होंने कहा कि तीनों बेसिन में तेल और गैस के प्रचुर भण्डार को देखते हुए खोज और उत्पादन में नई तकनीक अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सीएसआर गतिविधियों को भी विस्तारित करने पर जोर दिया।

    कैयर्न इण्डिया की और से परियोजना निदेशक विनय माथुर, एक्स्पलोरेशन प्रमुख राजकुमार यादव, कॉरपोरेट अफेयर प्रमुख शाश्वत कुलश्रेष्ठ और राहुल दत्त माथुर ने कैयर्न की परियोजनाओं, भावी कार्यक्रमों और सीएसआर गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। इसी तरह से ऑयल इण्डिया के ईडी आरएफ संजय वर्मा, संजय धीरज रितुपर्ण शर्मा और पंकज मलिक ने प्रजेंटेशन के माध्यम से वर्तमान प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। ओएनजीसी के जीजीएम बेसिन मैनेजर विकास मोहन, सीजीएम तरुण कुमार और जीएम प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि ओएनजीसी द्वारा उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार कर ली है और अगस्त माह से क्रियान्वयन आरंभ हो जाएगा।

    पेट्रोलियम निदेशक अजय शर्मा ने बताया कि राज्य में इन कंपनियों से गत वित्तीय वर्ष में 2688 करोड़ 91 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य मेंगत वर्ष 24.88 ​मिलियन बैरल क्रूड ऑयल   व 1250.82 मिलियन घन मीटर गैस का उत्पादन हो रहा है।

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    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत किया पौधारोपण

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    सिरोही जिले के प्रभारी एवं उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने मनोरमा गौलोक तीर्थ नंदगांव परिसर (केशुआ) में शुक्रवार को एक पेड़ मां के नाम तथा हरियालो राजस्थान कार्यक्रम के तहत पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया।

    इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सभी को प्रकृति से जोड़ने, उसके संरक्षण के प्रयास करने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की बात करते हुए ऐसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि पेड़ लगाने के साथ-साथ लगाए हुए पेड़ों का संरक्षण भी अति आवश्यक है। उन्होंने अधिक से अधिक पेड़ लगाने व पेड़ों को नही काटने का संदेश दिया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन ने गौशाला के वृहद परिसर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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    शिक्षा के लिए कालीबाई के बलिदान का सदैव किया जाएगा स्मरण

    एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। नेशन फर्स्ट का ध्येय लेकर संवेदनशीलता के साथ देश की प्रगति में सहभागी बनकर युवा अपनी ऊर्जा का सदुपयोग सही दिशा में कर सकते हैं।

    वासुदेव देवनानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से शुक्रवार को उदयपुर जिले के रविन्द्रनाथ टैगौर महाविद्यालय सभागार में आयोजित वीर बाला कालीबाई प्रतिभा सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज का समय नवाचारों का समय है जिसके बल पर युवा आधुनिक दौर में तकनीक का समुचित उपयोग करते हुए राष्ट्र के पुनर्निर्माण में सहभागी बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलम्बी बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए विभिन्न योजनाएं प्रारम्भ की हैं। युवाओं को चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ लेते हुए स्वावलम्बी बनें और दूसरों को रोजगार प्रदान करने में सक्षम बनें। चर्चित खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए देवनानी ने कहा कि युवा अधिक से अधिक संख्या में खेल से जुड़ें और अपनी ऊर्जा का उपयोग करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें।

     बाबूलाल खराड़ी ने याद किया काली बाई का बलिदान—

    शिक्षा और शिक्षक को बचाने के लिए अंग्रेजों से भिड़ जाने और अपनी जान देने वाली वीर बाला काली बाई के बलिदान का स्मरण करते हुए जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा को लेकर अपना सर्वाच्च बलिदान देने वाली काली बाई विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।

     उदयपुर जिले की 800 से अधिक प्रतिभाएं सम्मानित—

    कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र की 800 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जिले भर के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थी, विश्वविद्यालयों के गोल्ड मेडलिस्ट, एग्रीकल्चर, मेडिकल, फार्मेसी, एनएसएस, एनसीसी, खेलों में चयनित छात्रों को सम्मानित किया गया।

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    जिम्बॉब्वे में अलवर की प्रतिष्ठित सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किये जाने का रखा प्रस्ताव

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    केंद्रीय वन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने जिम्बाब्वे में आयोजित रामसर कॉप-15 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अलवर की प्रतिष्ठित सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किये जाने का प्रस्ताव रखा है।

    भूपेंद्र यादव ने वेटलैंड कन्वेंशन की महासचिव डॉ. मुसोंड़ा मुंम्बा से मुलाकात कर उनके समक्ष सिलीसेढ़ झील के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी साझा करते हुए सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किये जाने का प्रस्ताव रखा है। रामसर स्थल के रूप में नामित होने पर सिलीसेढ झील को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता, संरक्षण प्रयासों में वृद्धि और सतत विकास तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के अवसर मिलेंगे।  

       उल्लेखनीय है कि 91 रामसर स्थलों के साथ भारत में अब एशिया में सबसे अधिक रामसर साइटें हैं। हाल ही में राजस्थान के फलौदी में खीचन और उदयपुर में मेनार को रामसर स्थल घोषित किया गया है। भारत ने वेटलैंड कन्वेंशन के समक्ष अरुणाचल प्रदेश के ग्लो लेक, बिहार के गोगाबिल लेक, गुजरात के छारी ढांड वेटलैंड रिज़र्व और गोसाबरा वेटलैंड को भी रामसर स्थलों की सूची में सम्मिलित करने का प्रस्ताव रखा है। रामसर साइटों की यह वृद्धि भारत की आर्द्रभूमि के संरक्षण और प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रामसर साइटों की संख्या में वृद्धि, अमृत धरोहर जैसी पहल और वेटलैंड शहरों की मान्यता से यह स्पष्ट है कि भारत वेटलैंड्स के संरक्षण को महत्व दे रहा है।

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    संसदीय कार्य मंत्री ने शुक्रवार को सुरपुरा बांध का किया अवलोकन

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    संसदीयकार्य विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर में जलसंसाधन विभाग और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथसुरपुरा बाँध का अवलोकन किया और अधिकारियों से जल भराव क्षमता और वर्तमान जल स्तरकी जानकारी ली।

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार समुचित जलापूर्ति की दिशा मेंकृत संकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लम्बित परियोजनाओं केकार्य तीव्र गति से धरातल पर उतर रहे हैं। 

    जल जीवन मिशन की समयावधि 2028 तक बढ़ाई गई जोगाराम पटेल ने कहा कि राम जल सेतुलिंक परियोजना, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना जैसी विभिन्न परियोजनाओं काकार्य पूर्ण होने पर पेयजल, कृषि एवं उद्योगों के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा किमुख्यमंत्री के अथक प्रयासों से केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समयावधि 2028 तक के लिएबढ़ाई है, जिससे जेजेएम की लंबित परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने पर हर घर तक नल से जल पहुंचेगा।  

    सुरपुरा बांध पर्यटक स्थल के रूपमें होगा विकसितसंसदीय कार्य मंत्री नेअधिकारियों को बांध पर सड़क निर्माण, फैंसिंग औरलाइटिंग की व्यवस्था के लिए प्लान बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंनेसुरपुरा बांध क्षेत्र को जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने केलिए आवश्यक आधारभूत अवसंरचना के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सुरपुरा बांध पर जोधपुर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित सफारीपार्क एवं प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जिससे स्थानीयलोगों को रोजगार मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।

    जोगाराम पटेल ने आरजीएलसी फेज तृतीयके अधीक्षण अभियंता से परियोजना की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीयअधिकारियों को जोधपुर की भावी पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखकर स्टोरेज क्षमताबढ़ाने के लिए उम्मेद सागर पर अलग से प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए।

    संसदीय कार्य मंत्री ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की माणकलाव- दईजर- बनाड़ 37 गांवों कीपेयजल परियोजना की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को तयसमयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा इस परियोजना के पूर्णहोने पर विधानसभा क्षेत्र लूणी के 13 गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चितहोगी। 

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    झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय में हुए हादसे पर राज्यपाल की शोक संवेदना

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुए हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने हादसे में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है।

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    राज्यपाल से नव नियुक्त कुलगुरु ने की शिष्टाचार भेंट

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से शुक्रवार को राजभवन में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के नव नियुक्त कुलगुरु  प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने मुलाकात की।राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी।

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    प्रभारी मंत्री ने आमजन से अधिकाधिक पौधे लगाने की अपील की

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण मंत्री तथा सीकर जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर "हरियालो राजस्थान – मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान" के अंतर्गत स्मृति वन, सीकर में हार सिंगार, गुलसरी सहित ओषधिये पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे आएं और अधिक से अधिक पौधे लगाकर राजस्थान को हरित बनाने में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह भावी पीढ़ी को स्वच्छ जल, वायु और जलवायु प्रदान करने का माध्यम भी हैं।

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    प्रवासी राजस्थानियों के लिए निवेश की नई राह

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान फाउंडेशन ने ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) के सहयोग से  राजस्थान फाउंडेशन की नॉलेज सीरीज के दूसरे एपिसोड के तहत ‘राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS) 2024’ पर एक विशेष वर्चुअल सत्र का आयोजन किया। यह संवाद प्रवासी राजस्थानियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया, जिसमें भारत सहित अमेरिका, यूएई, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, युगांडा, सिंगापुर, जापान जैसे देशों से प्रवासी उद्यमियों व निवेशकों ने भागीदारी की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य प्रवासी निवेशकों को राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप निवेश प्रोत्साहन योजना RIPS 2024 के तहत मिलने वाले लाभों व प्रावधानों से अवगत कराना था। सत्र के दौरान राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा, बीआईपी के आयुक्त श्री सुरेश ओला व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    इस योजना के तहत किए गए निवेश पर सब्सिडी, टैक्स छूट, भूमि आवंटन में प्रोत्साहन, बिजली दरों में रियायतें और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इनकी जानकारी प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को दी गई। सत्र में यह भी बताया गया कि इस योजना में स्टार्टअप्स, एमएसएमई, महिला व युवा उद्यमियों के लिए अतिरिक्त लाभों के साथ-साथ टेक्सटाइल, आईटी, रिन्यूएबल एनर्जी, सेरेमिक्स, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग और अन्य सनराइज़ सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है। यह सत्र प्रवासी राजस्थानियों के लिए निवेश के नए द्वार खोलने और उन्हें राज्य की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

    राज्य के “राजनिवेश पोर्टल” के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी गई। यह पोर्टल उद्योगों से जुड़ी सभी जानकारियाँ, अनुमोदन प्रक्रियाएँ और आवश्यक सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल पर एमओयू (MOU) के लिए आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है। इसी पहल के माध्यम से राज्य सरकार ने अब तक ₹35 लाख करोड़ मूल्य के एमओयू साइन किए हैं।

    वर्चुअल सत्र के दौरान RIPS 2024 के अंतर्गत MSME और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए, जिनमें पात्रता, विस्तार निवेश की शर्तें, केंद्रीय व राज्य योजनाओं के साथ समन्वय, क्लस्टर इंसेंटिव, निजी औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश, आवेदन प्रक्रिया और प्रोत्साहनों की सीमा आदि शामिल रहे। अधिकारियों ने सभी प्रश्नों के स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित उत्तर देते हुए यह सुनिश्चित किया कि योजना निवेशकों के लिए व्यावहारिक, पारदर्शी और लचीली है, जिसमें छोटे व मध्यम उद्यमों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। BIP अधिकारियों ने प्रवासी निवेशकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि प्रवासी भारतीयों की उद्यमशीलता को स्थानीय विकास से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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    राज्य में नगरीय निकायों के पुर्नगठन को लेकर बैठक आयोजित

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    राज्य सरकार के आदेशों की अनुपालना में गुरुवार को स्वायत्त शासन विभाग में नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावशाली, उत्तरदायी एवं समावेशी बनाने की दिशा में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों के पुनर्गठन एवं पुनर्सीमांकन से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में मंत्रीमण्डलीय उप समिति के सदस्य एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राज्यमंत्री वन विभाग संजय शर्मा, राज्यमंत्री सहकारिता गौतम कुमार तथा समिति के संयोजक राज्यमंत्री नगरीय विकास झाबर सिंह खर्रा द्वारा इस बैठक में जोधपुर, भरतपुर एवं जयपुर संभाग की नगरीय निकायों के पुर्नगठन एवं पुर्नसीमांकन के प्रस्तावों पर समीक्षा एवं चर्चा की गई।

    मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नगरीय निकायों के वार्ड सीमांकन/पुनर्गठन में विचलन के संबंध में बताया की पूर्ववर्ती सरकार के समय वर्ष 2019 में राज्य की कुल 196 नगरीय निकायों में वार्ड सीमांकन/पुनर्गठन किया गया था। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नगरीय निकायों के वार्ड सीमांकन/पुनर्गठन में 10 प्रतिशत तक के विचलन का मापदण्ड निर्धारित किया गया था। परन्तु पूर्ववर्ती सरकार द्वारा निर्धारित किए गए मापदण्ड के पश्चात् भी कुल 196 नगरीय निकायों में से 128 नगरीय निकायों में मापदण्ड से बहुत ज्यादा का विचलन था, जो कि कुल नगरीय निकायों का लगभग 65 प्रतिशत है।

    उन्होंने निकायों के पुनर्गठन के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा की यह प्रक्रिया न केवल नगरीय प्रशासन को अधिक संगठित और जनोन्मुखी बनाएगी, बल्कि स्थानीय शासन में पारदर्शिता, समावेशिता और उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करेगी। 

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    राज्य सरकार डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों की निःशुल्क यात्रा कराएगी

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों का प्रसार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक अभिनव पहल की है। राजस्थान के अनुसूचित जाति वर्ग के मूल निवासी को राज्य सरकार संविधान निर्माता बाबा साहब के जीवन से जुड़े उन पांच ऐतिहासिक स्थलों-पंचतीर्थ की निःशुल्क रेल यात्रा कराएगी, जिनसे उनके महान व्यक्तित्व का साक्षात्कार होता है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह योजना ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना’ की तर्ज पर संचालित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है डॉ. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष और उनका संविधान निर्माण में अतुलनीय योगदान समाज के लिए प्रेरणापुंज है। अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक और आत्मिक उत्थान की दिशा में बाबा साहब के विचार अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार की इस योजना से अनुसूचित जाति के यात्री बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। ये पंचतीर्थ सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों की त्रिवेणी है, जो भारतीय जनमानस का मूल तत्व है। 

    यात्रा के साथ ही आवास और भोजन का व्यय भी वहन करेगी राज्य सरकार —

    इस योजना के अंतर्गत बाबा साहब की जन्मभूमि-महू (मध्यप्रदेश), दीक्षा भूमि-नागपुर (महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि-दिल्ली/अलीपुर, चैत्य भूमि-मुंबई, इंदू मिल-मुंबई (वर्तमान में स्मारक के रूप में विकसित) की यात्रा करायी जाएगी। इन सभी स्थलों तक यात्रियों को रेल मार्ग से पहुंचाया जाएगा। यात्रा, आवास और भोजन का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा। 

    प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के मूल निवासी कर सकेंगे आवेदन

    योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाला व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी एवं अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए तथा उसके पास जनआधार कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। साथ ही, आवेदक किसी संक्रामक रोग (जैसे कोविड, टीबी) से ग्रसित नहीं होना चाहिए। आवेदन के साथ चिकित्सीय प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यात्रा के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं।

    यात्रियों के चयन के लिए होगा समिति का गठन —

    योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। यदि आवेदन संख्या अधिक होती है तो यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी या अन्य पारदर्शी माध्यम से किया जाएगा। चयन सूची और प्रतीक्षा सूची विभागीय वेबसाइट व सूचना पोर्टल पर जारी की जाएगी।

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    खुशहाली की हुई बारिश, धन्य है राजस्थान

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बीसलपुर बांध का पूरा भरना अत्यंत हर्ष का विषय है। यह पहली बार है जब जुलाई माह में बीसलपुर बांध का गेट खोला गया है। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना के घटक नवनेरा बांध (इटावा, कोटा) का भरना भी जलापूर्ति के साथ ही कृषि कार्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी अंचलों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसी विभिन्न योजनाओं तथा इंदिरा गांधी नहर एवं गंगनहर के माध्यम से किसान सहित सभी वर्गों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसून में अच्छी बारिश होने से निर्बाध और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

    दो वर्षों तक लगातार भरा बीसलपुर —

    उल्लेखनीय है कि 24 जुलाई 2025 की तारीख ने प्रदेश में नया इतिहास रचा है। बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर पर पहुंच गई। इसके बाद गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोल दिया गया, जिससे लगभग 6000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जुलाई में ही बीसलपुर बांध भर गया है। साथ ही, यह पहली बार है कि लगातार दो वर्षों (2024-2025) तक बीसलपुर बांध भरा है। गौरतलब है कि यह बांध परियोजना जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिले की लगभग एक करोड़ आबादी को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।

     नवनेरा बांध के तीन गेट खोले गए —

    वहीं नवनेरा बांध भी गुरुवार को पूरा भर गया। इसका लेवल 214 आरएल मीटर पहुंच गया जिसके बाद इसके गेट नंबर 11, 12 व 13 को खोल दिए गए। इससे 600 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इस निकासी से अपस्ट्रीम में कालीसिंध नदी के आस-पास कुंओं और भूजल के स्तर में वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि बांध की कुल भराव क्षमता 226.65 मिलियन क्यूबिक मीटर है एवं बांध की वर्तमान भराव क्षमता 159.87 मिलियन क्यूबिक मीटर है।

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    हरियालों राजस्थान अभियान में लगे पौधों की पूरी देखभाल हो

    एन.एस.बाछल, 25 जुलाई, जयपुर।

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जो पौधे लगाए जाएं उनकी पूरी देखभाल हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि सारे पौधे जीवित रहें। उन्होंने पिछले साल लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल विभाग की ओर से लगाएं गए पौधों में से 70 प्रतिशत पौधे जीवित हैं।

    शिक्षा मंत्री गुरूवार शाम को कोटा सर्किट हाउस में जिला कलक्टर एवं अन्य अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 27 जुलाई को हरियाली तीज पर जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर जिले में 16 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें विभिन्न विभागों को पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है।  संबंधित विभागों द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यालयों, विद्यालय परिसरों, खेल मैदानों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, संस्थानों एवं शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण कराया जाएगा।

      मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विभिन्न विभाग इस लक्ष्य के अलावा भी अधिक से अधिक पौधारोपण करें। जो पौधे लगाए जा रहे हैं उनकी जियोटेगिंग की जाए और उनकी देखभाल की पूरी व्यवस्था हो। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को 6 लाख 32 पौधे लगाने का लक्ष्य अलग सेदिया गया है। उन्होंने शिक्षकों एवं छात्रों के साथ साथ सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी अधिक से अधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए। निजी शिक्षण संस्थानो की प्रतिनिधियों संस्थाओं से भी चर्चा कर पौधारोपण करने के लिए प्रेरित करने को कहा।

      शिक्षा मंत्री ने पीडब्यूडी अधिकारियों को सड़कों के किनारे खाली जगह पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए। पीएचईडी द्वारा 18 बडे हैडवर्क्स पर एक-एक हजार पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही 12 सहायक अभियंताओं को प्रति अभियंता एक-एक हजार पौधे लगाने कालक्ष्य  दिया गया है। ऊर्जा विभाग द्वारा प्रति एईएन 500-500 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को सीड बॉल तैयार करने की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर को धुमन्तु और अर्द्ध धुमन्तु परिवारों को पट्टे देने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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    103 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ राजस्थान देश में पहले पायदान पर

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में खान विभाग ने मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजस्थान पूरे देश में मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में पहले पायदान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2016 में अधिसूचित किए गए प्रावधानों से अब तक पूरे देश में प्रधान खनिज के 500 ब्लॉक आवंटित हुए हैं, इनमें से राजस्थान में ही देश के 20 प्रतिशत से अधिक यानी 103 ब्लॉक आवंटित हुए है। वहीं, राज्य सरकार के गत 18 माह के अल्प कार्यकाल में ही 64 ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है। इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार सभी ब्लॉक्स के शीघ्र परिचालन के लिए तत्परता से कार्य कर रही है ताकि प्रदेश में निवेश और राजस्व की वृद्धि अधिक से अधिक हो सके।

    अवैध खनन पर सख्ती, वैध खनन को प्रोत्साहन

    राज्य सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री शर्मा की मंशानुसार खान विभाग ने एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन, ब्लॉक निर्माण और पारदर्शी ऑक्शन की प्रभावी योजना पर कार्य किया है। जिसके अंतर्गत मिनरल ब्लॉक्स के निस्तारण के संबंध में त्वरित निर्णय लिए जा रहे है। सरकार के गठन के तीन माह के भीतर ही (मार्च 2024 तक) 15 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से कर दी गई। वहीं, वर्ष 2024-25 में अकेले 34 ब्लॉकों की नीलामी कर एक नया कीर्तिमान हासिल किया गया। खान विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में जुलाई तक 15 ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है और 12 ब्लॉकों की प्रक्रिया जारी है। वहीं, खान विभाग ने रॉयल्टी राजस्व में एक नया रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2024-25 में रॉयल्टी राजस्व 9 हजार 228 करोड़ रहा है, जो गत वर्ष से 24 प्रतिशत अधिक है।

     

    पोस्ट-ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल का गठन

    नीलाम किए गए ब्लॉकों को जल्द परिचालन में लाने की दिशा में राज्य सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है ताकि निवेश, रोजगार और राजस्व में ज्यादा से ज्यादा वृद्धि हो सके। खान विभाग ने जुलाई माह में राजस्व, वन एवं पर्यावरण, भारतीय खान ब्यूरो और स्टेट एनवायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी (सिया) सहित संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाकर खनिज ब्लॉकों और प्लॉटों के परिचालन को गति देने की अभिनव पहल की है। साथ ही, विभाग ने आगामी नवंबर-दिसंबर तक 10 नई खानों को परिचालन में लाने की रणनीति भी बना ली है। प्रशासनिक अनुमतियों को तेजी से निस्तारित करने के लिए पोस्ट-ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल का गठन भी किया गया है, जो विभिन्न विभागों व स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है।

    राज्य सरकार के प्रयासों की केन्द्र सरकार ने की प्रशंसा

    मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में राजस्थान की उपलब्धि का कारण पारदर्शी और प्रभावी ऑक्शन प्रक्रिया है, जिसकी सराहना केन्द्र सरकार ने भी की है। भारत सरकार के खान मंत्रालय ने इस वर्ष जनवरी में कोणार्क, ओडिशा में आयोजित राज्य खनन मंत्रियों के तीसरे सम्मेलन में खनिज ब्लॉकों की नीलामी में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए राजस्थान को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि अब तक की गई नीलामी में 77 ब्लॉकों के लिए माइनिंग लीज और 26 ब्लॉकों के लिए कंपोजिट लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से 75 लाइमस्टोन, 11 आयरन ओर, 5 बेसमेटल, 3 मैगनीज, 2 गोल्ड, 4 सिलियस अर्थ, 2 पोटाश और 1 गारनेट ब्लॉक शामिल हैं। 

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    पर्यावरण की रक्षा मानवता की रक्षा है, खेजड़ली की चेतना युगों तक अमर रहेगी

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को जोधपुर जिले की लूणी तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम खेजड़ली पहुंचकर शहीद अमृता देवी स्मारक पर 363 पर्यावरण शहीदों के स्मारक का अवलोकन किया। उन्होंने इस पावन स्थल को “पर्यावरणीय चेतना का तीर्थ” बताते हुए कहा कि यह स्थल भावी पीढ़ियों को प्राकृतिक संतुलन और संरक्षण का अमर संदेश देता है।

    राज्यपाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “खेजड़ली का यह बलिदान हमें बताता है कि प्रकृति की रक्षा केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कर्तव्य भी है। यह इतिहास नहीं, बल्कि एक प्रेरक ऊर्जा है, जो जलवायु संकट के दौर में मार्गदर्शक बनती है।”

    राज्यपाल बागडे ने गुरु जम्भेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में खेजड़ी के पौधे का रोपण कर नागरिकों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

    राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, “खेजड़ली की गाथा केवल राजस्थान का ही नहीं, सम्पूर्ण मानवता का गौरव है। यह हमें सिखाती है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।”

    इस अवसर पर राज्यपाल के साथ राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “खेजड़ली का बलिदान विश्व का पहला और सबसे बड़ा अहिंसक पर्यावरण जनांदोलन है। इस धरती ने मानव सभ्यता को सिखाया कि प्रकृति के बिना प्रगति अधूरी है।”

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    वन राज्यमंत्री ने विद्युत दुर्घटना में घायलों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के गांव बीचगांवा पहुंचकर बुधवार प्रातः कावड़ यात्रा के दौरान हुई विद्युत दुर्घटना में मृतक व घायलों के परिजनों से मुलाकात की।  उन्होंने मृतकों के परिजन को सांत्वना देकर ढांढस बंधाया तथा चिकित्सालय में भर्ती घायलों से मिलकर उनकी कुशलक्षेप पूछी तथा चिकित्सा प्रभारी अधिकारी को घायलों का मुस्तैदी से बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।

    संजय शर्मा ने परिजनों एवं ग्रामीणों से बातचीत कर कहा कि राज्य सरकार इस दुःखद घटना पर मृतकों एवं घायलों के परिजनों के साथ खडी है। उन्होंने जिला सामान्य चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढी सवाईराम में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछकर चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिये।

     मुख्यमंत्री ने दिखाई संवेदनशीलता- 

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस दुःखद दुर्घटना का पता लगते ही मुझे तुरन्त मौके पर जाने के लिए निर्देशित किया। उस समय मैं सचिवालय में स्टेट वेटलेण्ड अथॉरिटी की बैठक ले रहा था। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर मैं तुरन्त वहां से रवाना हुआ। साथ ही, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुर्घटना पर शोक संवेदना व्यक्त कर ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने तथा घायलों को शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की कामना की है। 

    जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि इस विद्युत दुर्घटना में दो मृतक गोपाल पुत्र श्री लालाराम प्रजापत एवं सुरेश पुत्र कजौडी प्रजापत के परिजनों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) के तहत 5-5 लाख रूपये एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम लि. द्वारा 5-5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी । घायलों को भी मां योजना के तहत नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के लिए कनिष्ठ अभियन्ता दिनेश सिंह जाट एवं तकनीकी सहायक तृतीय सोनू की प्रथम दृष्टया लापरवाही पाये जानेे पर इन दोनों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। साथ ही, विस्तृत जांच में जो भी अन्य कार्मिक दोषी पाये जाएंगे, उसके विरूद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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    रामेश्वरम के लिए राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    पुरानी परंपरा है कि हर व्यक्ति को तीर्थ यात्रा जरूर करनी चाहिए। मंदिरों और तीर्थों को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसी वजह से मंदिर या तीर्थ पर जाने से हमारे मन को शांति मिलती है। शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ किए गए काम में सफलता मिलती है। नई ऊर्जा मिलती है। यह बात देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठजन तीर्थयात्रा योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने रामेश्वरम-मदुरई के लिए “राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन“ को दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  

    देवस्थान मंत्री ने कहा कि भारतीय हिन्दू समाज में तीर्थों की असाधारण महिमा है। प्राचीन एवं मध्यकालीन समय में भारतवर्ष में तीर्थयात्राओं के माध्यम से समाज को अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त हुए। तीर्थस्थल भारतवर्ष की अखण्डता के जीवंत प्रतीक हैं। भिन्न-भिन्न जातियों एवं सम्प्रदायों के अनुयायी धार्मिक भावना से अभिप्रेरित होकर पारस्परिक भेदभाव को भुलाकर तीर्थ-स्थलों की यात्रा करते हैं। इस प्रकार एक सुदृढ़ सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय एकता की स्थापना होती है।

    776 वरिष्ठजन करेंगे विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन—

    देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस ट्रेन के जरिए कुल 11 जिलों- जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनु दौसा, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, करौली जिले के कुल 776 वरिष्ठजनों सहित 800 यात्री रामेश्वरम व मदुरई के लिए रवाना हुए हैं। जयपुर से 550 यात्री व सवाई माधोपुर से 250 यात्री सवार हुए हैं। यह ट्रेन 25 जुलाई को रामेश्वरम पहुंचेगी, रामेश्वरम में रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग, धनुषकोटि, ब्रह्मकुंड के दर्शन मुख्य रूप से कराएगी। इसके बाद मदुरई में मीनाक्षी मंदिर के दर्शन के बाद ट्रेन पुनः जयपुर के लिए प्रस्थान करेगी।

      एसी ट्रेन में वरिष्ठजनों के लिए विशेष सुविधाएं—

    कुमावत ने बताया कि यात्रा में सभी यात्रियों की देख-रेख हेतु एक ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में दो सरकारी कर्मचारी अनुदेशक, साथ ही एक डॉक्टर व दो नर्सिंग अधिकारी भी रहेंगे। राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में कुल 14 कोच हैं, जिसमें 10 यात्री कोच हैं। प्रत्येक तीर्थयात्री को तुलसी माला व पटवस्त्र देकर विदा किया गया है। राजस्थान के दुर्ग, पुरासम्पदा, मंदिर, नृत्य, वाद्य, उत्सव, कला आदि वैशिष्ट्य थीम पर अलग-अलग डिब्बों को सजाया गया है। मरुधरा में सूर्योदय व सूर्यास्त की स्वर्णिम आभा को प्रदर्शित करने के लिए इसकी थीम में पीताभ केसरिया रंग को वरीयता दी गयी है। डिजाइन में राजस्थान के राजसी स्वरूप के साथ-साथ मंदिर व शुभत्व के विविध प्रतीकों व चिह्नों का भी प्रयोग किया गया है। डिजाइन में राजस्थान की पहचान बने पशु-पक्षियों को भी विशेष स्थान दिया गया है। इनमें गाय व ऊँट के अतिरिक्त रणथम्भौर के बाघ व तालछापर के कृष्णमृग को भी स्थान दिया गया है। इससे पहले देवस्थान मंत्री ने रिबन काटकर ट्रेन में तीर्थ यात्रियों से मुलाकात कर उनके लिए उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

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    मुख्य सचिव ने बीकानेर हाउस में किया तीजोत्सव—2025 का विधिवत शुभारंभ

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में बुधवार को राजस्थानी तीज उत्सव 2025 का शुभारंभ राजस्थान के मुख्य सचिव और मुख्य आवासीय आयुक्त सुधांश पंत ने विधिवत रूप से किया। 30 जुलाई तक चलने वाले इस साप्ताहिक तीजोत्सव में राजीविका और रूडा द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों के स्टाॅल और फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाएगा।

                    मेले के शुभारंभ में श्री पंत ने बताया कि इस मेले से दिल्ली में रह रहे अप्रवासी राजस्थानियों सहित दिल्लीवासियों को भी राजस्थान की रंगारंग शैली, सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला से निर्मित उत्पाद, पारंपरिक संगीत, नृत्य, स्वादिष्ट व्यंजन और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थानी हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आनलाईन खरीदारी हेतु सरकार द्वारा विशेष ‘राजसखी ऐप/पोर्टल’ बनाया गया है जहां पर स्थानीय कारीगर अपने सामान को देश दुनिया में बिक्री के लिए प्रदर्शित कर सकते हैं। श्री पंत ने कहा कि राजीविका, रूडा स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बेहतर कार्य कर रही हैं।

    आवासीय आयुक्त जोगाराम ने बताया कि ‘तीज उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का उत्सव है। यह राजस्थान की रंगारंग कला और शिल्प को एक अनूठा मंच प्रदान करता है, जहां कलाकार अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन करते हैं।

    इस अवसर पर राजीविका की स्टेट मिशन डायरेक्टर नेहा गिरि ने कहा कि इस हैंडीक्राफ्ट मेले में राजीविका द्वारा उत्कृष्ट कला और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह क्रॉफ्ट मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि राजस्थान की महिला शिल्पकारों के कौशल और रचनात्मकता का उत्सव है। यह उन्हें एक व्यापक दर्शकों तक पहुंचने और आजीविका को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है।

    अतिरिक्त आवासीय आयुक्त अंजू ओमप्रकाश ने बताया कि प्रातः 11 बजे से 9 बजे तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रमों प्रस्तुत किए जाएंगे। 24 जुलाई को मेंहदी रैंप वाॅक, राजस्थानी नृत्य और गायन प्रतियोगिता, 28 जुलाई को लैमन स्पून रेस, रस्साकसी और 29 जुलाई को खो-खो और टरबन टाई प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

    मुख्य सचिव को रूमा देवी ने बांधी राखी

    उत्सव के अवलोकन के समय प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर  रूमा देवी ने मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत को राखी बांधकर तीजोत्सव एवं रक्षाबंधन की बधाई भी दी।

    राजस्थान पर्यटन द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन—

                    तीजोत्सव के शुुभारंभ के उपरांत राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक छतरपाल यादव ने बताया कि राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों ने मशक वादन, खडताल वादन, रिम भवई नृत्य, मयूर नृत्य, फूलों की होली, चरी और घूमर नृत्य, भपंग वादन पर अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर सभी आगंतुकों को मनमोह लिया। उन्होंने बताया कि 27 व 28 जुलाई को भी सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा।

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    किसानों को दिए जाने वाले भूमि मुआवजे की संशोधित नीति को मंजूरी

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में 400 केवी और उससे अधिक क्षमता की नवीन ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण पर पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) से प्रभावित भूमि हेतु किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की संशोधित नीति को स्वीकृति प्रदान की है।

    मुख्यमंत्री के किसानों के प्रति संवेदनशील निर्णय से अब 400 केवी एवं उससे अधिक ट्रान्समिशन लाइन के निर्माण में अतिरिक्त मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने किसानों की बरसों पुरानी मांग को स्वीकार किया है जिससे भविष्य में किसानों को ट्रान्समिशन लाइनों के पथाधिकार एवं टावर क्षेत्र में उपयोग में आने वाली भूमि का समुचित मुआवजा मिल सकेगा।

    राजस्थान में 8 नवम्बर, 2024 को लागू 132 केवी या उससे ज्यादा क्षमता की नई ट्रान्समिशन लाइन के निर्माण पर पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) से प्रभावित भूमि के बदले मुआवजा नीति में 400 केवी एवं उससे अधिक वोल्टेज की ट्रान्समिशन लाइनों के लिए आंशिक संशोधन किया गया है।

    ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने बताया कि संशोधित नीति से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ प्राप्त होगा जिससे किसानों के खेत में 400 केवी एवं उससे अधिक ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण पर होने वाले नुकसान की समुचित भरपाई हो सकेगी। इससे प्रदेश में अधिक क्षमता की ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण कार्य तीव्र गति से संपादित हो सकेंगे, जिसका लाभ प्रदेश के आम उपभोक्ताओं को भी अच्छी गुणवत्ता की बिजली के रूप मे मिल सकेगा। 

    ट्रान्समिशन लाइन में पथाधिकार (आरओडब्ल्यू)—

    पथाधिकार भूमि की एक पट्टी है, जहां ट्रान्समिशन लाइन का निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव किया जाता है। ट्रान्समिशन लाइन पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) का केंद्र है। पथाधिकार उन सभी पेड़ों, संरचनाओं और निर्माण को हटाता है जो बिजली लाइनों में बाधा डालते हैं।

    इस संशोधित नीति के अनुसार इन लाइनों के टावर के आधार क्षेत्र के लिए डीएलसी दरों के अनुसार भूमि मूल्य पर पहले से देय 200 प्रतिशत के अतिरिक्त अब 200 प्रतिशत मुआवजा और दिया जायेगा। टावर का आधार क्षेत्र, भूतल पर टावर के चारों पैरों से घिरा हुआ क्षेत्र होगा, साथ ही प्रत्येक तरफ एक मीटर का अतिरिक्त विस्तार भी होगा। 

    इसके अतिरिक्त पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) कॉरिडोर के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि मूल्य का 30 प्रतिशत, नगर पालिका और अन्य सभी शहरी नियोजन क्षेत्रों के लिए भूमि मूल्य का 45 प्रतिशत एवं नगर निगमों और महानगरीय क्षेत्रों मेें भूमि मूल्य का 60 प्रतिशत मुआवजा राशि देय होगी। 

    ये संशोधित पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) मुआवजा नीति सभी कार्यान्वयन एजेन्सियों (पारेषण लाइसेंसधारी), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और सभी निजी कम्पनियों पर लागू होगी, जो कि 400 केवी ट्रान्समिशन लाइन व उससे अधिक क्षमता की ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण में संलग्न है। यह नीति अन्तः राज्यीय एवं अन्तर राज्यीय दोनों तरह की पारेषण लाइनों पर लागू होगी।

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    जोधपुर डिस्कॉम की समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक ने दिए महत्त्वपूर्ण निर्देश

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने डिस्कॉम की मीटर एंड  प्रोटेक्‍शन (एमएंडपी) शाखा के कार्यों की प्रगति की बुधवार को न्यू पावर हाउस में आयोजित बैठक में समीक्षा की। यह बैठक हाइब्रिड मोड (सामाजिक एवं वर्चुअल माध्यम) में सम्पन्न हुई जिसमें जोन स्तर के वरिष्ठ अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों ने सहभागिता की ।

    प्रबंध निदेशक ने फीडर मॉनिटरिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए सभी 11 केवी फीडरों पर मोबाइल कम्युनिकेशन प्रणाली की स्थापना शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस संदर्भ में ठेका प्रदाता संस्था मैसर्स रेडियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंटरनेशनल प्रा. लि. को  जुलाई माह के अंत तक समस्त लंबित कार्य पूर्ण कर विस्तृत प्रतिवेदन मुख्यालय को प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।

     डॉ. भंवरलाल ने  पावर ट्रांसफॉर्मर में संभावित तकनीकी विफलताओं की रोकथाम हेतु फील्ड स्तर के अभियंताओं को जीपीएस आधारित नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान दिए । साथ ही सभी 33/11 केवी ग्रिड सब-स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति सूचक यंत्र (पावर इंडिकेटर) की स्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने एवं उक्त यंत्रों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

    बैठक में अधीनस्थ स्टोरों में वीसीबी एवं अन्य अनुमोदित सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने, उच्च उपभोगकर्ताओं के मीटर बॉक्सिंग कार्य को अभियानगत रूप से शीघ्र पूर्ण करने तथा लाइन लॉस में सुधार लाने के उद्देश्य से उसके नियमित विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए गए।

    प्रबंध निदेशक द्वारा वितरण प्रणाली से संबंधित सभी सुधारात्मक कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आगामी समीक्षात्मक बैठक में संबंधित अधिकारियों का मूल्यांकन कार्य निष्पादन के आधार पर किया जाएगा।

     प्रबंध निदेशक ने कहा कि निगम द्वारा किए जा रहे समस्त संरचनात्मक एवं तकनीकी सुधारों का प्रमुख उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित, सुलभ एवं गुणवत्तायुक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इन प्रयासों से विद्युत व्यवधानों में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को अधिक कुशल विद्युत सेवा प्राप्त होगी। इस प्रकार निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, गति एवं उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हुए उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जाएगा।

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    कार्यग्रहण नहीं करने वाले 3 बीएलओ निलंबित

    एन.एस.बाछल, 24 जुलाई, जयपुर।

    निर्वाचन संबंधी कार्य में लापरवाही बरतने एवं बीएलओ ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जयपुर के झोटवाड़ा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी डॉ. एल. एन. बुनकर ने निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने वाले 3 बीएलओ को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 व धारा 13 13 (सी) (सी) की प्रदत्त शक्तियों के तहत एवं राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 13 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

     डॉ. एल. एन. बुनकर ने बताया कि अध्यापक अभिलेश योगी, शारीरिक शिक्षक सुरेन्द्र चौधरी, संतोष बुढ़ानिया को बूथ लेवल अधिकारी नियुक्त किया जाकर कार्यग्रहण हेतु आदेशित किया गया था। उक्त कार्मिकों द्वारा उपस्थित नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर पुनः कार्यग्रहण हेतु आदेशित किया गया था, चुनाव लिपिक, संबंधित सुपरवाइजर एवं ईआरओ द्वारा कई बार दूरभाष पर निर्देशित किये जाने के बावजूद उक्त कार्मिकों द्वारा चुनाव जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में, घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई है। जिससे निर्वाचन का कार्य बाधित हुआ है।

    डॉ. एल. एन. बुनकर ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना एवं राष्ट्रीय महत्ता के कार्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एंव अनुशासनहीनता के चलते अध्यापक अभिलेश योगी, शारीरिक शिक्षक सुरेन्द्र चौधरी, संतोष बुढ़ानिया को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। 

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    जनजाति अञ्चल की बालिकाओं को मिले समुचित सुविधाएं

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बुधवार को राजसमंद जिले की राजकीय जनजाति बालिका महाविद्यालय छात्रावास, चंद्रदीप कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास में निवासरत छात्राओं से संवाद कर व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।

    उन्होंने अन्य मूलभूत आवश्यकताओं जैसे मेस, भोजन की गुणवत्ता, मीनू, कक्षा-कक्षों की स्थिति, साफ-सफाई सहित अन्य सुविधाओं की पूर्ति के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया और कहा कि छात्राओं को बेहतर एवं सम्मानजनक वातावरण देना विभाग की प्राथमिकता है। साथ ही, मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने छात्राओं से अध्ययन को लेकर भी चर्चा की। 

    मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राज्य सरकार जनजाति अंचल के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, पेयजल, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से जनजातीय छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित छात्रावास और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जनजाति समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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    राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल एवं एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में तकनीकी शिक्षा की भूमिका का स्मरण कराते हुए कहा कि शिक्षा केवल औपचारिक डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह समाज एवं देश के प्रति दायित्व बोध का माध्यम बने।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे तकनीकी ज्ञान को ‘रोजगार’ तक सीमित न रखें, बल्कि ‘राष्ट्र पहले’ की भावना से नवाचार, उद्यम और जनकल्याण में इसका प्रयोग करें।

    उन्होंने कहा कि नवगठित एमबीएम विश्वविद्यालय ने अल्प समय में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के तहत स्वीकृत 20 करोड़ की राशि, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग की स्थापना, एआई एवं डेटा साइंस जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम, 5जी स्पेक्ट्रम लैब तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इसके उदाहरण हैं।

    राज्यपाल ने छात्राओं की उल्लेखनीय भागीदारी को महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की ‘विद्यादान’ परंपरा को शिक्षा के सर्वसुलभिकरण की दिशा में अनुकरणीय पहल बताया।

    इस अवसर पर कुल 717 स्नातक (जिसमें 32 बी.आर्किटेक्चर एवं 30 एमसीए), 117 स्नातकोत्तर, 07 पीएचडी उपाधियाँ और 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

    दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने  कहा कि तकनीकी शिक्षा न केवल व्यक्तिगत विकास बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय उन्नति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति नवाचार की जननी है और उन्हें चाहिए कि वे केवल डिग्री तक सीमित न रहकर नवाचार करें, स्वरोजगार अपनाएं और अन्य युवाओं को भी प्रेरित करें।

    दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. डॉ. अजय कुमार शर्मा ने की।

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    विभागीय अधिकारी पात्र किसानों को लाभान्वित करें

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा पात्र कृषकों को लाभान्वित करें। 

     शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बैठक में यूरिया डाईवर्जन, कालाबाजारी, उर्वरकों का अवैध भंडारण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,  फार्मपोंड, डिग्गी, सिंचाई पाइप लाईन,  गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, तारबंदी एवं कृषि यंत्र आदि डीबीटी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। डीबीटी योजनाओं में कम प्रगति वाले जिलों को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिये। 

    राजन विशाल ने कहा की  विभागीय अधिकारी उर्वरकों की कालाबाजारी, डाइवर्जन और अवैध भंडारण को रोकने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से उचित कारवाही करते हुए बॉर्डर इलाकों में चैक पोस्ट स्थापित कर निगरानी रखें। उर्वरकों के साथ हो रही टैगिंग को रोकें और टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सुसंगत नियमों के अनुसार सख्त कार्यवाही करे। जिले में आईएफएमएस पोर्टल से अधिक एवं बार-बार उर्वरक क्रय करने वाले व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन कर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।

     उन्होंने डीएपी का उपयोग कम कर डीएपी के स्थान पर SSP+यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फ्लैक्स, बैनर, कृषक गोष्ठियों, रात्रि चौपाल, सोशल मीडिया और आकाशवाणी आदि के द्वारा जागरूक करने के लिए कहा, जिससे फसलों को कैल्शियम व  सल्फर की उपयुक्त मात्रा मिल सके। अधिकारी ये सुनिश्चित  करें कि आदान विक्रेता उर्वरकों की बिक्री पॉश  मशीनों द्वारा ही करें। 

    टैगिंग करने और निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लेने पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्यवाही अमल में लाई जाये। उन्होंने निर्देशित  किया कि यूरिया व डीएपी की बिक्री कृषि पर्यवेक्षकों की देख-रेख में करवाई जाये जिससे टैगिंग व कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। 

    शासन सचिव ने कहा कि गुण नियंत्रण के तहत टैगिंग वाले मेटेरियल की सेंपलिंग ज्यादा से ज्यादा की जाये। किसानों को फसल बीमा कराने के लिए कृषक गोष्ठियों व रात्रि चौपालों द्वारा ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करें।

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    अजमेर जिला मुख्यालय पर आयोजित होगी भर्ती परीक्षाएं

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अजमेर जिला मुख्यालय पर तीन भर्ती परीक्षाओं का आयोजन 29 से 30 जुलाई 2025 तक निर्धारित कार्यक्रमानुसार किया जाएगा। 

    परीक्षा कार्यक्रम—

    29 जुलाई 2025 को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक असिस्टेंट फिशरीज डेवलेपमेंट ऑफिसर परीक्षा-2024 तथा दोपहर 3 से 5.30 बजे तक ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटिशिप एडवाइजर ग्रेड द्वितीय परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा।

    30 जुलाई 2025 को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक वाइस प्रिंसिपल/सुपरिटेंडेंट आईटीआई परीक्षा- 2024 आयोजित की जाएगी।

    उक्त परीक्षाओं में प्रत्येक प्रश्न पत्र हेतु ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।   परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा दिनांक से तीन दिन पूर्व आयोग की वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। अतः अभ्यर्थी समयांतर्गत  प्रवेश पत्र डाउनलोड करने लेवें। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

    आयोग सचिव ने बताया कि प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से आवेदन-पत्र क्रमांक व जन्म दिनांक प्रविष्ट कर डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है।

    परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन प्रत्येक परीक्षा सत्र में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए नियत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं।

    अभ्यर्थियों को पहचान हेतु परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो ही चस्पा करना सुनिश्चित करें। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक अनुदेशों का अवलोकन अवश्य कर लेवें।

    आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है।

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    मौसमी बीमारियों का हो प्रभावी प्रबंधनः चिकित्सा मंत्री

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में मानसून के दौरान अच्छी बारिश हो रही है। बारिश थमने के बाद मौसमी बीमारियों के प्रसार की आशंका बनी रहती है। सभी जिलों में पुख्ता तैयारियों के साथ मौसमी बीमारियों को प्रभावी प्रबंधन किया जाए। रोकथाम एवं बचाव गतिविधियों के साथ-साथ जांच एवं उपचार के लिए माकूल इंतजाम हों। राज्य स्तर के साथ-साथ संभाग एवं जिला स्तर पर मौसमी बीमारियों की सघन मॉनिटरिंग हो। विभाग के अधिकारी जीवन रक्षा के उद्देश्य को सर्वोच्च रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

    चिकित्सा मंत्री मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश में मौसमी बीमारियों की स्थिति एवं रोकथाम गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं यूडीआईडी कार्ड के लम्बित मामलों सहित अन्य विषयों पर भी विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य, संयुक्त निदेशक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी वीसी के माध्यम से जुड़े। 

    राज्य स्तर से सभी जिलों पर नजर बनाए रखें—

    चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव गतिविधियों में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं हो। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों से ग्रसित रोगियों को तत्काल प्रभाव से जांच एवं उपचार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने राज्य स्तर के अधिकारियों को सभी जिलों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में केस ज्यादा आ रहे हैं, वहां टीमें एवं संसाधन बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित करें। मौसमी बीमारियों की जांच हेतु काम में ली जाने वाली आवश्यक किट एवं दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के साथ पर्याप्त संख्या में बैड्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

    टीबी स्क्रीनिंग का निर्धारित लक्ष्य हासिल करें—

    गजेन्द्र सिंह खींवसर ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संचालित किए जा रहे 100 दिवसीय अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीबी स्क्रीनिंग कार्य में गति लाते हुए निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य अर्जित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि निक्षय पोर्टल पर नियमित रूप से डेटा इन्द्राज किया जाए। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई तक 93 लाख 97 हजार से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में लक्ष्य के अनुरूप स्क्रीनिंग नहीं हो पाई है, वहां इस कार्य को गति दें। लाभार्थियों को निक्षय पोषण योजना के तहत उनके बैंक अकाउंट में देय राशि नियमित रूप से हस्तांतरित की जाए। बैठक में बताया गया है कि 40 हजार 815 लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, 39 हजार 94 मरीजों को पोषण किट का वितरण भी किया गया है।

    यूडीआईडी के लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें—

    चिकित्सा मंत्री ने यूडीआईडी के लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिलों में यूडीआईडी कार्ड के लिए लम्बित एवं प्राप्त नए सभी आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करें। उन्होंने गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डायबिटीज, ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की भी समीक्षा की और निर्धारित आयु वर्ग के शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश दिए।

    जिला अस्पताल से लेकर सब-सेन्टर तक दवाओं की कमी नहीं रहे—

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल मौसमी बीमारियों की स्थिति नियंत्रण में है। सभी संबंधित अधिकारी प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ काम करते हुए जांच, दवा एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिला अस्पताल से लेकर सब-सेन्टर तक दवाओं की कमी नहीं रहे। आवश्यकता होने पर स्थानीय स्तर पर नियमानुसार खरीद की जाए।

    हाई रिस्क जिलों में एन्टीलार्वा गतिविधियों पर विशेष फोकस करें—

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने मौसमी बीमारियों के दृष्टिगत मच्छर रोधी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क जिलों में एन्टीलार्वा गतिविधियों पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने रामदेवरा मेला को देखते हुए जोधपुर, जैसलमेर एवं संबंधित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित आवश्यक इंतजाम करने के भी निर्देश दिए।

    निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने प्रदेश में मौसमी बीमारियों की स्थिति एवं तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकांश जिलों में स्थिति नियंत्रण में है। इस वर्ष मलेरिया एवं डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।

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    5 करोड़ 48 लाख मतदाताओं से बीएलओ घर-घर जाकर भरवाएंगे गणना प्रारूप

    एन.एस. बाछल, 19 जुलाई, जयपुर।

    राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का एक दिवसीय विशेष गहन पुनरीक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान नवीन महाजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान इन्टरनेशनल सेंटर के सभागार में आयोजित हुआ।

    मुख्य चुनाव अधिकारी ने उद्घाटन सत्र में बताया की बिहार की तर्ज पर जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग ने संपूर्ण राष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 2002 में मतदाता सूचियों के रिवीजन का कार्य हुआ था। उन्होंने बताया कि राजस्थान में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता  की जांच का कार्य करेंगे।

    उन्होंने बताया कि इसके लिए 16 व 18 जुलाई को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अब तक संपूर्ण राजस्थान के 41 जिलों के 155 मास्टर ट्रेनर्स को विस्तृत प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता में अभिवृद्धिकरण का कार्य किया जा चुका है ताकि वे उनके जिलों में जाकर वहां के अन्य मास्टर ट्रेनर्स, बीएलओ और सुपरवाइजर को उक्त कार्य हेतु प्रशिक्षित कर सके।

    उन्होंने बताया कि  इनके द्वारा प्रशिक्षित बीएलओ राजस्थान के 5 करोड़ 48 लाख मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर गणना प्रारूप भरवाने का कार्य करेंगे। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनर्स को भारत निर्वाचन आयोग व मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय राजस्थान द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों व जानकारियों से अपने आप को अपडेट रखने व सभी प्रकार के अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफ ए क्यू) की जानकारी रखने के लिए कहा है।

    संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में बीएलओ की भूमिका के बारे में प्रथम सत्र लिया। उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी आलोक जैन ने इस दौरान संवैधानिक प्रवाधान, वैधानिक प्रावधान और बीएलओ की नियुक्ति के सम्बन्ध में द्वितीस सत्र लिया।

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    राज्य सरकार हरियाली तीज के दिन करेगी सघन वृक्षारोपण

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्याें को तेजी से क्रियान्वित कर रही है। राज्य सरकार के दोनों बजट में 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है जिससे आज प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार किया जा सके।

    भजनलाल शर्मा मंगलवार को अजमेर के केकड़ी में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में हो रही अच्छी बारिश प्रदेश में धन-धान्य, खुशहाली एवं समृद्धि आने का शुभ संकेत है। हमने पिछले वर्ष यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेते हुए हरियाली तीज पर हरियालो राजस्थान की शुरूआत की और पिछले वर्ष हमने साढ़े सात करोड़ पौधे लगाए। अब इस वर्ष प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस बार हरियाली तीज के दिन भी हम सघन वृक्षारोपण करने जा रहे हैं। 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश में 50 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस अभियान के तहत कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।

    हमारे डेढ़ साल के कार्य पूर्ववर्ती सरकार के पूरे कार्यकाल से ज्यादा-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केवल डेढ़ साल में ही प्रदेश के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं जोकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे 5 साल से भी ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ साल में किसानों को 253 लाख मीटर से अधिक तारबंदी के लिए अनुदान दिया तथा 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 113 लाख मीटर तारंबदी के लिए अनुदान दिया तथा केवल 29 हजार पौंड बनवाए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 55 पशु चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 48 का ही क्रमोन्नयन किया। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 4 हजार 270 मेगावॉट की वृद्धि हुई जबकि पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में 3 हजार 948 मेगावॉट की ही वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त हमारे कार्यकाल में सार्वजनिक स्थानों पर 4 हजार 598 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए जबकि पिछली सरकार ने 5 साल में 2 हजार 813 सीसीटीवी कैमरे ही लगाए।

    वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान में ढाई करोड़ लोगों ने लिया भाग, 

    42 हजार जलस्रोतों की हुई सफाई-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान में प्रवासियों की भागीदारी से 45 हजार गांवों में रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण हुआ। वहीं, हमने वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से 42 हजार से ज्यादा जल स्रोतों की सफाई की तथा करीब ढाई करोड़ लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को जल में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी गंगनहर, देवास योजना जैसी विभिन्न योजनाओं से जल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत लाखों जरूरतमंदों को मिली राहत-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि देश में चार जातियां गरीब, महिला, युवा और किसान हैं। हमारी सरकार इनके उत्थान के लिए किए गए प्रत्येक वादे को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया। इस दौरान राज्य भर में शिविर आयोजित कर लाखों जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई गई। इन शिविरों से राजस्व न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांतरण, सीमाज्ञान आवेदनों, बंद रास्तों से अतिक्रमण हटाने जैसे काम पूरे हुए। उन्होंने कहा कि हम देश में अपनी तरह की पहली पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना शुरू कर 10 हजार गांवों के बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा के ऊपर लाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर महीने में एक दिन शिविर लगाएगी जिसमें आमजन के विभिन्न कार्य स्थानीय स्तर पर ही हो सकेंगे। 

    केकड़ी में 1 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात-

    समारोह के दौरान केकड़ी विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने केकड़ी में लगभग 423 करोड़ रुपये से जल जीवन मिशन के तहत केकड़ी-सरवाड़ क्षेत्र के लिए जल आपूर्ति प्रणाली कार्य का शिलान्यास किया। केकड़ी विधानसभा के 157 गांवों को शुद्ध पेयजल के लिए 300 करोड़ रुपये की लागत से क्लस्टर पंपिंग सिस्टम, ओवरहेड टैंक और वितरण प्रणाली स्थापित करने के कार्यों का भी आज शिलान्यास किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री ने 291 करोड़ रुपये की लागत से बीसलपुर बांध पैकेज-2 के अंतर्गत बीसलपुर बांध से केकड़ी तक वर्षा जल की ट्रांसमिशन मुख्य प्रणाली और इनटेक पर इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्य का भी शिलान्यास किया। बजट घोषणा 2025-26 के तहत 200 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों के निर्माण और विकास कार्यों का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही, कार्यक्रम में 26 सड़कों का लोकार्पण भी किया।

    युवाओं के लिए 4 लाख सरकारी नौकरी-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार 75 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्तियां दे चुकी है। 81 हजार से अधिक पदों का परीक्षा कैलेण्डर और 26 हजार भर्तियों के विज्ञापन जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवा मन लगाकर पढ़ाई करें। हमारी सरकार 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हमने किसान सम्मान निधि की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया है। राज्य के 76 लाख से अधिक किसानों को 6 हजार 800 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी योजना में 17 लाख से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया तथा 33 हजार बेटियों को स्कूटी और साढ़े दस लाख से ज्यादा साइकिलों का वितरण बालिकाओं को किया गया है।

     केकड़ी के विकास को मिलेंगे नए आयाम-

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण बजट घोषणाएं की हैं, जो इस क्षेत्र को विकास के नए शिखर पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सामुदायिक चिकित्सालय, भिनाय की बेड क्षमता बढ़ाना, सरवाड़ में महाविद्यालय, टांटोटी को नवीन नगरपालिका का दर्जा, प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, केकड़ी को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत, बांदनवाड़ा में 132 केवी जीएसएस के निर्माण के लिए भूमि आवंटन, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी औषधालय को जिला आयुष चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने सहित विभिन्न निर्णय किए गए हैं। 

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में राज्य सरकार द्वारा हरियालो राजस्थान के तहत 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अभियान के तहत आमजन अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री एक विजन बनाकर पूरे प्रदेश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश पानी, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार सहित हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। 

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने यहां रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा भी लगाया।

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    कृषक खेती में नवीन तकनीकों का ज्यादा से ज्यादा करें उपयोग-कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री

    एन.एस. बाछल, 19 जुलाई, जयपुर।

    कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने पारंपरिक कृषि  से आगे बढ़ाकर उत्पादकता और कृषकों की आय बढ़ाने के लिए नवीन कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्नान किया। उन्होंने पारंपरिक और जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि कृषक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम से कम करें, इसके लिए विभागीय अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों को ज्यादा से ज्यादा जागृत करें।

     डॉ. किरोडी लाल मीणा ने शुक्रवार को पंत कृषि भवन में विभागीय अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों की  बैठक ली। बैठक में कृषि विकास, मृदा की स्थिति, कृषि में एआई का उपयोग, कृषि यंत्रीकरण और बायोफर्टिलाइजर व पेस्टिसाइट के उपयोग पर कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। 

    कृषि में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंश) का उपयोग- 

    डॉ. किरोडीलाल ने बताया कि एआई का उपयोग कर किसान बेहतर तरीके से फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग का पता लगाना, मौसम का पुर्वानुमान आदि का समय से ही पता लगा सकते हैं। एआई द्वारा फसलों के रोगों की समय पर पहचान कर किसान उचित कीटनाशकों व उर्वरकों का उपयोग कर फसल में होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।

    मृदा की स्थिति- 

    बैठक में बताया कि मृदा पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है। कृषि, वनस्पति एव जैव विविधता के लिए मृदा की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और बार-बार एक ही फसल उगाने से मृदा की उर्वरकता घट जाती है। मृदा की स्थिति सुधारने के लिए रासायनिक उर्वरकों की जगह किसानों को गोबर खाद, कंपोस्ट एवं वर्मीकंपोस्ट का उपयोग करना चाहिए। 

    बायोफर्टिलाइजर-

    बायोफर्टिलाइजर ऐसे जीवित सूक्ष्म जीव होते हैं जो पौधों को आवश्यक तत्व प्रदान करते हैं ये मिट्टी में मौजूदा पोषक तत्वों को घुलनशील रूप में परिवर्तित कर पौधों की जड़ों तक पहुचाते हैं। बायोफर्टिलाइजर द्वारा मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है। 

    उपग्रह छवियों के साथ फसल का मुल्यांकन-

    उपग्रह छवियों के साथ फसल मुल्यांकन प्रणाली आधुनिक कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। उपग्रह इमेज का उपयोग करके किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों को फसलों के स्वास्थ्य, विकास एवं उपज का मुल्यांकन करने में मदद मिलती है। यह प्रणाली वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करती है, जिससे किसानों को समय पर निर्णय लेने और संसाधनों को प्रभावि ढंग से उपयोग करने में मदद मिलती है। 

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    राजस्थान बाघ संरक्षण फाउंडेशन की बैठक आयोजित

    एन.एस. बाछल, 19 जुलाई, जयपुर।

    राज्य में बाघों के संरक्षण एवं टाइगर रिजर्व्स की प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित राजस्थान बाघ संरक्षण फाउंडेशन के शासी निकाय की तृतीय बैठक शुक्रवार को अरण्य भवन में वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। 

    बैठक में रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, धौलपुर एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की वर्तमान संख्या, उनके मूवमेंट पैटर्न, मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति, निगरानी व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का उपयोग तथा बाघ संरक्षण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और भावी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    संजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जैव विविधता संरक्षण एवं बाघों की सुरक्षा को लेकर कटिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीवी, ड्रोन सर्विलांस एवं ई-गश्त प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाते हुए टाइगर रिजर्व की निगरानी को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रात्रि प्रवास, संवाद कार्यक्रमों एवं जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को टाइगर रिजर्व के नियमों और बाघ संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जाए।

    पर्यटक सुविधाएं एवं ई-गवर्नेंस पर ज़ोर—

    शर्मा ने निर्देश दिए कि अभयारण्यों में आने वाले पर्यटकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छता और रखरखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विभाग की वेबसाइट को अधिक आकर्षक और यूजर फ्रेंडली  बनाया जाए ताकि पर्यटकों को टिकट बुकिंग एवं अन्य सेवाएं पारदर्शी और सहज रूप से प्राप्त हो सकें।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निःशुल्क भ्रमण कार्यक्रमों की व्यवस्था की जाए। साथ ही, अभयारण्यों से जुड़ी सड़कों की मरम्मत एवं चौड़ाईकरण कार्यों को भी नियमानुसार शीघ्र पूर्ण किया जाएं।

    बैठक में बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए बाड़बंदी, शीघ्र मुआवजा वितरण एवं स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग के कार्मिकों एवं टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के लिए जीवन बीमा भी करवाया  जा रहा है। इस दौरान अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक करोड़ रुपये लागत के पेट्रोलिंग वाहन एवं एंटी-पोचिंग कैंप के लिए किए गए एमओयू का अनुमोदन किया गया।

    बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। साथ ही, बाघों के व्यवहार, स्वास्थ्य निगरानी, रेडियो कॉलर ट्रैकिंग एवं कॉरिडोर की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

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    श्रद्धा, सेवा और सम्मान की यात्रा - वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    बुजुर्ग समाज का वह स्तंभ होते हैं जिनके अनुभव और ज्ञान से एक सभ्य और सशक्त राष्ट्र की नींव रखी जाती है।  जीवन की संध्या बेला में उन्हें मानसिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक सुकून की अनुभूति हो सके, इसी भावना के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ’वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना’ संचालित की जा रही है जो सेवा और सम्मान का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह योजना उस ’ऋण’ को चुकाने का प्रयास है जो हर पीढ़ी अपने पूर्वजों के प्रति महसूस करती है। 

    यह योजना राजस्थान के उन वरिष्ठ नागरिकों को एक बार निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करती है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और आयकरदाता नहीं है। योजना के तहत सरकार न केवल उनकी यात्रा का समस्त खर्च वहन करती है बल्कि  सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधासम्पन्न यात्रा भी सुनिश्चित करती है।

    56 हजार वरिष्ठजन को मिलेगा तीर्थयात्रा का अवसर- 

    राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप इस बार कुल 56 हजार वरिष्ठजन को तीर्थयात्रा का अवसर मिलेगा। इनमें से 50 हजार को एसी ट्रेन व 6 हजार को हवाई जहाज से यात्रा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत 6 जून को वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025-26 का फीता काटकर शुभारंभ किया था। उन्होंने योजना के तहत प्रथम वातानुकूलित ‘राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन‘ को दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस एसी ट्रेन से वरिष्ठ नागरिकों ने रामेश्वरम एवं मदुरई के तीर्थ स्थलों की यात्रा की। 23 जुलाई (बुधवार) को भी एक अन्य ट्रेन जयपुर से रामेश्वरम्-मदुरई के लिए रवाना हो रही है।

    तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन किया जा सकेगा आवेदन-

    योजना के अगले चरण के तहत देवस्थान विभाग ने फिर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इसके तहत विभाग की वेबसाइट पर 10 अगस्त तक आवेदन किया जा सकेगा। जिस यात्री का चयन विगत वर्षों में हो गया और वे स्वेच्छा से यात्रा पर नहीं गए, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के पश्चात जिला स्तर पर गठित समिति पात्र लोगों का चयन करेगी। यात्रा के लिए 100 प्रतिशत अतिरिक्त यात्रियों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी। चुने गए पात्र लोगों को यात्रा पर भेजा जाएगा। एक ट्रेन में 800 वरिष्ठ जन यात्रा कर सकेंगे।

    15 रेलमार्गों द्वारा लगभग 40 तीर्थस्थलों के हो सकेंगे दर्शन-

    इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को हवाई यात्रा के माध्यम से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। वहीं रेल यात्रा के द्वारा 15 रेलमार्गों के जरिए लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस बार स्वर्ण मंदिर के अतिरिक्त सिख धर्म के अन्य तीर्थ स्थलों  श्री हजूर साहिब (महाराष्ट्र) व पटना साहिब (बिहार) को भी शामिल किया गया है। वरिष्ठजन हरिद्धार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ, सम्मेदशिखर, पावापुरी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, द्वारिकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरूपति, पदमावती, कामख्या, गुवाहाटी, गंगासागर, कोलकाता, जगन्नाथपुरी, कोणार्क, रामेश्वरम, मदुरई, वैष्णोदेवी, अमृतसर, वाघा बॉर्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर, त्रयम्बकेश्वर, घृष्णेश्वर, एलोरा, बिहार शरीफ, पटना साहिब, श्री हजूर साहिब नांदेड़ तथा गोवा के मंदिर व अन्य स्थल चर्च आदि की यात्रा कर सकेंगे। 

    बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी रखा जाता है विशेष ध्यान-

    यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और सहयात्रियों के साथ गरिमामयी व्यवहार का विशेष ध्यान रखा जाता है। ट्रेन में डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा सभी यात्रियों के ठहरने के लिए होटल, ट्रांसपोर्ट व मंदिर दर्शन की सुविधा के साथ साथ यात्रियों के लिए सुबह-शाम के खाने व नाश्ते की व्यवस्था भी देवस्थान विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है। तीर्थयात्रा के लिए ले जाने वाली ट्रेनों के डिब्बों पर राजस्थानी लोक नृत्य, लोक कलाएं, तीज त्यौंहार के साथ ही राजस्थान के मंदिर, दुर्ग, अन्य पर्यटक स्थल व अभयारण्य भी दर्शाए गए हैं। इनके माध्यम से राजस्थान की कला और संस्कृति की झलक मिलती है। 

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का सबसे सकारात्मक पक्ष यह है कि यह सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सामाजिक सरोकार को दर्शाती है। राजस्थान सरकार ने इस योजना को केवल एक ‘यात्रा’ तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे एक भावनात्मक और आत्मिक पुनरुत्थान की प्रक्रिया बना दिया है। यह न केवल राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों का परिचायक है बल्कि सामाजिक संस्कारों और संस्कृति को भी पुनर्जीवित करती है।

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    विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवा पीढी की महती भूमिका

    एन.एस. बाछल, 21 जुलाई, जयपुर।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर में वैष्णव ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह के कार्यक्रम में शिरकत कर समाज के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया। 

    संजय शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को मूर्त रूप प्रदान करने में हमारी युवा पीढी की महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवा पीढी को स्किल व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना तथा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर 'सबका साथ सबका विकास' की भावना से कार्य करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि समाज की ओर से प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करना प्रेरणादायक है इससे बालक-बालिकाओं का उत्साहवर्धन होता है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक बदलाव लाने में शिक्षित बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है तथा कोई भी समाज बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित कर ही सही मायने में उन्नति कर सकता है। 

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा हरियालो राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश में विगत वर्ष में 7 करोड 35 लाख पौधे लगाए गए थे तथा इस वर्ष 10 करोड पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को आमजन की सहभागिता से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण करने का उपयुक्त समय है। अतः प्रत्येक व्यक्ति न केवल पौधा लगाए, बल्कि उनकी सार-संभाल भी करें। उन्होंने समाज के बच्चों का उत्साहवर्धन कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके बाद उन्होंने राजकीय पौधशाला मुंगस्का में अपने प्रतिदिन पौधारोपण के संकल्प के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 

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    नागरिक सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ करें बचाव-राहत कार्य

    एन.एस. बाछल, 21 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों तथा बांधों के जलस्तर में हुई वृद्धि के संबंध में रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को नागरिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ बचाव और राहत कार्यों के लिए निर्देशित किया।  

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि बारिश से उत्पन्न स्थितियों के मद्देनजर अधिकारी अलर्ट मोड पर कार्य करते हुए त्वरित कार्यवाही करें। नदियों, तालाबों और जलाशयों के जल स्तर संबधी अपडेट लेते हुए निचले और बाढ़ संभावित इलाकों में सतत निगरानी रखी जाए। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और होमगॉर्ड्स के दल पर्याप्त संसाधनों के साथ अलर्ट रहें। उन्होंने प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम को प्रभावी रूप से संचालित करते हुए हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी निर्देशित किया।

    हरियालो राजस्थान के तहत होगा सघन पौधारोपण—

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अन्तर्गत गत वर्ष 7 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया था। हमनें इस मानसून सीजन में भी ‘हरियालो राजस्थान’ के तहत 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसकी प्राप्ति हेतु पौधारोपण के लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हीकरण भी सुनिश्चित किया जाए। इस अभियान में शिक्षा, चिकित्सा, पंचायतीराज, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए आमजन को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाए। 

     

    क्षतिग्रस्त बांधों और नहरों की स्थिति की लगातार करें निगरानी —

    मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित आमजन और पशुधन को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता और सेवाओं को सुचारू रखा जाए। जलभराव क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को पेयजल-खाद्य सामग्री सहित जरूरी वस्तुओं की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त बांधों और नहरों की स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक मरम्मत संबंधी कार्य करवाएं जाएं। 

    राहत व बचाव संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाएं—

    भजनलाल शर्मा ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि बाढ़ग्रस्त मार्गों, पुलों और नदी-नालों जैसे स्थानों पर चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए जाएं तथा आपदा प्रबंधन हेतु जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों संबंधित जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। साथ ही, विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु आवश्यकतानुसार निर्णय लें। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अतिवृष्टि की स्थिति में विशेष सावधानी बरतें। भारी बारिश, आकाशीय बिजली एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए भी पूरी तरह सतर्क रहें। बाढ़ग्रस्त मार्गों, पुलों और नदी-नालों को पार करने से बचें।

    जिलों को बाढ़ बचाव हेतु सहायता राशि जारी—

    बैठक में बताया गया कि संभाग मुख्यालय वाले जिलों को 20-20 लाख रुपए तथा अन्य जिलों को 10-10 लाख रुपए बाढ़ बचाव हेतु जारी किए जा चुके हैं। शासन सचिवालय परिसर में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर नियमित रूप से संचालित है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 36 जिलों में असामान्य और 5 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। छोटे बड़े सभी बांधों की कुल भराव क्षमता लगभग 13027 एमक्यूएम है जिसमें से 67 प्रतिशत भराव हो चुका है।  

    भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी जिलों से जर्जर इमारतों, पानी के भराव वाले स्थानों तथा टूटी सड़कों व नदी नालों संबंधी विधानसभावार रिपोर्ट तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षा जनित दुर्घटनाओं में मृतकों एवं घायलों के लिए सहायता राशि संवेदनशीलता के साथ शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिला कलक्टर्स गांवों में कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत बनने वाले रिचार्ज संरचनाओं के लिए स्थानों का चिन्हीकरण कर रिपोर्ट भेजें। उन्होंने कहा कि ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ के तहत प्रदेश में हुए जल संरक्षण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा करते हुए उनके रखरखाव और सुधार हेतु अपने सुझाव भिजवाएं। 

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    सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र पर कर रही काम सरकार

    एन.एस. बाछल, 21 जुलाई, जयपुर।

    'हरियाळो-राजस्थान' के तहत पौधारोपण कार्यक्रम जोधपुर की पंचायत समिति लूणी की ग्राम पंचायत कांकाणी में रविवार को संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल एवं राजस्थान जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने कहा सरकार महिला, युवा,गरीब और किसान के कल्याण की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। श्री पटेल ने कहा जनकल्याण की योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं, जिससे आमजन का सरकार पर विश्वास और अधिक सशक्त हुआ है।

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण बलिदान की गौरवगाथा को राष्ट्र के समक्ष रखा। उन्होंने कहा मां अमृता देवी सहित 363 विश्नोई शहीदों का स्मरण कर उन्होंने खेजड़ी वृक्ष और प्रकृति रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को सम्मान दिया।

    जोगाराम पटेल ने कहा गत वर्ष मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए थे,इस वर्ष हर परिवार को जोड़ते हुए 11 करोड़ पौधे लगाने एवं पालने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा हमें गुरु जम्भेश्वर भगवान और मां अमृता देवी के स्मरण करते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने है।

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा वृक्ष पूजन हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य परंपरा है। उन्होंने कहा जैसे हम देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, वैसे ही वृक्षों की पूजा कर हम प्रकृति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं। यह परंपरा हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

    ‘हर घर नल से जल’—

    जोगाराम पटेल ने कहा जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और अनियमितता के कारण लूणी क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं का कार्य पूर्ण नहीं हुआ। उन्होंने कहा जेजेएम के अधूरी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कर क्षेत्र के हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा।

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    मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म-राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

    एन.एस. बाछल, 21 जुलाई, जयपुर।

    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि परस्पर सद्भाव और मैत्री के भावों से संपन्न होना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा और दूसरों की पीड़ा दूर करना ही महानता है। उन्होंने रोटरी जैसे संस्थानों द्वारा वंचितों और जरूतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हुए प्रभावी कार्य करने का आह्वान किया।

    हरिभाऊ बागडे रविवार को रोटरी क्लब के समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रोटरी के मूलमंत्र “सेवा ही सर्वोपरि” की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्र की शासन व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ यह पूर्णतः मेल खाता है।

    उन्होंने रोटरी क्लब के नेत्र जांच शिविरों, चिकित्सा सेवाओं, रक्तदान शिविरों एवं वृक्षारोपण जैसे आयोजनों की सराहना की तथा 'विकसित भारत' और खुशहाल राजस्थान के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने रोटरी क्लब द्वारा विद्यालयों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने और सेवा कार्य के लिए लोगों को प्रेरित करने के कार्य पर भी जोर दिया।

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    विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली बैठक

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेसिव रिविजन, SIR) एवं अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यो की तैयारियों को लेकर मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जयपुर संभाग के संभागीय आयुक्त, सभी 7 जिला निर्वाचन अधिकारी एवं समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

    नवीन महाजन ने बैठक में राजस्थान में लोकतंत्र की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु निर्वाचन विभाग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण, जनसंपर्क निगरानी और दस्तावेज संकलन की प्रक्रिया को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वयन के लिए जयपुर संभाग के जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता के लिए निर्वाचन कर्मियों को प्रशिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।

    नवीन महाजन ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए इस बात पर बल दिया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य हर योग्य नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना है।

    उन्होंने कहा कि बीएलओ को बेसिक ओरियन्टेशन देने की जरूरत है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि बीएलओ के स्तर पर ही जिज्ञासाओं का समाधान हो जाए। उन्होंने नगर निगम में वार्ड लेवल पर हेल्प डेस्क लगाने की जरूरत बताई और कहा कि हेल्प डेस्क पर संजीदा लोगों को लगाया जाए जिससे सामान्य जन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित राजनीतिक दलों से समन्वय करते हुए बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति शीघ्र करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पोलिंग स्टेशनों के रेशनलाइजेशन का कार्य, मतदाताओं की संख्या, दूरी, पहुंच, सहूलियत, और मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाए।

     उल्लेखनीय है कि इस क्रम में 2 जुलाई 2025 को सभी नामित मास्टर ट्रेनर, डिप्टी डीईओ एवं पीआरओ को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। 3 से 15 जुलाई के बीच सभी बीएलओ को छोटे-छोटे बैचों में ट्रेनिंग दी गई। 16, 18 एवं 21 जुलाई 2025 को सभी जिलों से 271 मास्टर ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

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    सीवेज लाइन डालने में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और सीवेज के काम की प्लानिंग आमजन की ज़रूरतों, सुरक्षा और सुव्यवस्थित नगरीय विकास को ध्यान में रखकर की जाए । यह कहना है नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का ।

    सोमवार को डीएलबी मुख्यालय के सभागार में आयोजित हुई रुडसिको की 60 वी बोर्ड बैठक की झाबर सिंह खर्रा अध्यक्षता कर रहे थे । इस बैठक में पिछली बोर्ड बैठक के कार्यों, RUIDP, RUDSICO, RAVIL द्वारा केन्द्र एवं राज्य पोषित योजना PMAY, AMRUT, की समीक्षा की गई तथा योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक कार्य करवाने के लिए निर्देश दिये गये । 

    मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा की सीवेज का काम शुरू करने से पहले ही उसकी निर्माण अवधि , गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाई जाए ताकि किसी प्रकार की कोई जान माल की हानि ना हो । सीवेज के इनलेट और आउटलेट के निर्माण का विशेष ध्यान रखा जाए । सीवेज ड्रेनेज परियोजना की डी.पी.आर. निर्माण के समय विशेष ध्यान रखें तथा क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कमी न रहे। डी.पी.आर. की शुद्धता एवं उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित तकनीकी अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को भी नोटिस जारी कर उन पर जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या ना आए । उन्होंने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया, झाबर सिंह खर्रा ने कहा की लंबे समय से अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का काम लंबित होना चिंतनीय है । उन्होंने निर्देश दिए की इन आवासों के निस्तारण की प्रभावी कार्य योजना तैयार कर जल्द से जल्द आम जन के आवास के सपने को साकार किया जाए ।

    इसी के साथ ही इस बैठक में रूडसिको के दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का भी अनुमोदन झाबर सिंह खर्रा द्वारा किया गया । सुमन शर्मा और सूर्य प्रकाश चौपड़ा को नियमानुसार रुडसिको का स्वतंत्र निदेशक बनाया गया है ।

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    अति पिछड़ा वर्ग एवं गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों के लिए बैठक सम्पन्न

    एन.एस. बाछल, 23 जुलाई, जयपुर।

    शासन सचिवालय में मंगलवार को अति पिछड़ा वर्ग एवं गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए मंत्रीगण समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भाग लिया।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर बनी समिति की बैठक में देवनारायण योजना की प्रगति, रोस्टर एवं विभिन्न भर्तियों में आरक्षण, आन्दोलन प्रभावितों को अनुकम्पा नियुक्ति, 5 प्रतिशत अति पिछड़ा आरक्षण को नवीं अनुसूची में शामिल कराने सहित समस्त बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। समिति ने कार्मिक विभाग को सकारात्मक रूप से विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण करने के पर विचार किया। साथ ही गुर्जर आरक्षण समिति द्वारा पिछली बैठक में सुझाए गये सातों बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आगामी बैठक में सभी बिंदुओं के फैक्चुअल रिपोर्ट मंगवाने और उन पर चर्चा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गृह विभाग को गुर्जर आरक्षण आंदोलन संबंधित मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

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    पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा पहुंचाएगा हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ

    एन.एस. बाछल, 23 जून, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को व्यापक बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर 24 जून से 9 जुलाई तक प्रदेशभर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा मनाया जाएगा।

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    जयपुर में भव्य रूप से मनाया जाएगा दो दिवसीय तीज उत्सव

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति व पुरातत्व राजेश यादव की अध्यक्षता तथा पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में तीज का उत्सव और अधिक भव्यता से मनाने और तीज माता की शोभायात्रा की व्यवस्थाओं की तैयारी के सम्बन्ध में सोमवार को जयपुर स्थित पर्यटन भवन में बैठक आयोजित की गई।

     प्रमुख शासन सचिव पर्यटन राजेश यादव ने कहा कि 27 एवं 28 जुलाई को जयपुर में दो दिवसीय तीज उत्सव का आयोजन पहले से और अधिक भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। जिसमें राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति और परम्पराएं अद्भुत व आकर्षक रूप से प्रदर्शित होंगी। तीज उत्सव में जयपुर के आम नागरिक और देशी विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे।

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने दो दिवसीय तीज उत्सव के सम्पूर्ण आयोजन की रूप रेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि तीज माता के शौभायात्रा में इस बार राजस्थान की लोक कलाओं में उत्कृष्ठ रूप से पारंगत लगभग 200 लोक-कलाकार अपनी कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। 

    पॉण्ड्रीक पार्क में तीज मेला—

    यादव ने बताया कि इस बार पॉण्ड्रीक पार्क में तीज मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा मेले में महिलाओं के द्वारा तैयार सामान का क्राफ्ट मार्केट लगाया जाएगा। मेले में फूड स्टाल्स् के साथ महिलाओं के लिए झूले, मेहन्दी माण्डणे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि पॉण्ड्रीक पार्क में लोक कलाकारों द्वारा कला प्रदर्शन किया जाएगा। इसी प्रकार छोटी चौपड पर तीज माता की पूजा की जाएगी एवं कलाकारों द्वारा रोचक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।  

    वृहद प्रचार-प्रसार और ब्राण्डिंग के निर्देश —

    प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि जयपुर के इस अत्यंत लोक प्रिय तीज उत्सव के आयोजन का विभिन्न विभागों की वेबसाईट,पर्यटन विभाग की वेबसाईट और सोशल मीडिया प्लेटे​फॉर्म्स पर वृहद प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन की कवरेज प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया इम्फलुएन्सर्स के द्वारा करवाया जाना सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस बार तीज उत्सव का लाइव प्रसारण जयपुर शहर में स्थित स्क्रीन्स एवं संर्पूण राजस्थान में डीओआईटी के माध्यम से प्रसारण करवाया जाएगा। 

    पर्यटन विभाग विभिन्न विभागों से करें समन्यवय—

    प्रमुख शासन सचिव ने शोभायात्रा में लवाजमा हेतु हाथी, ऊंट, घोड़े, बैल, बैण्ड, शहनाई-नगाड़ा, आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने देशी-विदेशी पर्यटकों के बैठने हेतु हिन्द होटल के टेरेस एवं निचे बरामदों में बैठने की व्यवस्था करने, वहां टेण्ट एवं वाटर प्रूफ शामियाना भी लगवाने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। 

    सफाई एवं सड़क की मरम्मत एवं रौशनी व्यवस्था के निर्देश—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन की ओर से बैठक में जयपुर नगर निगम (हैरिटेज) आयुक्त को ​तीज माता की सवारी मार्ग में आने वाले पेड़ो की छटाई, बिजली के तार एवं अन्य केबल तार जो की सवारी मार्ग में झूल रहे है उन्हें दुरस्त करवाने के निर्देश दिए गए। उत्सव के पूर्व आवारा पशुओं की धरपकड़ की जाने के निर्देश दिए। सवारी मार्ग पर चूने की लाइनिंग एवं जगह—जगह रंगोली बनाने का कार्य किए जाने के निर्देश दिए। नगर के मुख्य दरवाजों सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, न्यू गेट, चांदपोल गेट आदि पर विशेष रोशनी की व्यवस्था तालकटोरा एवं पालका बाग पर विशेष सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए गए। 

    पौण्ड्रिक पार्क मेला आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने पौण्ड्रिक पार्क मेला आयोजन स्थल पर पार्क में स्थित फव्वारों की सफाई एवं संचालन की व्यवस्था के निर्देश दिए। 

    तीज माता की शोभायात्रा के दौरान बजेगी, पुलिस, जेल एवं आरएसी बैण्ड की मधुर धुन—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने पुलिस आयुक्त कार्यालय से पुलिस, जेल एवं आरएसी के बैण्ड पुलिस विभाग द्वारा तीज उत्सव हेतु उपलब्ध कराने एवं तीज उत्सव के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सवारी मार्ग के सम्पूर्ण मार्ग पर अच्छी तरह बेरीकेटिंग का कार्य किये के निर्देश दिए। 

    सवाई मान गार्ड बैण्ड वादन—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने जयपुर सिटी पैलेस के प्रशासक को तीज की सवारी हेतु पूर्व की तरह आवश्यक लवाजमा पर्यटन विभाग को उपलब्ध करवाने और शौभायात्रा के दौरान सवाई मान गार्ड बैण्ड की वादन व्यवस्था हेतु निर्देश दिए। 

    विद्युत लाइन सुव्यवस्थित हो और पेयजल की हो समुचित व्यवस्था—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने जयपुर विद्युत वितरण लिमिटेड जयपुर शहर उत्तर को सवारी मार्ग में विद्युत तार व्यवस्थित करने सहित समुचित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को सवारी के मार्ग में पेयजल की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। 

     चिकित्सा एवं एम्बुलेन्स सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश—

    प्रमुख शासन सचिव ने चिकित्सा विभाग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प्रथम) को दो दिवसीय तीज उत्सव के दौरान चिकित्सा वाहन मय आवश्यक दवाईयां, उपकरणों, कुशल चिकित्सक मय नर्सिंग स्टाफ की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को सवारी के शामिल होने वाले ऊंट, हाथी, घोड़े इत्यादि हेतु सुरक्षा की दृष्टि से एम्बुलेंस मय पशु चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को आपदा प्रबंधन संबंधी सेवाओं हेतु पर्याप्त संख्या में स्टाफ की तैनातगी के निर्देश दिए। 

    ​हरियालों राजस्थान के तहत होगा पौधारोपण—

    प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने वन विभाग (उप वन संरक्षक) को ​हरियालो राजस्थान के तहत पॉण्ड्रीक पार्क में पौधारौपण हेतु आवश्यक मात्रा में पौधे उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

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    खान विभाग द्वारा 2504 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहित

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    खान एवं भूविज्ञान विभाग इस साल राजस्व वसूली का नया रेकार्ड कायम करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। खान, भूविज्ञान विभाग के प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त ने बताया कि 16 जुलाई तक खान विभाग द्वारा 2504 करोड़ रु. से अधिक का राजस्व संग्रहित कर लिया है जो गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में करीब सवा सौ करोड़ अधिक है। खान विभाग के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक के दौरान उन्होंने सोमवार को फील्ड अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व वसूली में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    टी. रविकान्त सोमवार को वीसी के माध्यम से विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी तरह की छीजत नहीं होनी चाहिए वहीं पुराने बकाया राशि की वसूली के भी ठोस प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यवाही के दौरान लगाई गई शास्ती की वसूली भी सुनिश्चित हो।

    टी. रविकान्त ने कहा कि सरकार द्वारा डीएमएफटी के नए नियम जारी कर दिए हैं। राज्य और केन्द्र सरकार डीएफएफटी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। फील्ड अधिकारी जिला कलक्टरों से मिलकर प्रतिनिधियों का मनोनयन करवायें वहीं सदस्य सचिव मुख्यकार्यकारी जिला परिषद से समन्वय बनाते हुए समिति की बैठक कराकर कार्यों की रुपरेखा को अंतिम रुप दे। हरियालो राजस्थान की चर्चा करते हुए उन्होंने पौधारोपण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।

    निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष राजस्व वसूली लक्ष्यों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। इसे प्राप्त करने के लिए हमें अभी से ठोस रणनीति बनाकर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि हांलाकि गत साल की इसी अवधि की तुलना में 124. 82 करोड़ रु. की अधिक राजस्व अर्जन किया जा चुका है पर इसमें और तेजी लाने की आवश्यकता है।

    अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर ने हरियालो राजस्थान की प्रगति की जानकारी दी। सह—नोडल अधिकारी एमओयू संजय सक्सैना ने राइजिंग राजस्थान के दौरान हुए एमओयू व रिप्स प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी।

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  • बाढ़ में फंसी जिंदगी, जेसीबी बनी भगवान

    राजस्थान के बूंदी जिले में मानो रविवार को इंसानियत और जज़्बे की परीक्षा थी… और उस परीक्षा में जीत दर्ज की जज्बे और मदद की मिसालों ने। मामला था बूंदी के दुगारी गांव का, जहां चारों तरफ फैली बाढ़ के बीच एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा उठी और अस्पताल पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे।

    महिला का नाम अनिता है और वह तेजाजी चौक इलाके में एक चबूतरे पर अपने दिव्यांग पति रामकिशन कहार के साथ रहती है। खुले आसमान के नीचे, बाढ़ के पानी से घिरे उस चबूतरे पर अनिता दर्द से कराह रही थी, लेकिन गांव वालों ने हार नहीं मानी।

    पड़ोस की महिलाओं सीमा और संतोष सबसे पहले मदद को आगे आईं। उन्होंने एक स्थानीय नर्स को मौके पर बुलाया, जिसने हालत गंभीर बताकर तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। लेकिन बाढ़ ने रास्ते बंद कर दिए थे – अब क्या किया जाए?

    गांव वालों ने तत्काल JCB की व्यवस्था की। गर्भवती अनिता को उसी JCB में सुरक्षित बैठाकर उसे करीब चार फीट गहरे बाढ़ के पानी से होते हुए नैनवां रोड तक पहुंचाया गया।

    वहां पहले से तैयार खड़ी एंबुलेंस ने अनिता को नैनवां उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया। जैसे ही अस्पताल पहुंची, चिकित्सकों ने संभाला – और चंद मिनट बाद ही अनिता ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। अब मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं

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    तीजोत्सव में परंपरागत राजस्थानी व्यंजन रहेंगे मुख्य आकर्षण

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में 23 जुलाई से शुरू हो रहे तीजोत्सव और हस्तशिल्प मेले में परंपरागत राजस्थानी व्यंजनों की उपलब्धता राजधानी वासियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। बीएचएमएस, राजीविका और ग्रामीण गैर -कृषि विकास एजेंसी (रूडा) द्वारा लगाए जा रहे इस हैंडीक्राफ्ट मेला और फूड फेस्टिवल में इस बार परंपरागत राजस्थानी खानपान से जुड़े करीब दस स्टाल्स पर प्रदेश के स्वादिष्ट व्यंजनों की उपलब्धता रहेगी। राजस्थान के अजमेर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, करौली, भरतपुर और जयपुर के कारीगरों द्वारा तैयार दाल बाटी, चूरमा, कैर सांगरी और गट्टे की सब्जी, घेवर, मूंग दाल का हलवा, दाल के वड़े, रबड़ी, कुल्फी, मालपुआ, मावा कचोरी, मिर्ची वड़ा, जलेबी, पिन्नी, मिल्क केक और भेलपुरी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों का राजधानी वासी भरपूर लुत्फ उठा सकेंगे।

    उल्लेखनीय है कि बीकानेर हाउस में 23 जुलाई से 30 जुलाई तक राजस्थानी कला- संस्कृति और खान पान को केंद्र में रखते हुए तीज मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में आमजन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक नि:शुल्क भ्रमण और राजस्थानी हस्तशिल्प सामानों की खरीदारी के साथ-साथ राजस्थानी व्यंजनों का भरपूर आनंद ले सकेंगे। मेले के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें इच्छुक प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं जिनके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

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    हरियालो राजस्थान की ओर बढ़ता कदम

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    राजस्थान की पहचान लंबे समय तक एक रेगिस्तानी और जल-संकटग्रस्त राज्य के रूप में रही है, लेकिन अब इस छवि को बदलने का संकल्प मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया है। उनका नेतृत्व पर्यावरणीय चेतना को केवल नीति तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उसे जन-आंदोलन का रूप दे रहा है। हरियाली, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास अब राजस्थान की शासन प्राथमिकताओं में शीर्ष पर हैं।

    राजस्थान का पहला ग्रीन बजट: विकास और पर्यावरण का संतुलन

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश का पहला ग्रीन बजट पेश कर एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। इस बजट में राज्य के कुल स्कीम खर्च का 11.34 प्रतिशत, यानी 27,854 करोड़ रुपये ग्रीन ग्रोथ से जुड़ी परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक राज्य संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डवलपमेंट गोल्स को हासिल करे। इसके लिए जलवायु अनुकूलन की पांच वर्षीय योजना तैयार की जा रही है और एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज की स्थापना की जाएगी, जिससे पर्यावरणीय शोध और नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी।

    हरियालो राजस्थान अभियान: एक जनआंदोलन बना पर्यावरण मिशन

    ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने ‘हरियालो राजस्थान’ महाअभियान शुरू किया है। पिछले मानसून में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू हुआ यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े ‘मातृ वन’ और ‘स्मृति वन’ जैसी संकल्पनाएं इसे एक भावनात्मक आंदोलन बना रही हैं। हर जिले में आमजन की भागीदारी से मातृ वन बनाए जा रहे हैं, जहाँ नागरिक अपने परिजनों की स्मृति में वृक्ष लगाकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस अभियान को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए ‘हरियालो राजस्थान’ मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है।

    नवीन ऊर्जा में आत्मनिर्भरता: किसान बना ऊर्जा उत्पादक

    राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रिकॉर्ड प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 1190 मेगावाट की क्षमता वाले 592 सौर संयंत्र लगाए गए हैं। ये संयंत्र कुसुम योजना के तहत किसानों द्वारा स्वयं अथवा डेवलपर के साथ साझेदारी में स्थापित किए गए हैं, जिससे किसान अब अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बन गए हैं। इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली महज ढाई से तीन रुपये प्रति यूनिट में डिस्कॉम्स को मिल रही है, जो थर्मल बिजली की तुलना में बेहद सस्ती और प्रदूषणरहित है। यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम है।

    जल संरक्षण में अभिनव प्रयास: कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान

    राजस्थान के परंपरागत जल-स्रोतों की संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान की शुरुआत की गई है। यह पहल उन प्रवासी राजस्थानियों को उनके गांवों से जोड़ रही है, जो देश-विदेश में बस चुके हैं लेकिन अपनी मातृभूमि के प्रति जुड़ाव बनाए रखना चाहते हैं। इस अभियान के तहत प्रवासी जन रिचार्ज शाफ्ट और जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में आर्थिक और तकनीकी सहयोग दे रहे हैं। भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने वाली इन संरचनाओं के माध्यम से गिरते भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अगले चार वर्षों में 45 हजार जल संरचनाएं बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से हजारों पर कार्य शुरू हो चुका है।

    वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: जनभागीदारी से जल संस्कृति की पुनर्स्थापना

    5 जून से 20 जून तक चलाया गया ’वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जन-संवेदनशील पहल का जीवंत उदाहरण है। अभियान के दौरान राज्यभर में जल स्रोतों की साफ-सफाई, पूजन, जलाभिषेक और श्रमदान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मुख्यमंत्री स्वयं भी भागीदार बने। इस अभियान के तहत 3 लाख 70 हजार से अधिक कार्यक्रमों में लगभग 2 करोड़ 53 लाख लोगों ने भाग लिया। लगभग 42 हजार जलस्रोतों की सफाई और मरम्मत की गई तथा हजारों नए जल संरक्षण कार्य प्रारंभ किए गए। अभियान में जल को लेकर जन चेतना को एक सामाजिक आंदोलन का रूप मिला।

    स्थायी परिवर्तन की ओर: स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार की पहल

    राज्य सरकार ने क्लीन कुकिंग को बढ़ावा देने के लिए एक लाख लाभार्थियों को निःशुल्क इंडक्शन कुकटॉप वितरित करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने के लिए ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक की व्यवस्था की जा रही है। वेस्ट टू हेल्थ पार्क्स और क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर जैसे नवाचारों से पर्यावरण संरक्षण को तकनीकी मजबूती दी जा रही है।

    हरियालो राजस्थान, भविष्य की दिशा, वर्तमान की आवश्यकता

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नेतृत्व राजस्थान को पारंपरिक रेगिस्तान से हरित समृद्धि की ओर ले जा रहा है। यह केवल वृक्षारोपण या जल संरक्षण की पहल नहीं है, बल्कि यह समग्र दृष्टिकोण है जो पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों को जोड़ता है। आज राजस्थान सतत विकास की दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। हर नागरिक की भागीदारी और सरकार की प्रतिबद्धता के साथ, ‘हरियालो राजस्थान’ अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि साकार होता यथार्थ है।

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    विधानसभा अध्यक्ष ने जलभराव क्षेत्रों में राहत कार्य में तेजी लाने के दियें निर्देश

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को अजमेर शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए।

    अजमेर में हुई बरसात के बाद हुए जलभराव क्षेत्र का विधानसभा अध्यक्ष ने जिला कलक्टर लोक बंधु सहित अफसरों के साथ दौरा कर हालात जाने। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य क्षेत्र में भरे पानी को निकालने के लिए मड पंम्प की संख्या बढ़ाने व आनासागर से हो रही पानी निकासी के दौरान बाधित हो रहे मार्ग की पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

    वासुदेव देवनानी पहले जेएलएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और यहां भरे पानी को निकालने के लिए मड पम्प बढाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर सीढियों को हटाया जाए।

    इसके बाद सूचना केन्द्र चौराहे के पास आगरा गेट की तरफ आनासागर पानी निकासी के कारण रोके गए मार्ग का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि केसरबाग चोकी के पास पुलिया व पहचान शोरूम की पुलिया को ऊंचा किया जाए।

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    आंवले एवं लिसोड़े की उपयोगिता एवं महत्व से आमजन को रूबरू करवाने का प्रयास

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिला प्रशासन द्वारा जिले के पंच गौरव के प्रोत्साहन एवं संवर्धन के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को जयपुर जिला प्रशासन द्वारा ने वनस्पति प्रजाति एवं उपज संरक्षण व संवर्धन अभियान का आगाज़ किया। जयपुर जिले के पंच गौरव में शुमार एक वनस्पति प्रजाति- लिसोड़ा एवं एक उपज- आंवले का जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कलक्ट्रेट परिसर में पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अभियान पर आधारित एक पुस्तिका का  विमोचन भी किया। अभियान के तहत जिला कलक्टर के निर्देशों की अनुपालना में जिले में उपखण्ड स्तर पर भी जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा आंवले एवं लिसोड़े के पौधे लगाए गए।

    इस अभियान का लक्ष्य पंच-गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति लिसोड़ा व एक जिला-एक उपज आंवला की महत्ता, उपयोगिता एवं आवश्यकता से आमजन को परिचित करवाने एवं रोजगार की दृष्टि से जनउपयोगी बनाना है। जिला प्रशासन के इस नवाचार से जिले में सतत विकास लक्ष्य एवं हरित बजट की अवधारण को प्राप्त करने मे सहायता मिलेगी। इस अभियान से आंवला व लिसोड़ा को राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। यह अभियान जिला प्रशासन की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो जिले को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में अग्रसर करेगा।

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    देवस्थान मंत्री ने किया देवाधिदेव महादेव का रूद्राभिषेक - करी लोकमंगल और राष्ट्र कल्याण की प्रार्थना

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    श्रावण मास के दूसरे सोमवार को देवस्थान विभाग की ओर से 80 से अधिक राजकीय तथा प्रन्यास प्रबंधित शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार मंदिर श्री प्रतापेश्वर मंदिर में सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक किया। मंत्री कुमावत ने रूद्रीपाठ के उच्चारण के बीच विधि-विधान के साथ रूद्राभिषेक कर देवाधिदेव महादेव से लोकमंगल और राष्ट्रकल्याण की प्रार्थना की। रुद्राभिषेक के उपरांत कुमावत ने शिवोपासना का अनुष्ठान संपन्न किया।

    इस दौरान देवस्थान विभाग के मंदिरों के पुजारियों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मंत्री कुमावत ने आरती कर चराचर जगत के कल्याण के लिए आदियोगी महादेव से प्रार्थना की। उन्होंने भगवान नंदी का पूजन कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। अनुष्ठान का यह कार्य दो घंटे से अधिक समय तक चला। 

    अनुष्ठान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि रुद्राभिषेक से जीवन में सुख, समृद्धि, संतान सुख, धन लाभ और मानसिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि आज मुझे महाराजा सवाई प्रताप सिंह जी द्धारा संवंत 1851 में स्थापित श्री प्रतापेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से प्राचीन शिव मंदिरों में प्रत्येक सोमवार को रुद्राभिषेक कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अवसर पर सहायक आयुक्त रतनलाल योगी, निरीक्षक सुरेंद्र कुमार पूनिया आदि मौजूद थे।

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    नई राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी से निवेश के खुलेंगे द्वार, रोजगार के अवसरों में होगी वृद्धि

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में सुनियोजित नगरीय विकास की अहम भूमिका है। इससे आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा मिलता है जिससे बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार आने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है। इसी लक्ष्यों की प्र्राप्ति के क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक ने नई राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी का अनुमोदन किया है, जिससे राजस्थान सुनियोजित नगरीय विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सकेगा।

    राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 के प्रावधान ऐसी योजनाओं के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं जिनमें रहवासियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। जिसमें सुबह की सैर के लिए पार्क भी हो और वर्षा तथा अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण की व्यवस्था भी हो। नीति के अंतर्गत सभी योजनाओं में हरित क्षेत्र की अनिवार्यता की गई है। सभी क्षेत्रफल की आवासीय योजनाओं में एकरूपता के दृष्टिगत 7 प्रतिशत पार्क-खेल मैदान एवं 8 प्रतिशत सुविधा क्षेत्र का प्रावधान किया गया है।

    अंत्योदय की परिकल्पना होगी साकार, जरूरतमंद को मिलेगा आवास—

    जरूरतमंद को आवास जैसी बुनियादी सुविधा का लाभ सुनिश्चित हो, इस ध्येय को भी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। नीति के अंतर्गत सभी योजनाओं में ईडब्ल्यूएस-एलआईजी हेतु आरक्षित भूखण्डों का आवंटन स्थानीय निकाय के माध्यम से किये जाने का प्रावधान रखा गया है। इस प्रावधान से पात्र ईडब्ल्यूएस-एलआईजी व्यक्तियों को आवास की उपलब्धता पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही, औद्योगिक योजनाओं में श्रमिको के निवास के लिए न्यूनतम 5 प्रतिशत क्षेत्रफल के भूखण्ड का प्रावधान किया गया है। इससे श्रमिकों को औद्योगिक ईकाईयों के समीप ही आवास उपलब्ध हो सकेंगे जिससे उनको आवागमन के समय में बचत होगी और उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि भी होगी। 

    उपभोक्ताओं के अधिकारों का होगा संरक्षण

    नीति में विकासकर्ता पर जवाबदेहिता और रहवासियों के लिए सुविधायुक्त आवासों का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके लिए योजना के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्चात विकास कार्यों का रख रखाव 5 वर्ष की अवधि अथवा रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को हस्तान्तरण किया जाने तक योजना के 2.5 प्रतिशत भूखण्ड रहन रखे जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, आंतरिक विकास कार्यों के रख-रखाव हेतु रख-रखाव शुल्क का प्रावधान भी किया गया है। नीति के क्रियान्वयन, निगरानी एवं समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है, जिससे शहरी योजनाओं के विकास में आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान हो सकेगा। 

    लम्बवत विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

    शहरी क्षेत्रों का निरंतर विकास भूमि की उपलब्धता को सीमित करता है। ऐसे में आवश्यक है कि बहुमंजिला योजनाओं पर विशेष जोर दिया जाए। नई टाउनशिप पॉलिसी लम्बवत विकास को बढ़ावा देती है। इससे कम क्षेत्र में भी अधिक आवासों का निर्माण हो सकेगा और अधिक से अधिक लोग निवास कर सकेंगे। इसके साथ ही नीति के अंतर्गत मिश्रित भू-उपयोग योजना, समूह आवास योजना, फ्लैट आवास योजना, एकीकृत योजना (समूह आवासीय, फ्लैट आवासीय, प्लोटेड), वाणिज्यिक भू-उपयोग में आमजन की सुविधा के लिए सब सिटी सेन्टर, डिस्ट्रीक्ट सेन्टर, कम्यूनिटी सेन्टर का प्रावधान भी किया गया है। 

    आवागमन में होगी सुविधा, बन सकेंगे सेक्टर रोड्स—

    नीति में बड़े सेक्टर रोड के निर्माण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में सेक्टर सडकों के निर्माण एवं उनके सहारे व्यावसायिक पट्टी के विकास के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की सेक्टर कॉमर्शियल पॉलिसी की तर्ज पर आपसी सहमति से भूमि अवाप्ति की कार्यवाही की जा सकेगी। साथ ही, यह नीति सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रो की स्थापना को भी प्रोत्साहित करती है। नीति अनुसार, इन संयंत्रों की स्थापना के लिए राजस्व रिकॉर्ड में पहुंचमार्ग दर्ज होने व पहुंचमार्ग की न्यूनतम चौडाई की बाध्यता नहीं रखी गयी है। 

    इसके अतिरिक्त नीति में जलस्रोतों के संरक्षण को भी बढ़ावा दिया गया है। इसमें नदी, झील, तालाब, नहर, नाला, बरसाती नालों जैसे विभिन्न जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए इनके सहारे आवश्यक न्यूनतक बफर आरक्षित किये जाने का प्रावधान रखा गया है।

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    सहकारी सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’

    एन.एस. बाछल, 22 जुलाई, जयपुर।

    सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि विगत 17 जुलाई को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ राज्य के सहकारी सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमें राज्य में सहकारी सेक्टर को और अधिक मजबूत करने के लिए एकजुट होकर पूरे मनोयोग से प्रयास करने होंगे।

    गौतम कुमार दक सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ने अपना श्रेष्ठ योगदान दिया। सभी लोगों ने टीम भावना के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया, जिसके अच्छे परिणाम आए और कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सका। आयोजन में 90 प्रतिशत से भी अधिक भागीदारी सहकारी आन्दोलन से जुड़े लोगों की रही और कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान के सहकारी आन्दोलन का पूरे देश में एक अच्छा मैसेज गया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार सहकारी सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए पूरा सहयोग दे रही है और हमें भी अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत पुरजोर प्रयास करते हुए ‘को-ऑपरेटिव बिल्ड अ बेटर वर्ल्ड’ के ध्येय वाक्य को साकार करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई की केन्द्रीय सहकारिता मंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्थान आगामी समय में सहकारिता में देश में सर्वश्रेष्ठ होगा।

    सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने कहा कि आयोजन के संबंध में जिसको जो जिम्मेदारी दी गई थी, उसने उसे पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ निभाया। विभाग के मंत्री गौतम कुमार दक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी स्वयं अपने कंधों पर लेकर दिन-रात मेहनत की, जिससे सभी को प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में अभी हम देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हैं, लेकिन हमें शीर्ष स्थान पर काबिज होना है। इसके लिए हम उत्साहित हैं और गैप्स को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। राजपाल ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ और बजट घोषणा के बिन्दुओं पर हम अधिक मेहनत कर उनकी बेहतर क्रियान्विति सुनिश्चित करेंगे।

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  • सावन में 80 से ज्यादा शिव मंदिरों में भजन लाल सरकार करवा रही है रुद्राभिषेक

    जयपुर

    श्रावण मास के दूसरे सोमवार को जयपुर स्थित श्री प्रतापेश्वर मंदिर शिव भक्ति के दिव्य अनुष्ठान का साक्षी बना। देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने यहां सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक कर देवाधिदेव महादेव से लोकमंगल और राष्ट्रकल्याण की प्रार्थना की।

    देवस्थान विभाग की ओर से राज्य भर में 80 से अधिक राजकीय व ट्रस्ट-प्रबंधित शिव मंदिरों में एक साथ रुद्राभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने त्रिपोलिया बाजार स्थित ऐतिहासिक श्री प्रतापेश्वर मंदिर में रुद्रीपाठ के मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया।

    अनुष्ठान के दौरान शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी मंत्रों के साथ पुजारियों ने विधिवत रुद्राभिषेक संपन्न कराया। दो घंटे चले इस अनुष्ठान में भगवान नंदी की पूजा, शिवजी का दुग्धाभिषेक और आरती के साथ चारों दिशाएं शिवमय हो उठीं।

    मीडिया से बातचीत में मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि "आज मुझे सवाई प्रताप सिंह जी द्वारा संवत् 1851 में स्थापित श्री प्रतापेश्वर मंदिर में पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रुद्राभिषेक से जीवन में सुख, समृद्धि, संतान सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने आगे बताया कि देवस्थान विभाग द्वारा प्रत्येक सोमवार को राज्य के प्राचीन शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक आयोजित किए जाएंगे।