26/07/25

शिक्षा के लिए कालीबाई के बलिदान का सदैव किया जाएगा स्मरण

एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। नेशन फर्स्ट का ध्येय लेकर संवेदनशीलता के साथ देश की प्रगति में सहभागी बनकर युवा अपनी ऊर्जा का सदुपयोग सही दिशा में कर सकते हैं।

वासुदेव देवनानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से शुक्रवार को उदयपुर जिले के रविन्द्रनाथ टैगौर महाविद्यालय सभागार में आयोजित वीर बाला कालीबाई प्रतिभा सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज का समय नवाचारों का समय है जिसके बल पर युवा आधुनिक दौर में तकनीक का समुचित उपयोग करते हुए राष्ट्र के पुनर्निर्माण में सहभागी बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलम्बी बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए विभिन्न योजनाएं प्रारम्भ की हैं। युवाओं को चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ लेते हुए स्वावलम्बी बनें और दूसरों को रोजगार प्रदान करने में सक्षम बनें। चर्चित खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए देवनानी ने कहा कि युवा अधिक से अधिक संख्या में खेल से जुड़ें और अपनी ऊर्जा का उपयोग करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें।

 बाबूलाल खराड़ी ने याद किया काली बाई का बलिदान—

शिक्षा और शिक्षक को बचाने के लिए अंग्रेजों से भिड़ जाने और अपनी जान देने वाली वीर बाला काली बाई के बलिदान का स्मरण करते हुए जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा को लेकर अपना सर्वाच्च बलिदान देने वाली काली बाई विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।

 उदयपुर जिले की 800 से अधिक प्रतिभाएं सम्मानित—

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र की 800 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जिले भर के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थी, विश्वविद्यालयों के गोल्ड मेडलिस्ट, एग्रीकल्चर, मेडिकल, फार्मेसी, एनएसएस, एनसीसी, खेलों में चयनित छात्रों को सम्मानित किया गया।

#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

Previous

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत किया पौधारोपण

Next

जिम्बॉब्वे में अलवर की प्रतिष्ठित सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किये जाने का रखा प्रस्ताव