Skip to Videos
  • anil_vij_haryana__1710868928.jpg

    विपक्ष हमारी हिन्दूस्तान की सारी मान्यताओं के खिलाफ है - कैबिनेट मंत्री अनिल विजI

    हमारे देश में अनेकों आपरेशन हिन्दूस्तान के नामों पर ही हुए हैं - विज

    विपक्ष अब देश का विरोध करने लग गया है - विज

    अम्बाला/ चण्डीगढ, 31 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने संसद में लोकसभा और राज्यसभा में चल रही आपरेशन महादेव व शिवशक्ति पर बहस के दौरान विपक्ष ने सेना के भगवाकरण करने के संबंध में सवाल उठाया है, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारी हिन्दूस्तान की सारी मान्यताओं के खिलाफ है।

    उन्होंने विपक्ष को समझाते हुए कहा कि ‘‘विपक्ष को यह मालूम होना चाहिए कि हमारे देश की सेना की हर यूनिट में मंदिर और गुरूद्वारें बनाए गए हैं। विपक्ष को यह भी मालूम होना चाहिए कि जब हमारे जाबांज सिपाही दुश्मन पर टूट पडते हैं तो बजरंग बली की जय करते हुए आगे बढते है। विपक्ष को यह भी मालूम होना चाहिए कि हमारे देश में अनेकों आपरेशन हिन्दूस्तान के नामों पर ही हुए हैं’’।

    विपक्ष देश की जितनी भी मान्यताएं, श्रद्धा व पूजा केन्द्र हैं, अब उनका विरोध करने लग गया है’’ - विज

    श्री विज ने विपक्ष को आडे हाथों लेते हुए कहा कि ‘‘विपक्ष को शर्म आनी चाहिए कि क्या हम अपने सैन्य आपरेशनों के नाम के पाकिस्तान की मिसाइलों के नाम पर रखें या पाकिस्तान या दूसरे देशों के नाम पर रखें! उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से मुदों से भटक गया है और प्रधानमंत्री जी का राजनीतिक विरोध करते-करते अब विपक्ष देश का विरोध करने लग गया है। उन्होंने कहा कि देश की जितनी भी मान्यताएं व श्रद्धा व पूजा केन्द्र हैं, अब विपक्ष उनका विरोध करने लग गया है’’।

    #anilvij #operationmahadev #parliment

  • VideoCapture_20250731-114036.jpg

    ‘‘मैं सबसे वरिष्ठ विधायक हूं, मैंने सारा हरियाणा देखना है, इसलिए मैं जल्द ही सारे हरियाणा का दौरा शुरू करने वाला हूं’’- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

    ‘मैं नए व पुराने कार्यकर्ताओं से मिलने वाला हूं और उनका हालचाल पूछने वाला हूं’’- अनिल विज

    ‘‘जो अधिकारी सरकार की योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं मैं उनका भी हालचाल पूछने वाला हूूं’’- विज

    अम्बाला/ चण्डीगढ, 31 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज बडा ब्यान देते हुए कहा कि ‘‘मैं सबसे वरिष्ठ विधायक हूं, मैंने सारा हरियाणा देखना है, इसलिए मैं जल्द ही सारे हरियाणा का दौरा शुरू करने वाला हूं तथा नए व पुराने कार्यकर्ताओं से मिलने वाला हूं और उनका हालचाल पूछने वाला हूं। श्री विज ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘‘जो अधिकारी सरकार की योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं मैं उनका भी हालचाल पूछने वाला हूूं’’।

    मंत्री विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा गत दिनों भाजपा विधायक दल की बैठक में विधायकों व मंत्रियांें को हलके आंबटित करने के दौरान सात बार के विधायक अनिल विज का नाम सूची से बाहर है, के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

    श्री विज ने कहा कि ‘‘मैं सबसे वरिष्ठ विधायक हूं, मैंने सारा हरियाणा देखना है, जबकि बाकी विधायकों को एक-एक हल्का दिया है। उन्होंने कहा कि मैं सात बार विधानसभा का चुनाव जीता हूं और जल्द ही मैं सारे हरियाणा का दौरा शुरू करने वाला हूं तथा जगह-जगह पर जाकर नए और पुराने कार्यकर्ताओं से मिलने वाला हूं और उनका हालचाल पूछने वाला हूं। श्री विज ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी सरकार की योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं मैं उनका भी हालचाल पूछने वाला हूूं’’।

    #anilvij #bjp #bjpharyana

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • 1001449572.jpg

    200 एमबीपीएस की गति तथा लगभग 3000 रुपए मासिक की दर से स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा जल्द ही भारत में लॉन्च होने की संभावना

    अनिल विज, अंबाला छावनी, 30 जुलाई, 2025

    ऐसा प्रतीत होता है कि स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा जल्द ही भारत में लॉन्च होने की राह पर है!

    हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि स्टारलिंक को आवश्यक नियामक मंज़ूरी मिल गई है, जिसमें IN-SPACe मंज़ूरी भी शामिल है, जो एक बड़ी बाधा थी। हालाँकि आधिकारिक लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सेवाएँ 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत तक शुरू हो सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स अगले तीन महीनों के भीतर संभावित रोलआउट का भी संकेत देती हैं।

    नियामक मंज़ूरी: स्टारलिंक ने भारत में परिचालन अधिकार हासिल कर लिए हैं, और IN-SPACe मंज़ूरी एक महत्वपूर्ण कदम है।

    लक्षित क्षेत्र: स्टारलिंक के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है जहाँ पारंपरिक ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचा सीमित है।

    प्राथमिक तौर पर भारत में लगभग 20 लाख कनेक्शनों तक सीमित हो सकती है।

    गति: 200 एमबीपीएस तक की गति प्रदान करने की उम्मीद है।

    मासिक सदस्यता योजनाओं की कीमत लगभग ₹3,000 से ₹4,200 होने का अनुमान है।

    मानक किट (हार्डवेयर) की कीमत लगभग ₹33,000 होने की उम्मीद है।

    वितरण: स्टारलिंक हार्डवेयर का वितरण भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से किया जा सकता है।

    हालाँकि आधार तैयार हो चुका है, व्यावसायिक लॉन्च से पहले कुछ और स्वीकृतियाँ और सेटअप लंबित हो सकते हैं। यह भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए, विशेष रूप से कम सेवा वाले क्षेत्रों के लिए, एक महत्वपूर्ण विकास है।

  • download.jpeg
    30/07/25 |

    गोवा शिपयार्ड ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए आईसीजीएस अटल गश्ती पोत लॉन्च किया

    आरएस अनेजा, 30 जुलाई नई दिल्ली

    जहाज निर्माण में भारत की स्वदेशी समुद्री शक्ति और आत्मनिर्भरता को मजबूत करते हुए, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने गोवा के वास्को-डी-गामा में आयोजित एक समारोह में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए आईसीजीएस अटल (यार्ड 1275) फास्ट पेट्रोल वेसल (एफपीवी) गश्ती पोत लॉन्च किया। यह आठ अत्याधुनिक स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए एफपीवी की श्रृंखला में छठा है।

    गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में डिज़ाइन किए गए ये गश्ती पोत 52 मीटर लंबे, 8 मीटर चौड़े और 320 टन माल ढोने की क्षमता वाले हैं। ये उच्च गति वाले पोत तटीय गश्त, द्वीप सुरक्षा मिशन और अपतटीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए तैयार किये गये हैं। इससे भारत की समुद्री जागरूकता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ये पोत तस्करी-रोधी, समुद्री डकैती-रोधी और खोज एवं बचाव अभियान का हिस्सा भी बनेंगे।

    गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री ब्रजेश कुमार उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा: “आईसीजीएस अटल का शुभारंभ टीम गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की अदम्य भावना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों के बीच भी, जहाज निर्माण में स्वदेशीकरण, नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” तटरक्षक मुख्यालय के प्रमुख आंतरिक वित्तीय सलाहकार (पीआईएफए) और मुख्य अतिथि श्री रोज़ी अग्रवाल ने मजबूत कार्यान्वयन क्षमताओं और देश की समुद्री सुरक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने  के लिए  गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की सराहना की।

    #indiannavy #mod

    ****

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • WhatsApp Image 2025-07-29 at 8.09.05 PM (1).jpeg

    "विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर में भारत की उपलब्धियां और भारत की जीत से खुश नहीं है" : ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज

    लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर 20-20 का मैच हो रहा है : अनिल विज

    इसमें भारत की तरफ से भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल हैं और पाकिस्तान की तरफ से कांग्रेस और सहयोगी दल है : विज

    हमारी सेना ने आतंकवादी अड्डों को तबाह किया: विज

    हमारी सेना कह चुकी है कि भारत-पाकिस्तान के युद्ध विराम में किसी की मध्यस्थता नहीं हुई : विज

    चंडीगढ़/पंचकूला, 29 जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने लोकसभा में आपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही बहस के संबंध में कहा कि "विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर में भारत की उपलब्धियां और भारत की जीत से खुश नहीं है इसलिए यह लोकसभा में अपना दुखड़ा रो रहे हैं"।

    श्री विज आज यहां पंचकूला में मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उल्लेखनीय है श्री विज आज पंचकूला के सेक्टर 6 नागरिक अस्पताल में अपनी आंख की जांच करवाने के लिए आए थे।

    ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह सारा देश देख रहा है कि लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर 20-20 का मैच हो रहा है इसमें भारत की तरफ से भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल बैटिंग कर रहे हैं और पाकिस्तान की तरफ से कांग्रेस और सहयोगी दल है।

    हमारी सेना ने आतंकवादी अड्डों को तबाह किया : विज

    विज ने कहा कि इस बात को सारा देश जानता है कि कि बहादुरी के साथ हमारी सेना ने लड़ाई लड़ी, तकनीक के साथ हमारी सेना ने लड़ाई लड़ी, सटीक निशानेबाजी के साथ हमारी सेना ने लड़ी और हमारी सेना ने पाकिस्तान के दांत खट्टे कराए हैं। उन्होंने बताया कि हमारी सेना ने आतंकवादी अड्डों को तबाह किया है, एयरवेज अड्डों को तबाह किया है उनका एयर सिस्टम हमारी सेना ने तबाह किया है।

    हमारी सेना कह चुकी है कि भारत-पाकिस्तान के युद्ध विराम में किसी की मध्यस्थता नहीं हुई : विज

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों को हमारी सेना की सफलता हजम नहीं हो रही है इसलिए बार-बार विपक्ष इन मुद्दों को उठा रहा हैं और बार-बार इस बात को कह रहा हैं कि भारत-पाकिस्तान का युद्ध विराम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करवाया। जबकि हमारी सेना कह चुकी है कि सीजफायर में किसी की भी मध्यस्थता नहीं हुई है। हमारे प्रधानमंत्री भी कह चुके हैं कि किसी की मध्यस्थता नहीं हुई। इसी प्रकार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री भी कह चुके हैं कि किसी की मध्यस्थता नहीं थी। उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि "विपक्ष हमारी सेना पर विश्वास मत करे, हमारे प्रधानमंत्री में विश्वास मत करे लेकिन पाकिस्तान विपक्ष का मित्र है इसलिए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री पर विपक्ष विश्वास करें कि किसी की भी मध्यस्थता नहीं थी"।

    विज ने कहा कि उन्होंने दीपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान सुना है जिसमें वह कह रहे हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 32 बार सीजफायर की बात कही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास और कोई काम नहीं है सारा दिन यह गिनती करते रहते हैं कि कितनी बार ट्रंप ने कहा है कि एक बार कहा, दो बार कहा और तीन बार कहा है।

    कांग्रेस द्वारा पहलगाम हमले में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेना अच्छी बात : विज

    कांग्रेस द्वारा पहलगाम हमले में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस वाले बच्चों को गोद ले रहे है ये अच्छी बात है। लेकिन आज तक इन्होंने (कांग्रेस) जिस चीज को गोद लिया उनको जाकर कभी पूछा भी नहीं और जब विपक्ष की सरकार थी तब उनके बारे में हाल-चाल भी नहीं जाना।

    #india #haryana #oprationsindoor #opposition #anilvij #danikkhabar #loksabha #news

  • download (22).jpg
    29/07/25 |

    अभ्यास सुरक्षा चक्र: हरियाणा के पाँच जिलों में 1 अगस्त को मेगा बहु-राज्यीय आपदा तैयारी मॉक ड्रिल

    चंडीगढ़, 29 जुलाई (अभी) – हरियाणा की वित्त आयुक्त राजस्व (एफसीआर), डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ मिलकर 1 अगस्त, 2025 को पूर्ण पैमाने पर मॉक ड्रिल 'अभ्यास सुरक्षा चक्र' का आयोजन करेगा। यह अभ्यास हरियाणा के पाँच जिलों गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में होगा।

     

    उन्होंने बताया कि यह व्यापक आपदा प्रबंधन अभ्यास पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए 1 अगस्त, 2025 तक चार दिवसीय पहल के तहत चल रहा है, जिसका उद्देश्य भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरों जैसी बड़े पैमाने की आपदाओं की स्थिति में वास्तविक समय की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं का गहन मूल्यांकन और सुदृढ़ीकरण करना है। इस अभ्यास में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 18 जिलों के साथ-साथ भारतीय सेना के पश्चिमी कमान मुख्यालय और दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय की भागीदारी शामिल है।

     

    उन्होंने आगे कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य अंतर-एजेंसी समन्वय को मज़बूत करना, मौजूदा आपदा प्रबंधन योजनाओं को मान्य करना और प्रशासन, सशस्त्र बलों, आपातकालीन सेवाओं और सामुदायिक हितधारकों, सभी स्तरों पर घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) को शामिल करते हुए एक एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से वास्तविक समय की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं का कठोर परीक्षण करना, आपातकालीन सहायता कार्यों (ईएसएफ) को मज़बूत करना और संसाधन अंतराल की पहचान करना है।

     

    डॉ. मिश्रा ने ज़ोर देकर कहा, "यह पहल हरियाणा में आपदा लचीलेपन के लिए एक मानक स्थापित करती है और इससे सक्रिय योजना, प्रभावी समन्वय और समावेशी भागीदारी के माध्यम से वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों के प्रबंधन की राज्य की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।"

     

    डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह अभ्यास चरणों में होगा। 30 जुलाई को, मानेकशॉ केंद्र और विभिन्न केंद्र, राज्य और ज़िला अधिकारियों के प्रतिक्रियाकर्ताओं के साथ एक टेबल टॉप अभ्यास (टीटीईएक्स) एक साथ आयोजित किया जाएगा ताकि परिदृश्यों पर चर्चा की जा सके और घटना कार्य योजनाएँ (आईएपी) तैयार की जा सकें। यह अभ्यास 1 अगस्त को सभी प्रतिभागी जिलों में एक साथ आयोजित पूर्ण पैमाने पर मॉक अभ्यास के साथ समाप्त होगा, जिसमें प्रत्येक जिले में पाँच स्थानों पर लाइव सिमुलेशन होंगे , इनमें  एक स्कूल, सरकारी भवन, आवासीय क्षेत्र, अस्पताल और औद्योगिक क्षेत्र शामिल होंगे।

     

    उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (डीडीएमए) को आपातकालीन संचालन केंद्रों (ईओसी) को सक्रिय करने और मॉक अभ्यास से पहले जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश मिले हैं, ताकि मंचन क्षेत्रों, चिकित्सा सहायता चौकियों, राहत शिविरों और सुरक्षित निकासी मार्गों का स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित किया जा सके। उन्हें आपदा मित्र, रेड क्रॉस, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस स्वयंसेवकों और गैर सरकारी संगठनों को सक्रिय रूप से शामिल करने और स्थानीय हितधारकों के साथ व्यापक समन्वय करने का भी काम सौंपा गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नागरिकों के लिए सभी जोखिम भरे वास्तविक जीवन सिमुलेशन से बचा जाएगा और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवाओं के प्रशिक्षित कर्मी सभी बचाव अभियान चलाएंगे। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि 1 अगस्त को पूर्ण पैमाने पर अभ्यास के दौरान सुबह 9:00 बजे सायरन बजेगा, जिससे अभ्यास शुरू होगा और उसके बाद तत्काल निकासी प्रक्रिया शुरू होगी।

     

    अभ्यास के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में एक राज्य-स्तरीय डीब्रीफिंग और फीडबैक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अभ्यास का मूल्यांकन किया जाएगा। पर्यवेक्षक प्रदर्शन समीक्षा और स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे ताकि शक्तियों, कमजोरियों और सुधार के क्षेत्रों की पहचान की जा सके, और भविष्य में संदर्भ के लिए वीडियो और तस्वीरों सहित एक व्यापक अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

    #haryana #mokdrill #trial #1august #danikkhabar #news

  • image003YHYT.jpg

    मौसम विज्ञान के लिए नए वैज्ञानिक उपकरण और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ

    आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जलवायु-अनुकूल और वैज्ञानिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) द्वारा विकसित नए वैज्ञानिक उपकरण और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने विज्ञान-संचालित सेवाओं के प्रति गहन जन सहभागिता और व्यापक जागरूकता का आह्वान किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले एक दशक में मंत्रालय के कामकाज, इसकी पहुंच और लोगों के जीवन पर इसके वास्तविक प्रभाव से उल्लेखनीय बदलाव आया है।

    डॉ. सिंह ने कहा कि विज्ञान और नवाचार पारिस्थितिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही आगामी दशकों में भारत के आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि अब हम उस मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां एक सामान्य उपयोगकर्ता भी अपने मोबाइल फोन पर लाइव मौसम अलर्ट, चक्रवात संबंधी चेतावनी, वायु गुणवत्ता अपडेट और समुद्री पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह मिशन मोड में काम करने वाली सरकार और एक ऐसे मंत्रालय के कार्य परिणाम हैं, जिसने स्वयं को नागरिक सेवा केंद्रित संस्थान के रूप में ढ़ाल लिया है।"

    इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के विभिन्न संस्थानों द्वारा विकसित 14 प्रमुख उत्पादों और पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। इनमें वर्षा निगरानी और फसल-मौसम कैलेंडर, भारत पूर्वानुमान प्रणाली - विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (भारतएफएस-ईआरपी) जैसी उन्नत मौसम पूर्वानुमान प्रणालियां, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वर्षा डेटासेट, अद्यतन तरंग एटलस और समुद्र तल चार्ट, वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणालियां, समुद्री जैव विविधता रिपोर्ट और चार भारतीय शहरों के भूकंपीय सूक्ष्म क्षेत्रीकरण अध्ययन शामिल हैं।

    इस मौके पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्मित "लाइफ सेविंग इम्पैक्ट" नाम की एक नई डाक्यूमेंटरी (वृत्तचित्र) भी रिलीज़ की गई।

    #ministryofearthsciences

  • Screenshot_20250325_075258_WhatsApp.jpg
  • download (19).jpg

    हिमाचल प्रदेश सरकार बीबीएमबी से 14 वर्षों से लंबित ऊर्जा बकाया वसूली के लिए प्रयासरत

    हिमाचल, 28 जुलाई (अभी): जेएसडब्ल्यू ऊर्जा मामले में सर्वोच्च न्यायालय में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के उपरांत वर्तमान प्रदेश सरकार अब बीबीएमबी परियोजनाओं से 14 वर्षों से लंबित ऊर्जा बकाया की वसूली के लिए गंभीरता से प्रयासरत है। यह मामला 29 जुलाई, 2025 को न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचिबद्ध है।

    प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार बीबीएमबी की सभी परियोजनाओं से ऊर्जा बकाया की वसूली के लिए निरंतर निरंतर गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह लड़ाई पिछले 14 वर्षों से लड़ रही है। यह बकाया नवम्बर 1966 से या संबंधित परियोजनाओं के चालू होने की तिथि से 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर मांगा गया है। 

    प्रवक्ता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 27 सितम्बर, 2011 के ऐतिहासिक निर्णय के उपरांत केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने बीबीएमबी को 1 नवम्बर, 2011 से हिमाचल को 7.19 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस पर मंत्रालय ने नवम्बर, 1966 से अक्तूबर, 2011 तक की ऊर्जा बकाया की विस्तृत रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य को बीबीएमबी परियोजनाओं से कुल 13,066 मीलियन यूनिट बिजली प्राप्त करने का हकदार है, जिसकी वसूली पंजाब और हरियाणा से 60ः40 के अनुपात में होनी है। 

    उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व में दिए गए निर्णय के बावजूद भारत के अटॉर्नी जनरल और ऊर्जा मंत्रालय द्वारा ऊर्जा भुगतान की विधि को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रस्तुति नहीं दी गई है। इसके चलते मामला बार-बार तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से टलता जा रहा है। 

    #himachal #goverment #electricity #bbmb #danikkhabar #news #court

  • तीज पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने दी शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री के साथ छात्राओं को पारंपरिक झूले झुलाए

    अम्बाला, 28 जुलाई। अम्बाला में आज राज्य स्तरीय तीज उत्सव समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज मौजूद रहे।

    समारोह में मुख्यमंत्री नायब सैनी और कैबिनेट मंत्री अनिल विज तीज के अवसर पर छात्राओं को पारम्परिक झूला झुलाया और तीज की शुभकामनाएं दी।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने समारोह में में तीज की सभी को शुभकामनाए दी और सम्बोधन दिया।

    समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा विभाग की 51 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी गई जबकि परिवहन विभाग की 4 करोड रूपए से अधिक की योजनाओं का उदघाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने लाडो सखी योजना और डिजिटल ईको सिस्टम का शुभारंभ भी किया।

    #anilvij #bjpharyana #news #bjp

  • image0013I23.jpg

    कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रख-रखाव में आधुनिक मशीनों का हो रहा इस्तेमाल

    आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जून माह में चिनाब और अंजी पुलों के साथ उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का उद्घाटन किया। यह कश्मीर घाटी और जम्मू के बीच संपर्क स्थापित करने में एक ऐतिहासिक औ प्रमुख उपलब्धि है।

    कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी इस मार्ग पर परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है। नई रेलगाड़ी सेवाओं के अलावा, इस लाइन के शुरू होने से कश्मीर घाटी में रेल पटरियों के रख-रखाव की क्षमता में बुनियादी बदलाव आया है। रेलवे लिंक ने कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रखरखाव वाली मशीनों की आवाजाही को सक्षम बनाया है।

    पहले रेल लाइनों का मानवीय रखरखाव के विपरीत, अब रखरखाव आधुनिक मशीनों से किया जा रहा है। इससे रेल लाइन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ट्रैक मशीनों की तैनाती में वृद्धि: कश्मीर घाटी में रेलवे लाइनों की रखरखाव गतिविधियों को मजबूत करने के लिए, मशीनों की तैनाती को निम्नानुसार बढ़ाया गया है। जून 2025 की शुरुआत से एक टैम्पिंग मशीन तैनात की गई है। यह मशीन रेल पटरियों के उचित प्रकार से एक सीध में रखने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरती है। इसने अब तक घाटी में लगभग 88 किलोमीटर रेलवे पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरे हैं। इससे गिट्टी की गद्दी में सुधार हुआ है और इससे रेल यात्रा सुगम होगी।

    #railway #ministryofrailway #jammukashmir #kashmir

  • image001F8WY.jpg

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वडोदरा, गुजरात स्थित एल्सटॉम के सावली संयंत्र का दौरा किया

    आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वडोदरा, गुजरात स्थित एल्सटॉम के सावली संयंत्र का दौरा किया, जो भारत में रेलवे वाहनों के निर्माण का एक प्रमुख केन्‍द्र है। उन्होंने सावली संयंत्र में एल्सटॉम के संचालन की समीक्षा की और रखरखाव प्रक्रियाओं का गहन मूल्यांकन किया।

    उन्होंने प्रत्येक ऑर्डर के लिए विशिष्‍ट व्‍यवसाय की जरूरतों को तैयार करने की एल्सटॉम की कार्यप्रणाली की सराहना की - एक ऐसा नवाचार जिसका भारतीय रेलवे अनुसरण कर सकता है - और एक रचनात्मक एवं सहयोगात्मक ढाँचे के माध्यम से गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

    सावली इकाई ने जर्मनी, मिस्र, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और ब्राज़ील सहित कई देशों को 3,800 से ज़्यादा बोगियों का सफलतापूर्वक निर्यात किया है, साथ ही वियना, ऑस्ट्रिया को 4,000 से ज़्यादा फ्लैटपैक (मॉड्यूल) भी उपलब्ध कराए हैं। मनेजा इकाई ने विभिन्न वैश्विक परियोजनाओं को 5,000 से ज़्यादा संचालन शक्ति प्रणालियाँ निर्यात करके महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    भारत वर्तमान में 27 अंतर्राष्ट्रीय सिग्नलिंग परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है और दुनिया भर में 40 अतिरिक्त परियोजनाओं को सहायता प्रदान कर रहा है। बैंगलोर का डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर दुनिया भर में 120 से अधिक परियोजनाओं में सहयोग करके नवाचार को बढ़ावा दे रहा है, और आईओटी, एआई ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा का उपयोग करके अगली पीढ़ी की सिग्नलिंग पर ध्यान केन्‍द्रित कर रहा है।

    #indianrailways #railministry #ashwanivashnav

  • image0C46A.jpeg
    28/07/25 |

    भारत-सिंगापुर के मध्य जोधपुर में शुरू होगा एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र

    आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

    भारत-सिंगापुर संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण, एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025, आज जोधपुर में शुरू होगा जोकि 04 अगस्त 2025 तक जारी रहेगा। इस अभ्यास में 4 सिंगापुर आर्मर्ड ब्रिगेड की 42 सिंगापुर आर्मर्ड रेजिमेंट और भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट भाग लेंगी।

    यह अभ्यास एक टेबल टॉप अभ्यास और कंप्यूटर-आधारित युद्धाभ्यास के रूप में होगा। इसका उद्देश्य यंत्रीकृत युद्ध के लिए संचालन प्रक्रियाओं को सुदृढ करना है। इसका समापन भारतीय सेना द्वारा उपकरणों के प्रदर्शन के साथ होगा। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत दोनों सेनाओं की अंतर-संचालन क्षमता और संयुक्त प्रशिक्षण क्षमताओं को बढ़ाना है। इससे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत होगा।

    उद्घाटन समारोह में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अर्जुन गणपति भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे जबकि 42वीं सिंगापुर आर्मर्ड रेजिमेंट के बटालियन कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल खिव झी यूंग सिंगापुर के पक्ष का नेतृत्व करेंगे। 340वीं (I) मैकेनाइज्ड ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर प्रीतम और 4 सिंगापुर आर्मर्ड ब्रिगेड के कमांडर कर्नल वोंग ज़ेंग यू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    42 सिंगापुर बख्तरबंद रेजिमेंट द्वारा भारतीय टुकड़ी को रेजिमेंटल ध्वज का प्रतीकात्मक हस्तांतरण भी किया जाएगा। यह अभ्यास की अवधि में भारतीय गठन को कमान के औपचारिक हस्तांतरण का प्रतीक होगा।

    एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025 भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा तथा सामरिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देगा।

    #mod #indianarmy #singaporearmy

  • Screenshot_2025-07-28-10-08-01-43_92460851df6f172a4592fca41cc2d2e6.jpg

    पंजाब में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अकाली नेता की तस्वीर लगाई भाजपा नेताओं के साथ, सरकार बनाने की इच्छा

    विशेष संवाददाता पंजाब, 28 जुलाई

    अकाली भाजपा के नेता समझौता करे न करे लेकिन वर्करों ने लगता है पंजाब में अपना बिगुल बजा दिया है और जिसकी शुरुआत अब पंजाब के फाजिल्का से हो गई है यहां पर भाजपा के वर्करों ने नेताओं के साथ मिलकर पंजाब के स्वर्गीय मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ लगा दी है जिसकी चर्चा सारे प्रदेश में हो रही है कि अब भाजपा ओर अकाली दल के कार्यकर्ताओ में वह जोश दिखाई देने लगा है जो कभी 2022 से पहले आम आदमी पार्टी ओर 2017 से पहले कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में था और नेताओं को छोड़ अब कार्यकर्ताओं ने पहले से ही गठबंधन करना शुरू कर दिया है और कह भी रहे है कि प्रकाश सिंह बादल की फोटो उनके दिल पर छपी हुई है बादल के समय पंजाब ओर उनके इलाकों का जितना विकास हुआ वो आज तक कोई करवा नहीं पाया और जितना प्यार उनसे मिला वो आज तक किसी से नहीं मिला इसलिए हम बड़े बादल साहिब को आज के हालात में याद कर रहे है अब समझौता पार्टी हाइकमान ने करना है लेकिन हमने अपनी भावनाएं बता दी है कि पंजाब का कार्यकर्ता क्या चाहता है।

    अब लगने लगा है कि भाजपा का कार्यकर्ता एक ओर ऑपोजिशन झेलने के मूड में नहीं बल्कि वह सरकार में आना चाहता है क्योंकि पिछले दस सालों से कार्यकर्ता ऑपोजिशन में ही है बेशक पंजाब के नेताओं ने केंद्र से बड़ी बड़ी सुरक्षा ली हुई है जो अंदरखाते गठबंधन का किसके इशारे पर विरोध कर रहे है लेकिन अब कार्यकर्ताओं की भावनाएं सामने आने लगी है जो आने वाले समय में ओर ज्यादा उग्र हो जाएंगी।

    #punjab #bjp #akalidal #politics #coalition #goverment #danikkhabar #news

  • 20250727_125549.jpg

    कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) परीक्षा में सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित परीक्षार्थियों ने भी एक उच्च सार्थक भावना के साथ भागेदारी की - परिवहन मंत्री अनिल विज

    सभी के उच्च सार्थक भावना भागेदारी के साथ सीईटी परीक्षा का आयोजन सफल होने जा रहा है - अनिल विज

    सीईटी परीक्षा में लगभग 13 लाख से अधिक बच्चों को दो दिनों की चार शिफटों में परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाना/आयोजित करवाना बहुत ही बडा दायित्व - विज

    परीक्षार्थियों के खिले बता रहे थे कि परिवहन विभाग की व्यवस्थांएं हैं दुरूस्त- विज

    परिवहन मंत्री ने अपने स्टाफ की पीठ थपथपाई और तालियां बजाकर किया उत्साहबर्धन, स्टाफ सुबह 5 बजे से डयूटी पर तैनात

    ‘‘सीईटी परीक्षा के परीक्षार्थियों को बस सेवा मुहैया करवाने के साथ-साथ आम जनता के लिए भी परिवहन सेवाएं मुहैया करवाना बडा टास्क था’’- विज

    बिना स्टाफ की सार्थक भागेदारी से कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता- विज

    विज ने अंबाला छावनी के बस अडडे पर सीईटी परीक्षा को लेकर की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया

    चण्डीगढ, 27 जुलाई- हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि कॉमन एंटेªस टेस्ट (सीईटी) परीक्षा में सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित परीक्षार्थियों ने भी एक उच्च सार्थक भावना के साथ भागेदारी की है और इसी कारण से सीईटी परीक्षा का आयोजन सफल होने जा रहा है क्योंकि सीईटी परीक्षा में लगभग 13 लाख से अधिक बच्चों को दो दिनों की चार शिफटों में परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाना/आयोजित करवाना बहुत ही बडा दायित्व था। सीईटी परीक्षा आयोजित करवाने के लिए श्री विज ने सुबह 5 बजे से डयूटी पर तैनात चालकों की पीठ थपथपाई और तालियां बजाकर उनका उत्साहबर्धन भी किया। इसके अलावा, श्री विज ने बताया कि परीक्षार्थियों के खिले हुए चेहरे बता रहे थे कि परिवहन विभाग की व्यवस्थाएं दुरूस्त हैं।

    मंत्री विज आज सीईटी परीक्षा को आयोजित करवाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों को लेकर अंबाला छावनी के बस अडडे पर निरीक्षण करने के उपरांत मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

    ‘‘सीईटी परीक्षा के परीक्षार्थियों को बस सेवा मुहैया करवाने के साथ-साथ आम जनता के लिए भी परिवहन सेवाएं मुहैया करवाना बडा टास्क था’’- विज

    परिवहन मंत्री ने कहा कि ‘‘सीईटी परीक्षा के परीक्षार्थियों को बस सेवा मुहैया करवाने के साथ-साथ आम जनता के लिए भी परिवहन सेवाएं मुहैया करवाना बडा टास्क था क्योंकि तीज का त्यौहार है और शनिवार व रविवार भी है और इन दिनों में लोग अपने घरों में आने-जाने के लिए ज्यादातर परिवहन सुविधा लेते है। उन्होंने कहा कि सीईटी परीक्षार्थियों के अलावा आम यात्रियों का भी पूरा ध्यान रखा गया है और मैंने स्वयं परीक्षार्थियों से बात की है और परीक्षार्थियों के खिलें हुए चेहरे बता रहे हैं कि वे हमारी परिवहन व्यवस्थाओं से पूरी तरह से सतुंष्ट है’’।

    बिना स्टाफ की सार्थक भागेदारी से कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता- विज

    विज ने कहा कि ‘‘मैंने अपने परिवहन विभाग के स्टाफ से भी बात की है क्योंकि बिना स्टाफ की सार्थक भागेदारी से कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का स्टाफ सुबह 5 बजे से अपनी डयूटी पर तैनात है और कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है तथा सभी अधिकारी व कर्मचारी सीईटी परीक्षा को सफल तरीके से आयोजित करवाने में अपनी-अपनी भागेदारी के तहत अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं’’। परिवहन मंत्री ने बताया कि सी प्रकार, सभी आईएएस अधिकारी, सभी पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी व परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों सहित जिलों के प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी भी अपनी-अपनी भागेदारी के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है ताकि सीईटी परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हो जाए और सीईटी परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हो रही है।

    ‘‘उत्सव भावनाओं के साथ मनाए जाते हैं और बिना भावना के कोई भी उत्सव मनाया नहीं जा सकता है’’- विज

    पहली बार किसी सरकार द्वारा सीईटी परीक्षा को आयोजित करवाने को लेकर एक उत्सव की तरह यह सीईटी परीक्षा को आयोजित करवाया जा रहा है, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ‘‘उत्सव भावनाओं के साथ मनाए जाते हैं और बिना भावना के कोई भी उत्सव मनाया नहीं जा सकता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि यदि मन के कुण्ठा है तो कोई दिवाली के दिये नहीं जला सकता है। उन्होंने कहा कि सीईटी परीक्षा में सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित परीक्षार्थियों ने भी एक उच्च सार्थक भावना के साथ भागेदारी की है और इसी कारण से सीईटी परीक्षा का आयोजन सफल होने जा रहा है’’।

    परिवहन मंत्री ने अपने स्टाफ की पीठ थपथपाई और तालियां बजाकर किया उत्साहबर्धन, स्टाफ सुबह 5 बजे से डयूटी पर तैनात

    इससे पहले, श्री विज ने अंबाला छावनी के बस अडडे पर सीईटी परीक्षा को लेकर की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित परिवहन विभाग के स्टाफ कर्मचारियों व परीक्षार्थियों से बातचीत भी की। अंबाला छावनी बस अडडे पर पहुंचे परिवहन मंत्री ने वहां पर उपस्थित बसों के चालकों से बातचीत की, जिस पर वहां पर उपस्थित एक चालक ने बताया कि वह सुबह 5 बजे से डयूटी पर तैनात हैं, इस बात को सुनकर परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने चालकों की डयूटी के निर्वहन के प्रति तालियां बजाकर व पीठ थपथपा कर उनका उत्साहबर्धन किया और उन्हें शबासी दी।

    परिवहन मंत्री ने बस में चढकर परीक्षार्थियों से परिवहन सेवाओं के संबंध में की बातचीत

    इसी प्रकार, श्री विज ने इसके उपरांत एक बस में चढकर परीक्षार्थियों से बातचीत की और उनकी परीक्षा के बारे में जानकारी हासिल की, जिस पर परीक्षार्थियांे ने परिवहन सेवाओं के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उन्हें परिवहन सेवा मिलने के चलते परीक्षा देने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। ऐसे ही, श्री विज के द्वारा परीक्षार्थियों से बसों के संचालन व स्टाफ की डयूटी के बारे में भी परीक्षार्थियों से पूछा गया, जिस पर परीक्षार्थियों ने अपनी संतुष्टि व्यक्त की और बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार कोई दिक्कत नहीं हुई और सभी प्रकार से संतुष्टजनक रहा है।

    श्री विज ने अंबाला छावनी में अन्य व्यवस्थाओं के बारे में किया निरीक्षण

    इसके उपरांत श्री विज ने अंबाला छवनी के बस अडडे के रिसेप्शन पर जाकर भी कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर को चैक किया और सभी प्रकार से सतुंष्ट पाया। ऐसे ही, बस अडडे पर जनसेवा रोटी बैंक का भी परिवहन मंत्री ने निरीक्षण किया और पाया कि परीक्षार्थियों और आम जन को पांच रूपए में भोजन की व्यवस्था की गई जिससे परीक्षार्थियों व आम जन को लाभ मिला है।

    इस मौके पर अंबाछा छावनी के एसडीएम विनेश, जीएस रोडवेज अश्विनी डोगरा, डीएसपी अंबाला कैट सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    #anilvij #cet #haryana

    -------------

  • IMG-20250727-WA0019.jpg

    ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों के साथ संवाद करते हैं और राष्ट्र दर्शन भी करवाते हैं’’- ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

    ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो देशवासियों को मन की बात के माध्यम से ‘हम क्या थे, क्या हैं, और कहां जाना हैं’, के बारे में बताते हैं’’ - अनिल विज

    प्रधानमंत्री ने देश को आगे ले जाने के लिए ‘वोकल फोर लोकल’ का मूलमंत्र दिया है - विज

    प्रधानमंत्री के अनुसार स्वच्छता में सांझी भागेदारी से लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं- विज

    ‘‘मैं समझता हूं कि सारे विश्व में ऐसा दूसरा (मन की बात) कार्यक्रम नहीं हो सकता’’- विज

    विज ने आज अंबाला छावनी स्थित शास्त्री कॉलोनी में अपने बूथ नम्बर 136 पर ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम के ऐपीसोड नंबर-124 को सुना

    अम्बाला/चण्डीगढ, 27 जुलाई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो लगातार अपने देश के लोगों के साथ ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों के साथ संवाद करते हैं और राष्ट्र दर्शन भी करवाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम क्या थे, क्या हैं, और कहां जाना हैं’, इसके बारे में बताते हैं’’।

    मंत्री विज आज अंबाला छावनी स्थित शास्त्री कॉलोनी में अपने बूथ नम्बर 136 पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लोकप्रिय ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम के ऐपीसोड नंबर-124 को अपने साथियों/कार्यकर्ताओं के साथ सुनने के उपरांत मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

    प्रधानमंत्री ने देश को आगे ले जाने के लिए ‘वोकल फोर लोकल’ का मूलमंत्र दिया है - विज

    मंत्री विज ने बताया कि आज के ऐपीसोड में भी प्रधानमंत्री ने बहुत सी महत्वपूर्ण बातेें बताई है। आज उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में खुदी राम बोस के बलिदान की बात की है। इसी प्रकार, हमारी धरोहर पाण्डुलिपियों की डिजीटलाईजेशन करके सहेजने की बात की है। देश को आगे ले जाने का मूलमंत्र ‘वोकल फोर लोकल’ के बारे में बताया है क्योंकि देश तभी तरक्की करेगा जब हम स्थानीय चीजों को अपनाएंगें। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने देश में बने हुए सामान को अपनाएंगें, उन सामान का उत्पादन करेंगें और प्रयोग करेंगें तो स्वभाविक तौर पर देश आगे जाएगा। श्री विज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को आगे ले जाने के लिए ‘वोकल फोर लोकल’ का मूलमंत्र दिया है।

    प्रधानमंत्री के अनुसार स्वच्छता में सांझी भागेदारी से लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं- विज

    उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वच्छता की भी बात की है और बताया है कि जब तक स्वच्छता में सांझी भागेदारी नहीं होगी, तब तक पूरी तरह से लक्ष्य प्राप्त नहीं किए जा सकते। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश में क्या तरक्की हुई है और भविष्य में क्या-क्या होने जा रहा है, के बारे में प्रधानमंत्री जी ने बताया है।

    ‘मन की बात’ कार्यक्रम के संबंध में श्री विज ने कहा कि मैं समझता हूं कि सारे विश्व में ऐसा दूसरा कार्यक्रम नहीं हो सकता है।

    इस मौके पर कपिल विज, परवेश शर्मा, आरती सहगल, कमल अरोड़ा, गौरव सोनी, बत्रा, अभिषेक गुप्ता, विजेंदर नागर, रमेश कौशल, सुमेश, जतिंदर बंसल, लक्ष्मण चोपड़ा, विवेक जैन, राजेश अग्रवाल, मन्नी सिंह, विपिन खाना, धीरज डांग, दीपक भसीन भी उपस्थित थे।

    #anilvij #mannkibaat #narenderamodi

    ---------------

  • Untitled-2-copy-33.jpg

    उत्तराखण्ड हरिद्वार मनसा देवी मंदिर में दर्दनाक हादसा, 6 की मौत

    उत्तराखण्ड 27 जुलाई : हरिद्वार मनसा देवी मंदिर में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। भीड़ अचानक इतनी बड़ी की भगदड़ मच गई। हरिद्वार पुलिस की माने तो इस दर्दनाक हादसे में करीब आधा दर्जन लोगो के मौत हो गई है। हादसे का पता चलते ही मोके पर पहुचकर पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँची ओर लोगो की मदद में जुट गई है।

    अधिकारियों के अनुसार हादसा मनसा देवी मंदिर के वाले मार्ग के पास हुआ है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार अत्यधिक भीड़ की वजह से यह दर्दनाक हादसा बनाया जा रहा है।

    उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मनसा देवी में हुए दर्दनाक हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा है कि हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचाने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मोके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यो में जुटे हुए है।

    गढ़वाल के मंडल आयुक्त ने जानकारी दी कि वे खुद अभी घटनास्थल के लिए निकल चुके है और मामले की पूरी रिपोर्ट का इंतजार है फिलहाल, घायल लोगो को नजदीकी अस्पताल भेजा गया है और राहत - बचाव कार्य जारी है।

    #uttarakhand #Tragic accident #Haridwar #Mansa Devi temple

  • download (1).jpeg

    "राजस्थान में स्कूल भवन गिरने की घटना पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा नोटिस जारी"

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रेस तथा इलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रकाशित समाचार, जिसमें राजस्थान राज्य के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल के भवन का एक हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मृत्यु होने, 9 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने तथा कई बच्चों के मलबे में दबकर घायल होने से संबन्धित समाचार का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें से कई बच्चे कथित रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हैं।

    आयोग ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस संबंध में आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर, झालावाड़ एवं पुलिस अधीक्षक, झालावाड़ को आज दिनांक 26.07.2025 को नोटिस जारी कर 03 दिनों में पूरे मामले की जांच एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
     

    #ministryoftribalaffairs

  • download.jpeg

    सीईटीए के चलते ब्रिटेन को निर्यात में 70% वृद्धि के अनुमान के साथ भारत का समुद्री खाद्य उद्योग नई ऊचांइयों पर

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली

    4 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर दस्तखत के साथ भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों ने एक अहम पड़ाव हासिल किया। इस समझौते को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर की मौजूदगी में औपचारिक रूप दिया गया और भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स द्वारा आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।

    सीईटीए 99% टैरिफ लाइनों पर बिना किसी शुल्क के पहुँच प्रदान करता है और प्रमुख सेवा क्षेत्रों के अवसर भी खोलता है। खासकर, समुद्री क्षेत्र के लिए, यह समझौता समुद्री खाद्य उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला पर आयात शुल्क भी हटाता है, जिससे ब्रिटेन के बाजार में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। इससे विशेष रूप से झींगा, फ्रोजन मछली और मूल्यवर्धित समुद्री उत्पादों के निर्यात को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे कपड़ा, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के साथ-साथ भारत के प्रमुख समुद्री खाद्य गंतव्यों में से एक में, उसकी मौजूदगी बढ़ेगी।

    भारत द्वारा ब्रिटेन को किए जाने वाले प्रमुख समुद्री खाद्य निर्यातों में मौजूदा वक्त में वन्नामेई झींगा (लिटोपेनियस वन्नामेई), फ्रोजन स्क्विड, झींगा मछली, फ्रोजन पॉम्फ्रेट और ब्लैक टाइगर झींगा शामिल हैं। इन सभी को सीईटीए की शुल्क-मुक्त पहुँच के तहत और अधिक बाजार की हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है।

    भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत, यूके टैरिफ अनुसूची श्रेणियों 'ए' के अंतर्गत आने वाली सभी मछलियां और मत्स्य पालन वस्तुओं को अब समझौते के लागू होने की तिथि से 100% शुल्क-मुक्त पहुँच प्राप्त होगी।

    एचएस कोड 03: मछली, क्रस्टेशियन, मोलस्क और अन्य जलीय अकशेरुकी (जैसे, झींगा, ट्यूना, मैकेरल, सार्डिन, स्क्विड, केकड़ा, कटलफिश, फ्रोजन पॉम्फ्रेट, लॉबस्टर)

    एचएस कोड 05: मूंगा, कौड़ी, आर्टेमिया, आदि।

    एचएस कोड 15: मछली के तेल और समुद्री वसा

    एचएस कोड 1603/1604/1605: तैयार या संरक्षित समुद्री भोजन, कैवियार, अर्क और रस

    एचएस कोड 23: मछली का भोजन, मछली और झींगा का चारा, और पशु चारे में प्रयुक्त अवशेष

    एचएस कोड 95: मछली पकड़ने का सामान (छड़, हुक, रील, आदि)

    इन उत्पादों पर पहले 0% से 21.5% तक का शुल्क लगता था, जो अब हटा दिया गया है। इससे ब्रिटेन के बाजार में लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में काफी सुधार हुआ है। हालाँकि, एचएस 1601 (सॉसेज और इसी तरह की वस्तुएं) के तहत आने वाले उत्पाद स्टेजिंग श्रेणी 'यू' के तहत आते हैं और उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलती है।

    2024-25 में भारत का कुल समुद्री खाद्य निर्यात 7.38 अरब डॉलर (60,523 करोड़ रुपए) तक पहुँच गया, जो 1.78 मिलियन मीट्रिक टन के बराबर था। 4.88 अरब डॉलर की आय और 66% हिस्सेदारी के साथ फ्रोजन झींगा सबसे बड़ा निर्यात बना रहा। विशेष रूप से यूके को समुद्री निर्यात 104 मिलियन डॉलर (879 करोड़ रुपए) का था, जिसमें अकेले फ्रोजन झींगा का योगदान 80 मिलियन डॉलर (77%) था। हालाँकि, यूके के 5.4 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य आयात बाजार में, भारत की हिस्सेदारी महज़ 2.25% है। अब सीईटीए लागू होने के साथ, उद्योग जगत का अनुमान है कि आने वाले सालों में ब्रिटेन को समुद्री निर्यात में 70% की वृद्धि होगी।

    #india #britain

  • Pic(2)(2)EDIN.jpeg
    26/07/25 |

    भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाज वियतनाम के डा नांग पहुंचे

    आरएस अनेजा, 26 जुलाई नई दिल्ली

    भारतीय नौसेना के दक्षिण पूर्व एशिया में चल रहे ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के एक अंग के रूप में  पूर्वी बेड़े के भारतीय नौसेना के जहाज दिल्ली, शक्ति और किल्टन, रियर एडमिरल सुशील मेनन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) की कमान में वियतनाम के डा नांग में टिएन सा पोर्ट पहुंचे। जहाजों का वियतनाम पीपुल्स नेवी (वीपीएन) और वियतनाम की पीपुल्स कमेटी ने समारोहपूर्वक स्वागत किया, जो भारत-वियतनाम के गर्मजोशी भरे और बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।

    इस यात्रा के दौरान, रियर एडमिरल सुशील मेनन, सैन्य क्षेत्र 5, वियतनाम पीपुल्स आर्मी, डा नांग पीपुल्स कमेटी और नौसेना क्षेत्र 3 वियतनाम पीपुल्स नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। ये मुलाकातें समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और विशेष रूप से नौसेना क्षेत्र में रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करेंगी।

    दोनों नौसेनाओं के कर्मी प्रोफेशनल बातचीत के व्यापक दायरे में भाग लेंगे, जिसमें परिचालन योजना चर्चा और जहाजों पर ब्रीफिंग शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अंतर-संचालनीयता और आपसी समझ को मजबूत करना है। इसके अतिरिक्त, इस यात्रा में कई सामुदायिक और सांस्कृतिक आउटरीच गतिविधियाँ, दोस्ताना खेल प्रतियोगिताएँ और निर्देशित जहाज पर्यटन भी शामिल होंगे।

    यह तैनाती भारत के 'महासागर' विजन के अनुरूप है और पसंदीदा भागीदार बनने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। वियतनाम की यह यात्रा भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत में नियम-आधारित, समावेशी समुद्री व्यवस्था को आगे बढ़ाने में एक और मील का पत्थर साबित होगी।

    #indiannavy #mod

  • 4.jpeg

    ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी से शाहबाद जीटी रोड पर बने या बन रहे गोदाम/वेयरहाउस के मापदंड जांचने के लिए डीसी को निर्देश दिए

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने गोदाम/वेयरहाउस को जीटी रोड से दिए गए कटों के मापदंड में जांचने को कहा

    मंत्री अनिल विज ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट एक माह में देने के निर्देश दिए

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने रिंग रोड क्रॉसिंग पर कलोवर लीफ मॉडल तैयार करने के निर्देश भी दिए

    अम्बाला/चंडीगढ़ 25, जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम श्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी से शाहबाद तक नेशनल हाईवे 44 (जीटी रोड) के साथ लगती भूमि पर बने गोदाम/वेयरहाउस के निर्धारित मापदंड जांचने तथा इन तक पहुंचने के लिए नेशनल हाईवे से दिए गए कटों की जांच के निर्देश अम्बाला उपायुक्त को दिए है। उन्होंने चार सदस्यीय कमेटी का गठित कर इस मामले में एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अम्बाला से शाहबाद तक जितने भी गोदाम/वेयरहाउस बने हुए है या बनाए जा रहे हैं उनकी जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि गोदाम/वेयरहाउस निर्माण में क्या सरकार के द्वारा निर्धारित मापदंड या दिशा-निर्देशों की पालना की गई है। क्या गोदाम/वेयरहाउस के निर्माण में संबंधित विभाग से सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) लिया गया है या नहीं, की जांच की जाए।

    इसके अलावा, मंत्री अनिल विज ने नेशनल हाईवे-44 जीटी रोड से अलग-अलग स्थानों पर बने गोदाम/वेयरहाउस तक जाने के लिए सड़क पर दिए गए कटों की भी जांच के निर्देश दिए है। गोदाम/वेयरहाउस के लिए जो कट दिए गए हैं क्या उनके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी से अनुमति ली गई है या नहीं। इस पर भी जांच को मंत्री द्वारा कहा गया है।

    इन मामलों की जांच के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने डीसी अम्बाला को एक चार सदस्यीय कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए है। कमेटी में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के परियोजना निदेशक, जिला नगर योजनाकार, एसडीएम अम्बाला छावनी तथा नगर परिषद के ईओ को शामिल किया जाएगा। मंत्री अनिल विज ने जांच रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने रिंग रोड क्रॉसिंग पर कलोवर लीफ मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अम्बाला में बन रही लगभग 40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर जितनी भी मुख्य सड़कें क्रॉस कर रही है उन पर कलोवर लीफ मॉडल एक सप्ताह में तैयार करने के लिए डीसी अम्बाला को निर्देश दिए हैं।

    मंत्री अनिल विज ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के परियोजना निदेशक, जिला नगर योजनाकार और एसडीएम अम्बाला छावनी की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि रिंग रोड को जितनी भी मुख्य सड़कें क्रॉस कर रही है उन्हें क्रॉस करने का कोई प्रावधान नहीं है जिस कारण हर क्रॉसिंग पर जाम व दुर्घटना का खतरा संभावित रहता है। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय कमेटी रिंग रोड का मौका देखकर रिपोर्ट तैयार करे कि सभी क्रॉसिंग पर कलोवर लीफ का मॉडल तैयार किया जाए। इसकी रिपोर्ट उन्होंने एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश डीसी को दिए हैं।

    #anilvij #ambala #haryana

  • image0017V0G.jpg

    आत्मनिर्भर भारत : रक्षा मंत्रालय ने एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार के लिए बेल से अनुबंध किया

    आरएस अनेजा, 25 जुलाई नई दिल्ली

    रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने भारतीय सेना के लिए वायु रक्षा अग्नि नियंत्रण रडारों की खरीद के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ लगभग 2,000 करोड़ रुपये के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

    यह अनुबंध खरीद (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के अंतर्गत है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में 25 जुलाई, को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और बीईएल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस अनुबंध पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया गया।

    कम से कम 70 प्रतिशत स्वदेशी कंटेंट से युक्त ये अग्नि नियंत्रण रडार लड़ाकू विमानों, हमलावर हेलीकॉप्टरों और दुश्मन के ड्रोन सहित सभी प्रकार के हवाई खतरों का पता लगाने में सक्षम होंगे। यह वायु रक्षा रेजिमेंटों के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को बढ़ाएगा, साथ ही राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।

    यह खरीद, कंपोनेंट के विनिर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से भारतीय एमएसएमई को प्रोत्साहित करके स्वदेशी रक्षा उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    #mod #army #iaf

  • download (1).jpeg

    डीआरडीओ ने उन्नत यूएवी लॉन्च्ड प्रिसिज़न गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया

    आरएस अनेजा, 25 जुलाई नई दिल्ली

    देश की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाते हुए, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित राष्ट्रीय मुक्त क्षेत्र रेंज (एनओएआर) परीक्षण रेंज में यूएलपीजीएम-वी3 का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया है। यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा पहले विकसित और वितरित यूएलपीजीएम -वी2 मिसाइल का उन्नत संस्करण है।

    यूएलपीजीएम-वी3 एक विशिष्ट दोहरे चैनल सीकर से सुसज्जित है जो विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों पर प्रहार कर सकता है। इसे समतल और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दागा जा सकता है। इसमें दिन-रात की क्षमता और प्रक्षेपण के बाद लक्ष्य/लक्ष्य-बिंदु अद्यतन के लिए दो-तरफ़ा डेटा लिंक है। यह मिसाइल तीन मॉड्यूलर वारहेड विकल्पों: विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच (ईआरए) के साथ रोल्ड होमोजीनियस आर्मर (आरएचए) से सुसज्जित आधुनिक बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए एंटी-आर्मर; एंटी बंकर एप्लिकेशन के साथ पेनेट्रेशन-कम-ब्लास्ट वारहेड और उच्च घातकता वाले प्री-फ्रैगमेंटेशन वारहेड से सुसज्जित है।

    मिसाइल को एक यूएवी से छोड़ा गया, जिसे एक भारतीय स्टार्ट-अप - न्यूस्पेस रिसर्च टेक्नोलॉजीज, बेंगलुरु द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन कई अन्य भारतीय कंपनियों के लंबी दूरी और उच्च क्षमता वाले यूएवी के साथ यूएलपीजीएम हथियारों के एकीकरण पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। विकास सह उत्पादन साझेदार (डीसीपीपी) - अदानी डिफेंस और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, हैदराबाद) और 30 एमएसएमई/स्टार्ट-अप ने इस अनूठी परियोजना को सफल बनाने में योगदान दिया।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूएलपीजीएम-वी3 प्रणाली के विकास और सफल परीक्षणों के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और उद्योग भागीदारों, रक्षा उत्पादन कंपनियों (डीसीपीपी), एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स को बधाई दी है। उन्होंने इस सफलता को इस बात का प्रमाण बताया कि भारतीय उद्योग अब महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उनका उत्पादन करने के लिए तैयार है।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने टीमों, डीसीपीपी और स्टार्ट-अप्स को बधाई दी और कहा कि ऐसे हथियार का विकास समय की मांग है।

    #drdo #mod #indianarmy

    ****

  • 1002135575.jpg
  • 1002137191.png

    वैश्विक स्तर पर भारतीय CA की मांग में लगातार वृद्धि

    शुभम विज अंबाला छावनी 27 जून 2025: पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की मांग सालाना 5%-10% की दर से बढ़ रही है

  • 1002138280.jpg

    ईरान-इजराइल तनाव में फंसे 1500 भारतीय छात्र

    अनिल विज अंबाला छावनी 27 जून 2025: भारत सरकार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और छात्रों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने का भरोसा दे रही है।

  • 1002141587.jpg

    स्वतंत्रता संग्राम तथा बैल और बंदर

    अनिल विज अंबाला छावनी 17 जून 2025:

    एक गांव में एक किसान रहता था।

    उसके पास दो बैल और दो बंदर थे।

    एक बार उसे किसी काम से गांव से बाहर जाना था किंतु उसकी समस्या यह थी कि खेत जोतने का भी समय हो गया था,

    और काम पूरा करने के लिए गांव से बाहर भी जाना जरूरी था।

    तब किसान ने उस समस्या का समाधान निकाला, उसने अपने बैलों और बंदरों 

    को बुलाकर कहा कि .

    मैं कुछ दिनों के लिए गांव से बाहर जा रहा हूं,

    मेरे लौटने तक तुम लोग सारे खेत जोतकर रखना ताकि लौटने पर खेतों में बीज बो सकूं। बैलों और बंदरों ने स्वीकृति में सिर हिलाया दिया ।

    किसान चला गया और बैलों ने किसान के कहे अनुसार खेत जोतना शुरू कर दिया, परंतु बंदर उछल कूद करते हुए सारा- सारा दिन आवारागर्दी करते रहते।

    बैलों ने किसान के लौटने से पहले पूरा खेत जोत दिया।

    जब बंदरों ने देखा कि खेतों की जुताई हो गई है और मालिक के लौटने का समय हो गया है

    तब बंदरों ने बैलों से कहा कि तुम दोनों इतने दिनों से खेत जोत रहे हो और काफी थक गए हो इसलिए घर जाकर आराम करो और हम लोग खेतों की रखवाली करेंगे।

    बंदरों की बात मानकर दोनों बैल घर चले गए और खा पीकर आराम करने लगे।

    इधर बंदरों ने सारे खेतों में दौड़-भाग करके अपने पैरों के निशान बना दिए, और खेत की मेंड़ पर बैठकर किसान का इंतजार करने लगे।

    थोड़ी देर में किसान वापस गांव आया और सीधा खेतों पर पहुंचा तो देखा दोनों बंदर मेंड़ पर बैठे हैं और खेतों की जुताई हो गई है, परंतु बैल कहीं नजर नहीं आ रहे थे।

    किसान ने बंदरों से पूछा कि बैल कहां हैं ?

    बंदरों ने कहा- मालिक आप जबसे गए थे तभी से हम लोग खेत जोत रहे हैं और अभी काम पूरा करके मेंड़ पर बैठकर आपका इंतजार कर रहे हैं,* *जबकि बैल घर से बाहर निकलकर खेतों की ओर झांकने भी नहीं आए, वह घर पर ही आराम से सो रहे हैं।

    मालिक ने खेतों में जाकर देखा तो उसे हर तरफ बंदरों के पैरों के निशान मिले, वह बंदरों के उपर बहुत प्रसन्न हुआ और बंदरों के साथ घर लौटा तो देखा कि बैल घर के बाहर बैठे हुए आराम कर रहे थे।

    किसान बैलों के उपर बहुत क्रोधित हुआ और बैलों को रस्सी से बांध कर उनकी पिटाई कर दिया और बंदरों को खाने के लिए दूध रोटी और फलों के टुकड़े दिए और बैलों को खाने के लिए सुखा हुआ भूसा दिया।

    किसी ने ठीक ही कहा है कि

    यह जो

    नेहरू युनिवर्सिटी इंदिरा एयरपोर्ट और ऐसे अनेकों जगह नेहरू और गांधी का नाम देखते हो ये कुछ वैसे ही बंदरों के पैरों के निशान हैं और वे आजादी के बाद से ही दूध मलाई खा रहे हैं।

    जबकि रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे,लाला लाजपत राय , वीर सावरकर, महारानी अवंतीबाई लोधी सुभाष चन्द्र बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस.....!

    जैसे हजारों असली सेनानियों

    के परिवार को रुखी-सूखी घास ही मिली है ।

    #india #independence #anilvij #story #danikkhabar #history

  • 1002144206.jpg

    'नए कानूनों के तहत पीड़ितों को तीन साल में न्याय दिलाया जाएगा। अमित शाह गृह मंत्री भारत

    अनिल विज अंबाला छावनी 18 जून 2025 : औपनिवेशिक युग के आपराधिक न्याय के कानूनी मूल को प्रतिस्थापित करने वाले नए कानूनों की तिकड़ी के साथ—1860 का भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1882 में मूल रूप से बनाई गई दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), और 1872 का पुराना भारतीय साक्ष्य अधिनियम—केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पूर्वानुमान है कि भारत में दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली होगी। इसमें जिन बुराइयों को संबोधित किया गया है उनमें से एक मौजूदा प्रणाली की निराशाजनक सुस्ती है, जहां प्रक्रिया ही सजा बन जाती है। शाह का कहना है कि अब लोगों को न्याय पाने के लिए वर्षों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अदालती सुनवाई स्थगन की संस्कृति पर बॉलीवुड के एक लोकप्रिय संवाद का जिक्र करते हुए वे कहते हैं, ''नए कानूनों के तहत पीड़ितों को तीन साल में न्याय दिलाया जाएगा। 'तारीख पे तारीख' का दौर रसातल में चला गया है।'

    #india #amitshah #homeministery #anilvij #article #danikkhabar

  • 1002151942.jpg

    प्रधानमंत्री मोदी की क्रोएशिया यात्रा ‘गायत्री मंत्र’ और ‘वंदे मातरम’ के साथ शुरू हुई

    अनिल विज अंबाला छावनी 19 जून 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार को क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो बाल्कन राष्ट्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में एक ऐतिहासिक क्षण था। होटल पहुंचने पर, भारतीय समुदाय के उत्साही सदस्यों ने उनका स्वागत "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के नारों के साथ किया, साथ ही पारंपरिक भारतीय नृत्य के साथ एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भी किया।

    सफ़ेद कपड़े पहने क्रोएशियाई नागरिकों के एक समूह ने पीएम मोदी के साथ 'गायत्री मंत्र' और अन्य संस्कृत श्लोकों का जाप किया, जिससे भारत और क्रोएशिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला गया। इस पल का वीडियो प्रधानमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से शेयर किया गया।

    #india #pm #narendermodi #zagreb #balkan #anilvij #article #danikkhabar

  • 1002153846.jpg

    पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने माना है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके दो प्रमुख एयरबेस - रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस और शोरकोट एयरबेस को निशाना बनाया।

    अनिल विज अंबाला छावनी 20 जून 2025: भारत ने 6 और 7 मई की रात नूर खान और शोरकोट एयरबेस पर हमला किया। डार ने खुलासा किया कि हमले तब हुए जब पाकिस्तान अभी भी जवाब देने की तैयारी कर रहा था, जिससे पता चलता है कि भारत ने पहले हमला किया और उन्हें चौंका दिया।

    हमले के 45 मिनट के भीतर, सऊदी प्रिंस फैसल ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात करने की पेशकश की, और पाकिस्तान के खिलाफ आगे की कार्रवाई को रोकने की मांग की।

    दुर्भाग्य से, भारत ने एक बार फिर 2.30 बजे मिसाइल हमले किए। उन्होंने नूर खान एयर बेस और शोरकोट एयर बेस पर हमला किया... 45 मिनट के भीतर, सऊदी प्रिंस फैसल ने मुझे फोन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी-अभी (अमेरिकी विदेश मंत्री) मार्को रुबियो के साथ मेरी बातचीत के बारे में पता चला है। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें (भारत के विदेश मंत्री) एस जयशंकर से बात करने और यह बताने का अधिकार है कि अगर वे (भारत) रुकते हैं तो हम तैयार हैं। मैंने कहा हाँ, भाई, आप कर सकते हैं। फिर उन्होंने मुझे वापस बुलाया और कहा कि उन्होंने जयशंकर को भी यही बात बता दी है," श्री डार ने कहा।

    #india #pakistan #vicepresident #anilvij #article #danikkhabar #news

  • ईरान और इजरायल युद्ध का 9वाँ दिन

    अनिल विज अंबाला छावनी 21 जून 2025 : ईरान और इज़राइल के बीच मौजूदा सीधा संघर्ष 13 जून, 2025 को शुरू हुआ, जब इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए, जिसका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल पर मिसाइल हमले किए। इसलिए, आज, 21 जून, 2025, चल रहे ईरान-इज़राइल युद्ध का 9वाँ दिन है। रिपोर्ट बताती हैं कि दोनों पक्षों ने हमलों का आदान-प्रदान जारी रखा है, जिसमें इज़राइल ने मध्य ईरान में मिसाइल सुविधाओं पर हमला किया है, और ईरान ने इज़राइल की ओर और मिसाइल हमले शुरू किए हैं। संघर्ष को कम करने के लिए यूरोपीय मंत्रियों की ओर से कूटनीतिक प्रयास भी किए गए हैं।

    #iran #war #israel #9thday #article #anilvij #danikkhabar

  • 1002158632.jpg

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मतभेद स्वीकार करने से चर्चाओं का बाजार गर्म

    अनिल विज अंबाला छावनी 21 जून 2025 : जून 2025 में शशि थरूर के सार्वजनिक वक्तव्य: पार्टी की आंतरिक गतिशीलता, विदेश नीति के रुख और सार्वजनिक सेवा में भागीदारी को लेकर दिए वक्तव्यों से शशि थरूर लगातार चर्चा में चल रहे हैं ।

    जून 2025 के दौरान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख सांसद शशि थरूर ने कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक वक्तव्य दिए और ऐसे कार्य किए, जिनसे उनकी जटिल राजनीतिक स्थिति का पता चला। इनमें कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक असहमति की सार्वजनिक स्वीकृति, भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की सूक्ष्म अभिव्यक्ति और मानवीय प्रयासों में प्रत्यक्ष भागीदारी शामिल थी। इस अवधि से उभरने वाला एक केंद्रीय विषय यह है कि थरूर स्वतंत्र विचार व्यक्त करने और पार्टी के प्रति अपनी वफादारी की पुष्टि करने के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखते हैं।

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके वक्तव्य, विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' का उनका समर्थन और भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंधों पर उनकी विस्तृत टिप्पणी, महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श को आकार देने में उनकी प्रभावशाली भूमिका को रेखांकित करती है। साथ ही, एक महत्वपूर्ण उपचुनाव अभियान से उनकी अनुपस्थिति से जुड़े विवादों ने उनकी पार्टी के आंतरिक सामंजस्य के भीतर अंतर्निहित तनाव को उजागर किया। अब सबकी नजर उनके अगले कदम पर है ।

    #india #cogress #shahsitharur #article #anilvij #news #danikkhabar

  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विश्व युद्ध की संभावना हो सकती है

    अनिल विज अंबाला छावनी 21 जून 2025

    ईरान के परमाणु बम पर विश्व युद्ध की सीधी और तात्कालिक संभावना कहना मुश्किल है। हालांकि, स्थिति बेहद नाजुक है और इसमें तेजी से वृद्धि की क्षमता है। यदि कूटनीति विफल हो जाती है, और ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसमें एक बड़े संघर्ष की संभावना शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संबंधित पक्ष वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने और एक कूटनीतिक समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तनाव बहुत अधिक है।

    ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जैसे बिजली उत्पादन।

    अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से पश्चिमी देश और इज़राइल, इस बात पर संदेह करते रहे हैं कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। ईरान ने यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) को काफी उच्च स्तर तक बढ़ा दिया है (60% तक), जो हथियार-ग्रेड (90%) के करीब है।

    हाल के दिनों में इज़राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं, यह दावा करते हुए कि ये हमले ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए ज़रूरी हैं। इन हमलों से ईरान के कुछ परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान भी पहुंचा है।

    इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं, पहले से ही तनावपूर्ण क्षेत्र को और अस्थिर कर रहा है।

    अगर ईरान परमाणु हथियार विकसित करता है, तो यह मध्य पूर्व में परमाणु प्रसार की दौड़ को ट्रिगर कर सकता है, जिससे क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा।

    यदि कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह से विफल हो जाते हैं और ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो सैन्य कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

    #america #Irannuclear #india #war #missile #article #anilvij #news #danikkhabar

  • ईरान इजरायल युद्ध का 10वां दिन

    अनिल विज अंबाला छावनी 22 जून 2025

    ईरान-इज़रायल युद्ध के 10वें दिन (22 जून, 2025) की स्थिति बहुत तनावपूर्ण है, और इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल हो गया है। यहाँ कुछ प्रमुख घटनाक्रम दिए गए हैं:

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों - फोर्डो (Fordow), नटान्ज़ (Natanz) और इस्फ़हान (Isfahan) - पर "बहुत सफल" हमला किया है। ट्रंप ने दावा किया है कि फोर्डो परमाणु सुविधा "खत्म" हो गई है और सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित वापस आ गए हैं।

    ईरानी परमाणु एजेंसी ने पुष्टि की है कि इन हमलों से विकिरण प्रणाली डेटा या क्षेत्र सर्वेक्षण में संदूषण या निवासियों के लिए कोई खतरा नहीं दिखा है।

    अमेरिका ने इजरायल के साथ समन्वय में ये हमले किए हैं, और इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने का उनका वादा "पूरा हो गया है"।

    यह युद्ध 13 जून को शुरू हुआ था जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, यह कहते हुए कि वह तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

    इजरायल ने ईरान में दर्जनों सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं।

    ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर 450 से अधिक मिसाइलें और 1,000 ड्रोन दागे हैं। इजरायल का कहना है कि अधिकांश को उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने मार गिराया है।

    ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 430 लोग मारे गए हैं और 3,500 घायल हुए हैं। इजरायल में, ईरानी मिसाइल हमलों से 24 नागरिकों की मौत हुई है और 1,272 लोग घायल हुए हैं।

    ईरान ने इजरायल के भीतर अपने हमलों को जारी रखा है, जिसमें इजरायल में 11 लोग घायल हुए हैं और मध्य इजरायल में एक इमारत पर हमला हुआ है।

    ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने बढ़ते इजरायली हमलों और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना के जवाब में आपातकालीन उत्तराधिकार उपायों को लागू करना शुरू कर दिया है।

    अरब विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय प्रभावों पर चर्चा करने के लिए इस्तांबुल में एक आपातकालीन बैठक की है।

    ईरान के विदेश मंत्री ने फ्रांस से कहा है कि उसके परमाणु अधिकार "धमकी या युद्ध से छीने नहीं जा सकते"।

    यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री भी संघर्ष पर चर्चा के लिए एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं।

    कुल मिलाकर, स्थिति बहुत अस्थिर है और इसमें और अधिक वृद्धि की आशंका है।

    #america #india #trump #president #war #anilvij #article #danikkhabar #news

  • 1002174997.jpg

    आपातकाल का आज काला दिवस

    अनिल विज अंबाला छावनी 25 जून 2025

    25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को "आंतरिक अशांति" के खतरे का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति घोषित करने की सलाह दी थी। 21 मार्च, 1977 तक 21 महीने तक चलने वाली यह अवधि व्यापक रूप से भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक मानी जाती है।

    नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया गया और मौलिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया।

    पमीडिया पर सख्त नियंत्रण लगाया गया, जिसमें समाचार पत्रों को केवल सरकार द्वारा अनुमोदित सामग्री ही प्रकाशित करने की आवश्यकता थी।

    सामूहिक गिरफ्तारियाँ: हजारों राजनीतिक विरोधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को मीसा (आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम) जैसे निवारक निरोध कानूनों के तहत बिना किसी मुकदमे के गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया।

    सत्ता प्रधानमंत्री कार्यालय में अत्यधिक केंद्रीकृत हो गई, तथा संसद और न्यायपालिका जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया गया।

    आपातकाल के दौरान विवादास्पद नीतियों का क्रियान्वयन देखा गया, जिसमें जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान और शहरी "सफाई" अभियान शामिल थे, जिसके कारण झुग्गियों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त कर दिया गया।

    आपातकाल ने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल दिया, जिससे नए राजनीतिक गठबंधन और नेताओं की एक नई पीढ़ी का उदय हुआ, जिन्होंने सत्तावादी शासन का विरोध किया था।

    आपातकाल की घोषणा से ठीक पहले 12 जून, 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया, जिसमें इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का दोषी पाया गया और उनके 1971 के लोकसभा चुनाव को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही जयप्रकाश नारायण जैसे लोगों द्वारा "संपूर्ण क्रांति" का आह्वान करने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने आपातकाल की घोषणा करने के सरकार के निर्णय में योगदान दिया।

    आपातकाल की अवधि को ऐसे समय के रूप में याद किया जाता है, जब लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया था, और भारतीय संविधान को नष्ट कर दिया गया था। आपातकाल का विरोध करने वाले कई व्यक्तियों को जेल में डाला गया और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, और इस दिन अक्सर उनके बलिदान को याद किया जाता है।

    #india #emergency #article352 #blackday #pmIndiragandhi #constitution #anilvij #danikkhabar

  • प्रश्न तो उठता है

    अनिल विज अंबाला छावनी 26 जून 2025

    यदि मसला केवल ईरान के परमाणु संस्थानों को ध्वस्त करना ही था और वह भी अमेरिका को ही करना पड़ा तो ईरान इजरायल की लड़ाई करवाने की क्या जरूरत थी । अमरीका सीधा ही हमला कर देता । इस युद्ध में ईरान और इजरायल का भरी जान माल से नुकसान हुआ है जो अगर यह आपस में न लड़ते तो बचाया जा सकता था ।

    इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद, 22 जून को अमेरिका इस लड़ाई में कूद गया। अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बमों से हमले किए, जिससे ईरान को भारी नुकसान हुआ।

    ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों पुराना है और इसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करना बताया जाता है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल सहित कई पश्चिमी देश यह आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    ईरान के पास कई परमाणु सुविधाएं हैं, जिनमें से कुछ सबसे महत्वपूर्ण हैं:

     * नतान्ज़ (Natanz): यह ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम संवर्धन संयंत्र है। यह भूमिगत है और सेंट्रीफ्यूज (centrifuges) का उपयोग करके यूरेनियम को समृद्ध करता है। इसे अक्सर इजरायल और अमेरिका द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है।

     * फोर्डो (Fordo): यह एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत सुविधा है, जो कोम शहर के पास एक पहाड़ के अंदर 80 मीटर की गहराई में स्थित है। यह नतान्ज़ के बाद ईरान का दूसरा पायलट संवर्धन संयंत्र है और इसे नष्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है।

     * इस्फाहान (Isfahan): यहां एक यूरेनियम रूपांतरण सुविधा (Uranium Conversion Facility) और एक ईंधन प्लेट निर्माण संयंत्र (Fuel Plate Fabrication Plant) स्थित हैं।

    ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जैसे बिजली उत्पादन और चिकित्सा अनुसंधान। ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हस्ताक्षरकर्ता है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षण में काम करने का दावा करता है।

    ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष ने दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें जानमाल का नुकसान और आर्थिक क्षति दोनों शामिल हैं। यह युद्ध 12 दिनों तक चला।

     ईरान में लगभग 610 से 800 लोग मारे गए, जिनमें 263 नागरिक थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 950 तक बताई गई है, जिनमें 380 नागरिक और 253 सुरक्षा बल के जवान शामिल थे।

       लगभग 1300 से 4746 लोग घायल हुए।

       कई प्रमुख सैन्य कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और वरिष्ठ रिवोल्यूशनरी गार्ड अधिकारी मारे गए।

        तेहरान से 1 लाख से अधिक लोगों को भागना पड़ा।

     इजरायल में लगभग 24 से 30 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे।

       200 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर वे लोग थे जो हमले के दौरान बम शेल्टर में नहीं थे।

       आर्थिक रूप से, ईरान को 150-200 बिलियन डॉलर का अनुमानित नुकसान हुआ।

       तेल और गैस उद्योग को भारी नुकसान हुआ, जो ईरान की अर्थव्यवस्था का 60% हिस्सा है। 12 दिनों के हमलों से 3 बड़ी तेल रिफाइनरी और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे उत्पादन में लगभग 35% गिरावट और निर्यात में $10–12 अरब डॉलर का संभावित नुकसान हुआ।

       युद्ध से पहले ईरान की जीडीपी ग्रोथ 3.5% थी, जो युद्ध के बाद घटकर सिर्फ 0.3% रह गई है।

       इजरायल को आर्थिक रूप से लगभग 12 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

       तेज अवीव, हाइफा और बीर शेवा जैसे शहरों में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

       लगभग 3,000 से अधिक इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। 38,700 से अधिक मुआवजे के दावे दर्ज हुए, जिनमें से 30,809 दावे केवल भवन क्षति के लिए थे।

        3713 वाहन और 485 अन्य संपत्तियां भी क्षतिग्रस्त हुईं।

       तेल अवीव और अश्केलोन सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर थे।

     इजरायल संघर्ष का भारत के चावल निर्यात पर भी असर पड़ा है। लगभग 14,000 टन चावल रास्ते में फंसा हुआ है और भुगतान भी रुका पड़ा है। ड्राई-फ्रूट की कीमतों पर भी असर पड़ा है क्योंकि इनकी सप्लाई ईरान और अफगानिस्तान से बाधित हुई है।

     वैश्विक आर्थिक प्रभाव: कच्चे तेल की कीमतों में 11% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। युद्ध जारी रहने पर रोजमर्रा के सामान और औद्योगिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, इस संघर्ष से दोनों देशों को जानमाल, बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भारी नुकसान हुआ है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता भी बढ़ी है।

    #america #Iran #Israel #nuclear #war #anilvij #article #question #danikkhabar

  • 1002185091.jpg

    हरियाणा के इतिहास में पहली बार रिटायर्ड नॉन-आई.ए.एस. अधिकारी को नियुक्त किया गया  राज्य निर्वाचन आयुक्त 

    पंजाब और हरियाणा के एडवोकेट हेमंत निर्वाचन आयुक्त सेवा शर्तों नियमों अनुसार देवेन्द्र कल्याण की नियुक्ति में कोई कानूनी अड़चन नहीं है ।

  • 1002191394.jpg

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है

    अनिल विज अंबाला छावनी 29 जून 2025

    आज देश में भ्रष्टाचार और बेइमानी का बोलबाला है। इनसे लड़ने के लिए देश में कोई संगठन नजर नहीं आता है परन्तु राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 साल से देश में चरित्र निर्माण का कार्य कर रहा है ।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। इस प्रकार, 2025 में RSS अपने 100 साल पूरे कर रहा है।

    RSS की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना और हिंदू समुदाय को "मजबूत" करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार करना रहा है। यह संगठन व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, और चरित्र निर्माण को अपने कार्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।

    संघ अपनी शाखाओं और राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के माध्यम से एक सामंजस्यपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए सभी को एक साथ लाने का प्रयास करता है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों में संलग्न है, जो अपने सदस्यों के बीच "सेवा भाव" के विचार को बढ़ावा देता है। संघ का उद्देश्य समाज में राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देना भी रहा है।

    #india #rss #anilvij #article #danikkhabar #potitical #character #building

  • कांवड़ यात्रा 2025

    अनिल विज अंबाला छावनी 02 जुलाई 2025

    शुरुआत: कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार) से शुरू होगी। इसी दिन से सावन मास का भी आरंभ हयह यात्रा मुख्य रूप से 23 जुलाई 2025 को सावन शिवरात्रि पर समाप्त होगी, जब कांवड़िए शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर यह 9 अगस्त 2025 तक चल सकती है, जो सावन माह के अंतिम दिन होगा।

    इस वर्ष कांवड़ यात्रा लगभग 13 दिनों तक चलेगी, कुछ स्रोतों के अनुसार यह 30 दिनों तक भी चल सकती है।

    यात्रा भगवान शिव के भक्तों की एक वार्षिक तीर्थ यात्रा है। इस दौरान भक्त गंगा नदी या अन्य पवित्र नदियों से जल लेकर अपने गृह नगर के शिव मंदिरों में अर्पित करते हैं। यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।

    कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और अन्य सुविधाओं के लिए बैठकें की जा रही हैं। यात्रियों को नियमों का पालन करना होता है, जैसे कि नंगे पांव चलना, "बोल बम" का जाप करना और सात्विक जीवन शैली का पालन करना।

    11 जुलाई 2025: कांवड़ यात्रा और सावन मास का आरंभ

    23 जुलाई 2025: सावन शिवरात्रि (कांवड़ यात्रा का मुख्य समापन)

    9 अगस्त 2025: सावन माह का समापन

    यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से मिली है, जिनमें प्रमुख समाचार और धार्मिक वेबसाइटें शामिल हैं।

    #inida #kawadyatra #sawan #anilvij #danikkhabar #news

  • बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2025 की यात्रा शुरू

    अनिल विज अंबाला छावनी 03 जुलाई 2025

    कुछ मास पहले बालटाल में आतंकी घटना के बावजूद आस्था की डोर थामे, मन में उमंग लिए, ये भक्त अपने आराध्य की भक्ति में डूबे भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की ।

    बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना!

    बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा का औपचारिक रूप से 3 जुलाई 2025 को शुभारंभ हो गया है। बुधवार, 2 जुलाई को ही जम्मू से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो गया था, जिसे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर स्थित बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त (रक्षाबंधन) तक कुल 38 दिनों तक चलेगी।

    श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल – दोनों मार्गों से यात्रा कर सकेंगे। पहला जत्था भी इन्हीं दोनों प्रमुख मार्गों से पवित्र गुफा की ओर बढ़ा है।

    हाल ही में हुए आतंकी हमलों के मद्देनजर यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की गई है। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा बल तैनात हैं, और सीसीटीवी व ड्रोन से यात्रा मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है।

    बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयघोष के साथ यात्री अपनी खुशी और श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

    इस वर्ष अब तक लगभग 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के अलावा, जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है।

    यह यात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और पंजीकरण के बिना यात्रा न करने की अपील की है।

    #india #amarnathyatra #anilvij #article #danikkhabar #news

  • देश में और शांगुर बाबा कितने ?

    अनिल विज अंबाला छावनी 19 जुलाई 2025

    आजकल देश में शांगुर बाबा के धर्मपरिवर्तन, हवाला, एक साधारण आदमी से अरबपति बन जाने के चर्चे सारे देश में हैं ।

    प्रश्न उठता है कि देश भर की इंटेलीजेंस एजेंसियां क्या कर रही हैं । देश में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कई प्रदेशों में सख्त कानून होने के बाद भी इतना बड़ा काम कैसे हो गया । यह एक दिन में तो नहीं हो सकता । बाहर के देशों से पैसा आता रहा, इतने बड़े स्तर पर धर्म परिवर्तन होता रहा, सारे देशभर में नेटवर्क फैलगया परन्तु किसी को पता नहीं चला ।

    किसी व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक दबाव डालकर, धमकी देकर, या बलपूर्वक धर्म बदलने के लिए मजबूर करना अवैध है। दोखा देकर गलत बयानी, पहचान छिपाना, या झूठे वादे करके किसी को धर्म बदलने के लिए प्रेरित करना भी अवैध है ।

    किसी की कमजोरी का फायदा उठाकर, आर्थिक मदद का लालच देकर, या किसी अन्य प्रकार के प्रलोभन से धर्म परिवर्तन भी गलत है ।कोई व्यक्ति अपने धर्म को छिपाकर या गलत तरीके से दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करता है और बाद में उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर करता है।

    भारत में, सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि "प्रचार के अधिकार" में "धर्मांतरण का अधिकार" शामिल नहीं है।

    देश में सैंकड़ों संस्थाएं हैं परंतु चाय पानी पीने, बड़े बड़े होटलों और क्लबों में जाने या राजनीति करने के अतिरिक्त इस बारे कुछ नहीं करती है । अगर नहीं जागे तो एक दिन हिन्दुस्तान हिंदुओं का देश नहीं रहा जायेगा ।

    वैसे तो भारत में गली गली मोहल्ला मोहल्ला तथा प्रदेश देश में ऐसे कई शांगुर बाबा संगठन सक्रीय हैं जैसे इसाई धर्म परिवर्तन संस्थाएं ।

    तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat)जमात-ए-इस्लामी हिंद (Jamaat-e-Islami Hind) आदि आदि ।

    केवल विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जैसे संगठन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए भारत में कई प्रकार की गतिविधियाँ और पहलें चला रहे हैं।

    VHP विभिन्न जागरूकता अभियान चलाता है जो हिंदू समुदाय को धर्म परिवर्तन के खतरों के बारे में सूचित करते हैं। ये अभियान सामाजिक मीडिया, पोस्टर, पैम्फलेट और सार्वजनिक सभाओं के माध्यम से चलाए जाते हैं।

    RSS धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानूनी और राजनीतिक प्रयास करता है। वे ऐसे कानूनों का समर्थन करते हैं जो जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन को रोकते हैं और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर दबाव डालते हैं। कुछ और धार्मिक स्थानों में भी धर्म परिवर्तन की बात कही जाती है

    भारत में कई राज्यों ने धर्म परिवर्तन के विरुद्ध कानून बनाए हैं।

    उत्तर प्रदेश विधानसभा ने 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020' पारित किया।

    मध्य प्रदेश ने 'मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2020' पारित किया।

    गुजरात ने 'गुजरात धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2021' पारित किया।

    हिमाचल प्रदेश ने 'हिमाचल प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया

    उत्तराखंड ने 'उत्तराखंड धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया।

    कर्नाटक ने 'कर्नाटक धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया।

    हरियाणा में धर्म परिवर्तन विरुद्ध कानून, जिसे "हरियाणा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022" के नाम से जाना जाता है ।

    में धर्म परिवर्तन विरुद्ध कानून, जिसे "हरियाणा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, खा जाता है पारित किया ।

    परन्तु बाकी प्रदेशों के लोग, राजनेता तथा सरकारें कुंभकर्णी नींद में सो रहीं हैं । जागो क्या तब जागो गे जब सबकुछ लुट जाएगा ।

    यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि धर्म परिवर्तन के संबंध में कानूनी और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। भारत में धर्म परिवर्तन के लिए कुछ राज्यों में विशेष कानून हैं जो इस प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।

    #AnilVij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #wshingur # vhp #RSS #dharamp0arivartan

  • Screenshot_20250423_084436_WhatsApp.jpg
  • download (1).jpeg
    24/07/25 |

    रूस का एक यात्री विमान चीन की सीमा के निकट दुर्घटनाग्रस्त, 49 लोगों की मौत

    आरएस अनेजा, 24 जुलाई नई दिल्ली

    रूस का एक यात्री विमान चीन की सीमा के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें 49 लोगों की मृत्यु हो गई। इस विमान में 43 यात्री और 6 क्रू सदस्य शामिल थे, जिनमें 5 बच्चे भी थे। बचावकर्मियों ने टिंडा से लगभग 18 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर विमान का मलबा खोज निकाला है।

    बताते है कि विमान रूस के पूर्वी अमूर क्षेत्र में उड़ान भर रहा था। लापता विमान अंगारा एयरलाइंस का है। स्थानीय आपातकालीन मंत्रालय ने बताया कि विमान खाबरोवस्क और ब्लागोवेशचेंस्क होते हुए टिंडा की ओर जा रहा था, जो चीन की सीमा के निकट स्थित है। टिंडा पहुंचने से पहले विमान रडार से गायब हो गया और उसका संपर्क टूट गया।

    #russia #aviation

  • download (2).jpeg

    भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य आर्थिक और व्यापार समझौता हुआ

    आरएस अनेजा, 24 जुलाई नई दिल्ली

    भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य गुरुवार आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “साझा समृद्धि की योजना” करार दिया। चेकर्स एस्टेट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ मुलाकात के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। 

    इस दौरान पीएम मोदी ने स्टारमर के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, “यह समझौता भारतीय टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण, समुद्री खाद्य, और इंजीनियरिंग सामान को यूके में बेहतर बाजार पहुंच देगा।” 

    उन्होंने यह भी कहा कि ”भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग के लिए नए अवसर खुलेंगे, जिससे युवा, किसान, मछुआरे, और एमएसएमई लाभान्वित होंगे। दूसरी ओर, यूके के मेडिकल डिवाइस और एयरोस्पेस जैसे उत्पाद भारत में किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे।”

    पीएम मोदी ने कहा, डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर सहमति से टेक्नोलॉजी और फाइनेंस जैसे सेवा क्षेत्रों को नई ऊर्जा मिलेगी, कारोबारी लागत कम होगी, और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, “यूके की अर्थव्यवस्था को भारतीय कुशल प्रतिभा का लाभ मिलेगा, जिससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।”

    #pm #narenderamodi #uk

  • Untitled-1.jpg

    भाजपा सरकार में बिना खर्ची-पर्ची मिल रही नौकरी, पूर्व सरकारों के समय नौकरी की दुकानें सजती थी : ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने नगर परिषद अंबाला सदर के 47 कर्मचारियों को रोजगार गांरटी प्रमाण पत्र वितरण

    ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए मैनें काफी संघर्ष किया : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    हम लोगों को खड़ा होना सिखाते हैं, झुकना नहीं : मंत्री अनिल विज

    शहर को सुंदर बनाने के लिए कोई कसर न छोड़ें : अनिल विज

    चंडीगढ़/अंबाला 24, जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम अनिल विज ने कहा कि भाजपा सरकार में बिना खर्ची-पर्ची के युवाओं को नौकरी मिल रही है जिस कारण काबिल लोगों इस क्षेत्र में आ रहे है। पूर्व की सरकारों में तो नौकरी की दुकानें सजती थी।

    मंत्री अनिल विज आज हरियाणा सरकार द्वारा अधिनियमित सेवा सुरक्षा कानून 2024 के अंतर्गत नगर परिषद अंबाला सदर के 47 कर्मचारियों को रोजगार गांरटी प्रमाण पत्र वितरण करने के दौरान संबोधित कर रहे थे। रोजगार गांरटी प्रमाण पत्र पाने वाले लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोगों का भविष्य जहां सुरक्षित होगा, वहीं 58 वर्ष तक वह अपनी सेवाएं नगर परिषद में दे सकेगें।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमने हरियाणा का इतिहास बदल दिया है, हमने हरियाणा के इतिहास को बदलने का काम किया। अम्बाला छावनी की जनता ने उन्हें सात बार विधायक बनाया। वह वर्ष 1990 से सक्रिय राजनीति कर रहे है। उन्होंने देखा है कि पहले की सरकारों में नौकरी के लिए दुकानें लगती थी, बड़ी-बड़ी राशि देकर नौकरी देने के भी आरोप लगते रहे हैं। सरकार नहीं दुकानदारी थी जहां माल बिकता था। परिवार व क्षेत्रवाद का बोलबाला था, इतना ही नहीं लोग अपने मकान या जमीनें बेचकर अपने बच्चों को नौकरी दिलाने के लिए मजबूर थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आते ही इस इसपर अंकुश लगाने का काम किया। हमने पर्ची-खर्ची को बंद किया, आज जो काबिल है पढ़ा-लिखा है उसे ही नौकरी मिल रही है। इसका लाभ यह हुआ है कि जो काबिल आदमी है उसे ही नौकरी मिल रही है। सिस्टम में पारदर्शिता है। मगर जो नाकाबिल लोग सिफारिशों के आधार पर लगे हैं उन्होंने प्रदेश सरकार को आगे बढ़ने नहीं दिया।

    ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि बीते दिनों उनके आवास पर 20 से 25 युवा आए थे जिन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी के लिए कही जाना नहीं पड़ा बिना खर्ची-पर्ची के उन्हें नौकरी मिली है। आज भाजपा सरकार के समय युवाओं को उनकी काबलियत के अनुसार सरकारी नौकरी मिली है।

    ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए मैनें काफी संघर्ष किया : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर यह भी कहा कि ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है। अंग्रेजों के समय यह प्रथा चली आ रही थी। ठेकेदारी प्रथा में ठेकेदार लैबर का पैसा तक खा जाता है। उन्होंने इस प्रथा को खत्म करने के लिए लड़ाई लड़ी और 2021 एचकेआरएन बनाकर ठेकेदारी प्रथा को खत्म किया। इन लोगों का भविष्य सुरक्षित रहे इसके लिए वर्ष 2025 में विधानसभा में बिल पारित किया गया है कि जिस भी व्यक्ति को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत 5 वर्ष का समय हो गया है, उन्हें सरकार द्वारा गांरटी देते हुए जॉब सिक्योरिटी प्रमाण पत्र देने का काम किया जा रहा है। अब इन कर्मचारियों को 58 वर्ष तक कोई भी बाहर नहीं निकला सकता है, यह सरकार द्वारा दी गई गारंटी है।

    हम लोगों को खड़ा होना सिखाते हैं, झुकना नहीं : मंत्री अनिल विज

    कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने प्रमाण पत्र पाने वाले लोगों कहा कि “हम लोगों को खड़ा होना सिखाते है झुकना नहीं”। उन्होंने कहा आज आपकी जिंदगी का बहुत बड़ा पड़ाव है जोकि आज आपकों रोजगार गांरटी प्रमाण पत्र मिला है। अब आपका भविष्य सुरक्षित हुआ है तथा 58 वर्ष तक अब सेवाएं दे सकेगें।

    शहर को सुंदर बनाने के लिए कोई कसर न छोड़ें : अनिल विज

    ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज अम्बाला छावनी नगर परिषद में काम करने वाले लोग चुनकर आए हैं। उनका नगर परिषद अधिकारियों, कर्मचारियों व पार्षदों से अनुरोध है कि अपने शहर को सुंदर बनाने के लिए कोई कसर न छोड़ी जाए।

    इन कर्मचारियों को मिले प्रमाण पत्र

    प्रमाण पत्र पाने वालों में रमेश, नीलम, अजैब सिंह, कुलदीप, सुरेंद्र सिंह, हैप्पी, अनिल कुमार, नवनीत बग्गा, गौरव, अवनीश, अक्षय, सताम, दीपिका, पवन कुमार, जगीर, राजेंद्र, सुनील, दलेर सिंह, सुमित, वंदना कत्याल, रोजी भोला, आशीष गुप्ता, अतुल मेहता, नवजोत सिंह, जगतार, विजय, मलकीत, प्रदीप, रामकरण, बबू सिंह, कुलविंद्र सिंह, नरेश कुमार, कुलदीप, विरेंद्र, रमेश कुमार, जसबीर, रीतू शर्मा, कुनाल शर्मा, गुलाब, रमन शर्मा, अनुराग शर्मा, प्रवीण कुमार, हरदीप, विशाल, बलकार व प्रोमिला शामिल है।

    कार्यक्रम में यह लोग मौजूद रहे

    इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, भाजपा नेता जसबीर सिंह जस्सी, मदनलाल शर्मा, बीएस बिंद्रा, राजीव डिम्पल, बिजेंद्र चौहान, संजीव सोनी, आशीष अग्रवाल, श्याम सुंदर अरोड़ा, फकीरचंद सैनी, हर्ष बिंद्रा, रवि बुद्धिराजा, विकास बहगल सहित नगर परिषद के अधिकारी व कई नेतागण और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    #haryana #anilvij

  • 197554_HomePage_4801c9cd-d2fc-416d-ae77-3860ab441522.jpeg
    19/07/25 |

    लोकसभा सांसद मंजू शर्मा, राव राजेन्द्र सिंह ने कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर की चर्चा

    एन.एस. बाछल, 19 जुलाई, जयपुर।

    जिला कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक का आयोजन हुआ। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह, जयपुर सांसद मंजू शर्मा की मौजूदगी में आयोजित हुई बैठक में जिले में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सहित जनहित से जुड़े अहम बिन्दुओं पर चर्चा हुई।

    बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों ने जिले में अपने विभाग से संबंधित केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की कार्यप्रगति एवं क्रियान्वयन से जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया।

    बैठक में अधिकारियों को बिजली एवं पेयजल की निबार्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जेडीए अधिकारियों को बारिश के कारण टूटी सड़कों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्निमाण एवं मरम्मत के निर्देश दिये गए। नगर निगम के अधिकारियों को जिले में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ-साथ अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए।

    बैठक में जिला कलक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, नगर निगम जयपुर ग्रामीण गौरव सैनी सहित जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम ग्रेटर एवं हेरिटेज, ऊर्जा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, रसद विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

    #Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

  • Untitled-2.jpg
    23/07/25 |

    भारत में थमेगा मिग-21 विमान का सफर, अम्बाला में रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस भर चुके विमान में उड़ान  

    स्पेशल रिपोर्ट, आरएस अनेजा 23 जुलाई

    भारतीय वायुसेना की कभी रीढ़ समझे जाने वाले व 62 वर्ष सेवा अवधि के बाद लड़ाकू विमान मिग-21 का सफर आगामी 19 सितंबर 2025 को भारत में थम जाएगा। भारतीय वायुसेना से मिग-21 की अंतिम दो स्क्वाड्रन खत्म होगी जिनका स्थान स्वदेशी निर्मित तेजस एमके-1ए विमान लेंगे। मिग-21 को रिटायर करने के लिए चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर 19 सितंबर को विदाई कार्यक्रम होगा।

     

    एक समय ऐसा था जब तीसरी पीढ़ी के मिग-21 विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ थे, मगर देश में विमानों की लगातार दुर्घटनाओं के कारण इन विमानों को एनडीए सरकार के समय “फ्लाइंग कॉफिन यानि उड़ता ताबूत” तक कहा जाने लगा था। उस समय 73 वर्षीय जार्ज फर्नांडिस देश के रक्षा मंत्री थे। विमानों को लेकर उपजे इस मिथ्य को तोड़ने तथा इसे सुरक्षित साबित करने के लिए उन्होंने स्वयं मिग-21 में उड़ान भरने की तैयारी की।

     

    अगस्त 2003 में अम्बाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर मिग-21 विमानों की नंबर-3 कोबरा स्क्वाड्रन को इस कार्य के लिए चुना गया। तत्कालीन रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडिस अम्बाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे जहां उन्होंने एक अगस्त 2003 को मिग-21 विमान में उड़ान भरनी थी। एक अगस्त को प्रात: भारी बारिश हुई, मगर मौसम साफ होते ही उड़ान भरने की तैयारियां शुरू हुई। कोबरा स्क्वाड्रन से विंग कमांडर एन हरीश मिग-21 के पायलट थे। उड़ान भरने से पहले जरूरी प्रोटोकॉल पूरे किए गए इसके बाद टिवन सिटर मिग-21 विमान में विंग कमांडर एन हरीश के साथ रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस ने उड़ान भरी। लगभग आधे घंटे की इस उड़ान में उन्होंने जी-फोर्स को महसूस किया।

     

    उड़ान के बाद विमान सुरक्षित लैंड हुआ तो रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस ने उड़ान के अनुभव को साझा किया। उन्होंने तब कहा था कि “मिग-21 का टेक ऑफ, उड़ान व लैंडिंग सब कुछ एक पाठ्य पुस्तक सामान था”, उन्होंने विमान और इसे उड़ाने वाले पायलट एन हरीश की भी प्रशंसा की थी।

     

    मिग-21 लड़ाकू विमान का यह किस्सा तब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में मिग-21 विमान की नंबर तीन कोबरा स्क्वाड्रन कई वर्षों तक तैनात रही। मगर वर्ष 2020 में अम्बाला में राफेल विमान के आगमन से ठीक पहले इस स्क्वाड्रन को राजस्थान के नाल एयरबेस शिफ्ट किया गया।

     

    हर मोर्चे पर मिग-21 ने अपनी भूमिका निभाई

     

    सन् 1965 व 1971 में भारत-पाक युद्ध, 1999 कारगिल युद्ध, 2019 बालाकोट एयर स्ट्राइक व अन्य मोर्चों पर मिग-21 ने भारतीय वायुसेना के लिए शानदार भूमिका अदा की। तीसरी पीढ़ी के इस विमान के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन ने फरवरी 2019 में चौथी पीढ़ी के पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराकर दुनिया में सुर्खियां बटौरी थी और बेहतरीन तकनीक का उदाहरण प्रस्तुत किया था।

     

    मिग-21 भारत का पहला सुपरसोनिक विमान था। भारत ने रूस निर्मित 800 से ज्यादा मिग-21 विमान खरीदे थे। इन्हें लगातार अपग्रेड करते हुए वायुसेना अब तक इनका इस्तेमाल कर रही है। मिग-21 बाइसन इसका उन्नत वर्जन है। वायुसेना ने वर्ष 2013 में मिग-21 के सर्विस में 50 साल पूरा होने का जश्न मनाया था।

     

     #iaf #mig21 #mod

  • 1.jpeg

    गुरू हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह व नितिन गडकरी ने शुभकामनाएं दी, पंजोखरा साहिब में विशेष समागम

    आरएस अनेजा, 19 जुलाई नई दिल्ली

    आठवीं पातशाही बाला प्रीतम श्री गुरू हरकिशन साहिब महाराज का प्रकाश पर्व आज 19 जुलाई को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गुरू जी के पावन स्थान दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब तथा अम्बाला छावनी में गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में प्रात: बेला से ही बड़ी संख्या श्रद्धालु इस पावन अवसर पर माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं।

    गुरु महाराज के प्रकाश उत्सव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व अन्य ने इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है तथा गुरू जी के दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “अल्पायु में ही गुरु गद्दी संभाल कर ज्ञान, करुणा और सेवा से सिख धर्म को लोककल्याण का प्रतीक बनाने वाले गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी ने लोगों को स्वस्थ और निरोगी जीवन शैली का मार्ग दिखाया। गुरु साहिब ने मानवता को सर्वोच्च ध्येय बनाकर कुरीतियों की समाप्ति और सामाजिक सद्भाव के लिए जीवन पर्यंत कार्य किया। 'बाला प्रीतम’ के नाम से प्रसिद्ध सिख धर्म के आठवें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।“

    वहीं, केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने श्री गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व की श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

    आज अम्बाला छावनी में गुरु हरकिशन साहिब के पावन स्थान गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में भी विशेष समागम का आयोजन किया जा रहा है। आज प्रात: श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए जिसके बाद कीर्तनी जत्थों ने शब्द कीर्तन करते हुए संगत को निहाल किया। धर्म प्रचारकों ने गुरू जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। गुरुद्वारा साहिब में आज अमृत संचार भी हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

    #Religious #Gurudwarapanjokhrasahib #Gurudwarabanglasahib #nitingadkari #amitshah

  • image00415MB.jpg
  • images.jpg

    गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्राकृतिक आपदा के लिए केंद्रीय टीम के गठन के दिए निर्देश

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिए बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम के गठन का निर्देश

  • download (2).jpeg

    उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव - भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रक्रिया शुरू

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय ने अपनी राजपत्र अधिसूचना एसओ3354(ई) के माध्यम से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को अधिसूचित किया है।

    भारत के निर्वाचन आयोग को अनुच्छेद 324 के अंतर्गत उपराष्ट्रपति के पद के लिए निर्वाचन कराने का अधिकार प्राप्त है। उपराष्ट्रपति के पद के लिए निर्वाचन राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों, अर्थात् राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन नियमावली, 1974 द्वारा नियंत्रित होता है।

    तदनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति निर्वाचन, 2025 से संबंधित तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी होने पर, उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा यथाशीघ्र की जाएगी।

    प्रमुख पूर्व-घोषणा संबंधी क्रियाकलाप, जो पहले ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें निर्वाचक मंडल की तैयारी जिसमें राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को अंतिम रूप देना, सभी पूर्व उपराष्ट्रपति के निर्वाचनों पर पृष्ठभूमि सामग्री तैयार करना और उसका प्रसार करना है।

    #vicepresidentofindia #electioncommission

  • download (1).jpeg
    23/07/25 |

    प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन और मालदीव की 4 दिवसीय यात्रा पर रवाना

    आरएस अनेजा, 23 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ब्रिटेन और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार ब्रिटेन की यात्रा प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के निमंत्रण पर हो रही है, जबकि मालदीव की राजकीय यात्रा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर हो रही है।

    वहीं यात्रा पर जाने से प्रधानमंत्री मोदी ने वक्तव्य देते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। हमारा सहयोग व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेषण, रक्षा, शिक्षा, अनुसंधान, स्थिरता, स्वास्थ्य और लोगों के बीच परस्पर संबंधों सहित कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।

    प्रधानमंत्री माननीय सर कीर स्टारमर के साथ मेरी मुलाकात के दौरान, हमें अपनी आर्थिक साझेदारी को और बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिसका उद्देश्य दोनों देशों में समृद्धि, विकास और रोज़गार सृजन को बढ़ावा देना है। मैं इस यात्रा के दौरान महामहिम राजा चार्ल्स तृतीय से भी मिलने के लिए उत्सुक हूं।

    इसके बाद, मैं राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होने के लिए मालदीव का दौरा करूंगा। इस वर्ष हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ भी है। मैं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू और अन्य राजनीतिक नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं जिससे कि एक व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के हमारे संयुक्त विजन को आगे बढ़ाया जा सके और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए हमारे सहयोग को सुदृढ़ बनाया जा सके।

    मुझे विश्वास है कि इस यात्रा से ठोस परिणाम प्राप्त होंगे, जिससे हमारे लोगों को लाभ होगा तथा हमारी पड़ोसी प्रथम नीति को बढ़ावा मिलेगा।  

    #pmnarenderamodi #india #maldiv #britain

  • Pic 2.jpg

    हिन्दुस्तान के हर आदमी को और हर स्कूल में भागवत गीता पढ़ाई जानी चाहिए- कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    श्रीमदभागवत गीता हमारी संस्कृति है, हमारा धर्म है और हमारी विचारधारा भी है - अनिल विज

    हरियाणा के बच्चों को गीता का ज्ञान जानने का अधिकार है, अतः श्रीमदभागवत गीता पढाई जानी चाहिए- विज

    अम्बाला/चण्डीगढ, 21 जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि हिन्दूस्तान के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक स्कूल में श्रीमदभागवत गीता पढाई जानी चाहिए क्योंकि श्रीमदभागवत गीता हमारी संस्कृति है, हमारा धर्म है और हमारी विचारधारा भी है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हरियाणा के बच्चों को गीता का ज्ञान जानने का अधिकार है, अतः श्रीमदभागवत गीता पढाई जानी चाहिए।
     
    मंत्री अनिल विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा उत्तराखण्ड के बाद हरियाणा में भी श्रीमदभागवत गीता पढाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

    उन्होंने कहा कि हिन्दूस्तान के हर आदमी और हर स्कूल में श्रीमदभागवत गीता पढाई जानी चाहिए क्योंकि यह हमारी संस्कृति भी है ओर हमारा धर्म भी है और हमारी विचारधारा भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती में भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को गीता का संदेश दिया था और हरियाणा के बच्चों को यह जानने का अधिकार है कि श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को गीता में क्या ज्ञान दिया था। इसलिए श्रीमदभागवत गीता पढाई जानी चाहिए।

    #anilvij #bhagwatgeeta #bjp #bjpharyana

  • download (1).jpeg

    ‘‘हमने आतंकी अड्डों को बर्बाद किया हैं, एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया’’- कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़, 21 जुलाई
    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे द्वारा
    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर की टिप्पणी पर करारा जवाब दिया है।

    आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘हमने आतंकी अड्डों को बर्बाद किया हैं, एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि खडगे जी कौन से मित्र के बारे में विशेष रूप से पूछना चाहते हैं, अगर वे नाम लेकर बताएंगे तो उनका भी बता देंगें’’।

  • 21.1.jpg
    21/07/25 |

    PM commends efforts to chronicle the beauty of Kutch

    Shri Venu Srinivasan and Shri Sudarshan Venu of TVS Motor Company met the Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi yesterday. Shri Modi commended them for the effort to chronicle the beauty of Kutch and also encourage motorcyclists to go there.

    Responding to a post by TVS Motor Company on X, Shri Modi said:

    “Glad to have met Shri Venu Srinivasan Ji and Mr. Sudarshan Venu. I commend them for the effort to chronicle the beauty of Kutch and also encourage motorcyclists to go there.”

  • 21.2.jpg
    21/07/25 |

    PM shares an article commending the exceptional progress of Meghalaya

    The Prime Minister Shri Narendra Modi today shared an article that highlights Meghalaya’s remarkable transformation driven by tourism, youth empowerment, women-led SHGs, initiatives like the PM Suryaghar Muft Bijli Yojana, the Vibrant Village Programme and more.

    Responding to a post by Union Finance Minister Smt Nirmala Sitharaman on X, Shri Modi said:

    “Union Finance Minister Smt. @nsitharaman highlights Meghalaya’s remarkable transformation driven by tourism, youth empowerment, women-led SHGs, initiatives like the PM Suryaghar Muft Bijli Yojana, the Vibrant Village Programme and more. With strong government support and vibrant community spirit, the state stands as a blueprint for a resilient and self-reliant India.”


  • download (1).jpg

    सीआईएसएफ कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की विशेष यूनिट्स के साथ बड़े पैमाने पर कर रहा प्रशिक्षण

    चंडीगढ़, 23 जुलाई (अभी) - केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच अपनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय सेना के साथ गहन संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास शुरू किया है। यह बल को असामान्य और आधुनिक खतरों के खिलाफ "युद्ध के लिए तैयार" बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

     

    इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट के यूनिट कमांडर श्री ललित पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि सीआईएसएफ की युद्ध-दृढ़ता का अर्थ है अपने कर्मियों को हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्र, सरकारी इमारतें और संसद जैसे उच्च-मूल्य और उच्च-जोखिम वाले प्रतिष्ठानों पर संकटों का त्वरित और प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए तैयार करना है। इसमें ड्रोन हमला, आतंकी हमला, अंदरूनी ख़तरे और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सटीकता और शांति के साथ संभालने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

     

    कश्मीर घाटी में सेना के साथ विशेष प्रशिक्षण

     

    श्री ललित पवार ने बताया कि पहली बार, सीआईएसएफ कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की विशिष्ट संरचनाओं में पूर्ण पैमाने पर प्रशिक्षण बैच आयोजित कर रहा है। पहले, इस तरह के अभ्यासों के लिए केवल सीमित संख्या में सीआईएसएफ जवानों को सेना में प्रशिक्षण का अवसर मिलता था। अब, सीआईएसएफ और सेना के बीच बेहतर तालमेल और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में जवानों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में रात में ऑपरेशन, जंगल युद्ध, नजदीकी मुकाबला और सहनशक्ति बढ़ाने के अभ्यास शामिल हैं।

     

    उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सीआईएसएफ के शहरी सुरक्षा अनुभव को और मजबूत करते हुए जवानों को जटिल इलाकों और उच्च खतरे वाले क्षेत्रों में भी काम करने के लिए तैयार करेगी। इसका लक्ष्य कर्मियों को शहरी और ग्रामीण दोनों ही परिवेशों में सशस्त्र घुसपैठ, तोड़फोड़ और बहुआयामी आतंकवादी हमलों जैसी आकस्मिकताओं से पेशेवर रूप से निपटने के लिए सुसज्जित करना है।

     

    उन्होंने आगे बताया कि इस कठिन प्रशिक्षण के लिए केवल सीआईएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम के जवानों को चुना गया है, जो सभी 369 इकाइयों में आपात स्थितियों में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले होते हैं। केवल 35 वर्ष से कम आयु के और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) मानकों के अनुरूप युद्ध शारीरिक दक्षता परीक्षा (बीपीईटी) उत्तीर्ण करने वाले ही इसके लिए पात्र थे। उन्होंने बताया कि उल्लेखनीय है कि इन क्यूआरटी सदस्यों ने सेना प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले ही छह महीने का कठोर आंतरिक सीआईएसएफ प्रशिक्षण पूरा कर लिया है।

     

    उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ इस प्रकार के उन्नत युद्ध प्रशिक्षण को और अधिक इकाइयों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है, जिसकी शुरुआत सबसे संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले स्थानों से होगी। इसका उद्देश्य सभी सीआईएसएफ कर्मियों को शारीरिक, मानसिक और रणनीतिक रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे किसी भी नए खतरे का डटकर सामना कर सके और देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा हमेशा सुनिश्चित कर सकें।

    #india #indianarmy #haryana #cisf #punjab #kashmir #news #danikkhabar #latest #news

  • download (1).jpg
  • Screenshot_20250325_075258_WhatsApp.jpg
  • 20.1.jpg
    20/07/25 |

    PM commends efforts to chronicle the beauty of Kutch and encouraging motorcyclists to go there

    Shri Venu Srinivasan and Shri Sudarshan Venu of TVS Motor Company met the Prime Minister, Shri Narendra Modi in New Delhi yesterday. Shri Modi commended them for the effort to chronicle the beauty of Kutch and also encourage motorcyclists to go there.

    Responding to a post by TVS Motor Company on X, Shri Modi said:

    “Glad to have met Shri Venu Srinivasan Ji and Mr. Sudarshan Venu. I commend them for the effort to chronicle the beauty of Kutch and also encourage motorcyclists to go there.”


  • 1002285205.jpg

    लोकसभा में आज

    अनिल विज, अंबाला छावनी 21 जुलाई : आज 21 जुलाई, 2025 को लोकसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चलेगा और इसमें कुल 21 बैठकें होंगी।

    इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है और हंगामा होने के भी आसार हैं। विपक्ष ने सरकार से 'ऑपरेशन सिंदूर', पहलगाम आतंकी हमला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने के दावों जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इन मुद्दों पर जवाब दें।

    सरकार ने संकेत दिया है कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन नियमों के तहत। इसके अलावा, संसद में नए आयकर विधेयक 2025 की संसदीय समिति की रिपोर्ट भी आज लोकसभा में पेश की जाएगी। यह विधेयक छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा।

    सरकार कई अन्य विधेयक भी पेश कर सकती है और उन पर चर्चा करवा सकती है।

    #loksabha #india #politics #anilvij #danikkhabar #session #news

  • download.jpeg

    राहुल गांधी जी को देश के 140 करोड़ लोगों पर विश्वास नहीं हैं - कैबिनेट मंत्री अनिल विज

    अम्बाला/चण्डीगढ, 21 जुलाई - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी जी को देश के 140 करोड लोगों पर विश्वास नहीं हैं और न ही देश की सेना पर विश्वास है तथा न ही देश के प्रधानमंत्री पर विश्वास है, उनको तो केवल पाकिस्तान पर विश्वास है। राहुल गांधी जी वही बात कहेंगें जिस पर पाकिस्तान को विश्वास है।

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ये (विपक्ष) बार-बार प्रचार कर रहे थे कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्धविराम की वार्ता करवाई है, जबकि प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के युद्ध विराम की वार्ता ट्रंप ने नहीं करवाई और यही बात पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री ने भी कहा कि वार्ता नहीं करवाई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बंधुओं, हमारी बात नहीं मानते हो तो पाकिस्तान की बात मान लो।

    #bjp #politics #bjpharyana #anilvij

  • H20250721187501.JPG
    21/07/25 |

    The Monsoon Session stands as a proud moment for the nation, a true celebration of our collective achievements: PM

    The Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the media before the start of the Monsoon Session of 2025 at the Parliament premises today. Welcoming everyone to the Monsoon session, the Prime Minister remarked that the monsoon symbolizes innovation and renewal, highlighting that current weather conditions across the country are progressing favourably, bringing beneficial forecasts for agriculture. He noted that rainfall plays a crucial role not only in the rural economy and the nation’s overall economic structure but also in the financial well-being of every household. Shri Modi stated that, based on current information, water reservoir levels this year have tripled compared to the past ten years. This increase, he emphasized, will significantly benefit India’s economy in the coming days.

    “The current monsoon session is a moment of great pride for the nation, it represents a celebration of victory for India”, stated the Prime Minister, underlining the historic moment when the Indian tricolour flag was unfurled at the International Space Station for the first time, calling it a source of immense pride for every Indian citizen. He emphasized that this achievement has sparked new enthusiasm and excitement across the country for science, technology, and innovation. Shri Modi further noted that the entire Parliament—both Lok Sabha and Rajya Sabha—as well as the people of India are united in expressing their pride in this accomplishment. He added that this collective celebration will serve as inspiration and encouragement for India’s future space exploration missions.

    Describing the current monsoon session as a celebration of India’s victories, Shri Modi stated that the world has witnessed the strength and capability of India’s armed forces. Referring to Operation Sindoor, the Prime Minister highlighted that the Indian Army achieved its targeted objectives with 100 percent success. He emphasized that in just 22 minutes, under Operation Sindoor, India’s forces neutralized high-value targets at their own bases. He mentioned that he had announced this operation at a public event in Bihar, and the armed forces proved their mettle swiftly. Shri Modi noted growing global interest in India’s emerging “Made in India” defence capabilities, sharing that during his recent international interactions, world leaders have expressed admiration for India’s indigenously developed military equipment. He expressed confidence that as Parliament unites to celebrate this victory in one voice during the session, it will further energize and encourage India’s military strength. The Prime Minister remarked that this collective spirit will also inspire citizens and lend momentum to defence sector research, innovation, and manufacturing, creating new employment opportunities for India’s youth.

    The Prime Minister observed that this decade reflects peace and progress advancing hand-in-hand, with a continuous sense of development at every step. He highlighted that the nation has long suffered from various violent incidents, be it terrorism or Naxalism, which have persisted since independence. Remarking that the geographical spread of Naxalism and Maoism is now rapidly shrinking, Shri Modi stated that India's security forces, with renewed confidence and accelerated efforts, are progressing steadily toward the goal of completely eliminating Naxalism and Maoism. With pride, he affirmed that hundreds of districts across the country are now breathing free, having emerged from the grip of Naxal violence. The Prime Minister emphasized that India’s Constitution is triumphing over weapons and violence. He noted that former ‘Red Corridor’ areas are now visibly transforming into ‘Green Growth Zones’, signaling a promising future for the country.

    Underlining that each of these events represents moments of pride for every honourable Member of Parliament, driven by patriotism and dedication to the nation's welfare, Shri Modi emphasized that during this monsoon session of Parliament, the entire country will hear this celebration of national pride, voiced by every Member of Parliament and every political party.

    Highlighting that when their government took charge in 2014, India was part of the Fragile Five economies, the Prime Minister said that at that time, India held the 10th position in the global economic rankings, but today, India is moving rapidly toward becoming the world’s third-largest economy and is knocking on the doors of that milestone. He emphasized that 25 crore people have emerged from poverty, a transformation that has been widely recognized and appreciated by global institutions. Shri Modi noted that prior to 2014, India grappled with double-digit inflation. “Today, with inflation rates hovering around 2 percent, citizens are experiencing relief and improved ease of living. The low inflation coupled with high growth reflects a strong and steady development journey”, stated Shri Modi.

    “Initiatives like Digital India and Unified Payments Interface (UPI) are showcasing India’s emerging capabilities to the world with global recognition and interest in India’s digital ecosystem are rapidly increasing”, said the Prime Minister. He remarked that UPI has established a strong presence in the fintech domain. He emphasized that India leads the world in real-time digital transactions, recording more than any other country globally.

    Highlighting India's major achievements at a recent global summit of international organizations, Shri Modi cited the International Labour Organization (ILO), which reported that over 90 crore individuals in India are now covered under social security, a landmark accomplishment in social welfare. The Prime Minister also referenced the World Health Organization (WHO), which has declared India free of trachoma, an eye disease commonly seen during the monsoon season. He emphasized that this recognition marks a significant milestone in India's public health efforts.

    Recalling the brutal killings in Pahalgam that shocked the world and brought global attention to terrorism and its sponsors, the Prime Minister remarked that in response, representatives from most political parties and states rose above partisan interests and embarked on international outreach in service of the nation. He highlighted the success of this unified diplomatic campaign, which exposed Pakistan as a sponsor of terrorism on the global stage. Shri Modi expressed deep appreciation for the Members of Parliament and political parties who carried out this vital national initiative. He stated that their efforts created a positive environment in the country and opened the minds of the international community to India’s perspective on terrorism, noting that it is his privilege to commend all involved for this significant contribution to national interest.

    Emphasizing the power of unity and the spirit of one voice that inspires and energizes the nation, the Prime Minister said that the current monsoon session will reflect this spirit as a celebration of victory, honouring India’s military strength and national capability, and serving as a source of motivation for 140 crore citizens. Shri Modi expressed confidence that collective efforts will strengthen India’s pursuit of self-reliance in the defence sector. He urged the nation to recognize and applaud the strength of the armed forces. Addressing the public and political parties, the Prime Minister highlighted the strength that comes from unity and the impact of speaking in one voice. He called upon all Members of Parliament to advance this sentiment in Parliament. Acknowledging the diversity of political parties and their respective agendas, Shri Modi stated that while opinions may differ on party interests, there must be harmony of intent in matters of national interest. He concluded by reaffirming that this session will include several proposed bills aimed at boosting the nation’s development, empowering citizens, and strengthening India’s progress. He extended his best wishes to all Members of Parliament for productive and high-quality debates.

  • 21.3.jpg
    21/07/25 |

    Prime Minister condoles the passing of former Kerala CM Shri VS Achuthanandan

    Prime Minister Shri Narendra Modi today condoled the passing of former Kerala CM Shri VS Achuthanandan.

    In a post on X, he said:

    “Saddened by the passing of former Kerala CM Shri VS Achuthanandan Ji. He devoted many years of his life to public service and Kerala's progress. I recall our interactions when we both served as Chief Ministers of our respective states. My thoughts are with his family and supporters in this sad hour.”

    “കേരളത്തിന്റെ മുൻമുഖ്യമന്ത്രി ശ്രീ വി.എസ്. അച്യുതാനന്ദൻ ജിയുടെ വിയോഗത്തിൽ ദുഃഖിക്കുന്നു. ജീവിതത്തിലെ നിരവധി വർഷങ്ങൾ പൊതുസേവനത്തിനും കേരളത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കുമായി അദ്ദേഹം 
     സമർപ്പിച്ചു. ഞങ്ങൾ രണ്ടുപേരും അതത് സംസ്ഥാനങ്ങളുടെ മുഖ്യമന്ത്രിമാരായിരുന്നപ്പോഴുള്ള ഞങ്ങളുടെ ഇടപെടലുകൾ ഞാൻ ഓർക്കുകയാണ്. ഈ ദുഃഖവേളയിൽ എന്റെ ചിന്തകൾ അദ്ദേഹത്തിന്റെ കുടുംബത്തിനും അനുയായികൾക്കും ഒപ്പമാണ്.”


  • 21.4.jpg
    21/07/25 |

    Prime Minister condoles the the loss of lives in a tragic air crash in Dhaka

    Prime Minister Shri Narendra Modi today condoled the loss of lives, many of them young students, in a tragic air crash in Dhaka. He assured that India stands in solidarity with Bangladesh and is ready to extend all possible support and assistance.

    Shri Modi in post on X said:

    “Deeply shocked and saddened at the loss of lives, many of them young students, in a tragic air crash in Dhaka. Our hearts go out to the bereaved families. We pray for the swift recovery of those injured. India stands in solidarity with Bangladesh and is ready to extend all possible support and assistance.”

  • shg-scaled.jpg
    01/07/25 |

    प्रधानमंत्री ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को बधाई दी

    आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉक्टर्स दिवस के अवसर पर सभी चिकित्सकों (डॉक्टरों) को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा, "हमारे डॉक्टरों ने अपनी निपुणता और परिश्रम के बल पर अपनी पहचान बनाई है। करुणा की उनकी भावना भी उतनी ही उल्लेखनीय है।"

    मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:

    "#डॉक्टर्स डे पर सभी मेहनती डॉक्टरों को शुभकामनाएं। हमारे डॉक्टरों ने अपनी निपुणता और परिश्रम के बल पर अपनी पहचान बनाई है। करुणा की उनकी भावना भी उतनी ही उल्लेखनीय है। वे वास्तव में स्वास्थ्य के रक्षक और मानवता के स्तंभ हैं। देश के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान वास्तव में असाधारण है।"

  • download (2).jpg
    01/07/25 |

    सेना प्रमुख द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए भूटान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना

    आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली

    भारतीय सेना प्रमुख (सीओएएस) पीवीएसएम, एवीएसएम, जनरल उपेन्द्र द्विवेदी चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भूटान के लिए रवाना हुए। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्थायी रक्षा सहयोग को और बढ़ाना है।

    यात्रा के दौरान, थल सेनाध्यक्ष भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात करेंगे। वह रॉयल भूटान आर्मी के मुख्य प्रचालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग के साथ भी विचार-विमर्श करेंगे। थल सेनाध्यक्ष भारतीय दूतावास, भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल (आईएमटीआरएटी) और प्रोजेक्ट दंतक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी परस्‍पर बातचीत करेंगे।

    यह यात्रा भारत और भूटान के बीच गहरे और समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों को प्रतिबिंबित करती है तथा एक घनिष्‍ठ और भरोसेमंद साझेदार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

    ***

  • PR230062025CZE5.jpg
    01/07/25 |

    राष्ट्रपति ने गोरखपुर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया

    आरएस अनेजा, 01 जुलाई नई दिल्ली

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया।

    इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स का नाम सुनते ही विश्वस्तरीय इलाज, बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक प्रौद्योगिकी और समर्पित डॉक्टरों की छवि मन में उभर आती है। एम्स संस्थान देश की चिकित्सा क्षमता के प्रतीक हैं, जहां हर मरीज को उम्मीद की एक नई किरण दिखती है। एम्स ने देश में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में उच्चतम मानक स्थापित किए हैं। चाहे वह सर्जरी की नई प्रौद्योगिकी हो, शीघ्र निदान के लिए उपकरण हों, या आयुष और एलोपैथी के संयोजन से रोगों का इलाज हो, एम्स ने नवाचार को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया है। यह कहा जा सकता है कि सभी एम्स संस्थान देश के पहले एम्स की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करने में सफल रहे हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स गोरखपुर और देश के अन्य एम्स की स्थापना का उद्देश्य बेहतरीन चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को देश के हर कोने तक पहुंचाना है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि एम्स गोरखपुर ने बहुत कम समय में शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह संस्थान हर वर्ग के नागरिकों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। एम्स गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल से सटे क्षेत्रों के लोगों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है।

    मुर्मु ने कहा कि डॉक्टर समाज और देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की नींव भी रखते हैं। स्वस्थ नागरिक राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने युवा डॉक्टरों से समाज के उन वर्गों के लिए काम करने का आग्रह किया जिन्हें चिकित्सा सेवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी वंचित समुदायों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे इस बारे में सोचेंगे और ऐसे क्षेत्रों तथा लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में काम करेंगे।

    राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सहानुभूति के महत्व को समझना महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों से भविष्य के डॉक्टरों को शुरुआत से ही ऐसा इको-सिस्टम प्रदान करने का आग्रह किया, जिसमें वे डॉक्टर-रोगी संचार, उपचार में सहानुभूति की भूमिका और विश्वास निर्माण जैसे विषयों के बारे में सीखें और उन्हें अपने कौशल के साथ अपनी कार्यशैली में अपनाएं। उन्होंने डॉक्टरों को अपने करियर और जीवन में हमेशा याद रखने की सलाह दी कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा है। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे करुणा और ईमानदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।

  • Picsart_25-07-01_08-05-51-520.jpg

    हिंदुस्तान के घोड़े और पाकिस्तान के गधे मशहूर हैं

    अनिल विज अंबाला छावनी 01 जुलाई 2025

    भारत में घोड़ों का एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें कई प्रसिद्ध नस्लें और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण घोड़े शामिल हैं।

    भारत की मशहूर घोड़े की नस्लें:

    भारत में कई स्वदेशी घोड़े की नस्लें हैं जो अपनी विशिष्ट विशेषताओं और क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख हैं:

    * मारवाड़ी घोड़ा: यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जो अपनी मुड़ी हुई कानें (अंदर की ओर मुड़ी हुई), सुंदरता, साहस और वफादारी के लिए जाना जाता है। इन्हें युद्ध और शाही सवारी के लिए पाला जाता था।

    * काठियावाड़ी घोड़ा: गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र से आने वाली यह नस्ल भी मारवाड़ी घोड़े से मिलती-जुलती है। ये अपनी सहनशीलता, फुर्ती और शुष्क परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।

    * मणिपुरी पोनी: मणिपुर का यह छोटा लेकिन मजबूत घोड़ा पोलो खेल के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह पहाड़ी इलाकों में भी अच्छी तरह से चलता है।

    * स्पीति घोड़ा: हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी में पाया जाने वाला यह घोड़ा पहाड़ी इलाकों में भार ढोने और लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है। यह ठंडी परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम है।

    * भूटिया घोड़ा: सिक्किम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला यह छोटा लेकिन मजबूत घोड़ा भी पर्वतीय इलाकों में भार ढोने के लिए उपयोगी है।

    * जंस्करी घोड़ा: लद्दाख में पाई जाने वाली यह नस्ल भी ठंडी और कठिन जलवायु में जीवित रहने की अद्वितीय क्षमता रखती है।

    ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध घोड़े:

    भारतीय इतिहास में कुछ घोड़े अपनी बहादुरी, वफादारी और अपने स्वामियों के साथ गहरे जुड़ाव के लिए अमर हो गए हैं:

    * चेतक (महाराणा प्रताप का घोड़ा): यह भारतीय इतिहास का सबसे प्रसिद्ध घोड़ा है। हल्दीघाटी के युद्ध में चेतक ने अपनी अद्भुत वीरता और वफादारी का परिचय दिया। घायल होने के बावजूद, उसने महाराणा प्रताप को युद्धभूमि से सुरक्षित बाहर निकाला और अंततः अपने प्राण त्याग दिए। चेतक को उसकी स्वामिभक्ति और साहस के लिए सदैव याद किया जाता है।

    * कृष्णा (छत्रपति शिवाजी महाराज का घोड़ा): शिवाजी महाराज के कई घोड़ों में से कृष्णा उनका सबसे प्रिय घोड़ा माना जाता है। यह सफेद रंग का तेज रफ्तार घोड़ा था जो ऊंची पहाड़ियों पर चढ़ने में माहिर था।

    * बादल (हम्मीरदेव चौहान का घोड़ा): रणथंभौर के शासक हम्मीरदेव चौहान का घोड़ा 'बादल' भी अपने पराक्रम के लिए जाना जाता है।

    ये घोड़े न केवल अपनी नस्लीय विशेषताओं के लिए, बल्कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में निभाई गई अपनी भूमिका के लिए भी मशहूर हैं।

    पाकिस्तान के गधे कई कारणों से प्रसिद्ध हैं, खासकर चीन के साथ उनके व्यापारिक संबंधों के कारण।

    पाकिस्तान में गधों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में गधों की आबादी 59 लाख से बढ़कर 60.47 लाख हो गई है। यह दुनिया में गधों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है, जो इथियोपिया और सूडान के बाद आती है।

    गधे लंबे समय से पाकिस्तान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, खासकर सामान ढोने और कृषि कार्यों में। हालांकि, अब उनका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि पाकिस्तान चीन को बड़ी संख्या में गधों का निर्यात कर रहा है।

    चीन में गधों की खाल से "ई-जियाओ" (Ejiao) नामक एक पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पाद बनाया जाता है। यह कोलेजन से बना होता है, जिसे गधे की खाल को उबालकर निकाला जाता है। चीन में ई-जियाओ की भारी मांग है, और पाकिस्तान इस मांग को पूरा करने के लिए एक प्रमुख स्रोत बन गया है। पाकिस्तान में गधों के कत्लखाने भी शुरू किए गए हैं, खासकर ग्वादर में, ताकि चीन को गधे की खाल और हड्डियों का निर्यात किया जा सके। चीन ने पाकिस्तान में गधा फार्म स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है, क्योंकि पाकिस्तान में गधों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण है।

    गरीबों के लिए आजीविका का साधन

    पाकिस्तान में कई गरीब मजदूर अपनी आजीविका के लिए गधों पर निर्भर करते हैं। वे गधा गाड़ियों का उपयोग करके सामान ढोते हैं, जिससे उन्हें दैनिक आय मिलती है। हालांकि, गधों की बढ़ती कीमतों ने उन्हें पालना मुश्किल कर दिया है।

    संक्षेप में, पाकिस्तान के गधे उनकी बड़ी संख्या और चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों के कारण प्रसिद्ध हैं, जहां उनकी खाल का उपयोग पारंपरिक दवा और सौंदर्य उत्पादों में किया जाता है।

    #india #horses #anilvij #article #danikkhbar #pakistan