मौसम विज्ञान के लिए नए वैज्ञानिक उपकरण और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ

आरएस अनेजा, 29 जुलाई नई दिल्ली

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जलवायु-अनुकूल और वैज्ञानिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) द्वारा विकसित नए वैज्ञानिक उपकरण और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने विज्ञान-संचालित सेवाओं के प्रति गहन जन सहभागिता और व्यापक जागरूकता का आह्वान किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले एक दशक में मंत्रालय के कामकाज, इसकी पहुंच और लोगों के जीवन पर इसके वास्तविक प्रभाव से उल्लेखनीय बदलाव आया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि विज्ञान और नवाचार पारिस्थितिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही आगामी दशकों में भारत के आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि अब हम उस मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां एक सामान्य उपयोगकर्ता भी अपने मोबाइल फोन पर लाइव मौसम अलर्ट, चक्रवात संबंधी चेतावनी, वायु गुणवत्ता अपडेट और समुद्री पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह मिशन मोड में काम करने वाली सरकार और एक ऐसे मंत्रालय के कार्य परिणाम हैं, जिसने स्वयं को नागरिक सेवा केंद्रित संस्थान के रूप में ढ़ाल लिया है।"

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के विभिन्न संस्थानों द्वारा विकसित 14 प्रमुख उत्पादों और पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। इनमें वर्षा निगरानी और फसल-मौसम कैलेंडर, भारत पूर्वानुमान प्रणाली - विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (भारतएफएस-ईआरपी) जैसी उन्नत मौसम पूर्वानुमान प्रणालियां, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वर्षा डेटासेट, अद्यतन तरंग एटलस और समुद्र तल चार्ट, वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणालियां, समुद्री जैव विविधता रिपोर्ट और चार भारतीय शहरों के भूकंपीय सूक्ष्म क्षेत्रीकरण अध्ययन शामिल हैं।

इस मौके पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्मित "लाइफ सेविंग इम्पैक्ट" नाम की एक नई डाक्यूमेंटरी (वृत्तचित्र) भी रिलीज़ की गई।

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