कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रख-रखाव में आधुनिक मशीनों का हो रहा इस्तेमाल

आरएस अनेजा, 28 जुलाई नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जून माह में चिनाब और अंजी पुलों के साथ उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का उद्घाटन किया। यह कश्मीर घाटी और जम्मू के बीच संपर्क स्थापित करने में एक ऐतिहासिक औ प्रमुख उपलब्धि है।

कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी इस मार्ग पर परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है। नई रेलगाड़ी सेवाओं के अलावा, इस लाइन के शुरू होने से कश्मीर घाटी में रेल पटरियों के रख-रखाव की क्षमता में बुनियादी बदलाव आया है। रेलवे लिंक ने कश्मीर घाटी में रेल लाइन के रखरखाव वाली मशीनों की आवाजाही को सक्षम बनाया है।

पहले रेल लाइनों का मानवीय रखरखाव के विपरीत, अब रखरखाव आधुनिक मशीनों से किया जा रहा है। इससे रेल लाइन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ट्रैक मशीनों की तैनाती में वृद्धि: कश्मीर घाटी में रेलवे लाइनों की रखरखाव गतिविधियों को मजबूत करने के लिए, मशीनों की तैनाती को निम्नानुसार बढ़ाया गया है। जून 2025 की शुरुआत से एक टैम्पिंग मशीन तैनात की गई है। यह मशीन रेल पटरियों के उचित प्रकार से एक सीध में रखने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरती है। इसने अब तक घाटी में लगभग 88 किलोमीटर रेलवे पटरियों के नीचे पत्थर के टुकड़े भरे हैं। इससे गिट्टी की गद्दी में सुधार हुआ है और इससे रेल यात्रा सुगम होगी।

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