CBI का बड़ा खुलासा: बिल्डर-बैंक गठजोड़ का पर्दाफाश, होमबायर्स से धोखाधड़ी मामले में 9वीं चार्जशीट दाखिल
नई दिल्ली/गाजियाबाद, 21 मई (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश के निर्दोष घर खरीदारों (होमबायर्स) से धोखाधड़ी और सरकारी बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के एक बहुत बड़े गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले में एक बिल्डर कंपनी, उसके निदेशकों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।
फर्जी दावों से ठगे गए निर्दोष निवेशक
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी मैसर्स मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड (M/s Manju J Homes India Ltd.) और उसके डायरेक्टर्स ने बैंक अधिकारियों व कुछ अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची थी। इन लोगों ने घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन और फर्जी दस्तावेज दिखाकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद गैर-कानूनी और धोखेबाजी के तरीके अपनाकर निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली और वित्तीय संस्थान को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
एसबीआई के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखा
प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच में यह भी साफ हुआ है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के तत्कालीन अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पद का जमकर दुरुपयोग किया। बैंक अफसरों ने तय नियमों, प्रक्रियाओं और गाइडलाइंस को ताक पर रखकर बिल्डर कंपनी को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया। इस मिलीभगत के कारण जहां एक तरफ बिल्डर को फायदा पहुंचाया गया, वहीं दूसरी तरफ संबंधित बैंक और फ्लैट खरीदने वाले आम नागरिकों को सीधे तौर पर आर्थिक चपत लगाई गई।
अदालत में गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट पेश
सीबीआई ने इस मामले में सक्षम अदालत के समक्ष आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी को पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य और मौखिक गवाह मिले हैं, जो फंड के डायवर्जन (पैसों की हेराफेरी) और पद के दुरुपयोग की इस बड़ी साजिश को पूरी तरह साबित करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 50 मामलों की हो रही जांच
सीबीआई ने बताया कि वह वर्तमान में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में देश भर के विभिन्न बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ ऐसे करीब 50 मामलों की गहन जांच कर रही है। इससे पहले भी सीबीआई इसी तरह के मामलों में मैसर्स रुद्रा बिल्डवेल, ड्रीम प्रोकॉन, जेपी इन्फ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, शुभकामना बिल्डटेक, सीक्वल बिल्डकॉन और लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स जैसी बड़ी कंपनियों और उनके निदेशकों सहित बैंक अफसरों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह इस कड़ी में 9वीं चार्जशीट है। सीबीआई ने दोहराया है कि वह आर्थिक अपराधों और आम जनता के साथ होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
#CBIPressRelease #CBIChargeSheet #BuilderBankNexus #HomebuyerFraud #GhaziabadNews #SBI #EconomicOffences #RealEstateScam #DanikKhabar
Previous
जींद में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश: रेप के झूठे केस में फंसाकर ₹6 लाख मांगने वाली मुख्य आरोपी समेत 3 महिलाएं गिरफ्तार
Next