सिरसा महिला थाना ग्रेनेड हमला: NIA ने 2 पाकिस्तानी नागरिकों सहित 9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

नई दिल्ली/सिरसा, 27 मई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, हरियाणा के सिरसा में हुए सनसनीखेज आतंकी हमले के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। एनआईए ने नवंबर 2025 में सिरसा के महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में दो पाकिस्तानी नागरिकों और उनके हैंडलर्स सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। इन सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए किया गया था स्थानीय युवाओं का 'ब्रेनवॉश'

एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे हमले के पीछे पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी की एक गहरी साजिश थी। उसका मुख्य मकसद भारत में पुलिस प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आम जनता के बीच दहशत का माहौल पैदा करना था।

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच ने भारत के स्थानीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड (गोपनीय) कम्युनिकेशन चैनलों का सहारा लिया था। इन्हीं गुप्त माध्यमों से उन्होंने इन आरोपियों को भर्ती किया और उन्हें कट्टरपंथी (रेडिकलाइज्ड) बनाया था।

चार्जशीट में शामिल आरोपियों का विवरण:

  • पाकिस्तानी हैंडलर्स: शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच।

  • गिरफ्तार भारतीय आरोपी: धीरज उर्फ धीरू (भारत में मुख्य ऑपरेटिव), विकास उर्फ विक्की, संदीप उर्फ दायमा, विकास, सुशील उर्फ सिल्लू, मो. सिजान उर्फ सिजान उर्फ गाजी, और गुरजंत सिंह।

अमृतसर से लाया गया था हैंड ग्रेनेड; मोबाइल पर रिकॉर्ड किया था धमाके का वीडियो

एनआईए की जांच के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने भारत में आतंकी मॉड्यूल को चलाने और स्थानीय स्तर पर हमलों का तालमेल बिठाने की मुख्य जिम्मेदारी धीरज उर्फ धीरू को सौंपी थी।

हमले से पहले बकायदा संभावित ठिकानों की रेकी की गई थी, जिसके बाद आरोपियों ने हमले के लिए सिरसा के महिला पुलिस थाने को चुना। इसके बाद आरोपी गुरजंत सिंह अमृतसर (पंजाब) गया, जहां से उसने हमले में इस्तेमाल किया गया हैंड ग्रेनेड हासिल किया। बीते 25 नवंबर 2025 को इस ग्रेनेड हमले को अंजाम दिया गया। इस पूरी साजिश के तहत, आरोपियों ने धमाके का बकायदा मोबाइल फोन पर वीडियो भी रिकॉर्ड किया था ताकि उसे आगे प्रचारित और प्रसारित किया जा सके।

डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों के जरिए विदेशी लिंक खंगाल रही NIA

एनआईए की प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी इस आतंकी वारदात को अंजाम देने के बाद भी पाकिस्तान में बैठे मुख्य हैंडलर और उसके सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए थे। एनआईए ने इस मामले में बड़े पैमाने पर डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक सबूतों को इकट्ठा किया है। एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य विदेशी संपर्कों और वित्तीय चैनलों (टेरर फंडिंग) की कड़ियों को जोड़ने के लिए अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। इसके साथ ही, मामले में फरार चल रहे अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं।

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