चंडीगढ़ की सड़कों पर दौड़ेंगी 25 नई इलेक्ट्रिक बसें; पीएम मोदी वर्चुअली दिखाएंगे हरी झंडी
चंडीगढ़, 13 फ़रवरी (अन्नू ): चंडीगढ़ के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, शनिवार से शहर में 25 नई इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने जा रहा है। इन अत्याधुनिक बसों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से वर्चुअल माध्यम से करेंगे। 'पीएम ई-बस सेवा योजना' के तहत मिली इन नई बसों के बेड़े में शामिल होने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को अब बस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यस्त रूट्स पर हर 10 मिनट में एक बस उपलब्ध हो, जिससे वर्तमान में लगने वाले 30 मिनट तक के समय को कम किया जा सके।
चंडीगढ़ प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक खाका तैयार किया है। केंद्र सरकार की ओर से शहर के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है, जिनमें से पहली खेप शनिवार से सड़क पर उतरेगी। इसके बाद फरवरी के अंत तक 25 और बसें आने की संभावना है, जबकि शेष 50 बसें मार्च और अप्रैल के महीने तक बेड़े में शामिल हो जाएंगी। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में 15 साल पुरानी 85 डीजल बसों को सेवा से हटा दिया गया था, जिससे उत्पन्न हुई कमी को ये नई ई-बसें अब पूरी करेंगी। इन बसों के आने से स्थानीय रूटों पर दबाव कम होगा और पुरानी बसों को फिर से लंबी दूरी के मार्गों पर तैनात किया जा सकेगा।
इन नई इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी विशेषता इनकी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए दी गई सुविधाएं हैं। लगभग 15 मीटर लंबी ये वातानुकूलित (AC) बसें एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर 224 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें 36 आरामदायक सीटें और 20 लोगों के खड़े होने की जगह दी गई है। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए, बसों में स्टॉप के लिए पुश बटन सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और दिव्यांगजनों के लिए विशेष ऑटोमैटिक रैंप की सुविधा भी उपलब्ध है। लो-फ्लोर डिजाइन होने के कारण बुजुर्गों और बच्चों को बस में चढ़ने-उतरने में काफी आसानी होगी।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बस सेवा के विस्तार पर जोर देते हुए कहा है कि जब तक मेट्रो परियोजना पर अंतिम मुहर नहीं लग जाती, तब तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सबसे प्रभावी समाधान एक मजबूत बस नेटवर्क ही है। इसी सोच के साथ प्रशासन बंद पड़े पुराने रूट्स को फिर से शुरू करने और नए इलाकों को जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। ट्राईसिटी में पहले से ही करीब 80 इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं और इस नई खेप के जुड़ने से चंडीगढ़ का सार्वजनिक परिवहन पहले से कहीं ज्यादा सुगम, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा।
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