तिब्बत में झील टूटी, नेपाल में हाई अलर्ट, जलस्तर बढ़ने की आशंका
आरएस अनेजा, 28 अगस्त नई दिल्ली - तिब्बत और नेपाल सीमा पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और ग्लेशियर टूटने से बनी अस्थायी कृत्रिम झील (Landslide Dammed Lake) के टूटने से चिंता बढ़ गई है।
26 अगस्त 2026 को पहाड़ों से विशाल ग्लेशियर गिरने के बाद नदियों का रास्ता रुक गया था, जिससे यह 'वाटर बम' तैयार हुआ था। अब आज 28 अगस्त को इस प्राकृतिक झील के टूटने से लाखों क्यूबिक मीटर पानी बेहद तेज गति से निचले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।
तिब्बत में चीन और नेपाल ने राहत व बचाव अभियान रोक दिया है। तिब्बत के बर्फीले पहाड़ों में करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर एक विशाल ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर लेंगदे नदी में गिर गया था। मलबे के कारण नदी का बहाव रुक गया और चीन में चोचेन व पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक अस्थायी झील बन गई।
इस कृत्रिम बांध में करीब 20 से 50 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ने और भारी बारिश के कारण यह प्राकृतिक बांध अचानक टूट गया।
नेपाल पुलिस और प्रशासन ने सिंधुपालचोक, रसुवा, नुवाकोट और भोटेकोशी नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में लाउडस्पीकर से हाई अलर्ट और तुरंत सुरक्षित स्थानों (ऊंचाइयों) पर जाने की चेतावनी जारी की है।
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