नूंह: 2.5 लाख की रिश्वत लेते सीएचसी का मेडिकल ऑफिसर व सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार; पोक्सो केस में अनुकूल रिपोर्ट देने का आरोप
नूंह, 19 अगस्त (अन्नू): फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीरपाल और उनके सहायक मोनू को ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि दोनों ने पिनगवां थाने में दर्ज पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के एक मामले में आरोपी के पक्ष में अनुकूल मेडिकल ओपिनियन (Medical Opinion) रिपोर्ट तैयार करने के बदले में इस भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी। एसीबी की इस अचानक रेड के बाद स्वास्थ्य केंद्र और विभाग में हड़कंप मच गया।
शिकायत की पुष्टि के बाद बिछाया जाल, सीएचसी परिसर से दबोचे आरोपी:
ट्रैप लगाकर की गई गिरफ्तारी: शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की प्राथमिक जांच कर दावों की पुष्टि की। इसके बाद एसीबी इंस्पेक्टर बिजेंद्र के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को सीएचसी परिसर से ही रिश्वत की राशि लेते दबोच लिया गया।
पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने में जुटी टीम: एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही रिश्वत की मांग, संबंधित पोक्सो मामले की फाइलों और मेडिकल ओपिनियन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पोक्सो जैसे संवेदनशील मामले में रिश्वत का खेल, जांच जारी:
पोक्सो जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले में मेडिकल ओपिनियन को लेकर रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे प्रकरण में अन्य कौन-कौन से लोग या कर्मचारी शामिल थे।
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