20/06/26

मणिपुर जातीय हिंसा मामले में बड़ी कामयाबी: NIA, राज्य पुलिस और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में 10 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 20 जून (अन्‍नू): राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा (Ethnic Violence) और अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई की है। NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने मणिपुर राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर एक बेहद सटीक और समन्वित अभियान (Coordinated Operation) चलाते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज HLMA--bbwAEPq8h.jpg के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में दर्ज 6 अलग-अलग जातीय हिंसा के मामलों की गहन जांच के आधार पर की गई है.

मणिपुर के 8 जिलों में एक साथ चला मल्टि-लोकेशन सर्च ऑपरेशन

NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने जमीनी इनपुट और हिंसा में शामिल होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद मणिपुर के कई संवेदनशील जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की।

  • इन जिलों में दी गई दबिश: इंफाल ईस्ट (Imphal East), इंफाल वेस्ट (Imphal West), बिष्णुपुर (Bishnupur), चूराचांदपुर (Churachandpur), उखरुल (Ukhrul), चंदेल (Chandel), फेरज़ौल (Pherzawl).

  • गिरफ्तारी का आधार: इन विभिन्न जिलों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान (Search Operations) के दौरान उन तत्वों को दबोचा गया, जिनकी मणिपुर के हिंसक दंगों और अशांति में सीधे संलिप्तता के तकनीकी व जमीनी साक्ष्य मिले थे.

सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार लूट और बैंक डकैती में सक्रिय भूमिका

NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, विभिन्न मामलों में चल रही समानांतर जांच से यह साफ उजागर हुआ है कि गिरफ्तार किए गए इन सभी 10 आरोपियों ने मणिपुर में जातीय अशांति के दौर में हुई कई बड़ी और हिंसक वारदातों में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरोपियों पर दर्ज मुख्य अपराध इस प्रकार हैं:

  1. सुरक्षा बलों पर जानलेवा हमले: देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों और पुलिस टीमों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में शामिल होना.

  2. हथियारों और गोला-बारूद की लूट: सरकारी शस्त्रागारों या सुरक्षा एजेंसियों से हथियारों और भारी मात्रा में गोला-बारूद की लूटपाट को अंजाम देना.

  3. बैंक डकैती (Bank Robberies): अशांति का फायदा उठाकर वित्तीय संस्थानों और बैंकों में लूट की गंभीर वारदातों को अंजाम देना.

खुफिया इनपुट और तकनीकी जांच के आधार पर पहचान

NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर इंटेलिजेंस (खुफिया इनपुट), तकनीकी साक्ष्य और फील्ड इन्वेस्टिगेशन का सहारा लिया। इस जांच का मुख्य फोकस समुदायों के परे जाकर राज्य में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल सभी चेहरों की पहचान करना और उन पर कानूनी शिकंजा कसना है.

विद्रोह और साजिश के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही एजेंसियां

NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी को उम्मीद है कि इन 10 आरोपियों की गिरफ्तारी और इनसे होने वाली कड़ी पूछताछ से मणिपुर हिंसा की प्लानिंग (साजिश), इसे जमीन पर लागू करने वाले मास्टरमाइंड और इन्हें बैकएंड से मदद देने वाले पूरे सपोर्ट नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आएंगी।

इसके साथ ही, एनआईए इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इन अलग-अलग हिंसक घटनाओं के बीच आपस में क्या कनेक्शन है, और उग्रवाद (Insurgency) में शामिल विभिन्न व्यक्तियों और समूहों का आंतरिक गठजोड़ किस स्तर पर काम कर रहा था। मणिपुर हिंसा के संबंध में एनआईए द्वारा दर्ज किए गए विभिन्न मामलों में आगे की कानूनी तफ्तीश और कार्रवाई लगातार जारी है.

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