20/06/26

कुरुक्षेत्र टैक्सी लूटकांड का पर्दाफाश: दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सहित 9 के सिंडिकेट ने रची थी साजिश, शॉर्टकट से कमाना चाहते थे करोड़ों

कुरुक्षेत्र, 20 जून (अन्‍नू): हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में गन प्वाइंट पर हुए सनसनीखेज टैक्सी लूटकांड में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें बेहद चौंकाने वाले और बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस वारदात के पीछे केवल कार लूटना एकमात्र मकसद नहीं था, बल्कि रंगदारी, डकैती और हत्या जैसी खौफनाक वारदातों को अंजाम देने के लिए एक बड़े अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट (गैंग) का गठन किया गया था। इस साजिश में दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल था, जो अपराधियों को बैकएंड से सलाह और रणनीतिक मदद दे रहा था।

सवारी बनकर बैठे और अरुणाय गाँव के पास तानी पिस्तौल

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अंबाला शहर के रहने वाले टैक्सी चालक मंजीत कुमार ने इस संबंध में मामला दर्ज करवाया था:

  • अम्बाला से बुक की थी गाड़ी: 12 जून की रात करीब साढ़े 8 बजे चार अज्ञात युवकों ने मंजीत कुमार की गाड़ी को अम्बाला से कैथल जाने के लिए किराए पर बुक किया था। मंजीत उन्हें अपनी टैक्सी में लेकर रवाना हुआ।

  • बाथरूम के बहाने रुकवाई कार: रात करीब 9:40 बजे जब वे पिहोवा में नेशनल हाईवे-152 (NH-152) पर स्थित अरुणाय गाँव के पास पहुंचे, तो युवकों ने बाथरूम जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई।

  • कनपटी पर तानी पिस्तौल: कार रुकते ही कुछ ही पलों में एक युवक ने चालक मंजीत कुमार की कनपटी पर पिस्तौल तान दी। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर मंजीत से उसकी कार और मोबाइल फोन छीन लिया और उसे सुनसान रास्ते पर छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस का तुरंत एक्शन, अगले ही दिन हिसार से गाड़ी बरामद

वारदात की सूचना मिलते ही कुरुक्षेत्र पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी की और मामला दर्ज कर तफ्तीश सीआईए-2 (CIA-2) को सौंपी। पुलिस की मुस्तैदी के चलते अगले ही दिन यानी 13 जून को लूटी गई कार को हिसार जिले के गाँव बबुवा से लावारिस हालत में बरामद कर लिया गया था।

मुर्तजापुर के पास मुठभेड़: विशाल के पैर में लगी गोली, लविश दबोचा

आरोपियों के रूट को ट्रैक करते हुए 15 जून को सीआईए-2 की टीम की कुरुक्षेत्र के मुर्तजापुर गाँव के पास मुख्य आरोपी विशाल के साथ सीधी मुठभेड़ (Encounter) हो गई। खुद को घिरा देख आरोपी विशाल ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में विशाल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं मुठभेड़ के दौरान मौके से भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी लविश (निवासी: किठाना, जिला कैथल) को पुलिस टीम ने मुस्तैदी से दबोच लिया।

शॉर्टकट से बनना था अमीर; दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल भी साजिश में शामिल

सीआईए-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह ने इस पूरे गैंग का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए बताया कि मुख्य आरोपी विशाल और निखिल ने मिलकर एक बेहद खतरनाक गैंग तैयार किया था। ये दोनों शॉर्टकट तरीके से जल्द से जल्द ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे। इस गैंग का मकसद आने वाले दिनों में बड़ी रंगदारी (Extortion), डकैती और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देना था और इन्हीं अगली वारदातों को अंजाम देने के लिए उन्हें एक गाड़ी की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने 12 जून की रात मंजीत कुमार को अपना शिकार बनाया।

लूट और साजिश में शामिल आरोपियों का पूरा विवरण:

  1. ग्राउंड जीरो पर लूट करने वाले: कार लूटने की मुख्य वारदात को विशाल, लविश, कमलजीत सिंह (निवासी: सिंगपुरा) और रोहित कुमार (निवासी: कुराली, जिला मोहाली) ने अंजाम दिया था।

  2. मास्टरमाइंड (हथियार प्रदाता): निखिल नाम के आरोपी ने इस पूरी लूट की वारदात का ब्लूप्रिंट (योजना) तैयार किया था और वारदात के लिए अवैध हथियार उपलब्ध करवाए थे।

  3. सलाहकार (सिंडिकेट के मार्गदर्शक): इस लूटकांड को सुरक्षित तरीके से अंजाम देने के लिए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अजय (निवासी: जखौली), अभिषेक (निवासी: कसान, जिला कैथल) और जसकरण (निवासी: सिंगपुरा) ने आरोपियों को कानूनी और तकनीकी कमियों से बचने की सलाह व रणनीतिक मदद दी थी।

पुलिस इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी विशाल सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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