दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: कनाडा वीजा के नाम पर 1.83 करोड़ की ठगी करने वाला इमिग्रेशन कंसलटेंट गिरफ्तार
नई दिल्ली, 17 मई (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (साइबर सेल) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनाडा वीजा और इमिग्रेशन के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर कंसलटेंट को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में जालसाजी और धोखाधड़ी (FIR No. 176/2024) का मामला दर्ज है। आरोप है कि उसने एक महिला को कनाडा में बिजनेस इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत नागरिकता और रोजगार दिलाने का झांसा देकर करीब 1.83 करोड़ रुपये (2,95,000 कैनेडियन डॉलर) की ठगी की थी।
फर्जी दस्तावेज बनाकर जीता भरोसा, फिर हड़पे करोड़ों
प्रेस रिलीज के मुताबिक, कोविड-19 की पहली लहर के बाद शिकायतकर्ता महिला रोजगार के सिलसिले में कनाडा जाने की इच्छुक थी। इसी दौरान वह धर्मेंद्र शर्मा के संपर्क में आई, जिसने खुद को एक बड़ी इमिग्रेशन कंसलटेंसी फर्म का डायरेक्टर (ऑपरेशंस) बताया। आरोपी ने महिला को कनाडा की एक हॉस्पिटैलिटी कंपनी में डायरेक्टर और शेयरहोल्डर बनाने का फर्जी झांसा दिया। विश्वास जीतने के लिए उसने नकली दस्तावेज भी तैयार किए। इसके बाद निवेश के नाम पर 2,50,000 कैनेडियन डॉलर और प्रोफेशनल फीस के रूप में 45,000 कैनेडियन डॉलर ऐंठ लिए। हालांकि, जांच में सामने आया कि महिला को कभी कंपनी का पार्टनर बनाया ही नहीं गया था और मालिकाना हक किसी और के पास ही था।
लगातार तीन वीजा रिजेक्शन के बाद भी देता रहा झूठा भरोसा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी ने विदेशी बैंक खातों में रकम प्राप्त करने के बाद, उसे वैध व्यवसाय में लगाने के बजाय नकद निकासी और अन्य खातों में ट्रांसफर कर ठिकाने लगा दिया। जब कैनेडियन अथॉरिटी द्वारा महिला का वीजा आवेदन लगातार तीन बार खारिज कर दिया गया, तब भी आरोपी ने सच छिपाए रखा। वह री-कंसीडरेशन (पुनर्विचार) अर्जी दाखिल करने का नाटक कर मामले को टालता रहा ताकि निवेश की गई रकम वापस न करनी पड़े।
पंजाब से हुई गिरफ्तारी, डिजिटल सबूतों से लैस लैपटॉप बरामद
एसीपी पाटिल स्वागत राजकुमार और इंस्पेक्टर संदीप सिंह के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर विनय कुमार की टीम ने इस मामले की गहन जांच करते हुए आरोपी धर्मेंद्र शर्मा को दबोच लिया। आरोपी मुख्य रूप से पंजाब के डेरा बस्सी का रहने वाला है और उसने एमबीए (MBA) की पढ़ाई की हुई है। वह अपनी उच्च शैक्षणिक योग्यता का फायदा उठाकर लोगों को जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल एक लैपटॉप बरामद किया है, जिसमें धोखाधड़ी से जुड़े ईमेल्स, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट्स और कई आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है।
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