न्यूयार्क में लहराया तिरंगा: 'लोकायन 2026' के तहत INS सुदर्शनी की ऐतिहासिक यात्रा सफल!

आरएस अनेजा, 10 जुलाई नई दिल्ली - भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्‍न की। यह वर्तमान में चल रहे ‘लोकायन 2026’ अंतरमहासागरीय अभियान के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस यात्रा के माध्‍यम से भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया गया तथा भारत और संयुक्त राज्य अमरीका के बीच रणनीतिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाया गया।

भारतीय नौसेना की 10 माह की अंतरमहासागरीय तैनाती के अंतर्गत स्वदेशी में निर्मित तीन मस्तूल वाले बार्क पोत आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमरीका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय नौसेना रिव्‍यू 250’ और ‘एसएआईएल4टीएच 250’ समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण आईएनएस सुदर्शनी की शानदार ‘परेड ऑफ सेल’ में भागीदारी रही, जिसके दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने स्‍टैच्‍यू ऑफ लेबर्टी के समक्ष तथा वर्षन नदी के मार्ग से नौकायन करते हुए अन्‍य देशों के भव्‍य पातों और नौसैनिक जहाजों के बेडे के साथ गर्व से भारतीय ध्‍वज लहराते फहराया।

ब्रुकलिन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने भारत के तैरते हुए सदभावना दूत के रूप में कार्य किया। इस अवधि में जहाज पर 1,000 से अधिक आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिनमें भारतीय मूल के लोग, स्‍थानीय नागरिक तथा समुद्री गतिविधियों के प्रति रूचि रखने वाले लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की नौकायन प्रशिक्षण परंपराओं तथा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत की जानकारी प्रदान की गई।

जहाज में कई विशिष्ट अतिथि मेजबानी की, जिनमें न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत श्री बिनय श्रीकांत प्रधान और संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश शामिल थे। उन्होंने जहाज के चालक दल से बातचीत की और भारत की समुद्री विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क समुद्री संबंधों को मजबूत करने में जहाज की भूमिका की सराहना की।

जहाज पर आयोजित एक ‘स्‍टेट डिनर’ (राजकीय रात्रिभोज) ने वरिष्ठ राजनयिकों, सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथियों को एक साथ लाया, जिससे बढ़ते भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।

सभी कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद आईएनएस सुदर्शनी न्यूयॉर्क बंदरगाह से बोस्टन के लिए रवाना हो गई, जहां वह आगामी ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग लेगी। यह जहाज ‘लोकायन 2026' अभियान के तहत भारतीय नौसेना के मित्रता, समुद्री सहयोग और सद्भावना के संदेश को महासागरों के पार ले जाना जारी रखेगा।

Previous

'स्मार्ट बॉर्डर' से अभेद्य होगी भारत की सुरक्षा: सीमांत एसपी सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा विज़न

Next

राजस्व चोरी के खिलाफ लें सख्त एक्शन,कार्रवाई का धरातल पर दिखे असर- राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा