रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप पर ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां कुर्क; कुल जब्ती ₹20 हजार करोड़ के पार
नई दिल्ली, 12 जुलाई (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक बेहद बड़ी कार्रवाई की है। ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एजेंसी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत अमल में लाई गई है।
₹15,548 करोड़ के पब्लिक फंड की हेराफेरी का आरोप:
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह जांच सीबीआई (CBI) द्वारा विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई कई प्राथमिकियों (FIRs) के बाद शुरू की गई थी। अब तक की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए करीब ₹15,548 करोड़ के पब्लिक फंड को रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के नियंत्रण और प्रबंधन वाली शेल (फर्जी) कंपनियों और ग्रुप कंपनियों के एक जाल के जरिए सुनियोजित तरीके से डायवर्ट (हेराफेरी) किया गया था।
रिलायंस पावर के शेयर्स भी जब्ती में शामिल:
इस ताजा कार्रवाई में कुर्क की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर्स शामिल हैं। इसके अलावा, मैसर्स सासन पावर लिमिटेड और मैसर्स रिलायंस पावर लिमिटेड से मिलने वाली कुछ लोन राशियों (लोन अमाउंट रिसीवेबल) को भी ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है।
कुल जब्ती ₹20,367 करोड़ पहुंची; 8 सीनियर अधिकारी जेल में:
जांच एजेंसी ने प्रेस रिलीज में बताया कि वह रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ पीएमएलए (PMLA) और फेमा (FEMA) के तहत कई मामलों की जांच कर रही है।
दर्ज मामले: अब तक पीएमएलए के तहत 4 ईसीआईआर (ECIR) और फेमा के प्रावधानों के तहत 3 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
छापेमारी और जब्ती: जांच के दौरान ईडी अब तक 80 से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। इस ₹1,021 करोड़ की ताजा कार्रवाई के बाद, पीएमएलए के तहत अब तक कुर्क की गई कुल संपत्ति ₹20,367 करोड़ तक पहुंच गई है। इसके अलावा, फेमा के तहत भी ₹77.86 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
अदालती कार्रवाई और गिरफ्तारियां: ईडी अब तक अलग-अलग मामलों में कोर्ट में 4 प्रोसक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) और फेमा के तहत 1 शिकायत दर्ज कर चुकी है। इस मामले में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के 8 सीनियर अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस समय न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT का गठन:
ईडी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह एसआईटी (SIT) इन सभी मामलों की बेहद तेजी और मुस्तैदी के साथ आगे की जांच कर रही है।
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