दिल्ली: एटीएम फ्रॉड गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 'फेविक्विक' के जरिए 50 से ज्यादा वारदातों को दिया अंजाम
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय रवि कुमार भारती के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। रवि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 50 से अधिक धोखाधड़ी की वारदातों और प्रयासों में शामिल रहा है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे छतरपुर के राजपुर खुर्द इलाके से दबोचा।
फेविक्विक और फर्जी नंबरों का खेल
इस गिरोह के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। आरोपी सबसे पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में 'फेविक्विक' (Adhesive) लगा देते थे, जिससे यूजर का कार्ड अंदर ही फंस जाता था। इसके बाद, गिरोह ने एटीएम केबिन में फर्जी 'कस्टमर केयर' नंबर चिपका रखे थे। जब परेशान यूजर उस नंबर पर कॉल करता, तो आरोपी बैंक अधिकारी बनकर बात करते और झांसे में लेकर उसका पिन (PIN) जान लेते थे। बाद में वे फंसे हुए कार्ड को निकालकर धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेते थे।
बुजुर्गों और भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना
यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो तकनीक के मामले में कम जानकार थे या बुजुर्ग थे। हाल ही में पश्चिम विहार के एक निवासी से इसी तरह 35,000 रुपये की ठगी की गई थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। इस मामले में रवि के दो सहयोगियों, रौशन और पिंटू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिन्होंने रवि को अपना सरगना बताया था। रवि पहले भी चोरी और धोखाधड़ी के 7 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
जांच में हुए कई बड़े खुलासे
पुलिस टीम ने रवि की गिरफ्तारी के साथ ही 5 एफआईआर और कई शिकायतों का निपटारा किया है। तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि यह गिरोह दिल्ली भर में 22 से अधिक पीड़ितों से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वो कपड़े-जूते भी बरामद किए हैं, जो सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे। डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली में स्ट्रीट लेवल के वित्तीय अपराधों पर लगाम लगेगी।
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