05/06/26

संतों के विचारों और दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है—पशुपालन मंत्री राजस्थान

एन.एस.बाछल, 05 जून, जयपुर।

सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध आध्यात्मिक सिद्धपीठ, शिवमठ धाम गाड़ोदा में गुरुवार को ब्रह्मलीन परम पूज्य महंत गुलाब महाराज की 8वीं बरसोदी (पुण्यतिथि) श्रृद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर मठ परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, संतों का समागम और विशाल भजन संध्या व भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रृद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान के गोपालन एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत का मठ के मठाधीश महावीर जति महाराज और आयोजन समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मंत्री कुमावत ने सिद्धपीठ पर मत्था टेककर देश—प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित सभी सिद्ध संतों का चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस आध्यात्मिक महोत्सव में सनातन धर्म के कई प्रख्यात संत और जनप्रतिनिधि एक मंच पर नज़र आए। कार्यक्रम में तारा तरा मठ के महंत एवं पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि जोराराम कुमावत ने उपस्थित जनसमुदाय और संतों को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और गौ-सेवा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि "शिवमठ धाम गाड़ोदा की यह पावन धरा परम पूज्य ब्रह्मलीन महंत गुलाब महाराज की तपस्या से पवित्र है। ऐसे महान संतों के विचारों और दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है। कुमावत ने कहा कि  "सनातन धर्म हमारी पहचान और जीवन जीने की कला है। आज के आधुनिक युग में हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। हमारी सरकार और हमारा समाज सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

जोराराम कुमावत ने कहा कि "गाय केवल एक पशु नहीं है, वह हमारी माता है और सनातन संस्कृति का मूल आधार है। गोपालन और गौ-संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि देवस्थान और गोपालन मंत्री होने के नाते मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि राज्य सरकार प्रदेश की गौशालाओं की आत्मनिर्भरता और गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रही है।"

उन्होंने कहा कि "हमें अपनी युवा पीढ़ी को संतों के सान्निध्य में लाकर उन्हें नैतिक मूल्यों और गौ-सेवा के संस्कारों से जोड़ना होगा। जब तक हमारी संस्कृति सुरक्षित है, तब तक देश सुरक्षित है। संबोधन के पश्चात कुमावत को मठ की ओर से स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan

Previous

CBI का कालका में एक्शन: रिटायर्ड ट्रैकमैन का भत्ता रोकने वाले क्लर्क को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

Next

राजस्थान एनर्जी सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर,दो साल से प्रदेश में बिजली की कोई लोड शैडिंग नहीं -ऊर्जा मंत्री