चंडीगढ़ में 15 जून से चलेगा विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान: 5.16 लाख वोटरों का होगा दोबारा सत्यापन, फॉर्म न भरने पर सूची से कटेगा नाम
अभिकान्त, 11 जून, चंडीगढ़: चंडीगढ़ में मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन विभाग आगामी 15 जून से एक बड़ा 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान शुरू करने जा रहा है। इस महा-अभियान के तहत शहर के सभी 5,16,427 मतदाताओं का दोबारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों ने साफ लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि जो मतदाता निर्धारित एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा नहीं करेंगे, उनके नाम आगामी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी और उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चंडीगढ़ समेत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह विशेष अभियान एक साथ चलाया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची में मौजूद डुप्लीकेट, शिफ्टेड (दूसरे स्थानों पर जा चुके) और मृत मतदाताओं के नामों की पहचान कर डेटा को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) किया जा सके।
3 पॉइंट्स में जानिए बीएलओ (BLO) सर्वे का पूरा प्रोसेस:
614 बीएलओ करेंगे घर-घर सर्वे: 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस एक महीने के अभियान के लिए शहर में 614 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी हर घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और उनसे जानकारी लेंगे। प्रत्येक मतदाता को फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिनमें से एक प्रति भरकर बीएलओ को लौटानी होगी और दूसरी प्रति मतदाता के पास रसीद के रूप में रहेगी।
घर पर ताला मिला तो तीन बार आएंगे बीएलओ: अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी घर पर पहली बार जाने पर ताला लगा मिलता है, तो बीएलओ उस पते को छोड़ेंगे नहीं। ऐसे मामलों में तीन अलग-अलग अवसरों पर दोबारा विजिट की जाएगी। इसके बावजूद यदि मतदाता की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो संबंधित नाम को अनुपस्थित या स्थानांतरित मानते हुए सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
फॉर्म नहीं जमा किया तो वोटर लिस्ट से नाम बाहर: निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अभियान में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करना अनिवार्य होगा। आगामी ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे जिन्होंने अपना फॉर्म सत्यापित करवा कर जमा कराया होगा। जो लोग फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उन्हें सत्यापित मतदाता नहीं माना जाएगा।
अब तक 72.44% मतदाताओं की हो चुकी मैपिंग, मिले 9,700 मृत वोटर
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में अब तक 72.44 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। इस शुरुआती प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 9,700 मृत मतदाता पाए गए हैं, जबकि 1,04,000 अनमैप मतदाता चिन्हित किए गए हैं। निर्वाचन विभाग ने शहर से बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। ऐसे मतदाता राष्ट्रीय पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड कर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या उनके परिवार का कोई सदस्य उनकी ओर से फॉर्म भर सकता है। सबसे राहत की बात यह है कि फॉर्म जमा करने के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) की जरूरत नहीं होगी, केवल सही तरीके से भरा गया एन्यूमरेशन फॉर्म ही पर्याप्त होगा।
राजनीतिक दलों के एजेंट भी करेंगे मदद, नए वोटर्स के लिए भी मौका
चंडीगढ़ में विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 1,600 से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस अभियान में सहयोग करेंगे। प्रशासन ने 1,625 बीएलए को विशेष प्रशिक्षण दिया है। ये एजेंट भी मतदाताओं से फॉर्म एकत्र कर सकेंगे, हालांकि एक एजेंट एक बार में अधिकतम 50 फॉर्म ही जमा कर पाएगा। अधिकारियों ने बताया कि फॉर्म में वर्ष 2002 की मैपिंग से जुड़ी कुछ जानकारियां पहले से दर्ज होंगी, जिसे मतदाता चाहें तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंडीगढ़ की वेबसाइट पर जाकर सत्यापित कर सकते हैं। इसके अलावा 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी नया वोटर बनने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकेंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग शहरभर में साइकिल रैलियां और विशेष शिविरों का आयोजन भी करेगा।
#ChandigarhNews #VoterListUpdate #ECI #NishantKumarYadav #PrernaPuri #BLOSurvey2026 #VoterAwareness #HaryanaPunjabNews #DanikKhabar
Previous
पंचकूला: ₹1.5 करोड़ के ऑनलाइन ट्रेडिंग साइबर फ्रॉड में उत्तर प्रदेश से दबोचा पांचवां मुख्य आरोपी
Next