पंचकूला: ₹1.5 करोड़ के ऑनलाइन ट्रेडिंग साइबर फ्रॉड में उत्तर प्रदेश से दबोचा पांचवां मुख्य आरोपी
पंचकूला, 11 जून (अन्नू): डिजिटल निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले शातिर साइबर अपराधियों के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग ₹1.5 करोड़ रुपये के ऑनलाइन ट्रेडिंग साइबर फ्रॉड के मामले में कार्रवाई करते हुए पंचकूला की साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के पांचवें मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश (यूपी) से धर दबोचा है।
पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान मोनू उर्फ मोहम्मद अशरफ के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के रामपुर क्षेत्र से एक गुप्त सूचना और तकनीकी लोकेशन के आधार पर सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से साइबर थाना पुलिस ने फ्रॉड की कड़ियों और पैसों की रिकवरी के लिए उसका 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
टेलीग्राम और फर्जी ट्रेडिंग ऐप का सनसनीखेज जाल
पंचकूला साइबर थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर और तकनीकी रूप से एडवांस है। अपराधियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए निम्नलिखित तरीका (Modus Operandi) अपनाया था:
टेलीग्राम से फंसाते थे शिकार: आरोपी सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर ऊंचे और जादुई मुनाफे (High Returns) का झांसा देकर लोगों को अपने ग्रुप्स में जोड़ते थे।
फर्जी ऐप पर दिखाते थे 'फर्जी' प्रॉफिट: इसके बाद पीड़ितों को एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग एप्लीकेशन (Fake Trading App) डाउनलोड करवाई जाती थी। इस ऐप के डिजिटल डैशबोर्ड पर पीड़ितों को उनके द्वारा लगाए गए पैसों पर भारी मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता था, जो कि पूरी तरह से फर्जी और स्क्रिप्टेड होता था।
करोड़ों डकार कर हो जाते थे रफूचक्कर: जब पीड़ित मुनाफे के लालच में आकर अपनी पूरी जमा-पूंजी (लाखों-करोड़ों रुपये) उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर देता था, तो आरोपी ऐप को ब्लॉक कर देते थे और पैसे निकालने (Withdraw) के नाम पर और टैक्स व पेनल्टी के बहाने और पैसे ऐंठते थे। इसी जाल में फंसाकर पंचकूला के एक पीड़ित से करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी की गई थी।
मामले में अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
साइबर थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल घोटाले में पुलिस बैक-टू-बैक बड़ी कार्रवाइयां कर रही है। मोनू उर्फ मोहम्मद अशरफ की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे सिंडिकेट में अब तक कुल पांच मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
इससे पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के कब्जे से साइबर पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी, जिसमें शामिल हैं:
ठगी और बैंक खाते संचालित करने में इस्तेमाल किए गए कई स्मार्ट मोबाइल फोन।
विभिन्न फर्जी और कॉर्पोरेट फर्मों के नाम पर खुलवाए गए एटीएम/डेबिट कार्ड (ATM/Debit Cards)।
पैसों को लेयर करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बैंक चेकबुक (Checkbooks) और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल व वित्तीय दस्तावेज।
फरार आरोपियों पर दबिश जारी; पंचकूला पुलिस की जनता से सतर्क रहने की अपील
पंचकूला पुलिस की साइबर सेल टीमें रिमांड के दौरान आरोपी मोनू से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस ठगी के मास्टरमाइंड और अन्य फरार साथियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों को भी दबोच लिया जाएगा।
इस बड़ी कार्रवाई के बीच पंचकूला पुलिस ने आम जनता के लिए विशेष साइबर एडवायजरी जारी करते हुए सचेत किया है:
"साइबर अपराधियों से हमेशा सावधान और सजग रहें। टेलीग्राम, व्हाट्सएप या किसी भी अन्य अनजान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले 'घर बैठे कमाई' या 'शेयर बाजार/क्रिप्टो में भारी मुनाफे' के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत ऐप के कहने पर अपना कीमती पैसा निवेश करने से पहले उस कंपनी की सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) से मान्यता की पूरी जांच अवश्य कर लें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।"
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