केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात के सासन गिर में 'लायन' स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम का उद्घाटन किया

आरएस अनेजा, 14 मई नई दिल्ली - केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज गुजरात के सासन गिर में 'लायन' स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 से पहले आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वर्चुअल माध्यम से की। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में गुजरात के वन मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया, वन राज्य मंत्री श्री प्रवीण माली तथा आईबीसीए, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

अपने संबोधन में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को 'वसुधैव कुटुंबकम' की दूरदृष्टि के लिए धन्यवाद दिया, जिसके कारण आईबीसीए की स्थापना हुई और यह शेरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। उन्होंने शेरों के संरक्षण के प्रति बढ़ती वैश्विक जागरूकता का श्रेय इसी दूरदृष्टि को दिया।

पटेल ने एशियाई शेर के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शेर इस क्षेत्र की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है, जिसने गिर में एशियाई शेरों की बढ़ती आबादी में योगदान दिया है। श्री पटेल ने कहा कि गिर इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस तरह पारिस्थितिक दृष्टिकोण अपनाकर आर्थिक विकास और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न वन्यजीव संरक्षण पहलों के तहत उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी, जिनमें एशियाई शेरों के प्राकृतिक विस्तार के लिए एक नए स्थल के रूप में बर्दा वन्यजीव अभयारण्य का विकास शामिल है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भारत, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में 1 व 2 जून, 2026 को नई दिल्ली में प्रथम आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करेगा। इस दौरान तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 'शेरों को बचाओ, मानवता को बचाओ, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाओ' के नारे के साथ आयोजित इस शिखर सम्मेलन में एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के 95 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्‍यक्ष, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, संरक्षण कार्यकर्ता, बहुपक्षीय एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, सहयोगी संगठन और 400 प्रतिनिधि एक साथ जुटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आईबीसीए एक वैश्विक गठबंधन है जो सात प्रतिष्ठित बड़ी बिल्ली प्रजातियों यानि बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण के लिए समर्पित है, और इसके लिए वह सहयोगात्मक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई और मजबूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग का उपयोग करता है।

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