जयपुर: बैंक धोखाधड़ी मामले में OBC बैंक के 3 पूर्व अधिकारियों को 7-7 साल की कैद; CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला
जयपुर/दौसा, 22 सितंबर (अन्नू): सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत, जयपुर ने बैंक धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) की लालसोट (दौसा) शाखा के तीन तत्कालीन बैंक अधिकारियों/कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अदालत ने तीनों दोषियों पर 85,000-85,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई प्रेस रिलीज व मामले के मुख्य बिंदु:
सजा पाने वाले बैंक अधिकारियों के नाम:
रामजी लाल मीणा: तत्कालीन शाखा प्रबंधक (Branch Manager), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, शिवसिंहपुरा, लालसोट (दौसा)।
मुरारी लाल मीणा: तत्कालीन विशेष सहायक (Special Assistant)।
थान सिंह लश्कर: तत्कालीन चपरासी-सह-हाउसकीपर (Peon cum Housekeeper)।
फर्जी 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' जारी कर किया घोटाला:
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मामला ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के तत्कालीन उप महाप्रबंधक (DGM) की शिकायत पर 1 फरवरी 2019 को दर्ज किया गया था।
आरोप था कि आरोपी मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनाधिकृत रूप से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' (No Dues Certificates) जारी किए थे।
इसके जरिए लोन की बकाया राशि जमा कराए बिना ही गिरवी रखी गई संपत्तियों/प्रतिभूतियों को रिलीज कर दिया गया, जिससे बैंक को ₹12,14,660.71 का सीधा नुकसान हुआ था।
चार्जशीट और अदालती फैसला:
सीबीआई ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 5 मई 2022 को तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था।
अदालत ने ट्रायल पूरा होने के बाद 18 सितंबर 2026 को तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कैद की सजा सुनाई।
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