शेयर बाजार में हाहाकार: ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने से सेंसेक्स लगभग 1500 अंक टूटा, वहीं निफ्टी भी 440
मुंबई/बिजनेस, 13 अप्रैल (अन्नू): सप्ताह के पहले ही दिन शेयर मार्किट पर मानों भूकंप आ गया हो। सोमवार 13 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिरा और निवेशकों में अफरा-तफरी मच गई। सेंसेक्स करीब 1.98% की भारी गिरावट के साथ सीधा 76,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 440 अंक टूटकर 23,600 के करीब संघर्ष करता दिखा। सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकिंग सेक्टर (PSU Banks) पर पड़ी है, जहाँ निवेशक ताबड़तोड़ बिकवाली कर रहे हैं।
मिडिल-ईस्ट का तनाव और 'नो डील' का झटका
बाजार में आई इस तबाही की मुख्य जड़ सरहद पार छिपे भू-राजनीतिक तनाव में है। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हो रही बेहद अहम 21 घंटे की बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचे बिना ही खत्म हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खाली हाथ लौटने की खबर ने आग में घी का काम किया। इस वैश्विक अस्थिरता के कारण न केवल भारत, बल्कि जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी जैसे तमाम एशियाई बाजार भी लाल निशान में रंगे नजर आए।
विदेशी निवेशकों का पलायन और रुपए की बदहाली
भारतीय बाजार के लिए 'कोढ़ में खाज' का काम विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली कर रही है। अकेले अप्रैल महीने में ही अब तक करीब 48,213 करोड़ रुपए बाजार से बाहर जा चुके हैं। रही-सही कसर रुपए की कमजोरी ने पूरी कर दी है। करेंसी मार्केट के जानकारों की मानें तो डॉलर के मुकाबले रुपया आने वाले दिनों में 94 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर सकता है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है।
क्या कहते हैं तकनीकी आंकड़े: खरीदारी करें या रुकें?
वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडर्स को अब बेहद संभलकर चलने की जरूरत है। निफ्टी के लिए 23,330 से 22,857 का स्तर एक मजबूत 'सपोर्ट' की तरह काम कर सकता है, जहाँ से बाजार संभलने की कोशिश करेगा। लेकिन अगर उछाल आता भी है, तो 24,143 और 24,450 के स्तर पर 'रेजिस्टेंस' यानी तगड़ी रुकावट देखने को मिलेगी। शुक्रवार की 919 अंकों की तेजी आज की गिरावट में पूरी तरह धुल चुकी है, जिससे निवेशकों का मनोबल काफी कमजोर हुआ है।
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