SBI बैंक धोखाधड़ी मामला: शिमला की विशेष सीबीआई अदालत ने चार दोषियों को सुनाई दो-दो साल की जेल और ₹80,000 का जुर्माना

शिमला/नई दिल्ली, 15 जुलाई (अन्‍नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, शिमला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 03 बैंक धोखाधड़ी मामलों में चार निजी व्यक्तियों को दो-दो साल के कारावास (जेल) की सजा सुनाई है। अदालत ने इन सभी दोषियों पर कुल 80,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वाले दोषियों की पहचान बचित्तर सिंह, रोशन लाल, हरकीरत सिंह और शम्मी के रूप में हुई है।

फर्जी दस्तावेजों पर लिया था KCC लोन

सीबीआई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), डेहरा शाखा से जुड़ा है। सीबीआई ने 22 फरवरी 2013 को इस संबंध में केस दर्ज किया था। यह मामला तत्कालीन बैंक अधिकारियों—राज कुमार कैंथ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक), कुलदीप सिंह भटोआ (तत्कालीन फील्ड अधिकारी), एस.एम. पॉल (तत्कालीन शाखा प्रबंधक), मोहिंदर (तत्कालीन प्रबंधक पीबीडी), सुरेश कुमार (निजी व्यक्ति) और एसबीआई के अन्य अज्ञात अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।

इन सभी पर आरोप था कि इन्होंने एक आपराधिक साजिश रचकर फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई, डेहरा से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन प्राप्त किया था। इसके बाद आरोपियों ने लोन की रकम वापस नहीं लौटाई और इस तरह बैंक के साथ बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

सीबीआई ने दाखिल की थीं कुल 39 अलग-अलग चार्जशीट

सीबीआई ने मामले की गहन तफ्तीश करने के बाद कोर्ट में भारी संख्या में आरोप पत्र दाखिल किए थे:

  • विशेष सीबीआई जज की अदालत में: बैंक अधिकारियों और निजी उधारकर्ताओं/व्यक्तियों के खिलाफ मामला-वार 20 अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई थीं।

  • विशेष मजिस्ट्रेट सह सीजेएम अदालत में: केवल निजी व्यक्तियों के खिलाफ 19 अन्य अलग-अलग चार्जशीट पेश की गई थीं।

ट्रायल के बाद अदालत ने सुनाया फैसला

माननीय अदालत ने पूरे मामले के ट्रायल (सुनवाई) के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त चार निजी व्यक्तियों को 06 जुलाई 2026 को दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को अदालत ने चारों दोषियों को दो-दो साल की कैद और जुर्माने की सजा मुकर्रर कर दी।

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