शहरों का कायाकल्प: हरित भविष्य की ओर बढ़ते कैपेसिटीज (CapaCITIES) के 10 बेमिसाल साल

आरएस अनेजा, 15 जुलाई नई दिल्ली - कैपेसिटीज (CapaCITIES) कार्यक्रम की एक दशक में हुई प्रगति का जश्न मनाते हुए, ICLEI दक्षिण एशिया और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम 'शहरी जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना: कैपेसिटीज की विरासत और आगे का रास्ता ' को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया गया।

कैपेसिटीज कार्यक्रम ने भारतीय शहरों को शहरी गवर्नेंस में कम कार्बन उत्सर्जन और जलवायु-लचीले विकास को मुख्यधारा में लाने के लिए ज्ञान, उपकरण और संस्थागत क्षमताएं प्रदान की हैं।

भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास द्वारा वित्त पोषित और वर्ष 2016 में शुरू की गई, भारत में कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास पर क्षमता निर्माण परियोजना (कैपेसिटीज) कार्यक्रम ने कम कार्बन और जलवायु-लचीले शहरी विकास को गति प्रदान की है। स्थानीय क्षमताओं को सीधे मजबूत करके, कार्यक्रम ने स्थानीय कार्रवाई को राष्ट्रीय मिशनों और राज्य-स्तरीय लक्ष्यों के साथ जोड़कर भारत के 2070 के शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन किया है।

यह पहल ICLEI साउथ एशिया, साउथ पोल और ईकॉन्सेप्ट की सहयोगी साझेदारी के माध्यम से कार्यान्वित की गई, जिसमें राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान ज्ञान भागीदार था। तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, उदयपुर और सिलीगुड़ी शहरों के साथ-साथ गुजरात और तमिलनाडु की राज्य सरकारों को इस परियोजना से सहायता प्राप्त हुई।

इस सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, महापौर, आयुक्त और इंजीनियर, 6 राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थानों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए, ताकि स्थानीय जलवायु क्षमताओं के निर्माण में एक दशक की समीक्षा की जा सके और शहरी सततता के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सके।

उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री गोपाल प्रसाद , भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड दूतावास की राजदूत सुश्री माया तिस्साफी, वडोदरा नगर निगम की महापौर सुश्री गीताबेन मकवाना , राजकोट नगर निगम की उप महापौर सुश्री दक्षाबेन वसानी , राष्ट्रीय शहरी मामलों का संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू और ICLEI के उप महासचिव और ICLEI दक्षिण एशिया के कार्यकारी निदेशक श्री इमानी कुमार उपस्थित थे। सत्र में शहरी भारत में स्थानीय स्तर पर संचालित जलवायु कार्रवाई को व्यापक बनाने और संस्थागत रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

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