हिमाचल विधानसभा: निजी भूमि पर बांस कटान शुल्क मुक्त करने की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
हिमाचल प्रदेश, 20 मार्च (अन्नू): हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में मांग की कि जिन किसानों ने अपनी निजी जमीन पर बांस के झुरमुट उगाए हैं, उनसे बांस काटने के बदले किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिए। विधायक ने तर्क दिया कि किसानों को अपनी ही फसल के लिए सरकारी महसूल देना अनुचित है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले ही गैर-वन भूमि पर उगने वाले बांस को 'वृक्ष' की श्रेणी से हटा दिया है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि निजी भूमि पर बांस की कटाई को शुल्क मुक्त करने के संबंध में उचित कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान से उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो बांस की खेती को अपनी आय का जरिया बनाना चाहते हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने एक व्यावहारिक चुनौती की ओर भी इशारा किया। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला बांस अभी भी 'वन उपज' के दायरे में आता है। परिवहन के दौरान यह पहचान करना मुश्किल हो जाता है कि बांस निजी जमीन का है या वन विभाग की भूमि का, इसलिए दुरुपयोग रोकने के लिए कुछ स्तर पर जांच और नियंत्रण अभी भी आवश्यक है। विधायक बिक्रम सिंह ने फिर भी जोर दिया कि प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि निजी उत्पादकों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।
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