रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट घोटाला: ED की बड़ी छापेमारी, 66.9 लाख नकद और 37 किलो चांदी बरामद
छत्तीसगढ़, 29 अप्रैल (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने 'भारतमाला योजना' के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हुए भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 28 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में 8 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 66.9 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा, 37.13 किलोग्राम चांदी की ईंटें व अन्य वस्तुएं, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
क्या है मामला?
यह जांच रायपुर के ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई है। मुख्य आरोपी तत्कालीन SDO (राजस्व), अभनपुर, रायपुर, निर्भय साहू और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि हाईवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर की गई और अवैध तरीके से मुआवजा हासिल किया गया।
कैसे दिया गया घोटाले को अंजाम?
ED की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की:
गलत मालिकाना हक: NHAI, रायपुर द्वारा धारा 3A के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद भी जानबूझकर जमीन का मालिकाना हक स्थानांतरित कर दिया गया।
रिकॉर्ड में हेरफेर: अधिसूचना जारी होने से पहले जमीन के कई छोटे-छोटे टुकड़े किए गए। इसके अलावा, खसरा रिकॉर्ड में तोड़-मरोड़ कर मुआवजे की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर प्राप्त किया गया।
यह अतिरिक्त मुआवजा 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) माना गया है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों ने अनुचित लाभ उठाया। ED इस मामले में आगे की गहन जांच कर रही है।
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