"नशा मुक्त भारत" का संकल्प: दिल्ली पुलिस की ANTF ने स्कूलों और झुग्गी बस्तियों में छेड़ा जागरूकता अभियान
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 27 अप्रैल 2026 को "नशा मुक्त भारत" के विजन को धरातल पर उतारने के लिए एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया। यह पहल केवल नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस ने सीधे समुदाय के बीच जाकर युवाओं और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का काम किया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति" और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प के अनुरूप, एलजी तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में चलाया गया।
अलग-अलग स्थानों पर चला सघन जागरूकता कार्यक्रम
इस अभियान के तहत क्राइम ब्रांच के निरीक्षकों ने समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद किया:
स्कूली विद्यार्थियों में जागरूकता: इंस्प. विजय दहिया ने हैप्पी पब्लिक स्कूल, दरियागंज में 110 छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया, वहीं इंस्प. विकास पन्नू ने रूप नगर स्थित निगम स्कूल में 200 छात्रों और शिक्षकों को NDPS एक्ट की कानूनी जटिलताओं और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बारे में जानकारी दी। छात्रों को "एंटी-ड्रग एंबेसडर" बनने के लिए प्रेरित किया गया।
नशा मुक्ति केंद्रों में संवाद: इंस्प. प्रवीण राठी ने शाहदरा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में 42 लोगों से बातचीत की। उन्होंने रिकवरी और समाज में पुन: जुड़ने का संदेश दिया और सभी को नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई।
झुग्गी बस्तियों में आउटरीच: इंस्प. नितेश कुमार ने अन्ना नगर की झुग्गी बस्तियों में जाकर 70 निवासियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों को ड्रग-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अभियान की मुख्य विशेषताएं
इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने कई अभिनव तरीके अपनाए:
MANAS हेल्पलाइन (1933): लोगों को 24/7 सहायता और रिपोर्टिंग के लिए 'मानस' हेल्पलाइन से परिचित कराया गया।
विजुअल स्टोरीटेलिंग: पोस्टर और ग्राफ़िक्स के माध्यम से नशे के भयावह परिणामों को दर्शाया गया।
प्रेरणात्मक संवाद: विशेषज्ञों ने भाषण देने के बजाय छात्रों और युवाओं को बेहतर जीवन विकल्प और लचीलापन (resilience) विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभा प्रदर्शन: नशा मुक्ति केंद्र के लोगों ने अपने कठिन दौर को साझा किया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया, जिसे उपस्थित अधिकारियों ने सराहा।
क्या कहना है पुलिस का?
क्राइम ब्रांच के डीसीपी (ANTF) राहूल अलवाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस का दृष्टिकोण दोतरफा है—तस्करों के खिलाफ कठोर प्रवर्तन (Enforcement) और समुदाय के भीतर गहरी जागरूकता। यह अभियान इस विश्वास का प्रमाण है कि एक नशा मुक्त समाज की नींव स्वस्थ और जागरूक नागरिकों से ही शुरू होती है।
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