प्रतापगढ़ इंस्पेक्टर हत्याकांड: दोषी जीशान खान को 10 साल की जेल, सीबीआई अदालत ने सुनाया फैसला

प्रतापगढ़, 04 मई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में तैनात रहे इंस्पेक्टर अनिल कुमार की गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत, लखनऊ ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, अदालत ने इस मामले के आरोपी जीशान खान को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ दोषी पर 9,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


क्या था पूरा मामला?


यह घटना 19 नवंबर 2015 की है, जब प्रतापगढ़ के कोतवाली थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर अनिल कुमार की होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सीबीआई के प्रेस नोट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर 29 जून 2018 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले स्थानीय स्तर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।


जांच और अदालती कार्यवाही


सीबीआई ने सघन जांच के बाद दो आरोपियों—जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ट्रायल के दौरान आरोपी जीशान खान ने 4 अप्रैल 2026 को अपना जुर्म स्वीकार करते हुए एक लिखित आवेदन दिया था। इसके बाद उसकी फाइल को मुख्य केस से अलग कर नया केस नंबर आवंटित किया गया था।



जुर्म की स्वीकारोक्ति बनी सजा का आधार


विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, लखनऊ ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और दोषी जीशान खान द्वारा दिए गए इकबालिया बयान को आधार मानते हुए 2 मई 2026 को अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने उसे इंस्पेक्टर की गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए कानून के तहत सजा मुकर्रर की। यह फैसला लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।


#CBIPressRelease #PratapgarhNews #InspectorMurderCase #CBICourtDecision #JusticeServed #UPPolice #CBIInvestigation #LawAndOrder #DanikKhabar

Previous

इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित होगा ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Next

कैथल में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़: 5 हजार का इनामी 'कोहली' गिरफ्तार, पैर में लगी गोली