भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय: रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन से भेंट की। गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर उनका पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक माने जाने वाले पारंपरिक माओरी अनुष्ठान शामिल थे। पारंपरिक स्वागत समारोह के उपरांत प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमित एवं प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूपों में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। उनकी वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि-प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति तथा जन-से-जन संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के समूचे आयाम शामिल रहे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की, जो भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय का प्रतीक है।
उन्होंने पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता के उपरांत दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलसर्वेक्षण, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी तथा महासागर अनुसंधान के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों एवं सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया। परिणामों की सूची यहाँ देखी जा सकती है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी की भावी दिशा पर एक संयुक्त वक्तव्य भी अंगीकृत किया.
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मिलकर सीईओ और बिजनेस लीडर्स के एक चुनिंदा समूह के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के नए अवसर खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवं कुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर तथा निरंतर हो रहे आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।
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