एनएचएआई की नई पहल : अब और अधिक स्मार्ट और हाई-टेक होगी 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन!
आरएस अनेजा, 15 सितंबर नई दिल्ली - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई ) राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को त्वरित और बेहतर सहायता प्रदान करने के लिए अपनी मौजूदा 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन को उन्नत तकनीक से लैस करने की योजना बना रहा है। उन्नत 1033 हेल्पलाइन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), वास्तविक समय में स्थान ट्रैकिंग और स्मार्ट आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
इन सुधारों से 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन को कॉल करने वालों के स्थान का पता लगाने, विभिन्न भारतीय भाषाओं में कॉल को समझने और सही सहायता को शीघ्रता से उस स्थान तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मानवीय ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी, विशेष रूप से आपातस्थितियों में जहां मानवीय निर्णय और विवेक आवश्यक होते हैं।
1033 हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करती है।
1033 हेल्पलाइन वर्ष 2018 में शुरू की गई थी और यह 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं की निम्नलिखित मामलों में सहायता करती है:
चिकित्सा संबंधी आपातस्थिति।
वाहन खराब हो जाना।
एम्बुलेंस, क्रेन और गश्ती वाहनों से सहायता।
टोल प्लाजा और फास्टैग से संबंधित समस्याएं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करते समय आने वाली अन्य समस्याएं।
यह हेल्पलाइन वर्तमान में 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है और प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त करती है। यह कई भाषाओं में सहायता भी प्रदान करती है।
नई प्रणाली से क्या सुधार होगा?
नेक्स्ट जेनरेशन 1033 प्लेटफॉर्म का उद्देश्य निम्नलिखित लाभ प्रदान करना है:
शीघ्र सहायता: कॉल प्राप्त करने और आवश्यक स्थान पर सहायता भेजने के लिए बेहतर प्रणालियां।
स्थान की पहचान: आपातकालीन टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में मदद करने के लिए कॉल करने वाले के स्थान को वास्तविक समय में कैप्चर करना।
बहुभाषी सहायता: विभिन्न भारतीय भाषाओं में कॉल का प्रबंधन करने में एआई की सहायता।
स्मार्ट डिस्पैच: सबसे उपयुक्त एम्बुलेंस, क्रेन या गश्ती वाहन की पहचान करने और भेजने में मदद करने वाली बुद्धिमान प्रणालियां।
सक्रिय चेतावनी: राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को घटनाओं और अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में समय पर सलाह देना।
बेहतर समन्वय: हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं और राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन टीमों के बीच बेहतर समन्वय।
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