ED की बड़ी कार्रवाई: NTPC के पूर्व एजीएम की 3.15 करोड़ की संपत्ति कुर्क; आय से अधिक संपत्ति मामले में भोपाल जोनल ऑफिस ने कसा शिकंजा

भोपाल/सिंगरौली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल ऑफिस ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एनटीपीसी (NTPC) विंध्यनगर, सिंगरौली के पूर्व एडिशनल जनरल मैनेजर (बिजनेस एक्सीलेंस) राकेश कुमार उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी करीब 3.15 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया गया है।

यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

CBI की एफआईआर और चार्जशीट के बाद ED ने दर्ज किया केस

ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। CBI का यह मामला राकेश कुमार उपाध्याय द्वारा 23 सितंबर 2007 से 30 नवंबर 2019 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है।

शुरुआत में CBI की एफआईआर में यह बेनामी संपत्ति 1.39 करोड़ रुपए (52.95%) आंकी गई थी, जिसे बाद में चार्जशीट में संशोधित कर 1.16 करोड़ रुपए कर दिया गया, जो उनकी वैध आय का 76.57% हिस्सा है।

बैंक खातों में कैश डिपॉजिट और फिक्स डिपॉजिट का खेल

ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, आरोपी ने कई बैंक खाते खोल रखे थे, जिनमें सुनियोजित तरीके से कुल 40.37 लाख रुपए का कैश डिपॉजिट किया गया। इसके बाद इन पैसों को एक खाते से दूसरे खाते में बार-बार ट्रांसफर (लेयरिंग) किया गया।

इस हेरफेर के जरिए अंततः 1.88 करोड़ रुपए की एक बड़ी फिक्स डिपॉजिट (FD) तैयार की गई। जांच में यह भी सामने आया कि वाराणसी के चितईपुर स्थित राजीव नगर में बना एक आवासीय मकान भी इसी अवधि के दौरान कमाए गए अवैध पैसों से फाइनेंस किया गया था।

वाराणसी का मकान और करोड़ों की एफडी कुर्क

ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बाद कुल 3.15 करोड़ रुपए की जिन संपत्तियों को कुर्क किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • आवासीय मकान: वाराणसी के राजीव नगर स्थित मकान, जिसकी कीमत लगभग 1.26 करोड़ रुपए है।

  • फिक्स डिपॉजिट (FD): बैंक खातों में जमा 1.88 करोड़ रुपए की एफडी।

ED ने इन संपत्तियों को अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) मानते हुए जब्त किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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