ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹93 करोड़ के धन-शोधन मामले में प्रमोटर सतिंदर सिंह भसीन गिरफ्तार, 6 जून तक हिरासत में भेजा
लखनऊ, 1 जून (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट धोखाधड़ी और धन-शोधन (Money Laundering) के मामले में मुख्य प्रमोटर को गिरफ्तार किया है. ईडी ने 29 मई 2026 को 'भसीन इन्फोटेक एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड' (BIIPL) और 'ग्रैंड वेनेज़िया कमर्शियल टावर्स प्राइवेट लिमिटेड' (GVCTPL) के प्रमोटर सतिंदर सिंह भसीन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें माननीय विशेष पीएमएलए न्यायालय, गाज़ियाबाद के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने आरोपी को 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत (Remand) में भेज दिया है.
समय पर डिलीवरी का वादा कर निवेशकों से जुटाए ₹93.23 करोड़
ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पूरी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों (FIRs) के आधार पर शुरू की गई थी. यह एफआईआर आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों में सतिंदर सिंह भसीन, उनकी पत्नी कीर्ति भसीन व अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी रियल एस्टेट परियोजनाओं में आम निवेशकों से वाणिज्यिक इकाइयों (Commercial Units) की समय पर डिलीवरी देने का झांसा देकर ₹93.23 करोड़ की भारी-भरकम राशि इकट्ठा की थी. हालांकि, निवेशकों से किए गए ये वादे कभी पूरे नहीं किए गए और न ही उन्हें संपत्तियां सौंपी गईं.
परियोजनाओं में लगाने के बजाय सहयोगी कंपनियों के जाल में डायवर्ट किया पैसा
ईडी की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आम निवेशकों से जुटाई गई करोड़ों रुपए की इस धनराशि को तय वादे के मुताबिक परियोजनाओं के निर्माण व विकास कार्य में इस्तेमाल नहीं किया गया. इसके विपरीत, प्रमोटरों ने इस पैसे को अपनी समूह कंपनियों (Group Companies) और अन्य सहयोगी संस्थाओं के एक जटिल जाल में इधर-उधर घुमाकर पूरी तरह से विपथित (Divert) कर दिया.
दिल्ली, नोएडा व गोवा में छापेमारी; ₹44 करोड़ की रिहायशी संपत्ति भी कुर्क
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई कड़े कदम उठा चुकी है:
छापेमारी और जब्ती: इससे पहले अप्रैल 2025 में ईडी ने पीएमएलए के तहत दिल्ली, नोएडा और गोवा में आरोपियों से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर सघन तलाशी ली थी. उस कार्रवाई के दौरान कई अपराध-संकेती (Incriminating) दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और लगभग ₹36 लाख की नकदी जब्त की गई थी.
संपत्ति कुर्की: इसी मामले में आगे बढ़ते हुए ईडी ने पीएमएलए के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है. इसके अंतर्गत पश्चिमी दिल्ली के पॉश इलाके राजौरी गार्डन में स्थित सतिंदर सिंह भसीन के एक आलीशान रिहायशी मकान को भी अनंतिम (Provisional) रूप से कुर्क (Attach) कर लिया था. कुर्क की गई इस संपत्ति का मौजूदा बाजार मूल्य करीब ₹44.06 करोड़ आंका गया है.
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे नेक्सस और मनी ट्रेल को पूरी तरह से खंगालने के लिए मामले की आगे की जांच गहनता से चल रही है.
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