ईडी की बड़ी कार्रवाई: मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; 1,047 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड का मामला

बेंगलुरु/नई दिल्ली, 08 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड (M/s DCIL), इसके पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) के. वेंकटेश्वर राव और अन्य सहयोगियों के खिलाफ प्रधान नगर नागरिक एवं सत्र न्यायालय (बेंगलुरु) में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint / चार्जशीट) दाखिल की है।

ईडी द्वारा 07 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

आरोपियों की सूची

ईडी ने इस मामले में कंपनी सहित निम्नलिखित 11 संस्थाओं और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है:

  1. मेसर्स दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड (M/s DCIL)

  2. के. वेंकटेश्वर राव (पूर्व प्रबंध निदेशक, DCIL)

  3. श्रीमती सत्यवती बल्ला (पूर्व निदेशक, DCIL)

  4. मेसर्स सूर्या ट्रांसमिशन लिमिटेड

  5. मेसर्स आधुनिक पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड

  6. मेसर्स अमृता कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड (ACPL)

  7. पी. वेंकटेश्वर राव (प्रबंध निदेशक, ACPL)

  8. मेसर्स केजीएन इलेक्ट्रिकल्स

  9. मोहम्मद इद्रेस (पार्टनर, केजीएन इलेक्ट्रिकल्स)

  10. मेसर्स शरावती कंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (SCPL)

  11. कारदम पटेल (प्रबंध निदेशक, SCPL)

बैंकों को 1,047 करोड़ रुपये से अधिक का पहुंचाया चूना

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) धोखाधड़ी: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, SAMB बेंगलुरु की शिकायत पर सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। आरोप है कि DCIL और इसके प्रमोटरों ने धोखाधड़ी कर एसबीआई को 899.35 करोड़ रुपये (ब्याज और कानूनी खर्चों सहित) का नुकसान पहुंचाया।

  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी: सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ भी धोखाधड़ी कर 147.93 करोड़ रुपये के फंड की हेराफेरी की।

फर्जी बिक्री/खरीद और फंड डायवर्जन का खेल

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि एल्युमिनियम कंडक्टर्स और पावर ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली कंपनी DCIL ने बैंकों के कंसोर्टियम (समूह) से फर्जी वित्तीय रिकॉर्ड और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए आंकड़ों के आधार पर क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं।

  • फर्जी लेनदेन: कंपनी ने बिना किसी सामान की डिलीवरी/आवाजाही के मेसर्स सूर्या ट्रांसमिशन, आधुनिक पावर, अमृता कंस्ट्रक्शंस, केजीएन इलेक्ट्रिकल्स और शरावती कंडक्टर्स जैसी संबंधित और गैर-संबंधित कंपनियों के साथ फर्जी खरीद-बिक्री के सौदे दिखाए।

  • संपत्तियों की खरीद: अपराध से अर्जित इस राशि (Proceeds of Crime) को प्रमोटरों/निदेशकों के व्यक्तिगत खातों और संबंधित कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इस राशि का उपयोग अचल संपत्तियों को खरीदने और आईडीएफसी लिमिटेड व एसेंट इंडिया फंड्स से अपनी ही कंपनी के शेयर बाय-बैक (Buy-back) करने में किया गया।

एमडी गिरफ्तार, 51.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क

  • पूर्व एमडी की गिरफ्तारी: मामले में गहन जांच के बाद ईडी ने पूर्व एमडी के. वेंकटेश्वर राव को 02 जून 2026 को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

  • संपत्ति जब्ती: ईडी ने 30 जुलाई 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी कर आरोपियों के नाम पर दर्ज लगभग 51.28 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से जब्त (Provisionally Attached) कर लिया है।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार मामले में आगे की कानूनी जांच अभी जारी है।

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