ऊर्जा और भविष्य की साझेदारी: भारत और श्रीलंका ने नई दिल्ली में विद्युत सहयोग को दी नई रफ्तार

आरएस अनेजा, 8 अगस्त नई दिल्ली - भारत और श्रीलंका ने आज नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान विद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने किया, जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के पत्तन और नागरिक उड्डयन मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलके ने किया।

मंत्रियों ने प्रस्तावित भारत-श्रीलंका एचवीडीसी इंटरकनेक्शन और संपूर सोलर पावर प्रोजेक्ट सहित चल रही द्विपक्षीय पहलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव का समर्थन करने के उद्देश्य से सीमा पार विद्युत व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के रूप में टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) ढांचे के माध्यम से ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास में अपने अनुभव को भी साझा किया।

दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और सतत विकास तथा क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए विद्युत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

मनोहर लाल ने लंबे समय से चली आ रही भारत-श्रीलंका ऊर्जा साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। माननीय अनुरा करुणातिलके ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को और अधिक विस्तार देने की श्रीलंका की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक में विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में भारत में श्रीलंका की उच्च आयुक्त महामहिम महिशिनी कोलोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

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