सुनो भाइयों, सुनो भाइयों कथा सुनों 1857 की... आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीदी स्मारक का वॉकथ्रू वीडियो जारी

सुनो भाइयों, सुनो भाइयों कथा सुनों 1857 की, कान खोलकर सुनों कथा, कथा है क्रांति के पहले सावन की, अंग्रेजों की धूप कड़ी धरती पर थी आफत, 1857 की गर्मी पाकर खिल उठी थी बगावत, बात-बात पर भारत जुड़ गया बने सभी एक सूत, रोटी और कमल का फूल बन गए क्रांति के दूत….

सन् 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीदी स्मारक अपने निर्माण के अंतिम चरणों में है जिसका वॉकथ्रू जारी हो चुका है। स्मारक के अंदर क्या-क्या होगा इसकी संपूर्ण जारी वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाई गई है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से बन रहा यह शहीदी स्मारक 1857 के शहीदों को समर्पित पहला ऐसा स्मारक है जहां आडियो, वीडियो, वर्चुअल एवं अन्य माध्यमों से इतिहास को जीवंत किया जाएगा। जीटी रोड पर 22 एकड़ में फैले स्मारक में पहले स्वाधिनता संग्राम को प्रदर्शित किया जाएगा, यह बताया जाएगा कि कैसे स्वाधीनता की चिंगारी अम्बाला कैंटोनमेंट से फूटी जिसके बाद देशभर में फैली

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