जयपुर: पास्टर रवि मोहन पहाड़िया पर ईडी का बड़ा शिकंजा; बिना FCRA विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़

जयपुर, 22 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED), जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के प्रावधानों के तहत 21 अगस्त 2026 को जयपुर में 2 परिसरों पर गहन तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई बिना FCRA पंजीकरण के और घोषित उद्देश्यों से हटकर ₹2 करोड़ से अधिक के विदेशी दान के दुरुपयोग के संबंध में की गई है।

ईडी ने खुफिया जानकारी के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि 'होप मिनिस्ट्री' से जुड़े एक प्रोटेस्टेंट मिशनरी पास्टर रवि मोहन पहाड़िया को मुख्य रूप से अमेरिका स्थित दाता थॉमस यूजीन लिंच से लगभग ₹2.20 करोड़ की विदेशी धनराशि अवैध रूप से प्राप्त हो रही थी। इस राशि का उपयोग जयपुर में एससी-वाल्मीकि और दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल इलाकों में एसटी-भील समुदायों के बीच धर्मांतरण गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

निजी संपत्ति, विदेश यात्राओं पर उड़ाए पैसे; डिजिटल उपकरण व दस्तावेज जब्त:

  • फर्जी उद्देश्यों का सहारा: जांच में खुलासा हुआ कि रवि मोहन पहाड़िया और उनकी पत्नी गुंजन शर्मा ने बिजनेस, मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, पब्लिक रिलेशंस और पारिवारिक रखरखाव के नाम पर लगभग ₹2.34 करोड़ की विदेशी निधि प्राप्त की, जिसका अधिकांश हिस्सा अमेरिकी दाता थॉमस ई. लिंच से आया था।

  • अवैध दान और संपत्तियों की खरीद: पास्टर रवि मोहन पहाड़िया ने बिना FCRA अनुमति के कुल ₹2.88 करोड़ का भारी विदेशी दान प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उसने निजी खर्चों, विदेश यात्राओं और अपने नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया।

  • विदेशी नागरिकों से संबंध: शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लगातार विदेशी नागरिकों के संपर्क में था और उनके निर्देशों पर विभिन्न राज्यों में वंचितों व आदिवासियों के बीच धर्मांतरण के लिए धार्मिक सभाएं आयोजित कर रहा था।

  • दस्तावेज जब्त: छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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