भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को रोशन करने की ओर बढ़ते कदम

आरएस अनेजा, 20 मार्च नई दिल्ली - भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय बिजली मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई गई।

इस बैठक की सह-अध्यक्षता बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने की। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, बिजली सचिव श्री पंकज अग्रवाल, सचिव (MNRE) श्री संतोष कुमार सारंगी, और विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि BES 2026 'विकसित भारत 2047' के विज़न को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के लिए बिजली मौलिक आवश्यकता है, उन्होंने भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला—जैसे 520 GW से अधिक की स्थापित क्षमता, DISCOM के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाना, और बिजली की कमी में कमी आना।

उन्होंने सस्ती और कुशल बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव की गति तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा की क्षमता का भी उल्लेख किया और 'SHANTI Act' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मनोहर लाल ने राज्यों को आवश्यक सुधारों को लागू करने में केंद्र की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, जिसमें कानूनी और प्रशासनिक उपाय भी शामिल हैं।

श्रीपाद नाइक ने बिजली क्षेत्र में बदलाव लाने में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला, और स्मार्ट मीटरिंग को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आधी स्थापित क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, और उन्होंने नई मसौदा 'राष्ट्रीय बिजली नीति' के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें 'विकसित भारत @ 2047' के विज़न को हासिल करने की रणनीतियां बताई गई हैं।

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