अवैध रेत खनन घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई; हैदराबाद, जयपुर और कोयंबटूर के 8 ठिकानों पर छापेमारी, ₹1.53 करोड़ कैश और चांदी की ईंटें बरामद
हैदराबाद/जयपुर, 30 मई (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय अवैध रेत खनन घोटाले में चौतरफा कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने देश के तीन बड़े राज्यों के शहरों— हैदराबाद, जयपुर और कोयंबटूर में स्थित कुल 8 अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) को अंजाम दिया है।
ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह छापेमारी रेत खनन के ठेकों और समझौतों में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली दिग्गज कंपनियों और उनके प्रमोटरों के ठिकानों पर की गई है।
इन दिग्गज कंपनियों और रसूखदारों के ठिकानों पर पड़ा छापा
ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, जांच एजेंसी ने जिन कंपनियों के आधिकारिक परिसरों (ऑफिसों) को खंगाला है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मैसर्स जीसीकेसी प्रोजेक्ट्स एंड वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s GCKC Projects and Works Pvt. Ltd.)
मैसर्स प्रतिभा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (M/s Prathima Infrastructure Ltd.)
मैसर्स टर्नकी एंटरप्राइजेस प्राइवेट लिमिटेड (M/s Turnkey Enterprises Pvt. Ltd.)
इसके अतिरिक्त, इस रैकेट से जुड़े मुख्य आरोपियों— बोइनपल्ली श्रीनिवास राव, अशोक कुमार और वी.जी. वेंकटा रेड्डी के हैदराबाद व जयपुर स्थित रिहायशी मकानों (आवासों) तथा बोइनपल्ली श्रीनिवास राव के एक आलीशान फार्म हाउस पर भी सघन छापेमारी की गई है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एफआईआर से खुली घोटाले की परतें
ईडी की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस धन शोधन मामले की जांच आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले (विजयवाड़ा) की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर खान एवं भूविज्ञान विभाग के तत्कालीन निदेशक वी.जी. वेंकटा रेड्डी, मैसर्स जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (M/s JPVL), मैसर्स प्रतिभा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैसर्स जीसीकेसी प्रोजेक्ट्स के खिलाफ अवैध रेत खनन, निविदाओं (टेंडर्स) के प्रावधानों के उल्लंघन और अवैध समझौतों के आरोपों में दर्ज की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने पकड़ी थी चोरी; ₹2407.70 करोड़ का डिमांड नोटिस
ईडी की तफ्तीश में सामने आया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित 'जिला स्तरीय रेत समितियों' (DSLC) ने जब रेत खदानों का औचक निरीक्षण किया था, तो दो बड़े पैमाने की अवैध चोरियां पकड़ी गई थीं:
नियमों की धज्जियां: इन कंपनियों द्वारा तय की गई स्वीकृत गहराई से कहीं ज्यादा नीचे जाकर अवैध रूप से रेत की खुदाई की जा रही थी।
अवैध क्षेत्रों में खनन: उन संवेदनशील इलाकों से भी रेत निकाली जा रही थी जो खनन के लिए अलॉट (स्वीकृत) ही नहीं थे।
इस व्यापक अवैध उत्खनन के बाद खान एवं भूविज्ञान निदेशक कार्यालय ने जांच के दायरे में आई तीनों कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इसके बाद, विभाग द्वारा इन तीनों संस्थाओं पर कुल ₹2407.70 करोड़ का भारी-भरकम डिमांड नोटिस (जुर्माना) ठोक दिया गया था।
छापेमारी में मिले कुबेर के खजाने: करोड़ों का कैश, डॉलर और चांदी जब्त
ईडी की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस 8 ठिकानों पर चली मैराथन छापेमारी के दौरान जांच दल को बड़े पैमाने पर बेहिसाबी बेनामी संपत्ति और दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया है:
भारतीय मुद्रा: ₹1.53 करोड़ की नकद (कैश) भारतीय करेंसी।
विदेशी मुद्रा: 1800 अमेरिकी डॉलर (USD) नकद।
चांदी का खजाना: ₹1.29 करोड़ मूल्य की शुद्ध चांदी की ईंटें/शिल्प (Silver Bullion)।
डिजिटल सबूत: कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल और कंप्यूटर हार्ड डिस्क।
बेनामी संपत्ति के कागजात: आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों के कई आपत्तिजनक दस्तावेज।
प्रवर्तन निदेशालय ने प्रेस रिलीज के अंत में साफ किया है कि इस पूरे सिंडिकेट में शामिल बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के गठजोड़ को पूरी तरह बेनकाब करने के लिए आगे की कानूनी जांच बहुत तेजी से प्रगति पर है।
#EDRaid #SandMiningScam #MoneyLaundering #HyderabadNews #JaipurNews #DanikKhabar #PrathimaInfrastructure #GCKCProjects #BoinipallySrinivasRao #EDPressRelease #AndhraSandScam
Previous
CBDT का अभियान ‘PRARAMBH 2026’: नवसारी में आयकर विभाग और ICAI ने किया आउटरीच प्रोग्राम, नए 'आयकर अधिनियम 2025' की बारीकियों पर हुआ मंथन
Next