यदि मालेगांव के झूठे मामले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक पूजनीय मोहन भागवत जी को कोई छू भी देता तो देश में आग लग जाती - अनिल विज

अनिल विज, अंबाला छावनी, 2 अगस्त 2025

हरियाणा सरकार के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने कहा है कि यदि मालेगांव के झूठे मामले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक पूजनीय मोहन भागवत जी को कोई छू भी देता तो देश में आग लग जाती । आदरणीय मोहन भागवत जी विश्व की सबसे बड़ी संस्था के प्रमुख हैं जो देश को परम वैभव पर पहुंचाने और लोगों में चरित्र निर्माण तथा देशभक्ति की भावना भरने के लिए सतत प्रयास कर रही है ।

इतना बड़ा षडयंत्र बिना उस वक्त की सरकार के इशारे के बिना नहीं किया जा सकता । उस समय केंद्र में और महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी

एटीएस के एक पूर्व अधिकारी महबूब मुजावर ने दावा किया है कि उन पर मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया गया था।

 मुजावर के अनुसार, यह आदेश उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया था और इसका उद्देश्य "भगवा आतंकवाद" की थ्योरी को स्थापित करना था।

भगवा आतंकवाद" या "हिंदू आतंकवाद" शब्द का इस्तेमाल पहली बार 2008 के मालेगांव बम धमाके के बाद चर्चा में आया था।

 उस समय की कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया और हिंदू संगठनों को बदनाम करने की कोशिश की।

 कांग्रेस के कई नेताओं ने भी इन शब्दों का प्रयोग किया था, जिस पर विवाद हुआ था। भारत में भगवा आतंकवाद नहीं हो सकता भारत में तो भगवा आशीर्वाद होता है । इसी से इस देश में ज्ञान की गंगा बहती है ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत का एक प्रमुख हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है, जिसे अक्सर 'संघ' के नाम से भी जाना जाता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन महाराष्ट्र के नागपुर में की थी। शुरुआत में यह एक छोटे समूह के रूप में शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे यह भारत का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन गया, जिसकी शाखाएं देश और दुनिया के कई हिस्सों में फैली हुई हैं।

संघ अपनी दैनिक 'शाखाओं' के लिए जाना जाता है, जहाँ स्वयंसेवक शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत होने का प्रशिक्षण लेते हैं।

संघ और उससे जुड़े संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम करते हैं।

संघ का उद्देश्य भारत को एक 'परम वैभवशाली' राष्ट्र बनाना है।

स्वयंसेवकों को अनुशासन, देशभक्ति और सेवाभाव जैसे मूल्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

संघ एक गैर-राजनीतिक संगठन है लगभग उससे जुड़े 48 प्रमुख संगठन संघ की विचारधारा से प्रेरित हो कर भिन्न भिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं ।

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