'चिप्स से शिप्स' तक: भारत-दक्षिण कोरिया की ऐतिहासिक 'भविष्योन्मुखी साझेदारी'

आरएस अनेजा, 20 अप्रैल नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को "चिप्स से शिप्स" (Semiconductors to Ships) तक विस्तारित करने पर जोर दिया और इसे 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' बताया है।

उन्होंने नई दिल्ली में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के बाद यह बयान दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 27 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि "विकसित भारत 2047" के संकल्प को साकार करने में कोरिया एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

भारत और कोरिया ने 25 प्रमुख परिणामों की घोषणा की, जिसमें मुख्य रूप से रक्षा, जहाज निर्माण (shipbuilding), सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और समुद्री रसद (maritime logistics) में सहयोग शामिल है। रक्षा, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग के लिए दोनों देशों ने 'इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग' शुरू करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने अयोध्या की राजकुमारी सुरूiratna और कोरिया के राजा किम सुरो का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते हजारों साल पुराने हैं, जिसे और मजबूत करने के लिए 2028 में 'भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री महोत्सव' आयोजित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कोरिया 'इंटरनेशनल सोलर अलायंस' (ISA) और 'इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव' से जुड़ रहा है।

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