09/05/26

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: ₹1.22 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 09 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच (ISC) ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के तीन बड़े मामलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इन मामलों में ठगों ने आईपीओ (IPO) निवेश, "डिजिटल अरेस्ट" और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर मासूम लोगों से ₹1.22 करोड़ से अधिक की ठगी की थी। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस जांच के दौरान अलग-अलग राज्यों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने और बैंकिंग चैनल्स को संभालने का काम कर रहे थे।



फेक आईपीओ और स्टॉक मार्केट घोटाला

पहले मामले में, लक्ष्मी नगर के एक निवासी से व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से फर्जी स्टॉक मार्केट और आईपीओ फंडिंग स्कीम के नाम पर ₹46.66 लाख की ठगी की गई। जालसाजों ने पीड़ित को फर्जी प्रॉफिट दिखाकर भारी रिटर्न का लालच दिया था। जांच में पता चला कि इस रकम का एक हिस्सा गुजरात के सूरत स्थित 'राधे ऑटोमोटिव एंड डिटेलिंग' के बैंक खाते में गया था। पुलिस ने इस खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता राजेश रत्नभाई हड़िया को सूरत से गिरफ्तार किया है। उसने स्वीकार किया कि वह कमीशन के बदले धोखाधड़ी के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था।


डिजिटल अरेस्ट के जरिए मनोवैज्ञानिक दबाव

दूसरे मामले में, जालसाजों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और ट्राई (TRAI) के अधिकारी बताकर एक महिला को लंबे समय तक "डिजिटल अरेस्ट" में रखा। आरोपियों ने फर्जी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट के जाली दस्तावेज और गिरफ्तारी वारंट दिखाकर महिला को डराया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। गिरफ्तारी के डर से पीड़ित ने ₹36.19 लाख ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के कोटा से मुसावीर खान को गिरफ्तार किया है, जो अपने सीए-संबंधित परामर्श सेटअप के माध्यम से ठगी के पैसे को रूट करने के लिए कई खाते संचालित कर रहा था।


फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा

तीसरे मामले में, गगन विहार एक्सटेंशन के एक व्यक्ति को फॉरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए ₹40.12 लाख का चूना लगाया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए पीड़ित को छोटी रकम निकालने की अनुमति दी गई, लेकिन बाद में बड़ी निकासी के नाम पर भारी टैक्स और शुल्क मांगे गए। इस मामले की तकनीकी जांच के बाद भोपाल, मध्य प्रदेश से शुभम राठौर को गिरफ्तार किया गया। शुभम के खाते में ₹1.38 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है। उसने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता महज ₹50,000 के कमीशन पर किसी अन्य साथी को बेच दिया था। दिल्ली पुलिस अब इन सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।



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