14/09/25

सरकार हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 14 सितंबर (अभी): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने के लिए राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। राज्य सरकार हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्थानीय सैनी शिक्षण संस्थान के 75वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण की भावना से किए जा रहे सराहनीय योगदान के लिए संस्थान को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाते हुए गौरवशाली 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 10 मई, 1941 को इसी शहर की एक चौपाल में सैनी प्राथमिक विद्यालय से संस्थान की शुरुआत हुई थी और महात्मा ज्योतिबा फुले के "कर्म ही पूजा है" के संदेश पर चलते हुए आज 75 वर्ष बाद समाज ने अभूतपूर्व प्रगति की है।

 

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा सदन का उद्घाटन और सैनी पब्लिक स्कूल के नए भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले और भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले, सैनी समाज के रत्न हैं। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया और कमज़ोर वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने बालिका शिक्षा, विधवा विवाह और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर आवाज़ उठाई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार, संत श्री लिखमीदास जी, बल्लभगढ़ रियासत के सेनापति गुलाब चंद सैनी, बिहार के सामाजिक क्रांतिकारी बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद कुशवाहा और चंडीगढ़ में रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद सैनी भी इसी समाज की देन हैं। सैनी समाज का स्वतंत्रता आंदोलन में भी बड़ा योगदान रहा है। इस समाज ने आज़ाद हिंद फौज के सिपाही सरदार मेहंगा सिंह सैनी, अजीत सिंह सैनी और हरि सिंह सैनी जैसे स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश में सभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित किया गया है। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट वितरण और ई-लर्निंग को बढ़ावा दिया गया है। "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान को अमल में लाते हुए छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन, छात्रवृत्ति और स्वच्छता जैसी सुविधाओं में वृद्धि की गई है। प्रत्येक ब्लॉक में उत्कृष्ट मॉडल स्कूलों की स्थापना, बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल की शिक्षा प्रदान करना, कौशल विकास कार्यक्रमों को स्कूल स्तर से जोड़ना और उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य के सभी 22 जिलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं और 5,000 से अधिक स्कूलों को वाई-फाई कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 5 लाख टैबलेट वितरित किए गए हैं, लगभग 40,000 कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं और 1,201 आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मेधावी विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग के साथ-साथ अनेक छात्रवृत्ति योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं। सुपर-100 कार्यक्रम के तहत 534 बच्चों ने आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। शिक्षा के माध्यम से समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को सशक्त बनाया जा सकता है।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक स्कूल फीस से छूट दी गई है, साथ ही ऐसे परिवारों की बेटियों की कॉलेज और विश्वविद्यालय की फीस भी माफ कर दी गई है।

 

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