ED का बड़ा एक्शन: ड्रग्स और टेरर फंडिंग मामले में मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार गिरफ्तार, दिल्ली के नाइट क्लबों में लगाया पैसा

नई दिल्ली, 27 जून (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हेरोइन (ड्रग्स) के अवैध आयात, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग (आतंकी फंडिंग) के मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई की गई है. ईडी की 'हेडक्वार्टर्स इन्वेस्टिगेशन यूनिट' ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत दिल्ली के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस कार्रवाई के बाद ईडी ने ड्रग्स सिंडिकेट के मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार कर लिया है और उसे तीस हजारी कोर्ट परिसर स्थित विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है.

टैल्कम पाउडर की आड़ में मंगवाई जा रही थी हेरोइन, NIA की चार्जशीट पर ED ने शुरू की जांच

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा यूएपीए (UAPA), एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. एनआईए ने इस मामले में कुल 6 चार्जशीट दाखिल की हैं.

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार, अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग सिंडिकेट के मास्टरमाइंड विताश कोसर उर्फ 'राजू दुबई', पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के एजेंटों और अफगानी नागरिकों के साथ मिलकर भारत में ड्रग्स की तस्करी कर रहा था. ये लोग सेमी-प्रोसेस्ड टैल्कम पाउडर (Talc) के आयात की आड़ में छिपाकर भारी मात्रा में हेरोइन भारत मंगवाते थे.

74 करोड़ की हवाला ट्रांजैक्शन से हुई टेरर फंडिंग

प्रेस रिलीज के अनुसार, ईडी की वित्तीय जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मादक पदार्थों (Narcotic Drugs) की अवैध बिक्री से होने वाली काली कमाई से 74 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हवाला (Hawala) के जरिए अफगानिस्तान भेजी गई. इस पैसे का सीधा इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों (Terrorist Activities) की फंडिंग के लिए किया जा रहा था.

काली कमाई का 'कन्फर्म' ठिकाना: दिल्ली के प्लेबॉय, व्हाइट क्लब और मंकी हाउस में इन्वेस्टमेंट

ईडी की जांच में यह बेहद हैरान करने वाला ट्रेंड सामने आया है कि ड्रग्स की तस्करी से मिले 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' को ठिकाने लगाने के लिए हरप्रीत सिंह तलवार ने दिल्ली के सबसे नामचीन और महंगे नाइट क्लबों तथा लाउंज में करोड़ों रुपये का निवेश किया.

  • इन नाइट क्लबों में लगा पैसा: हरप्रीत ने अपने करीबियों और कर्मचारियों के नाम पर कई फर्जी (बेनामी) फर्में रजिस्टर्ड करवाईं. इस पैसे को दिल्ली के प्रसिद्ध प्लेबॉय क्लब (Play boy club), व्हाइट क्लब दिल्ली (White club Delhi), RSVP नाइट क्लब, जस्बा लाउंज (Jasba Lounge), वेलवेट रूम (Velvet Room) और एलआईटी लाउंज (LIT lounge) में इन्वेस्ट किया गया.

  • गिरफ्तारी के बाद भी बदला खेल: एनआईए द्वारा गिरफ्तारी के बाद भी जब जांच चल रही थी, तब हरप्रीत ने अपने बिजनेस पार्टनर मचेरी परंबा शम्सुद्दीन उर्फ सुहैल अहमद के नाम पर शेयर ट्रांसफर कर दिए, जिसने इस पैसे को इरोस होटल स्थित 'मंकी हाउस' (Mnky Houz) और अशोका होटल स्थित 'सोहो क्लब' (Soho Club) में निवेश किया. इस पूरे नेटवर्क के जरिए उसने लगभग 1.65 करोड़ रुपये का सीधा प्रोसीड्स ऑफ क्राइम जेनरेट किया.

2 करोड़ रुपये की 4 लक्जरी बेनामी गाड़ियां और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान ईडी ने हरप्रीत सिंह तलवार के परिसरों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज और निवेश से जुड़े कागजात बरामद किए हैं. इसके साथ ही, अलग-अलग बेनामी एंटिटीज के नाम पर रजिस्टर्ड कुल 4 लक्जरी गाड़ियां जब्त की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है. इन गाड़ियों में शामिल हैं:

  1. रेंज रोवर स्पोर्ट 3.0 (Range Rover Sport 3.0)

  2. टोयोटा फॉर्च्यूनर (Toyota Fortuner)

  3. मर्सिडीज बेंज सीएलई 300 (Mercedes Benz CLE 300)

  4. किआ सेल्टोस (KIA Seltos)

ईडी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई भारत सरकार के 'होल ऑफ गवर्नमेंट' (Whole of the Government) अप्रोच का हिस्सा है, ताकि ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से नेस्तनाबूद किया जा सके. मामले की आगे की जांच और पूछताछ लगातार जारी है.

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