चंडीगढ़ CREST घोटाला: CBI ने दर्ज की पहली चार्जशीट, IDFC फर्स्ट बैंक अफसरों और सरकारी बाबुओं समेत 13 दोषी नामजद
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 16 जून 2026। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश (UT) के बहुचर्चित 'क्रेस्ट' (CREST) सरकारी फंड घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आज एक बहुत बड़ी और कड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई (CBI) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के खातों से करोड़ों रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी और गबन के मामले में आज माननीय विशेष न्यायाधीश (CBI), चंडीगढ़ की अदालत के समक्ष अपनी पहली चार्जशीट (आरोप-पत्र) दाखिल कर दी है।
यह मामला चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी साइंस एंड टेक्निकल प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के फंड के दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसमें बैंक अधिकारियों, सरकारी सेवकों और निजी व्यक्तियों के एक बड़े गठजोड़ का भंडाफोड़ हुआ है।
CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:
कुल 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल: सीबीआई की इस पहली चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 5 बैंक अधिकारी, क्रेस्ट (चंडीगढ़ यूटी प्रशासन) के 2 लोक सेवक (सरकारी बाबू), 2 फर्जी शेल कंपनियां (Shell Entities) और 4 अन्य निजी व्यक्ति शामिल हैं।
सभी आरोपी सलाखों के पीछे: चार्जशीट में नामजद किए गए सभी 13 आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद हैं। इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery), सबूतों को नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप तय किए गए हैं।
₹75.34 करोड़ के सरकारी खजाने पर मारा था डाका; ऐसे खुली मनी ट्रेल
सीबीआई की जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला सीधे तौर पर सरकारी धन के गबन और हेराफेरी से संबंधित है:
बैंक अफसरों और बाबुओं की मिलीभगत: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों ने क्रेस्ट (CREST) के सरकारी बाबुओं के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची। इस मिलीभगत के तहत बैंक खातों से ₹75.34 करोड़ की भारी-भरकम सरकारी राशि को अवैध तरीके से निकाल लिया गया (Siphoned off)।
शेल कंपनियों में भेजा पैसा: बैंक से उड़ाए गए इस सरकारी फंड को बाद में कई निजी व्यक्तियों के साथ सांठगांठ करके फर्जी शेल कंपनियों के खातों में डायवर्ट कर दिया गया, जिससे इन सभी आरोपियों ने व्यक्तिगत रूप से मोटा अवैध मुनाफा कमाया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की बड़ी मुहिम; आगे भी होंगी कई चार्जशीट
सीबीआई ने अपनी प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया है कि इस महाघोटाले को लेकर अभी जांच रुकी नहीं है, बल्कि गहन तफ्तीश लगातार जारी है और आने वाले दिनों में पूरक चार्जशीट (Supplementary Charge Sheets) भी दाखिल की जाएंगी।
केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व के मामलों का हवाला देते हुए बताया कि सीबीआई ने ऐसे ही तीन मामलों को अपने हाथ में लिया था। इनमें से एक मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों से संबंधित था जो राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) से ट्रांसफर हुआ था, जबकि दो मामले आर्थिक अपराध थाना (EOW), चंडीगढ़ से आए थे जो चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़े थे।
अब तक का कुल एक्शन: सीबीआई इस श्रृंखला में हरियाणा वाले मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ पहले ही दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ भी एक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जा चुकी है और आज क्रेस्ट मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ यह नई चार्जशीट दर्ज हुई है।
सीबीआई ने अंत में दोहराया कि वह भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों की निष्पक्ष, गहन और त्वरित जांच करने तथा देश के खजाने को चूना लगाने वाले हर जिम्मेदार व्यक्ति को कानून के कठघरे में खड़ा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। तीनों मामलों की समानांतर जांच लगातार जारी है।
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